मैनपुरी के बेवर क्षेत्र स्थित मुंडई डाकघर में तैनात 26 वर्षीय शाखा डाकपाल निखिल वर्मा ने आत्महत्या कर ली है। उनके द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसके बाद डाक कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया है। शुक्रवार को शहरी एवं ग्रामीण डाक सेवक बड़ी संख्या में मैनपुरी प्रधान डाकघर, मंडलीय कार्यालय और कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुए। वहाँ उन्होंने धरना-प्रदर्शन कर जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि निखिल वर्मा को विभागीय अधिकारियों और मेल ओवरसियर द्वारा लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, और मृतक के सुसाइड नोट में इस उत्पीड़न का स्पष्ट उल्लेख है। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर दोषी अधिकारियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक सुसाइड नोट में नामजद अधिकारियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
मैनपुरी के बेवर क्षेत्र स्थित मुंडई डाकघर में तैनात 26 वर्षीय शाखा डाकपाल निखिल वर्मा ने आत्महत्या कर ली है। उनके द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसके बाद डाक कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया है। शुक्रवार को शहरी एवं ग्रामीण डाक सेवक बड़ी संख्या में मैनपुरी प्रधान डाकघर, मंडलीय कार्यालय और कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुए। वहाँ उन्होंने धरना-प्रदर्शन कर जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि निखिल वर्मा को विभागीय अधिकारियों और मेल ओवरसियर द्वारा लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, और मृतक के सुसाइड नोट में इस उत्पीड़न का स्पष्ट उल्लेख है। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर दोषी अधिकारियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक सुसाइड नोट में नामजद अधिकारियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
- मैनपुरी कलेक्ट्रेट परिसर में आज पीड़ित परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। यह प्रदर्शन बीते दिनों मिट्टी डालने के विवाद को लेकर हुई एक हिंसक झड़प से जुड़ा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अंशुल यादव, शैलेंद्र यादव और भोला यादव ने उनके बेटे को घर से बुलाया और बेरहमी से उसकी पिटाई की। इतना ही नहीं, दबंगों ने पीड़ित के ऊपर ट्रैक्टर भी चढ़ा दिया। इस पूरी वारदात का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। पीड़ित परिजनों का कहना है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है और न ही आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इसी सुस्ती और कार्यप्रणाली से नाराज होकर पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया, न्याय की मांग करते हुए अपनी आवाज बुलंद की।1
- उत्तर प्रदेश की सड़कों की खराब हालत पर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ लोग इन मामलों पर तुरंत सुनवाई और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- पश्चिम बंगाल की राजनीतिक गलियारों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर एक बड़े सियासी भूचाल की खबरें सामने आ रही हैं। पार्टी के लगभग 20 सांसदों ने बागी तेवर अपना लिए हैं, जिससे TMC में 'महाटूट' की स्थिति पैदा हो गई है। इस बगावत में क्रिकेटर से राजनेता बने यूसुफ पठान का नाम भी प्रमुखता से चर्चा में है। उनके साथ कई अन्य बड़े नाम भी इन बागी सांसदों की सूची में शामिल बताए जा रहे हैं, जिससे पश्चिम बंगाल की राजनीति में गहरा संकट पैदा हो गया है और लोकसभा चुनावों से पहले TMC के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।1
- माननीय अखिलेश यादव की बेटी से जुड़ा एक गलत वीडियो लोगों द्वारा अपलोड कर वायरल किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना पर श्री मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जो लोग दूसरों की बेटियों के साथ गलत हरकत करते हैं, ऐसे दरिंदे अगर मिल जाएं तो उन्हें बिल्कुल नहीं छोड़ा जाना चाहिए।1
- ग्वालियर जिले के डबरा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ अपने परिजनों को बिना बताए घर से भागे एक प्रेमी जोड़े को कुछ ही देर में ही अपनी गलती का अहसास हो गया। इस प्रेमी युगल के पछतावे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में युवती फूट-फूटकर रोते हुए अपने प्रेमी से कह रही है कि उन्होंने यह कदम उठाकर बहुत बड़ी गलती की है। उसने कहा कि उन्होंने एक बार भी नहीं सोचा कि इस वक्त उनके माता-पिता और घरवालों पर क्या बीत रही होगी, और अपनी इस हरकत को 'बहुत बड़ी भूल' बताया। इंटरनेट पर इस वीडियो को लेकर अब तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। यह वीडियो आज के युवाओं के लिए एक बड़ा सबक है कि आवेश में आकर लिए गए फैसले कितनी जल्दी भारी पड़ सकते हैं।1
- एटा जनपद के मलावन थाना क्षेत्र स्थित नगला सुंडा गांव में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का मामला अब नया मोड़ ले रहा है। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे, नगला सुंडा निवासी धीरेंद्र पुत्र रामेंद्र सिंह ने अपने घायल परिजनों के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचकर शिकायत की है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके परिवार के सदस्यों को फंसाने के लिए झूठा मुकदमा दर्ज किया है, जिससे यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। शिकायती पत्र में धीरेंद्र ने बताया कि 6 जून को गांव में हुए एक विवाद के दौरान कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर लाठी-डंडों से हमला किया था, जिसमें उनके तीन परिजन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पीड़ित पक्ष के अनुसार, इस घटना के संबंध में पहले ही एक मुकदमा दर्ज हो चुका था और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को जेल भी भेजा था। हालांकि, धीरेंद्र का आरोप है कि अब विपक्षी पक्ष ने दबाव बनाकर उनके भाइयों के खिलाफ भी एक नया मुकदमा दर्ज करवा दिया है, जबकि नामजद किए गए भाई घटना के समय मौके पर नहीं थे और अपने घर पर ही मौजूद थे। धीरेंद्र ने पुलिस पर निष्पक्ष जांच न करने का गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पीड़ित पक्ष ने एसएसपी से वायरल वीडियो, घायल व्यक्तियों की मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा की है, साथ ही कथित झूठे मुकदमे को निरस्त करने की मांग भी की है। इस पूरे प्रकरण को लेकर गांव में तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि शिकायत प्राप्त हुई है और तथ्यों की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- मैनपुरी में एक भट्ठे पर अवैध कब्जे, जीएसटी अनियमितता और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के संबंध में संबंधित अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई गई है।1
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी स्थित दीवानी न्यायालय में पति-पत्नी के बीच चल रहे एक मामले की तारीख पर आई पत्नी के परिवारी जनों पर हमला किया गया। इस हमले में चार लोग घायल हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1