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उत्तर प्रदेश के मैनपुरी स्थित दीवानी न्यायालय में पति-पत्नी के बीच चल रहे एक मामले की तारीख पर आई पत्नी के परिवारी जनों पर हमला किया गया। इस हमले में चार लोग घायल हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
मुकेश कुमार पत्रकार मैनपुरी
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी स्थित दीवानी न्यायालय में पति-पत्नी के बीच चल रहे एक मामले की तारीख पर आई पत्नी के परिवारी जनों पर हमला किया गया। इस हमले में चार लोग घायल हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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- मैनपुरी कलेक्ट्रेट परिसर में आज पीड़ित परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। यह प्रदर्शन बीते दिनों मिट्टी डालने के विवाद को लेकर हुई एक हिंसक झड़प से जुड़ा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अंशुल यादव, शैलेंद्र यादव और भोला यादव ने उनके बेटे को घर से बुलाया और बेरहमी से उसकी पिटाई की। इतना ही नहीं, दबंगों ने पीड़ित के ऊपर ट्रैक्टर भी चढ़ा दिया। इस पूरी वारदात का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। पीड़ित परिजनों का कहना है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है और न ही आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इसी सुस्ती और कार्यप्रणाली से नाराज होकर पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया, न्याय की मांग करते हुए अपनी आवाज बुलंद की।1
- उत्तर प्रदेश की सड़कों की खराब हालत पर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ लोग इन मामलों पर तुरंत सुनवाई और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- माननीय अखिलेश यादव की बेटी से जुड़ा एक गलत वीडियो लोगों द्वारा अपलोड कर वायरल किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना पर श्री मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जो लोग दूसरों की बेटियों के साथ गलत हरकत करते हैं, ऐसे दरिंदे अगर मिल जाएं तो उन्हें बिल्कुल नहीं छोड़ा जाना चाहिए।1
- एटा जनपद के मलावन थाना क्षेत्र स्थित नगला सुंडा गांव में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का मामला अब नया मोड़ ले रहा है। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे, नगला सुंडा निवासी धीरेंद्र पुत्र रामेंद्र सिंह ने अपने घायल परिजनों के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचकर शिकायत की है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके परिवार के सदस्यों को फंसाने के लिए झूठा मुकदमा दर्ज किया है, जिससे यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। शिकायती पत्र में धीरेंद्र ने बताया कि 6 जून को गांव में हुए एक विवाद के दौरान कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर लाठी-डंडों से हमला किया था, जिसमें उनके तीन परिजन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पीड़ित पक्ष के अनुसार, इस घटना के संबंध में पहले ही एक मुकदमा दर्ज हो चुका था और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को जेल भी भेजा था। हालांकि, धीरेंद्र का आरोप है कि अब विपक्षी पक्ष ने दबाव बनाकर उनके भाइयों के खिलाफ भी एक नया मुकदमा दर्ज करवा दिया है, जबकि नामजद किए गए भाई घटना के समय मौके पर नहीं थे और अपने घर पर ही मौजूद थे। धीरेंद्र ने पुलिस पर निष्पक्ष जांच न करने का गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पीड़ित पक्ष ने एसएसपी से वायरल वीडियो, घायल व्यक्तियों की मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा की है, साथ ही कथित झूठे मुकदमे को निरस्त करने की मांग भी की है। इस पूरे प्रकरण को लेकर गांव में तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि शिकायत प्राप्त हुई है और तथ्यों की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- जनपद एटा के विकास खंड अवागढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत इसौली के बाकलपुर गांव की गलियों में इन दिनों गंदा पानी भरा हुआ है। इस जलभराव के कारण ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें गंदे पानी से होकर गुजरने पर मजबूर होना पड़ रहा है। दरअसल, गांव के गंदे पानी की निकासी के लिए गांव के बाहर नाले तक जो पक्की नाली बनी हुई है, वह पूरी तरह से चोक हो गई है। इस कारण पानी की निकासी अवरुद्ध हो गई है और गंदा पानी ओवरफ्लो होकर गांव की गलियों में फैल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाकलपुर गांव में सफाई के लिए सफाईकर्मी तैनात होने के बावजूद कोई भी सफाईकर्मी कभी गांव में नहीं आता है। गलियों में भरे इस गंदे पानी से ग्रामीणों को संक्रामक रोगों का गंभीर खतरा बना हुआ है, जिसे ग्रामीण प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छता अभियान का उल्लंघन बता रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि गंदे पानी के इस गंभीर जलभराव की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे एटा के जिलाधिकारी से मिलकर शिकायत पत्र सौंपेंगे। शिकायत करने वालों में भंवर पाल सिंह, लोकेंद्र पाल सिंह, राजेंद्र सिंह, सुरेंद्र पाल सिंह, अजेंद्र प्रताप सिंह, बंटू ठाकुर, रामपाल सिंह, रमेश पाल सिंह, सुरेश पाल सिंह, रघुवीर सिंह, सुरेंद्र पाल सिंह, दीपू सिंह, धर्मवीर सिंह और अन्य कई ग्रामीण शामिल हैं।2
- पश्चिम बंगाल की राजनीतिक गलियारों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर एक बड़े सियासी भूचाल की खबरें सामने आ रही हैं। पार्टी के लगभग 20 सांसदों ने बागी तेवर अपना लिए हैं, जिससे TMC में 'महाटूट' की स्थिति पैदा हो गई है। इस बगावत में क्रिकेटर से राजनेता बने यूसुफ पठान का नाम भी प्रमुखता से चर्चा में है। उनके साथ कई अन्य बड़े नाम भी इन बागी सांसदों की सूची में शामिल बताए जा रहे हैं, जिससे पश्चिम बंगाल की राजनीति में गहरा संकट पैदा हो गया है और लोकसभा चुनावों से पहले TMC के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।1
- मैनपुरी जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 15 जून को यातायात पुलिस द्वारा एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक मैनपुरी के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक नगर/यातायात श्री अरुण कुमार सिंह, पुलिस उपाधीक्षक यातायात सुश्री दीपशिखा सिंह और यातायात प्रभारी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में संचालित किया गया। इस अभियान के दौरान, यातायात पुलिस की टीम ने वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया और उनसे नियमों का पालन करने की अपील की। इसके साथ ही, मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई। अभियान के तहत कुल 190 वाहनों के चालान किए गए, जबकि शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए 5 वाहनों को सीज किया गया। इस दौरान 10 हजार रुपये का नकद समन शुल्क भी वसूल किया गया और विभिन्न यातायात उल्लंघनों के लिए कुल 5 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें, तथा नशे की हालत में वाहन चलाने से बचें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और जनपद में एक सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित हो सके।2