पांगी कांग्रेस में तेज हुई सियासी सरगर्मी: अमित भरमौरी की ताजपोशी से बदले समीकरण, गुटबाजी के बीच नई रणनीति की तलाश। कृष्ण चंद राणा पांगी न्यूज़ टुडे। प्रदेश कांग्रेस में अमित भरमौरी को महासचिव बनाए जाने के बाद भरमौर-पांगी की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उनकी नियुक्ति के साथ ही क्षेत्र में राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर बधाइयों की बाढ़ और कार्यकर्ताओं में उत्साह इस बदलाव का साफ संकेत दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, भरमौर-पांगी विधानसभा क्षेत्र की पांगी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी लंबे समय से तीन गुटों—भरमौरी, सुरजीत और ललित गुट—में बंटी हुई है। हालांकि विधानसभा चुनावों के दौरान ये गुट आमने-सामने जरूर रहे, लेकिन खुलकर टकराव की स्थिति नहीं बनी। प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद एक गुट को उस समय मजबूती मिली, जब उसके नेता को कॉपरेटिव बैंक का निदेशक और एपीएमसी का अध्यक्ष बनाया गया। इस घटनाक्रम के बाद सुरजीत गुट के कुछ कार्यकर्ता भी उस ओर झुकते नजर आए। राजनीतिक परिस्थितियां समय के साथ बदलीं और सुरजीत को जिला कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद पहले दूरी बनाए रखने वाले कई नेता अब उनके करीब आने लगे हैं। ऐसे में संगठन में संतुलन बनाए रखना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। करीब तीन वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अमित भरमौरी को प्रदेश महासचिव बनाए जाने से उनके समर्थकों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। इसे उनके राजनीतिक सफर का अहम पड़ाव माना जा रहा है। इस बीच, पांगी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पिछले 13-14 महीनों से अध्यक्ष विहीन चल रही है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि भरमौरी की ताजपोशी के बाद उनके गुट को ब्लॉक अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिल सकती है। सूत्र बताते हैं कि ललित गुट को भी जनजातीय सलाहकार और कृषि विपणन संघ में प्रतिनिधित्व मिला है, जबकि सुरजीत पहले से जिला अध्यक्ष हैं। ऐसे में तीनों गुटों के बीच संतुलन साधना पार्टी नेतृत्व के लिए आसान नहीं होगा। आगे की राह चुनौतीपूर्ण आगामी पंचायत चुनाव कांग्रेस के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकते हैं। गुटबाजी के बीच संगठन को एकजुट रखना और जमीनी स्तर पर मजबूती लाना पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। अब देखना यह होगा कि नेतृत्व इन परिस्थितियों को अवसर में कैसे बदलता है।
पांगी कांग्रेस में तेज हुई सियासी सरगर्मी: अमित भरमौरी की ताजपोशी से बदले समीकरण, गुटबाजी के बीच नई रणनीति की तलाश। कृष्ण चंद राणा पांगी न्यूज़ टुडे। प्रदेश कांग्रेस में अमित भरमौरी को महासचिव बनाए जाने के बाद भरमौर-पांगी की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उनकी नियुक्ति के साथ ही क्षेत्र में राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर बधाइयों की बाढ़ और कार्यकर्ताओं में उत्साह इस बदलाव का साफ संकेत दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, भरमौर-पांगी विधानसभा क्षेत्र की पांगी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी लंबे समय से तीन गुटों—भरमौरी, सुरजीत और ललित गुट—में बंटी हुई है। हालांकि विधानसभा चुनावों के दौरान ये गुट आमने-सामने जरूर रहे, लेकिन खुलकर टकराव की स्थिति नहीं बनी। प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद एक गुट को उस समय मजबूती मिली, जब उसके नेता को कॉपरेटिव बैंक का निदेशक और एपीएमसी का अध्यक्ष बनाया गया। इस घटनाक्रम के बाद सुरजीत गुट के कुछ कार्यकर्ता भी उस ओर झुकते नजर आए। राजनीतिक परिस्थितियां समय के साथ बदलीं और सुरजीत को जिला कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद पहले दूरी बनाए रखने वाले कई नेता अब उनके करीब आने लगे हैं। ऐसे में संगठन में संतुलन बनाए रखना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। करीब तीन वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अमित भरमौरी को प्रदेश महासचिव बनाए जाने से उनके समर्थकों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। इसे उनके राजनीतिक सफर का अहम पड़ाव माना जा रहा है। इस बीच, पांगी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पिछले 13-14 महीनों से अध्यक्ष विहीन चल रही है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि भरमौरी की ताजपोशी के बाद उनके गुट को ब्लॉक अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिल सकती है। सूत्र बताते हैं कि ललित गुट को भी जनजातीय सलाहकार और कृषि विपणन संघ में प्रतिनिधित्व मिला है, जबकि सुरजीत पहले से जिला अध्यक्ष हैं। ऐसे में तीनों गुटों के बीच संतुलन साधना पार्टी नेतृत्व के लिए आसान नहीं होगा। आगे की राह चुनौतीपूर्ण आगामी पंचायत चुनाव कांग्रेस के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकते हैं। गुटबाजी के बीच संगठन को एकजुट रखना और जमीनी स्तर पर मजबूती लाना पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। अब देखना यह होगा कि नेतृत्व इन परिस्थितियों को अवसर में कैसे बदलता है।
- अजमेरपुर ग्रीष्मोत्सव मेला भराड़ी 2026 | 2 अप्रैल से शुभारंभ | कुश्ती इनाम 41000 | सांस्कृतिक कार्यक्रम1
- Post by Himachal Update 24 News3
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- Post by Till The End News1
- हमीरपुर हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में प्रस्तावित निकाय चुनावों को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार जिले के छह नगर निकायों में से दो—नगर परिषद सुजानपुर और नगर पंचायत भोटा—में वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि इन दोनों निकायों में आरक्षण का निर्धारण ड्रा के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया गया है। नगर पंचायत भोटा (कुल 7 वार्ड): महिला: वार्ड 1, 4, 5 एससी (महिला): वार्ड 3 एससी: वार्ड 7 अनारक्षित: वार्ड 2, 6 नगर परिषद सुजानपुर (कुल 9 वार्ड): महिला: वार्ड 5, 6, 8, 9 एससी (महिला): वार्ड 7 एससी: वार्ड 1 अनारक्षित: वार्ड 2, 3, 4 वहीं, नगर निगम हमीरपुर, नगर परिषद नादौन, नगर पंचायत बड़सर और भोरंज में आरक्षण की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है। शहरी विकास विभाग की अधिसूचना के बाद इन निकायों में चुनाव प्रक्रिया में देरी की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में आरक्षण प्रक्रिया को फिलहाल ‘होल्ड’ पर रखने की सिफारिश की है। बाइट गंधर्वा राठौड़ उपायुक्त हमीरपुर गौरतलब है कि आरक्षण प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिए एडीसी और एसडीएम स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई थी। अब शेष चार निकायों में आगे की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है।1
- Post by हमीरपुरी पत्रकार1
- Post by Karan Birua4
- Post by Himachal Update 24 News1