कासगंज में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी प्रणय सिंह और पुलिस अधीक्षक ओ.पी. सिंह ने बुधवार को जनपद के विभिन्न कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों का संयुक्त औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास, विद्युत फिटिंग, फायर एनओसी तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहनता से जांच की। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया और उन्हें आपदा की स्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने, अग्निशमन यंत्रों का सही उपयोग करने तथा आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 101 और 112 के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके साथ ही, संस्थान संचालकों को भी कड़े निर्देश दिए गए कि वे फायर सेफ्टी उपकरणों को हमेशा कार्यशील रखें, नियमित रूप से मॉक ड्रिल का आयोजन करें और सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले किसी भी संस्थान के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जनपद में यह औचक निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा।
कासगंज में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी प्रणय सिंह और पुलिस अधीक्षक ओ.पी. सिंह ने बुधवार को जनपद के विभिन्न कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों का संयुक्त औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास, विद्युत फिटिंग, फायर एनओसी तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहनता से जांच की। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया और उन्हें आपदा की स्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने, अग्निशमन यंत्रों का सही उपयोग करने तथा आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 101 और 112 के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके साथ ही, संस्थान संचालकों को भी कड़े निर्देश दिए गए कि वे फायर सेफ्टी उपकरणों को हमेशा कार्यशील रखें, नियमित रूप से मॉक ड्रिल का आयोजन करें और सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले किसी भी संस्थान के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जनपद में यह औचक निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा।
- हाफिज़ अहमद रजा़ अल्वी बरकाती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्हें दिमाग की टीबी, फेफड़ों की टीबी और लीवर से संबंधित परेशानियाँ हो गई हैं। उनकी सेहत में सुधार के लिए लोगों से अल्लाह से दुआ करने की अपील की गई है।1
- कासगंज में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी प्रणय सिंह और पुलिस अधीक्षक ओ.पी. सिंह ने बुधवार को जनपद के विभिन्न कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों का संयुक्त औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास, विद्युत फिटिंग, फायर एनओसी तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहनता से जांच की। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया और उन्हें आपदा की स्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने, अग्निशमन यंत्रों का सही उपयोग करने तथा आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 101 और 112 के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके साथ ही, संस्थान संचालकों को भी कड़े निर्देश दिए गए कि वे फायर सेफ्टी उपकरणों को हमेशा कार्यशील रखें, नियमित रूप से मॉक ड्रिल का आयोजन करें और सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले किसी भी संस्थान के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जनपद में यह औचक निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा।1
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- कासगंज में जिलाधिकारी प्रणय सिंह और पुलिस अधीक्षक ओ.पी. सिंह ने 24 जून 2026 को जनपद के विभिन्न कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इन संस्थानों में अग्नि सुरक्षा और जनसुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद स्थापित कर अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्गों की स्थिति और आपदा की स्थिति में अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रियाओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली। विद्यार्थियों को फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग, शांतिपूर्वक भवन खाली करने के तरीकों और आपातकालीन सेवाओं जैसे 101 तथा 112 पर तत्काल सूचना देने के महत्व के प्रति जागरूक भी किया गया। निरीक्षण में संस्थानों में मौजूद अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता, आपातकालीन निकास द्वारों की स्थिति, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, फायर एनओसी की वैधता और भवन की संरचना का भी गहन मूल्यांकन किया गया। निरीक्षण के बाद, अधिकारियों द्वारा संस्थानों के लिए कई प्रमुख निर्देश जारी किए गए। इनमें प्रत्येक संस्थान में मानक के अनुरूप कार्यशील फायर एक्सटिंग्विशर, बालू की बाल्टियां और अन्य अग्निशमन उपकरण हर समय उपलब्ध रखने, आपातकालीन निकास मार्गों को हमेशा अवरोधमुक्त रखने, विद्युत फिटिंग को सुरक्षित रखने तथा विद्युत भार को संतुलित बनाए रखने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, स्टाफ और विद्यार्थियों को नियमित रूप से अग्निशमन एवं निकासी प्रशिक्षण प्रदान करने तथा समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए गए। फायर एनओसी की वैधता सुनिश्चित करने को भी अनिवार्य बताया गया। जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी कोचिंग तथा लाइब्रेरी संचालकों को अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन करना होगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि प्रशासन का यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।4
- कासगंज जिले में एक युवक को गोली लगने की घटना सामने आई है। गोली लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसे तुरंत हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक युवक द्वारा सरेआम अवैध पिस्टल से फायरिंग करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दिख रहे इस युवक की पहचान जितेंद्र यादव उर्फ नागे के रूप में हुई है, जो विपत यादव का पुत्र है और सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र के जमीन पकड़ी गाँव का निवासी बताया जा रहा है।1
- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक अत्यंत दुखद और विचलित कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक कैब चालक ने फुटपाथ पर सो रही 11 वर्षीय मासूम बच्ची का अपहरण कर लिया। आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर शव को फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड के किनारे जंगल में फेंक दिया। इस भयावह वारदात ने राष्ट्रीय राजधानी में फुटपाथ पर रहने वाले गरीब परिवारों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक बच्ची के पिता ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि वे अपने परिवार के साथ फुटपाथ पर ही सोते हैं। सोमवार की सुबह करीब सवा चार बजे उन्हें अपनी बेटी की चीख सुनाई दी, जो मदद के लिए 'पापा मुझे बचाओ' चिल्ला रही थी। आवाज सुनकर पिता तुरंत जागे और डंडा लेकर बचाव के लिए दौड़े, लेकिन तब तक आरोपी बच्ची को अपनी गाड़ी में बैठाकर मौके से फरार हो चुका था। पिता ने शोर मचाया और गाड़ी का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी तेजी से भाग निकला। परिवार के अनुसार, बच्ची अपने चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी और छोटी उम्र में ही घर की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाती थी। वह स्कूल जाकर पढ़ने और अपने परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने के सपने देखती थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस क्षेत्र में रात के समय असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है, और पुलिस बूथ होने के बावजूद रात में पुलिसकर्मी नदारद रहते हैं, जिससे गरीब मजदूर परिवार खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और आरोपी कैब चालक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया और बताया कि उसने बच्ची के अपहरण, रेप और हत्या के बाद शव को फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड के किनारे फेंका था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। आरोपी के आपराधिक इतिहास की जांच में यह भी सामने आया है कि उस पर बिहार में पहले से ही पांच मामले दर्ज हैं, जिनमें से दो हत्या के प्रयास से संबंधित हैं। गिरफ्तारी के बाद, घटना का रिक्रिएशन कराते समय आरोपी ने भागने की कोशिश की और जांच अधिकारी इंस्पेक्टर केदार की सरकारी पिस्टल छीनकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्यवाही में दो राउंड फायर किए, जिसमें से एक गोली आरोपी के पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर भागने में विफल रहा। पुलिस ने उसे पुनः काबू कर अस्पताल में भर्ती कराया है। फिलहाल, पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक है और ऐसे अपराधों पर सख्त अंकुश लगाने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।1
- कासगंज पुलिस ने 'ऑपरेशन दहन' नामक अभियान के अंतर्गत बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 540 किलोग्राम मादक पदार्थों को नष्ट कर दिया है।1