भीलवाड़ा में 'गौ सम्मान आह्वान अभियान' के दूसरे चरण की कार्ययोजना तय करने के लिए जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। परम पूज्य ग्वाल संत स्वामी श्री गोपालानंद सरस्वती के सानिध्य में अग्रवाल उत्सव भवन में सम्पन्न हुई इस बैठक में गौ माता के संरक्षण, सेवा और सम्मान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई, साथ ही अभियान को गांव-गांव और जन-जन तक पहुँचाने की रणनीति बनाई गई। बैठक को संबोधित करते हुए ग्वाल संत स्वामी श्री गोपालानंद सरस्वती ने गौ माता को भारतीय संस्कृति, धर्म और सनातन जीवन मूल्यों की आधारशिला बताया। उन्होंने गौ सेवा को केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और मानव कल्याण का माध्यम बताते हुए समाज से गौ संरक्षण के लिए संगठित होने और इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। विधायक अशोक कुमार कोठारी ने गौ संरक्षण को भारतीय संस्कृति और आस्था का आधार बताते हुए इसे एक सामाजिक दायित्व भी कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा गौ सेवा राशि में वृद्धि का स्वागत किया और गौशालाओं को मिलने वाले अनुदान को 9 माह से बढ़ाकर 12 माह करने के साथ-साथ नई गौशालाएँ व नंदीशालाएँ खोलने की आवश्यकता पर बल दिया। विधायक कोठारी ने केंद्र स्तर पर गौ सेवा विभाग खोलने और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने का भी समर्थन किया। अभियान के राजस्थान प्रभारी बहादुर सिंह ने जानकारी दी कि पहले चरण में राज्य की 18 तहसीलों से 5 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले सवा 5 करोड़ हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना पत्र सरकार को सौंपे गए हैं, जिस पर सरकार का सकारात्मक रुख बना हुआ है। उन्होंने बताया कि अभियान को पश्चिम बंगाल, दिल्ली, असम, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित कई राज्यों में समर्थन मिल रहा है, साथ ही सोशल मीडिया पर भी व्यापक जनसमर्थन मिला है। दूसरे चरण में गायत्री परिवार, पतंजलि संस्थान और बागेश्वर धाम सरकार जैसे विभिन्न संगठनों ने समर्थन दिया है। आगामी चरणों में कुल 40 करोड़ हस्ताक्षर एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें द्वितीय चरण (27 जुलाई 2026) के लिए 15 करोड़ हस्ताक्षरों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परम गौ भक्त सुनील जागेटिया ने 'गौ सेवा, गौ सुरक्षा और गौ सम्मान' का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने और अधिकाधिक लोगों को अभियान से जोड़ने की बात कही। बैठक में विधायक अशोक कुमार कोठारी, राजस्थान प्रभारी बहादुर सिंह, साध्वी गुरु माँ छो बावड़ी हमीरगढ़, एडवोकेट लादूलाल तेली, विभिन्न संत-महात्माओं, गौ प्रचारकों, गौशाला संचालकों, मातृशक्ति, धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों और जिले की विभिन्न तहसीलों से आए प्रभारियों सहित बड़ी संख्या में गौ भक्त उपस्थित रहे।
भीलवाड़ा में 'गौ सम्मान आह्वान अभियान' के दूसरे चरण की कार्ययोजना तय करने के लिए जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। परम पूज्य ग्वाल संत स्वामी श्री गोपालानंद सरस्वती के सानिध्य में अग्रवाल उत्सव भवन में सम्पन्न हुई इस बैठक में गौ माता के संरक्षण, सेवा और सम्मान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई, साथ ही अभियान को गांव-गांव और जन-जन तक पहुँचाने की रणनीति बनाई गई। बैठक को संबोधित करते हुए ग्वाल संत स्वामी श्री गोपालानंद सरस्वती ने गौ माता को भारतीय संस्कृति, धर्म और सनातन जीवन मूल्यों की आधारशिला बताया। उन्होंने गौ सेवा को केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और
मानव कल्याण का माध्यम बताते हुए समाज से गौ संरक्षण के लिए संगठित होने और इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। विधायक अशोक कुमार कोठारी ने गौ संरक्षण को भारतीय संस्कृति और आस्था का आधार बताते हुए इसे एक सामाजिक दायित्व भी कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा गौ सेवा राशि में वृद्धि का स्वागत किया और गौशालाओं को मिलने वाले अनुदान को 9 माह से बढ़ाकर 12 माह करने के साथ-साथ नई गौशालाएँ व नंदीशालाएँ खोलने की आवश्यकता पर बल दिया। विधायक कोठारी ने केंद्र स्तर पर गौ सेवा विभाग खोलने और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने का भी
समर्थन किया। अभियान के राजस्थान प्रभारी बहादुर सिंह ने जानकारी दी कि पहले चरण में राज्य की 18 तहसीलों से 5 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले सवा 5 करोड़ हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना पत्र सरकार को सौंपे गए हैं, जिस पर सरकार का सकारात्मक रुख बना हुआ है। उन्होंने बताया कि अभियान को पश्चिम बंगाल, दिल्ली, असम, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित कई राज्यों में समर्थन मिल रहा है, साथ ही सोशल मीडिया पर भी व्यापक जनसमर्थन मिला है। दूसरे चरण में गायत्री परिवार, पतंजलि संस्थान और बागेश्वर धाम सरकार जैसे विभिन्न संगठनों ने समर्थन दिया है। आगामी चरणों में कुल 40 करोड़ हस्ताक्षर एकत्रित
करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें द्वितीय चरण (27 जुलाई 2026) के लिए 15 करोड़ हस्ताक्षरों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परम गौ भक्त सुनील जागेटिया ने 'गौ सेवा, गौ सुरक्षा और गौ सम्मान' का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने और अधिकाधिक लोगों को अभियान से जोड़ने की बात कही। बैठक में विधायक अशोक कुमार कोठारी, राजस्थान प्रभारी बहादुर सिंह, साध्वी गुरु माँ छो बावड़ी हमीरगढ़, एडवोकेट लादूलाल तेली, विभिन्न संत-महात्माओं, गौ प्रचारकों, गौशाला संचालकों, मातृशक्ति, धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों और जिले की विभिन्न तहसीलों से आए प्रभारियों सहित बड़ी संख्या में गौ भक्त उपस्थित रहे।
- भीलवाड़ा में 'गौ सम्मान आह्वान अभियान' के दूसरे चरण की कार्ययोजना तय करने के लिए जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। परम पूज्य ग्वाल संत स्वामी श्री गोपालानंद सरस्वती के सानिध्य में अग्रवाल उत्सव भवन में सम्पन्न हुई इस बैठक में गौ माता के संरक्षण, सेवा और सम्मान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई, साथ ही अभियान को गांव-गांव और जन-जन तक पहुँचाने की रणनीति बनाई गई। बैठक को संबोधित करते हुए ग्वाल संत स्वामी श्री गोपालानंद सरस्वती ने गौ माता को भारतीय संस्कृति, धर्म और सनातन जीवन मूल्यों की आधारशिला बताया। उन्होंने गौ सेवा को केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और मानव कल्याण का माध्यम बताते हुए समाज से गौ संरक्षण के लिए संगठित होने और इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। विधायक अशोक कुमार कोठारी ने गौ संरक्षण को भारतीय संस्कृति और आस्था का आधार बताते हुए इसे एक सामाजिक दायित्व भी कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा गौ सेवा राशि में वृद्धि का स्वागत किया और गौशालाओं को मिलने वाले अनुदान को 9 माह से बढ़ाकर 12 माह करने के साथ-साथ नई गौशालाएँ व नंदीशालाएँ खोलने की आवश्यकता पर बल दिया। विधायक कोठारी ने केंद्र स्तर पर गौ सेवा विभाग खोलने और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने का भी समर्थन किया। अभियान के राजस्थान प्रभारी बहादुर सिंह ने जानकारी दी कि पहले चरण में राज्य की 18 तहसीलों से 5 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले सवा 5 करोड़ हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना पत्र सरकार को सौंपे गए हैं, जिस पर सरकार का सकारात्मक रुख बना हुआ है। उन्होंने बताया कि अभियान को पश्चिम बंगाल, दिल्ली, असम, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित कई राज्यों में समर्थन मिल रहा है, साथ ही सोशल मीडिया पर भी व्यापक जनसमर्थन मिला है। दूसरे चरण में गायत्री परिवार, पतंजलि संस्थान और बागेश्वर धाम सरकार जैसे विभिन्न संगठनों ने समर्थन दिया है। आगामी चरणों में कुल 40 करोड़ हस्ताक्षर एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें द्वितीय चरण (27 जुलाई 2026) के लिए 15 करोड़ हस्ताक्षरों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परम गौ भक्त सुनील जागेटिया ने 'गौ सेवा, गौ सुरक्षा और गौ सम्मान' का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने और अधिकाधिक लोगों को अभियान से जोड़ने की बात कही। बैठक में विधायक अशोक कुमार कोठारी, राजस्थान प्रभारी बहादुर सिंह, साध्वी गुरु माँ छो बावड़ी हमीरगढ़, एडवोकेट लादूलाल तेली, विभिन्न संत-महात्माओं, गौ प्रचारकों, गौशाला संचालकों, मातृशक्ति, धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों और जिले की विभिन्न तहसीलों से आए प्रभारियों सहित बड़ी संख्या में गौ भक्त उपस्थित रहे।4
- गंगापुर शहर में लगातार बिगड़ती सफाई व्यवस्था, सड़कों पर फैले कचरे और जाम नालियों से परेशान व्यापारियों व आमजन ने गुरुवार को नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ एकजुट होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। संयुक्त व्यापार संघ गंगापुर के आह्वान पर शहर के अधिकांश बाजार पूरी तरह बंद रहे, जिससे मुख्य बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि शहर के कई इलाकों में लंबे समय से नियमित सफाई न होने के कारण जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। इसके साथ ही, नालियों की सफाई न होने से बदबू फैल रही है और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष संजय कुमार रुइया ने गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे बताया कि नगर पालिका प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने गर्मी और बरसात में गंदगी के कारण मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से डेंगू, मलेरिया सहित अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ने की चिंता भी व्यक्त की। विभिन्न व्यापारिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी इस बंद का समर्थन किया। व्यापारियों ने प्रशासन की लापरवाही को शहर की सफाई व्यवस्था चरमराने का कारण बताया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने नियमित कचरा उठाने, नालियों की समुचित सफाई कराने और शहर में फॉगिंग अभियान चलाने की तत्काल मांग की है।1
- चित्तौड़गढ़ स्थित आयुष हॉस्पिटल में आयुर्वेद चिकित्सा का अद्भुत कमाल देखने को मिल रहा है। यहाँ आयुर्वेद पद्धति के माध्यम से रोगियों का सफल उपचार किया जा रहा है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए 8302083835 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- चित्तौड़गढ़ से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ राजस्थान सरकार के सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में मंत्री दक डूंगला थाने के एक कांस्टेबल को तीन मिनट के भीतर कथित तौर पर 17 गालियाँ देते सुनाई दे रहे हैं। यह घटना तब हुई जब मंत्री दक ने कांस्टेबल पर अपनी पार्टी के एक कार्यकर्ता का काम न करने, कार्यकर्ता पर लाठी चलाने और उसकी गाड़ी के पास जाने या जाँच करने का आरोप लगाया। उन्होंने ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मियों को “इलाज करने” तक की धमकी भी दी है, जिससे खाकी वर्दी की मर्यादा तार-तार हुई है और पूरे प्रदेश में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। वायरल ऑडियो के अनुसार, मंत्री दक सोमवार को डूंगला थाने पहुँचे थे और एसएचओ शैतान सिंह, कांस्टेबल लक्ष्मीनारायण और विष्णु को बाहर बुलाकर बातचीत शुरू की, जिसकी शुरुआत ही गालियों से हुई। हर वाक्य से पहले गाली का इस्तेमाल करते हुए, उन्होंने अपने नाम ‘बेशर्मी का नया रिकॉर्ड’ बनाने का आरोप झेला। मंत्री दक ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी ने उनके कार्यकर्ता से पैसे माँगे थे, जिससे वे नाराज थे। बातचीत में वे इतने अधिक गाली-गलौज कर रहे थे कि तीनों पुलिसकर्मियों को बोलने का मौका ही नहीं मिला। वायरल ऑडियो में मंत्री ने कथित तौर पर ‘माँ-बहन’ की गालियों के साथ-साथ पुलिसकर्मी की पत्नी को 20 हजार के लिए ‘सुला देने’ जैसी ‘अमर्यादित और अशोभनीय’ बातें भी कही हैं। यह रिकॉर्डिंग वहाँ मौजूद किसी व्यक्ति ने की थी। विशेष रूप से, मंत्री दक जैन समाज से आते हैं, जहाँ अहिंसा परमो धर्म का सिद्धांत बताया जाता है, लेकिन वायरल ऑडियो से लग रहा है कि वे राजनीति के नशे में समाज और उसके बताए मार्ग को भूल गए हैं। ऑडियो वायरल होने के बाद, मंत्री दक ने एक बयान जारी कर ऑडियो में अपनी आवाज होने से इनकार किया है, हालाँकि पूरी ऑडियो साफ-साफ मामले का खुलासा कर रही है। उनके इस बयान के बाद, कॉन्ग्रेस पार्टी के साथ-साथ उनकी ही पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ता और जैन समाज के लोग भी इस ऑडियो की एफएसएल जाँच की मांग कर रहे हैं ताकि ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ हो सके। जिलेभर के पुलिसकर्मियों में इस घटना को लेकर जबरदस्त रोष है, और कई पुलिसकर्मियों ने दबी जुबान में अपना दर्द बयाँ करते हुए बताया है कि वे अपने पुलिस अधीक्षक के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद जरूरत पड़ने पर मंत्री को मुँहतोड़ जवाब देने के लिए ‘हर संभव कदम उठाने हेतु तैयार’ बैठे हैं। इस घटना ने भाजपा की साख पर भी सवाल उठाए हैं और पूछा जा रहा है कि क्या मंत्री दक भाजपा की रीति-नीति और समाज व पद की मर्यादा को भूल गए हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या मंत्री दक वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ इतने सख्त हैं, तो जयदेव देवल जैसे कई आरोपों वाले व्यक्ति को पनाह क्यों दे रखी है, और अपने ही कार्यकर्ता के पिता, लसड़ावन निवासी कारुंडा के भूतपूर्व व्यवस्थापक पारस मल जैन को न्याय क्यों नहीं दिला पाए? पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी ने इस भाषा को ‘अमर्यादित’ बताया और कहा कि मंत्री सिस्टम से कार्यवाही करवा सकते थे। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष रतनलाल गाडरी ने मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है।1
- मंत्री गौतम दक के नाम से एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बेहद आपत्तिजनक और गाली-गलौज भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया है। इस ऑडियो को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि क्या किसी जनप्रतिनिधि की भाषा इतनी अभद्र हो सकती है। सोशल मीडिया पर लोग मांग कर रहे हैं कि पहले इस ऑडियो की सच्चाई सामने आए, उसके बाद ही कोई राय बनाई जाए। चित्तौड़गढ़ जिले के निवासियों से विशेष रूप से यह सवाल पूछा जा रहा है कि क्या 'उनके मंत्री' ऐसे अपशब्द बोल सकते हैं, और उनसे ऑडियो सुनकर अपनी प्रतिक्रिया देने को कहा जा रहा है।1
- भीलवाड़ा जिले के आसींद कस्बे में मुस्लिम समुदाय ने बकरीद का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर दरगाह बगीची ईदगाह पर मुस्लिम भाइयों ने सामूहिक रूप से ईद की नमाज अदा की। नमाज के बाद, देश में अमन-चैन और भाईचारे की विशेष दुआ मांगी गई। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आसींद की सीआई श्रीमती श्रद्धा पंचोरी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल ईदगाह पर तैनात रहा। वहीं, मुस्लिम भाइयों को बकरीद की शुभकामनाएं देने के लिए पीसीसी उपाध्यक्ष हगामी लाल मेवाड़ा भी ईदगाह पर मौजूद रहे और उन्होंने सभी को पर्व की बधाई दी।1
- भीलवाड़ा के बोराड़ा में पूर्व सरपंच परिवार से जुड़े सनसनीखेज हत्याकांड का जिला पुलिस अधीक्षक हर्ष वर्धन अग्रवाला ने चंद घंटों में बड़ा खुलासा किया है। जिस घटना को शुरुआत में सड़क हादसे और कार में आग लगने की दुर्घटना माना जा रहा था, वह असल में एक खौफनाक पारिवारिक साजिश निकली है। पुलिस जांच में सामने आया कि पूर्व सरपंच परिवार की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि परिवार के ही सदस्यों ने की है। इस मामले में रामसिंह की पहली पत्नी सुनीता, उसकी बेटी और नाबालिग बेटे को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुराने पारिवारिक विवाद और आपसी रंजिश के चलते इस खौफनाक वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपियों ने पहले रामसिंह, उसकी मां (पूर्व सरपंच पूसी देवी), दूसरी पत्नी सुरज्ञान और भांजी महिमा पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे चारों की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद, सबूत मिटाने के इरादे से चारों शवों को स्कॉर्पियो कार में डाला गया और फार्म हाउस से करीब 500 मीटर दूर ले जाकर कार को आग के हवाले कर दिया गया, ताकि यह मामला एक दुर्घटना प्रतीत हो। हालांकि, घटनास्थल पर मिले अहम सुराग, शवों की स्थिति और पुलिस की सख्त पूछताछ ने पूरी साजिश की परतें खोल दीं। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार और अन्य सबूत भी बरामद कर लिए हैं। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पूरे बोराड़ा और आसपास के इलाके में भारी सनसनी फैल गई है, जहाँ हर कोई इस बात से स्तब्ध है कि रिश्तों की दीवारों के भीतर ही इतना खूनी खेल खेला गया। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी है।1
- भीलवाड़ा जिला अस्पताल परिसर स्थित पार्क के बाहर सोमवार को बागरिया समाज के दो गुटों के बीच अचानक विवाद हो गया। यह कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई, जहाँ दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी, डंडों और पत्थरों से हमला किया। इस घटना से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही भीमगंज थाना पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो लोगों को हिरासत में लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों पक्ष अस्पताल में भर्ती अपने एक परिचित की कुशलक्षेम पूछने आए थे, तभी किसी बात को लेकर उनके बीच विवाद हो गया था। पुलिस ने भीमा बागरिया और राजू बागरिया को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया है, और मामले की जाँच की जा रही है।1