केंद्र सरकार ने पासपोर्ट बनवाने की फीस में अहम संशोधन किए हैं, जिसके तहत अब सामान्य और तत्काल दोनों श्रेणियों के पासपोर्ट महंगे हो गए हैं। वहीं, आधार के जरिए ईमेल एड्रेस अपडेट करने की सुविधा मुफ्त कर दी गई है और व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम भी कम हुए हैं। इसके साथ ही, गैस कनेक्शन के लिए अनिवार्य केवाईसी (KYC) पूरी करना आवश्यक कर दिया गया है, जिसे 30 जून तक पूरा न करने पर सब्सिडी रोकी जा सकती है। संशोधित दरों के अनुसार, 36-पेज का सामान्य पासपोर्ट अब ₹1,500 की जगह ₹2,500 का मिलेगा, जबकि 36-पेज के तत्काल पासपोर्ट के लिए ₹3,500 की बजाय ₹5,000 का शुल्क चुकाना होगा। आधार ऐप के माध्यम से ई-मेल एड्रेस को बिल्कुल मुफ्त में अपडेट किया जा सकता है, लेकिन आधार सेवा केंद्र पर अन्य अपडेट के लिए निर्धारित शुल्क लागू रहेगा। अन्य प्रमुख अपडेट्स में, वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है, जिस तक ITR 1 और ITR 2 फॉर्म भरने वाले करदाताओं को अपना रिटर्न अनिवार्य रूप से भरना होगा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) की जगह अब 'वीवी-जी राम जी' (VB-G RAM G) योजना लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य देश की ग्रामीण विकास योजनाओं में अधिक तालमेल बिठाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। ऑटोमोबाइल कंपनियों ने गाड़ियों की कीमतों में 1.5% से 2% तक की बढ़ोतरी की है, जिससे नई कारें खरीदना महंगा हो गया है। इसके अतिरिक्त, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने क्रेडिट कार्ड के बिल भुगतान और गलत वित्तीय उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए कड़े नियम भी लागू किए हैं।
केंद्र सरकार ने पासपोर्ट बनवाने की फीस में अहम संशोधन किए हैं, जिसके तहत अब सामान्य और तत्काल दोनों श्रेणियों के पासपोर्ट महंगे हो गए हैं। वहीं, आधार के जरिए ईमेल एड्रेस अपडेट करने की सुविधा मुफ्त कर दी गई है और व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम भी कम हुए हैं। इसके साथ ही, गैस कनेक्शन के लिए अनिवार्य केवाईसी (KYC) पूरी करना आवश्यक कर दिया गया है, जिसे 30 जून तक पूरा न करने पर सब्सिडी रोकी जा सकती है। संशोधित दरों के अनुसार, 36-पेज का सामान्य पासपोर्ट अब ₹1,500 की जगह ₹2,500 का मिलेगा, जबकि 36-पेज के तत्काल पासपोर्ट के लिए ₹3,500 की बजाय ₹5,000 का शुल्क चुकाना होगा। आधार ऐप के माध्यम से ई-मेल एड्रेस को बिल्कुल मुफ्त में अपडेट किया जा सकता है, लेकिन आधार सेवा केंद्र पर अन्य अपडेट के लिए निर्धारित शुल्क लागू रहेगा। अन्य प्रमुख अपडेट्स में, वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है, जिस तक ITR 1 और ITR 2 फॉर्म भरने वाले करदाताओं को अपना रिटर्न अनिवार्य रूप से भरना होगा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) की जगह अब 'वीवी-जी राम जी' (VB-G RAM G) योजना लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य देश की ग्रामीण विकास योजनाओं में अधिक तालमेल बिठाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। ऑटोमोबाइल कंपनियों ने गाड़ियों की कीमतों में 1.5% से 2% तक की बढ़ोतरी की है, जिससे नई कारें खरीदना महंगा हो गया है। इसके अतिरिक्त, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने क्रेडिट कार्ड के बिल भुगतान और गलत वित्तीय उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए कड़े नियम भी लागू किए हैं।
- केंद्र सरकार ने पासपोर्ट बनवाने की फीस में अहम संशोधन किए हैं, जिसके तहत अब सामान्य और तत्काल दोनों श्रेणियों के पासपोर्ट महंगे हो गए हैं। वहीं, आधार के जरिए ईमेल एड्रेस अपडेट करने की सुविधा मुफ्त कर दी गई है और व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम भी कम हुए हैं। इसके साथ ही, गैस कनेक्शन के लिए अनिवार्य केवाईसी (KYC) पूरी करना आवश्यक कर दिया गया है, जिसे 30 जून तक पूरा न करने पर सब्सिडी रोकी जा सकती है। संशोधित दरों के अनुसार, 36-पेज का सामान्य पासपोर्ट अब ₹1,500 की जगह ₹2,500 का मिलेगा, जबकि 36-पेज के तत्काल पासपोर्ट के लिए ₹3,500 की बजाय ₹5,000 का शुल्क चुकाना होगा। आधार ऐप के माध्यम से ई-मेल एड्रेस को बिल्कुल मुफ्त में अपडेट किया जा सकता है, लेकिन आधार सेवा केंद्र पर अन्य अपडेट के लिए निर्धारित शुल्क लागू रहेगा। अन्य प्रमुख अपडेट्स में, वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है, जिस तक ITR 1 और ITR 2 फॉर्म भरने वाले करदाताओं को अपना रिटर्न अनिवार्य रूप से भरना होगा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) की जगह अब 'वीवी-जी राम जी' (VB-G RAM G) योजना लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य देश की ग्रामीण विकास योजनाओं में अधिक तालमेल बिठाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। ऑटोमोबाइल कंपनियों ने गाड़ियों की कीमतों में 1.5% से 2% तक की बढ़ोतरी की है, जिससे नई कारें खरीदना महंगा हो गया है। इसके अतिरिक्त, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने क्रेडिट कार्ड के बिल भुगतान और गलत वित्तीय उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए कड़े नियम भी लागू किए हैं।1
- ऋषिकेश में आज यानी 1 जुलाई से गंगा नदी में रिवर राफ्टिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह निर्णय मानसून के मौसम और पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनज़र लिया गया है, क्योंकि पहाड़ों में लगातार बारिश तथा गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। इसी के चलते ऋषिकेश-शिवपुरी के बीच रिवर राफ्टिंग पर रोक लगाई गई है। इस प्रतिबंध के कारण अब पर्यटक सितंबर से ही दोबारा गंगा की लहरों पर राफ्टिंग के रोमांच का आनंद ले पाएंगे। मानसून की दस्तक के बाद अब गंगा में रिवर राफ्टिंग पर दो महीने का ब्रेक रहेगा।1
- उत्तराखंड के देहरादून में भारी बारिश का सिलसिला जारी है, जिसके चलते रिस्पना नदी प्रभावित हुई है।1
- यात्रियों और भक्तों से गंगा में स्नान करते समय विशेष सावधानी बरतने का विनम्र निवेदन किया गया है, क्योंकि गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सभी से अपील की गई है कि वे स्वयं भी सतर्क रहें और दूसरों को भी सावधानी बरतने के लिए प्रेरित करें। गंगा मैया में ज़्यादा अंदर जाकर स्नान करने से मना किया गया है; इसके बजाय, बाहर बैठकर जंजीर या रस्सी पकड़कर स्नान करने की सलाह दी गई है। यह स्पष्ट किया गया है कि अपनी सावधानी में ही सबकी सुरक्षा निहित है। गंगा के जलस्तर में वृद्धि का मुख्य कारण ऊपरी पहाड़ों में हो रही भारी बारिश है। इसके अतिरिक्त, बताया गया है कि एक-दो दिनों के भीतर हरिद्वार में भी मॉनसून का आगमन हो जाएगा, जिससे जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। इस चेतावनी के साथ 'ओम नमो नारायण' और 'जय गंगा मैया की' जैसे पवित्र उद्घोषों के माध्यम से भक्ति और सावधानी का संदेश दोहराया गया है।1
- हरिद्वार पुलिस ने जनपद में नकली नोटों के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाने वाले एक गिरोह के तीन और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। एसएसपी हरिद्वार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत हुई यह कार्रवाई नकली नोटों के ‘खेल’ का भंडाफोड़ करने में एक अहम सफलता मानी जा रही है। पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी दो दिन पहले नकली नोटों की बरामदगी के मामले में पकड़े गए आरोपियों से की गई पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर संभव हुई। पहले गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों से मिली महत्वपूर्ण जानकारी के दम पर पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुँचने में सफल रही। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में छपे हुए जाली नोटों के साथ-साथ एक लैपटॉप, प्रिंटर और नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण भी बरामद किए हैं। हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट किया कि सतर्कता, तकनीकी जांच और सटीक रणनीति के बलबूते इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस फिलहाल गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है। पुलिस ने सख्त लहजे में संदेश दिया है कि कोई भी अपराधी कानून से बच नहीं सकता, फिर चाहे वह कितना भी शातिर क्यों न हो। जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- श्यामपुर कोतवाली पुलिस ने एसपी क्राइम निशा यादव के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए नकली नोट छापने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने लालढांग तिराहे के पास घेराबंदी कर एक कार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी दो दिन पहले वन कर्मियों के साथ मारपीट के एक मामले में हुई जांच के दौरान हुई, जब तलाशी के दौरान कार से 500 रुपये के 105 जाली नोट बरामद हुए, जिसके बाद इस पूरे गिरोह की साजिश सामने आई। गिरोह में देवेंद्र कुमार, गुलजार, शिवम और शगुन जोशी जैसे नाम शामिल हैं। आरोपी नकली नोट तैयार करने के लिए ऑनलाइन विशेष प्रकार का पेपर मंगवाते थे और असली नोट की हाई-रिजॉल्यूशन फोटो लेकर मोबाइल ऐप व सॉफ्टवेयर के जरिए उसकी क्वालिटी बढ़ाते थे। आरोपी देवेंद्र ने कुबूल किया है कि उन्होंने इससे पहले उत्तर प्रदेश के बिजनौर (बड़ापुर क्षेत्र) में करीब ₹1 लाख के नकली नोट छापे थे, जिनमें से ₹60,000 बाजार में चलाए जा चुके हैं। पुलिस ने मौके से लगभग ₹50,000 के जाली नोटों के अलावा, एक लैपटॉप, दो प्रिंटर, कटिंग टूल्स और सॉफ्टवेयर उपकरण भी जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के जरिए अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले नकली नोट छापने वाले गिरोह का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया गया है।1
- विकासनगर के कोतवाली बाईपास स्थित चर्च के सामने सीवर परियोजना के तहत खोदे गए एक गहरे गड्ढे में सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण एक कार गिर गई। आरोप है कि कार्यदायी ईएमएस कंपनी ने गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टिव रेडियम बोर्ड और वैकल्पिक मार्ग जैसी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था नहीं की थी, बल्कि केवल चेतावनी बोर्ड लगाकर अपनी औपचारिकता निभाई। स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि यह कंपनी की घोर लापरवाही के कारण हुई तीसरी बड़ी घटना है। इस घटना के बाद उत्तराखंड क्रांति दल ने प्रशासन से जिम्मेदार कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, भविष्य में बेहतर सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की पुरजोर मांग की है।1