गंगापुर शहर में लगातार बिगड़ती सफाई व्यवस्था, सड़कों पर फैले कचरे और जाम नालियों से परेशान व्यापारियों व आमजन ने गुरुवार को नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ एकजुट होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। संयुक्त व्यापार संघ गंगापुर के आह्वान पर शहर के अधिकांश बाजार पूरी तरह बंद रहे, जिससे मुख्य बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि शहर के कई इलाकों में लंबे समय से नियमित सफाई न होने के कारण जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। इसके साथ ही, नालियों की सफाई न होने से बदबू फैल रही है और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष संजय कुमार रुइया ने गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे बताया कि नगर पालिका प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने गर्मी और बरसात में गंदगी के कारण मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से डेंगू, मलेरिया सहित अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ने की चिंता भी व्यक्त की। विभिन्न व्यापारिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी इस बंद का समर्थन किया। व्यापारियों ने प्रशासन की लापरवाही को शहर की सफाई व्यवस्था चरमराने का कारण बताया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने नियमित कचरा उठाने, नालियों की समुचित सफाई कराने और शहर में फॉगिंग अभियान चलाने की तत्काल मांग की है।
गंगापुर शहर में लगातार बिगड़ती सफाई व्यवस्था, सड़कों पर फैले कचरे और जाम नालियों से परेशान व्यापारियों व आमजन ने गुरुवार को नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ एकजुट होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। संयुक्त व्यापार संघ गंगापुर के आह्वान पर शहर के अधिकांश बाजार पूरी तरह बंद रहे, जिससे मुख्य बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि शहर के कई इलाकों में लंबे समय से नियमित सफाई न होने के कारण जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। इसके साथ ही, नालियों की सफाई न होने से बदबू फैल रही है और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष संजय कुमार रुइया ने गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे बताया कि नगर पालिका प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने गर्मी और बरसात में गंदगी के कारण मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से डेंगू, मलेरिया सहित अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ने की चिंता भी व्यक्त की। विभिन्न व्यापारिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी इस बंद का समर्थन किया। व्यापारियों ने प्रशासन की लापरवाही को शहर की सफाई व्यवस्था चरमराने का कारण बताया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने नियमित कचरा उठाने, नालियों की समुचित सफाई कराने और शहर में फॉगिंग अभियान चलाने की तत्काल मांग की है।
- भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी भीषण गर्मी और नौतपा के बीच भी अपने विधानसभा क्षेत्र के कार्यों के प्रति गंभीरता दिखाते हुए लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। जनता पहली बार उन्हें इस तरह जनकार्य के प्रति इतना गंभीर देख रही है। इसी क्रम में, विधायक ने सीताराम जी की बावड़ी और राम द्वारा धाम माणिक्य नगर सहित भीलवाड़ा में सभी बावड़ियों का निरीक्षण किया। इसका मुख्य लक्ष्य इन सभी बावड़ियों को ठीक कराकर आमजन को फिर से इनसे शुद्ध जल उपलब्ध कराना है। विधायक कोठारी ने नगर निगम के अधिकारियों को तत्काल इन सभी बावड़ियों की सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्राचीन बावड़ियों की साफ-सफाई और उनके उचित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश भी जारी किए। भीलवाड़ा के विधायक अशोक कोठारी की यह पहल आम जनता के कार्यों के प्रति उनकी गंभीरता और सक्रियता को दर्शाती है।3
- यह संदेश उन लोगों के लिए है जो जिंदगी में मौत को रास्ता समझने लगे हैं। इसमें भगवान श्री कृष्ण के जीवन का उदाहरण देकर बताया गया है कि उनका जन्म जेल में हुआ और अंत जंगल में, उन्होंने न जीवन की शुरुआत महलों में की और न ही अंत किसी सिंहासन पर। इसके बावजूद, भगवान श्री कृष्ण ने हर कठिनाई में मुस्कुराकर धर्म निभाया, अपनों का वियोग सहा, कई षड्यंत्रों का सामना किया और युद्ध भी देखे, लेकिन कभी जीवन से हार नहीं मानी। आज का इंसान छोटी-छोटी परेशानियों में टूटकर मौत को विकल्प समझने लगा है। यह संदेश याद दिलाता है कि जीवन कांटों से भरा जरूर है, लेकिन जैसे पैर में कांटा लगने पर कांटा निकाला जाता है, पूरा पैर नहीं काटा जाता; उसी तरह समस्या कितनी भी बड़ी हो, उसका समाधान हमेशा उससे बड़ा होता है। इसलिए, हार मानना कोई विकल्प नहीं है। जीवन में लड़ना ही मनुष्य का धर्म है।1
- सदर चित्तौड़गढ़ थाना पुलिस ने प्रतापनगर क्षेत्र से चोरी हुई करीब ₹3 लाख मूल्य की स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल केटीएम ड्युक को बरामद करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 19 वर्षीय सुनील मीणा पुत्र रामा मीणा, निवासी गांव डेरा फला (जावर माइन्स), थाना टीडी, जिला उदयपुर के रूप में हुई है। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि प्रार्थी लाभचंद तिवारी (55 वर्ष, निवासी प्रतापनगर, थाना सदर चित्तौड़गढ़) ने 17 मई 2026 को मोटरसाइकिल चोरी होने के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा के निर्देशन में एक विशेष आसूचना टीम का गठन किया गया था। पुलिस उप अधीक्षक बृजेश सिंह के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी प्रेम सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने अज्ञात बदमाश की तलाश में सूचनाएं जुटाईं। गठित टीम के अथक प्रयासों से घटना का खुलासा हुआ और सुनील मीणा को चोरी की स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल केटीएम ड्युक 390 सहित हिरासत में लिया गया। गहन अनुसंधान के बाद सुनील मीणा को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली चित्तौड़गढ़ में भी एक अन्य प्रकरण दर्ज है।1
- Post by Lucky sukhwal1
- चित्तौड़गढ़ में हाल ही में खेल, सेवा और विरासत संरक्षण के क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण गतिविधियाँ देखने को मिली हैं। इन प्रमुख आयोजनों में नवनिर्वाचित जिला फुटबॉल संघ का स्वागत कार्यक्रम शामिल था। इसके साथ ही, जिले में स्थित एक जीवाश्म पार्क के संरक्षण की दिशा में पहल की गई है। सेवा भाव के तहत गौ एम्बुलेंस के संचालन में भी सहयोग प्रदान किया गया है, और जेसीबी किराए की दरों को लेकर एक बड़ा निर्णय भी लिया गया है।1
- भीलवाड़ा के हरी शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर एक धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन के सानिध्य में विधिवत गौदान किया गया। इस दौरान दिलीप ह्रपलानी द्वारा श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित मुरारी जी को गौमाता का दान किया गया। गौदान की प्रक्रिया शुरू होने से पहले नौ वैदिक ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गौमाता का श्रद्धापूर्वक पूजन-अर्चन किया। इस पूरे धार्मिक अनुष्ठान के चलते आश्रम परिसर में एक अत्यंत धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण बना रहा। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन ने गौदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन धर्म और शास्त्रों में गौदान को सभी दानों में सबसे श्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है। उन्होंने यह भी बताया कि गौदान करने से मनुष्य के सभी पापों का शमन होता है और मृत्यु के उपरांत उसे मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। कार्यक्रम में संत मायाराम, संत राजाराम, संत गोविंद राम, संत ईशान राम, संत सुयज्ञ राम, पंडित सत्यनारायण शर्मा सहित अनेक संत-महात्मा, श्रद्धालु और धर्मप्रेमीजन उपस्थित रहे।2
- हर घर की माताओं, बहनों और बहुओं को प्रणाम करते हुए, एक महत्वपूर्ण संदेश में कहा गया है कि नारी का सम्मान ही परिवार की सच्ची पहचान है, और विश्वास ही हर रिश्ते की जान होता है। इसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि प्रयास सदैव रचनात्मक हों और रिश्ते प्रेम तथा संवेदनाओं से भावात्मक होने चाहिए। आपसी व्यवहार मर्यादित और सात्विक हो, तभी हर घर सच में स्वर्ग तुल्य बन सकता है। हालांकि, संदेश में चेतावनी दी गई है कि झूठे आरोप लगाना, धोखा देना, मानसिक प्रताड़ना देना और रिश्तों का व्यापार करना किसी भी समाज को भीतर से खोखला कर देता है। यह स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी रिश्ते में प्रेम शेष न हो, तो अलग हो जाना ही बेहतर विकल्प है। लेकिन, किसी निर्दोष व्यक्ति की जिंदगी बर्बाद करना, उस पर झूठे केस लगाना, या किसी की मृत्यु का कारण बनना नारीत्व नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराध है। कानून ने भी ऐसे मामलों में कड़ी सजाएं निर्धारित की हैं, क्योंकि न्याय का मूल धर्म केवल एक पक्ष की बात नहीं, बल्कि सत्य होना चाहिए। संदेश में अंत में कहा गया है कि इज्जत धोखे, लालच और कई चेहरों के खेल से नहीं, बल्कि मर्यादा, चरित्र और व्यवहार से प्राप्त होती है। समाज से आह्वान किया गया है कि वह अब एकतरफा नहीं, बल्कि सच्चाई के साथ खड़ा हो।1
- रेलमगरा उपखंड मुख्यालय के साथ-साथ गिलुंड, जगपुरा, गमेरपुरा, दरीबा, सिंदेसर कला, चाम्पाखेड़ी, कुरज और आसपास के गांवों में ईद-उल-जुहा का पर्व पूरी धार्मिक आस्था, भाईचारे और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही मुस्लिम समाज के लोग नए परिधानों में सज-धजकर ईदगाहों और मस्जिदों में पहुंचे, जहाँ विशेष नमाज अदा कर देश और क्षेत्र में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिए दुआ माँगी गई। इस दौरान ईदगाहों पर बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। पर्व को लेकर बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। घरों में पारंपरिक व्यंजन बनाए गए और लोगों ने रिश्तेदारों तथा परिचितों के यहां पहुंचकर मुबारकबाद दी। मुस्लिम समाज के लोगों ने बताया कि ईद-उल-जुहा त्याग, समर्पण और इंसानियत का संदेश देने वाला पर्व है। इस अवसर पर जरूरतमंदों की सहायता करने और आपसी सौहार्द बनाए रखने का भी संदेश दिया गया। त्योहार को देखते हुए प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह सतर्क दिखी। रेलमगरा थाना अधिकारी प्रवीण सिंह जुगतावत अपने जाप्ते के साथ शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रहे। इसी तरह गिलुंड चौकी पर प्रभारी शांतिलाल, दरीबा में चौकी प्रभारी अशोक कुमार और कुरज क्षेत्र में पुलिस प्रभारी रामसिंह भी अपने जाप्ते सहित मुस्तैद रहे। विभिन्न ईदगाहों और प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरे क्षेत्र में सौहार्दपूर्ण माहौल बना रहा।4
- निंबाहेड़ा-मंगलवाड़ हाईवे पर निकुंभ के नपावली जीएसएस के पास मंगलवार सुबह एक डंपर और पिकअप की आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई, जिसमें पिकअप चालक इसरार खां निवासी डूंगला की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और फोरलेन निर्माण की सुस्त रफ्तार तथा सुरक्षा में कमी को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला, जिससे परियोजना पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह से बिखर गया और चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से घायल चालक को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस फोरलेन परियोजना से सफर सुरक्षित और आसान होने की उम्मीद थी, वही अब हादसों की वजह बन रही है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य केवल कागजों और दावों तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत में हालात बदहाल हैं। कई स्थानों पर सड़क अधूरी पड़ी है, डायवर्जन स्पष्ट नहीं हैं, और निर्माण सामग्री सड़क किनारे फैली हुई है, जिससे रात के समय वाहन चालकों को रास्ता समझना भी मुश्किल हो जाता है और तेज रफ्तार भारी वाहन हादसों को न्योता दे रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नपावली जीएसएस क्षेत्र में पिछले दो महीनों के भीतर यह दूसरी बड़ी दुर्घटना है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। लोगों का कहना है कि करोड़ों की परियोजना होने के बावजूद, सुरक्षा संकेतक, स्पीड कंट्रोल और वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था तक सही तरीके से नहीं की गई है। हादसे के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि ये सिर्फ हादसे नहीं बल्कि लापरवाही के कारण होने वाली मौतें हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में और भी परिवार उजड़ सकते हैं। उन्होंने तत्काल हाईवे के ब्लैक स्पॉट पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने की मांग की है।1