मइँया अभियान जल गंगा संवर्धन कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की अपील डिंडोरी। जिला मुख्यालय पुल घाट में आज जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों सहित नगर वासियो के द्वारा मिलकर मैया अभियान अन्तर्गत श्रम दान कार्यक्रम आयोजित किया गया बतला दे मैया अभियान का शुभारम्भ तत्कालीन कलेक्टर विकास मिश्रा की उपस्थिति में किया गया था जो वर्षो बाद भी सप्ताह के प्रत्येक रविवार को आयोजित हो रहा है जिसमें वर्तमान कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया मार्गदर्शन में स्वछता अभियान चलाया जा रहा है तो वही लगातार कलेक्टर भदौरिया के द्वारा जिले वासियों को स्वछता के प्रति जागरूक किया जा रहा है स्वछता संदेश का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य, स्वछता, नगर सुंदरता है जितनी अधिक स्वछता बनाकर रखी जाएगी उतने कम लोग बीमार पड़ेंगे स्वछता से अनेकों फायदे है जिन्हे जानकारों के द्वारा हमसे साझा किया है स्वच्छता से स्वास्थ्य संबंधी फायदे अनेक होते हैं जिसमें बीमारियाँ कम होती हैं कचरा और गंदगी से मलेरिया, डेंगू, हैजा, टाइफाइड, दस्त जैसी बीमारियाँ फैलती हैं। स्वच्छता से मच्छर-मक्खी नहीं पनपते। साथ ही सांस की बीमारी से बचाव कचरा जलाने और धूल से अस्थमा, एलर्जी कम होती है। तो वही बच्चों का स्वास्थ्य साफ माहौल में बच्चे कम बीमार पड़ते हैं, कुपोषण घटता है।बात नेचर पर की जाए तो पर्यावरण संबंधी फायदे तो अनगिनत है जिसमें हवा-पानी साफ कचरे से नालियाँ जाम नहीं होतीं, जलभराव और बदबू नहीं होती। भूजल प्रदूषित नहीं होता। साथ ही स्वच्छता पशु-पक्षीयों के लिए भी महत्वपूर्ण है स्वच्छता रखने से इनके जीवन को अधिकत्तर सुरक्षित रखा जा सकता है फल स्वरूप प्लास्टिक खाने से जानवरों की मौत नहीं होती। निरंतर स्वच्छता पर कार्य करने से नगर का सौंदर्य बढ़ता है पार्क, सड़कें, नदियाँ साफ दिखती हैं। स्वच्छता के आर्थिक फायदे भी है जिससे पर्यटन बढ़ता है इंदौर जैसे साफ शहरों में टूरिस्ट ज्यादा आते हैं, रोजगार बढ़ता है। जानकरों की माने तो स्वास्थ्य पर खर्च बचता है बीमारी कम तो अस्पताल का खर्चा कम। संपत्ति की कीमत साफ कॉलोनी में मकान-दुकान के दाम बढ़ते हैं। केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छता की ओर विशेष कर ध्यान दिया जा रहा है स्वच्छ भारत मिशन पंचायत/नगर निगम को केंद्र से ज्यादा फंड भी मिल रहा है। सामाजिक तौर पर भी स्वच्छता के बहुत फायदे हैं गरिमा और सम्मान खुले में शौच बंद होने से महिलाओं-बच्चों को सुरक्षा और इज्जत मिलती है। नित सफाई आदत में सुधार बच्चे शुरू से सफाई सीखते हैं जिससे पूरे समाज की सोच बदलती है। जिसमें सामुदायिक एकता कि रोशनी का असर सफाई अभियान में सब मिलकर काम करते हैं के रूप में देखने को मिलता है। जानकर बतलाते हैं कि आपदा से बचाव नालियाँ साफ रहने से बारिश में जलभराव नहीं होता, बाढ़ का खतरा कम होता है। कहा जाए तो स्वच्छ नगर स्वस्थ लोग मजबूत अर्थव्यवस्था ।
मइँया अभियान जल गंगा संवर्धन कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की अपील डिंडोरी। जिला मुख्यालय पुल घाट में आज जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों सहित नगर वासियो के द्वारा मिलकर मैया अभियान अन्तर्गत श्रम दान कार्यक्रम आयोजित किया गया बतला दे मैया अभियान का शुभारम्भ तत्कालीन कलेक्टर विकास मिश्रा की उपस्थिति में किया गया था जो वर्षो बाद भी सप्ताह के प्रत्येक रविवार को आयोजित हो रहा है जिसमें वर्तमान कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया मार्गदर्शन में स्वछता अभियान चलाया जा रहा है तो वही लगातार कलेक्टर भदौरिया के द्वारा जिले वासियों को स्वछता के प्रति जागरूक किया जा रहा है स्वछता संदेश का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य, स्वछता, नगर सुंदरता है जितनी अधिक स्वछता बनाकर रखी जाएगी उतने कम लोग बीमार पड़ेंगे स्वछता से अनेकों फायदे है जिन्हे जानकारों के द्वारा हमसे साझा किया है स्वच्छता से स्वास्थ्य संबंधी फायदे अनेक होते हैं जिसमें बीमारियाँ कम होती हैं कचरा और गंदगी से मलेरिया, डेंगू, हैजा, टाइफाइड, दस्त जैसी बीमारियाँ फैलती हैं। स्वच्छता से मच्छर-मक्खी नहीं पनपते। साथ ही सांस की बीमारी से बचाव कचरा जलाने और धूल से अस्थमा, एलर्जी कम होती है। तो वही बच्चों का स्वास्थ्य साफ माहौल में बच्चे कम बीमार पड़ते हैं, कुपोषण घटता है।बात नेचर पर की जाए तो पर्यावरण संबंधी फायदे तो अनगिनत है जिसमें हवा-पानी साफ कचरे से नालियाँ जाम नहीं होतीं, जलभराव और बदबू नहीं होती। भूजल प्रदूषित नहीं होता। साथ ही स्वच्छता पशु-पक्षीयों के लिए भी महत्वपूर्ण है स्वच्छता रखने से इनके जीवन को अधिकत्तर सुरक्षित रखा जा सकता है फल स्वरूप प्लास्टिक खाने से जानवरों की मौत नहीं होती। निरंतर स्वच्छता पर कार्य करने से नगर का सौंदर्य बढ़ता है पार्क, सड़कें, नदियाँ साफ दिखती हैं। स्वच्छता के आर्थिक फायदे भी है जिससे पर्यटन बढ़ता है इंदौर जैसे साफ शहरों में टूरिस्ट ज्यादा आते हैं, रोजगार बढ़ता है। जानकरों की माने तो स्वास्थ्य पर खर्च बचता है बीमारी कम तो अस्पताल का खर्चा कम। संपत्ति की कीमत साफ कॉलोनी में मकान-दुकान के दाम बढ़ते हैं। केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छता की ओर विशेष कर ध्यान दिया जा रहा है स्वच्छ भारत मिशन पंचायत/नगर निगम को केंद्र से ज्यादा फंड भी मिल रहा है। सामाजिक तौर पर भी स्वच्छता के बहुत फायदे हैं गरिमा और सम्मान खुले में शौच बंद होने से महिलाओं-बच्चों को सुरक्षा और इज्जत मिलती है। नित सफाई आदत में सुधार बच्चे शुरू से सफाई सीखते हैं जिससे पूरे समाज की सोच बदलती है। जिसमें सामुदायिक एकता कि रोशनी का असर सफाई अभियान में सब मिलकर काम करते हैं के रूप में देखने को मिलता है। जानकर बतलाते हैं कि आपदा से बचाव नालियाँ साफ रहने से बारिश में जलभराव नहीं होता, बाढ़ का खतरा कम होता है। कहा जाए तो स्वच्छ नगर स्वस्थ लोग मजबूत अर्थव्यवस्था ।
- डिंडोरी। जिला मुख्यालय पुल घाट में आज जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों सहित नगर वासियो के द्वारा मिलकर मैया अभियान अन्तर्गत श्रम दान कार्यक्रम आयोजित किया गया बतला दे मैया अभियान का शुभारम्भ तत्कालीन कलेक्टर विकास मिश्रा की उपस्थिति में किया गया था जो वर्षो बाद भी सप्ताह के प्रत्येक रविवार को आयोजित हो रहा है जिसमें वर्तमान कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया मार्गदर्शन में स्वछता अभियान चलाया जा रहा है तो वही लगातार कलेक्टर भदौरिया के द्वारा जिले वासियों को स्वछता के प्रति जागरूक किया जा रहा है स्वछता संदेश का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य, स्वछता, नगर सुंदरता है जितनी अधिक स्वछता बनाकर रखी जाएगी उतने कम लोग बीमार पड़ेंगे स्वछता से अनेकों फायदे है जिन्हे जानकारों के द्वारा हमसे साझा किया है स्वच्छता से स्वास्थ्य संबंधी फायदे अनेक होते हैं जिसमें बीमारियाँ कम होती हैं कचरा और गंदगी से मलेरिया, डेंगू, हैजा, टाइफाइड, दस्त जैसी बीमारियाँ फैलती हैं। स्वच्छता से मच्छर-मक्खी नहीं पनपते। साथ ही सांस की बीमारी से बचाव कचरा जलाने और धूल से अस्थमा, एलर्जी कम होती है। तो वही बच्चों का स्वास्थ्य साफ माहौल में बच्चे कम बीमार पड़ते हैं, कुपोषण घटता है।बात नेचर पर की जाए तो पर्यावरण संबंधी फायदे तो अनगिनत है जिसमें हवा-पानी साफ कचरे से नालियाँ जाम नहीं होतीं, जलभराव और बदबू नहीं होती। भूजल प्रदूषित नहीं होता। साथ ही स्वच्छता पशु-पक्षीयों के लिए भी महत्वपूर्ण है स्वच्छता रखने से इनके जीवन को अधिकत्तर सुरक्षित रखा जा सकता है फल स्वरूप प्लास्टिक खाने से जानवरों की मौत नहीं होती। निरंतर स्वच्छता पर कार्य करने से नगर का सौंदर्य बढ़ता है पार्क, सड़कें, नदियाँ साफ दिखती हैं। स्वच्छता के आर्थिक फायदे भी है जिससे पर्यटन बढ़ता है इंदौर जैसे साफ शहरों में टूरिस्ट ज्यादा आते हैं, रोजगार बढ़ता है। जानकरों की माने तो स्वास्थ्य पर खर्च बचता है बीमारी कम तो अस्पताल का खर्चा कम। संपत्ति की कीमत साफ कॉलोनी में मकान-दुकान के दाम बढ़ते हैं। केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छता की ओर विशेष कर ध्यान दिया जा रहा है स्वच्छ भारत मिशन पंचायत/नगर निगम को केंद्र से ज्यादा फंड भी मिल रहा है। सामाजिक तौर पर भी स्वच्छता के बहुत फायदे हैं गरिमा और सम्मान खुले में शौच बंद होने से महिलाओं-बच्चों को सुरक्षा और इज्जत मिलती है। नित सफाई आदत में सुधार बच्चे शुरू से सफाई सीखते हैं जिससे पूरे समाज की सोच बदलती है। जिसमें सामुदायिक एकता कि रोशनी का असर सफाई अभियान में सब मिलकर काम करते हैं के रूप में देखने को मिलता है। जानकर बतलाते हैं कि आपदा से बचाव नालियाँ साफ रहने से बारिश में जलभराव नहीं होता, बाढ़ का खतरा कम होता है। कहा जाए तो स्वच्छ नगर स्वस्थ लोग मजबूत अर्थव्यवस्था ।1
- डिंडोरी में नर्मदा सफाई अभियान को लोगों का अच्छा सहयोग मिल रहा है। रविवार को शंकर घाट के पास “मैया अभियान” के तहत अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय लोगों ने मिलकर श्रमदान किया। घाट पर बड़ी संख्या में लोग सफाई में जुटे नजर आए। कोई कचरा उठा रहा था, कोई झाड़ू लगा रहा था, तो कुछ लोग नदी के अंदर जाकर गंदगी निकाल रहे थे। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया भी खुद टोकरी में कचरा उठाते दिखाई दीं। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जब भी समय मिले, शहर और गांव की सफाई में सहयोग करें और प्रदूषण कम करने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने बताया कि यह अभियान लोगों को जागरूक करने के लिए चलाया जा रहा है, ताकि नर्मदा नदी हमेशा स्वच्छ और निर्मल बनी रहे। अभियान में एसडीएम राम बाबू देवांगन, संयुक्त कलेक्टर भारती मरावी, सीएमओ अमित तिवारी सहित कई अधिकारी, कर्मचारी और स्वयंसेवी मौजूद रहे।1
- Post by Akash Chakarwarti1
- Post by हेमा नायक1
- *शहडोल जिले में नए आबकारी ठेकों के बाद स्थिति विचाराधीन है जहाँ सविंधान में एमआरपी से ऊपर समान बिकने पर जुर्माने और क़ानूनी कार्यवाही का प्रावधान है वही खुलेआम सभी शराब दुकानों में एमआरपी से ज़्यादा पे माल बेचा जा रहा है।* *कई वीडियो उपलब्ध होने के बाद भी कार्यवाही का ना होना अपने आप में संदेहास्पद स्थिति को पैदा करता है।1
- शहडोल। आज सुबह कल्याणपुर स्थित केवी स्कूल के समीप एक घायल बारहसिंगा मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने जब वन्यजीव को घायल अवस्था में देखा तो तत्काल इसकी सूचना संबंधित विभागों को दी गई। सूचना मिलते ही अटल कामधेनु गौसेवा संस्थान की टीम मौके पर पहुंची और बिना देरी किए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम ने सतर्कता और सावधानी के साथ बारहसिंगा को सुरक्षित काबू में लिया, ताकि उसे किसी प्रकार की और चोट न पहुंचे। इसके बाद वन विभाग को सूचित किया गया, जिसकी टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्यवाही की। प्राथमिक उपचार के बाद वन्यजीव की स्थिति को स्थिर किया गया। अधिकारियों की निगरानी में बारहसिंगा को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया। रेस्क्यू अभियान के दौरान स्थानीय लोगों की भी भीड़ जुट गई, लेकिन टीम ने स्थिति को नियंत्रित रखते हुए सफलतापूर्वक अभियान को अंजाम दिया। इस सराहनीय कार्य के लिए अटल कामधेनु गौसेवा संस्थान और वन विभाग की टीम की स्थानीय लोगों ने प्रशंसा की।2
- ग्राम कल्याणुर के केंद्रीय विद्यालय के पास बारासिंगा घायल अवस्था में मिला शहडोल । आज सुबह ग्राम कल्याणुर के केंद्रीय विद्यालय के पास बारासिंगा घायल अवस्था में मिला । जिसकी सूचना अटल कामधेनु गौ सेवा को मिली, जिसके बाद घायल बारासिंगा का प्राथमिक उपचार कर और आवश्यक कार्यवाही करने के बाद वन विभाग के निगरानी में सौंप दिया गया।1
- डिंडोरी में शुक्रवार शाम अचानक मौसम बदल गया। करीब साढ़े चार बजे आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश शुरू हुई, जो लगभग आधे घंटे तक चली। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ों की टहनियां टूटकर गिर गईं, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित हुआ। इस मौसम बदलाव से तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। वहीं, गेहूं खरीदी केंद्रों पर भी बारिश का असर देखने को मिला, लेकिन पहले से की गई व्यवस्था के चलते फसल को नुकसान नहीं हुआ। कुल मिलाकर, अचानक बदले मौसम से कुछ देर के लिए जनजीवन प्रभावित हुआ, लेकिन लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली।1