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श्रावणी मेला 2026 के अवसर पर बाबा अजगैबीनाथ धाम, सुल्तानगंज, बिहार में सभी श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत किया जा रहा है। हर साल की तरह इस वर्ष भी एक भव्य मेले का आयोजन होने जा रहा है, जिसकी अवधि एक महीने तक रहेगी। इस पवित्र अवसर पर, श्रद्धालु सुल्तानगंज से देवघर तक की 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा करेंगे। इस वार्षिक मेले में सभी भक्तों का स्वागत है।
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श्रावणी मेला 2026 के अवसर पर बाबा अजगैबीनाथ धाम, सुल्तानगंज, बिहार में सभी श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत किया जा रहा है। हर साल की तरह इस वर्ष भी एक भव्य मेले का आयोजन होने जा रहा है, जिसकी अवधि एक महीने तक रहेगी। इस पवित्र अवसर पर, श्रद्धालु सुल्तानगंज से देवघर तक की 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा करेंगे। इस वार्षिक मेले में सभी भक्तों का स्वागत है।
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- श्रावणी मेला 2026 के अवसर पर बाबा अजगैबीनाथ धाम, सुल्तानगंज, बिहार में सभी श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत किया जा रहा है। हर साल की तरह इस वर्ष भी एक भव्य मेले का आयोजन होने जा रहा है, जिसकी अवधि एक महीने तक रहेगी। इस पवित्र अवसर पर, श्रद्धालु सुल्तानगंज से देवघर तक की 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा करेंगे। इस वार्षिक मेले में सभी भक्तों का स्वागत है।1
- जयराम महतो को मुख्यमंत्री (CM) बनाने के लिए एक 'नया फॉर्मूला' सामने आया है। इस संबंध में एक 'बड़ा फैसला' आगामी 28 जून को लिया जाएगा।1
- डोमचांच प्रखंड स्थित महेशपुर होल्ट पर रांची जाने वाले यात्रियों को टिकट नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों का आरोप है कि स्टेशन पर रांची के लिए सीमित संख्या में ही टिकट उपलब्ध कराए जाते हैं, जिसके चलते शनिवार सुबह 9 बजे जैसी स्थिति में भी बहुत से यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करने पर मजबूर होना पड़ता है। यात्रियों ने बताया कि वे रोजाना रोजगार, इलाज और अन्य जरूरी कार्यों से बड़ी संख्या में रांची जाते हैं। टिकट न मिलने के कारण उन्हें हर सफर के दौरान टिकट जांच और जुर्माना भरने का डर सताता रहता है। यात्रियों ने रेलवे के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर रेलवे 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत स्टेशनों के विकास और आधुनिक सुविधाओं की बात करती है, वहीं दूसरी ओर महेशपुर होल्ट जैसे स्टेशन पर यात्रियों को यात्रा का मूलभूत अधिकार—यानी टिकट—भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसी स्थिति को देखते हुए, यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से माँग की है कि महेशपुर होल्ट पर रांची सहित अन्य प्रमुख गंतव्यों के लिए पर्याप्त संख्या में टिकट उपलब्ध कराए जाएँ और इस व्यवस्था में शीघ्र सुधार किया जाए, ताकि उन्हें बिना टिकट यात्रा करने की मजबूरी से राहत मिल सके।1
- पूरे देश में जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर अभियान चल रहा है, लेकिन हजारीबाग की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है, जहाँ कई जल स्रोत अतिक्रमण की जद में आ गए हैं। शहर का एकमात्र प्रमुख तालाब, ओकनी तालाब, अत्यधिक प्रदूषित हो गया है, जिससे वहाँ के जल जीव मर रहे हैं। जिला प्रशासन, प्रदूषण बोर्ड और नगर निगम की टीमों ने क्षेत्र का भ्रमण कर जानकारी जुटाई है। लगभग 14 एकड़ में फैला हजारीबाग का प्रसिद्ध ओकनी तालाब अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है। स्थानीय निवासियों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद, जिला प्रशासन, प्रदूषण बोर्ड और नगर निगम के अधिकारियों की एक टीम ने इसका निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों ने बताया कि तालाब से आ रही बदबू के कारण अब आसपास रहना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कूड़ा फेंकने, मवेशियों को बांधने और उनके अपशिष्ट को तालाब में डालने जैसी गतिविधियों को प्रदूषण का मुख्य कारण बताया। साथ ही, कुछ स्थानीय लोग तालाब में पानी फल सिंघाड़े की खेती भी कर रहे हैं, जिसमें रासायनिक पदार्थों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पानी जहरीला हो रहा है और मछली, कछुए सहित अन्य जल जीवों की मौत हो रही है। प्रदूषण विभाग की जाँच टीम ने जल जीवों की मौत के कारणों की विस्तृत जाँच का आश्वासन दिया है और इसकी रिपोर्ट नगर निगम तथा जिला प्रशासन को सौंपने की बात कही है। नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त बिपिन कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम ने जाँच शुरू कर दी है और साफ-सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि गंदगी फैलाने वालों और तालाब के आसपास अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के मेयर अरविंद कुमार राणा ने कहा कि निगम अपनी सेवा देने के लिए तैयार है, लेकिन आम जनता को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने लोगों से कूड़ेदान और कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों का उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि जल जीवों की मौत के कारणों की भी जाँच की जाएगी।2
- हजारीबाग उपायुक्त ने जिले में लखनऊ के जैसे दावानल की घटना न घटे, इस बात को लेकर दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत, संस्थानों को अपने यहाँ बिजली का असेसमेंट करवाने के लिए कहा गया है।1
- हजारीबाग का ऐतिहासिक ओकनी तालाब गंभीर प्रदूषण और अतिक्रमण की चपेट में आ गया है, जिसके कारण इसमें रहने वाली मछलियों, कछुओं सहित कई जलीय जीवों की मौत हो रही है। जल स्रोत में बढ़ते प्रदूषण को एक बड़ा खतरा माना जा रहा है। इस गंभीर स्थिति की शिकायत मिलने के बाद, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम और जिला प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने तालाब का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में तालाब में गंदगी, अवैध अतिक्रमण और सिंघाड़ा की खेती में रसायनों के संभावित उपयोग की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी, एक व्यापक सफाई अभियान चलाया जाएगा और सभी अवैध अतिक्रमण हटाए जाएंगे। इसके साथ ही, नगर निगम ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे तालाब में कचरा न फेंकें और इसकी स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।2
- सुल्ताना में मोहर्रम का एक ऐतिहासिक जुलूस निकाला गया, जिसने लोगों का दिल जीत लिया। इस जुलूस की मुख्य विशेषता ताजिया की भव्यता और खिलाड़ियों द्वारा प्रदर्शित किए गए हैरतअंगेज करतब थे।1
- कोडरमा के बागीटांड़ स्टेडियम में शनिवार, 27 जून से 30 जून तक पहली बार रात्रिकालीन लेदर बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता, कोडरमा टी-20 प्रीमियर लीग, का आयोजन किया जा रहा है। इस टूर्नामेंट का शुभारंभ शनिवार शाम 6 बजे होगा। इसका आयोजन कोडरमा स्पोर्टिंग और बागीटांड़ ग्राउंड मैनेजमेंट कमेटी की संयुक्त पहल पर किया जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि यह पहली बार है जब जिले में पेशेवर अंदाज में नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच मिलेगा। प्रतियोगिता का एक विशेष आकर्षण 30 जून को होने वाला लड़कियों का विशेष क्रिकेट मुकाबला रहेगा। आयोजकों का उद्देश्य कोडरमा में क्रिकेट को एक नई पहचान दिलाना और युवा खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान देना है। इस टूर्नामेंट को लेकर खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।1