अम्बिकापुर: संजय पार्क में आवारा कुत्तों का खूनी तांडव, 15 हिरणों की मौत, लापरवाही पर 5 वनकर्मी निलंबित सरगुजा वनमण्डल के अंतर्गत आने वाले संजय वन वाटिका (शंकरघाट) से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ सुरक्षा में हुई भारी चूक के कारण आवारा कुत्तों ने बाड़े में घुसकर 15 मासूम हिरणों को अपना शिकार बना लिया। इस घटना ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक उप वनक्षेत्रपाल सहित पाँच कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। घटना की शुरुआत 21 मार्च 2026 की तड़के सुबह हुई। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, रात्रि लगभग 3:00 से 3:30 बजे के बीच आवारा कुत्तों का एक झुंड शाकाहारी पशु बाड़े (Herbivore Enclosures) की फेंसिंग के नीचे से रास्ता बनाकर भीतर घुस गया। इन शिकारी कुत्तों ने बाड़े में मौजूद हिरणों को बुरी तरह दौड़ाया और उन पर जानलेवा हमला कर दिया। सुबह जब वन वाटिका के कर्मचारी ड्यूटी पर पहुँचे, तो नजारा भयावह था। मौके पर ही 14 हिरण मृत पाए गए, जिनमें 6 कोटरा, 6 चीतल और 2 चौसिंगा शामिल थे। वहीं, एक अन्य घायल चीतल ने अगले दिन 22 मार्च की सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही उप वनमण्डलाधिकारी अम्बिकापुर और संयुक्त वनमण्डलाधिकारी सरगुजा ने पूरी टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। जीपीएस लोकेशन N-23.149407, E-83.211295 पर स्थित बाड़े में सभी वन्यप्राणियों के शव ताजी अवस्था में मिले। वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अजीत पांडेय और स्थानीय चिकित्सक डॉ. शौरी द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में यह स्पष्ट हुआ कि हिरणों की मौत कुत्तों के काटने और नोचने से हुई है। हिरणों की गर्दन, शरीर और पिछले हिस्सों पर गहरे घाव पाए गए। पोस्टमार्टम के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में नियमानुसार सभी मृत हिरणों का ससम्मान दाह संस्कार कर दिया गया। इस पूरी घटना ने वन विभाग की मॉनिटरिंग और रात्रि गश्त की पोल खोल दी है। जाँच रिपोर्ट में यह पाया गया कि रात्रि ड्यूटी पर तैनात चौकीदार वीरेंद्र और लोधे राम ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया था। साथ ही, पार्क में पदस्थ अन्य कर्मचारी भी अपनी जिम्मेदारी के प्रति लापरवाह रहे। अनुशासनहीनता के इस मामले में मुख्य वन संरक्षक सरगुजा ने कड़ा रुख अपनाते हुए उप वनक्षेत्रपाल अशोक सिन्हा, वनपाल ममता परते, वनपाल प्रतीमा लकड़ा, वनपाल बिन्दू सिंह और वनरक्षक श्रीमती फुलमनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है..
अम्बिकापुर: संजय पार्क में आवारा कुत्तों का खूनी तांडव, 15 हिरणों की मौत, लापरवाही पर 5 वनकर्मी निलंबित सरगुजा वनमण्डल के अंतर्गत आने वाले संजय वन वाटिका (शंकरघाट) से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ सुरक्षा में हुई भारी चूक के कारण आवारा कुत्तों ने बाड़े में घुसकर 15 मासूम हिरणों को अपना शिकार बना लिया। इस घटना ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक उप वनक्षेत्रपाल सहित पाँच कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। घटना की शुरुआत 21 मार्च 2026 की तड़के सुबह हुई। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, रात्रि लगभग 3:00 से 3:30 बजे के बीच आवारा कुत्तों का एक झुंड शाकाहारी पशु बाड़े (Herbivore Enclosures) की फेंसिंग के नीचे से रास्ता बनाकर भीतर घुस गया। इन शिकारी कुत्तों ने बाड़े में मौजूद हिरणों को बुरी तरह दौड़ाया और उन पर जानलेवा हमला कर दिया। सुबह जब वन वाटिका के कर्मचारी ड्यूटी पर पहुँचे, तो नजारा भयावह था। मौके पर ही 14 हिरण मृत पाए गए, जिनमें 6 कोटरा, 6 चीतल और 2 चौसिंगा शामिल थे। वहीं, एक अन्य घायल चीतल ने अगले दिन 22 मार्च की सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही उप वनमण्डलाधिकारी अम्बिकापुर और संयुक्त वनमण्डलाधिकारी सरगुजा ने पूरी टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। जीपीएस लोकेशन N-23.149407, E-83.211295 पर स्थित बाड़े में सभी वन्यप्राणियों के शव ताजी अवस्था में मिले। वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अजीत पांडेय और स्थानीय चिकित्सक डॉ. शौरी द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में यह स्पष्ट हुआ कि हिरणों की मौत कुत्तों के काटने और नोचने से हुई है। हिरणों की गर्दन, शरीर और पिछले हिस्सों पर गहरे घाव पाए गए। पोस्टमार्टम के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में नियमानुसार सभी मृत हिरणों का ससम्मान दाह संस्कार कर दिया गया। इस पूरी घटना ने वन विभाग की मॉनिटरिंग और रात्रि गश्त की पोल खोल दी है। जाँच रिपोर्ट में यह पाया गया कि रात्रि ड्यूटी पर तैनात चौकीदार वीरेंद्र और लोधे राम ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया था। साथ ही, पार्क में पदस्थ अन्य कर्मचारी भी अपनी जिम्मेदारी के प्रति लापरवाह रहे। अनुशासनहीनता के इस मामले में मुख्य वन संरक्षक सरगुजा ने कड़ा रुख अपनाते हुए उप वनक्षेत्रपाल अशोक सिन्हा, वनपाल ममता परते, वनपाल प्रतीमा लकड़ा, वनपाल बिन्दू सिंह और वनरक्षक श्रीमती फुलमनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है..
- Vijay NayakRaipur, Chhattisgarh🙏3 hrs ago
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- Vijay NayakRaipur, Chhattisgarh💣3 hrs ago
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- साइबर ठगी/अपराध से संबंधित रकम का हेरफेर करने म्यूल एकाउंट एवं एटीएम प्रदाय करने के मामले मे 03 आरोपी गिरफ्तार। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन मे एवं नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर के नेतृत्व मे थाना गांधीनगर पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही। आरोपियों द्वारा कमीशन के ऐवज मे युवाओं को आर्थिक लाभ दिलवाकर खाता एवं एटीएम प्राप्त कर अवैध गतिविधियों हेतु खाता बिक्री कर कारित की जा रही थी घटना। आरोपियों के कब्जे से कुल 101 नग पासबुक, 35 नग एटीएम, 28 चेकबुक, 03 नग मोबाइल एवं 03 सिम, सिम कार्ड कवर 08 नग, एटीएम कार्ड कवर 13 नग एवं नगद रकम 01 लाख 36 हजार रुपये किया गया जप्त। आरोपियों से जप्त म्यूल एकाउंट मे अपराध से सम्बंधित रकम डलवाकर अवैध लाभार्जन कर कारित की जा रही थी घटना। मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है दिनांक 19/03/26 को थाना गांधीनगर पुलिस टीम को मुखबीर सूचना प्राप्त हुई कि एसबीआई शाखा बनारस रोड अम्बिकापुर स्थित भवन के द्वितीय तल में किराये पर रहने वाला युवक राहुल गुप्ता आत्मज राजेश गुप्ता नाम का युवक गांधीनगर क्षेत्र में अवैध तरीके से युवको को आर्थिक लाभ पहुंचाकर उनके नाम से नया सीम खरीदवाकर उस सीम से बैंक खाता खुलवाकर उसमें पासबुक व एटीएम कार्ड जारी करवाकर उन खातों के खाता संख्या तथा उससे रजिस्टर्ड सीम एवं पासबुक तथा चेक बुक का उपयोग छल व अन्य अपराध से संबंधित रूपये को ट्रांसफर करने में उपयोग करने हेतु उक्त खाता को बिक्री कर रहा है तथा आज भी पासबुक, एटीएम कार्ड व सीम को बाहर भेजने वाला है। प्राप्त सूचना गंभीर प्रकृति की होने से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। मामले को संज्ञान मे लेकर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा थाना पुलिस टीम को मामले मे आरोपियों के विरुद्ध सख़्ती से कार्यवाही कर आरोपियों को गिरफ्तार किये जाने के दिशा निर्देश दिए गए थे, इसी क्रम मे नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर श्री राहुल बंसल (भा.पु.से.) के नेतृत्व मे पुलिस टीम द्वारा मुखबिर द्वारा प्राप्त सूचना के आधार पर एसबीआई शाखा बनारस रोड अम्बिकापुर स्थित भवन के द्वितीय तल में किराये पर रहने वाले युवक राहुल गुप्ता आत्मज राजेश गुप्ता के घर पर रेड कार्यवाही किया गया, राहुल गुप्ता के पास से मोबाईल तथा भारी मात्रा में पासबुक, एटीएम कार्ड व चेक बुक व अन्य दस्तावेज व नगदी रकम 01 लाख 36 हजार रुपये बरामद हुआ। उक्त बैंक खातों एवं अन्य दस्तावेजो के सम्बन्ध मे पूछताछ किये जाने पर संतोषप्रद जवाब नहीं दिया गया, उपरोक्त दस्तावेजों सहित मय संदेही राहुल गुप्ता को थाना लाकर राहुल गुप्ता से बरामद बैंक खातों की जांच पोर्टल के माध्यम से किया गया जो उपरोक्त म्यूल एकाउंट में ऑनलाईन फ्रॉड का लाखो रूपये जमा होना पाया गया,। आरोपी (01) राहुल गुप्ता आत्मज राजेश गुप्ता उम्र 20 वर्ष निवासी शिवा पार्क रेनुकुट थाना पिपरी जिला सोनभद्र उत्तरप्रदेश हाल मुकाम सुभाषनगर बनारस रोड स्टेट बैंक के दुसरे मंजील पर थाना गांधीनगर के द्वारा षडयंत्र पूर्वक अन्य लोगो के साथ मिलकर अवैध लाभ देकर उनके बैंक का पासबुक, एटीएम कार्ड व चेक बुक आदि प्राप्त कर फांड की राशि खातों में प्राप्त कर अवैध लामार्जन किया जाना पाया गया, जो आरोपी के कब्जे से कुल 101 नग पासबुक, 35 नग एटीएम, 28 चेकबुक, 03 नग मोबाइल एवं 03 सिम, सिम कार्ड कवर 08 नग, एटीएम कार्ड कवर 13 नग एवं नगद रकम 01 लाख 36 हजार रुपये जप्त किया गया है, मामले मे आरोपी द्वारा सदर धारा का अपराध घटित करना पाये जाने से थाना गांधीनगर मे अपराध क्रमांक 151/56 धारा 318(4), 317(4), 61(2) बी. एन. एस. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण में विवेचना कम में आरोपी राहुल गुप्ता से पूछताछ किया गया, जो अपने साथी आशुतोष शर्मा तथा विकास किर्तनिया के साथ मिलकर कमीशन का लालच देकर खातो की व्यवस्था कर फांड की रकम को खाते में माँगा कर कमीशन के रूप में लाखो रूपये की धोखाधडी किये हैं। पुलिस टीम द्वारा आरोपी राहुल के साथी विकास किर्तनिया व आशुतोष शर्मा को तलब कर पूछताछ किया गया जो आरोपियों द्वारा अपना नाम (02) विकास किर्तनिया आत्मज रवि किर्तनिया उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम चठिरमा थाना गांधीनगर (03) आशुतोष शर्मा आत्मज घनश्याम शर्मा उम्र 20 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 05 पानी टंकी के पास गोधनपुर थाना गांधीनगर का होंना बताये, आरोपियों से घटना के सम्बन्ध मे पूछताछ किये जाने पर घटना कारित किया जाना स्वीकार किया गया, आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 03 नग मोबाइल जप्त किया गया है, आरोपियों के विरुद्ध अपराध सबूत पाये जाने से प्रकरण मे आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाता है, मामले मे अग्रिम जांच विवेचना जारी है। सम्पूर्ण कार्यवाही मे थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रवीण द्विवेदी, सहायक उप निरीक्षक बीरेंद्र कुजूर, महिला आरक्षक प्रिया रानी आरक्षक अरविन्द उपाध्याय, अमृत सिंह, ऋषभ सिंह, अनुज जायसवाल, आनंद केरकेट्टा, लालदेव, जितेश साहू, अमन पुरी, विकास एक्का, शिव टोप्पो सक्रिय रहे।1
- अंबिकापुर में खेलों का महाकुंभ: 2190 खिलाड़ी, 12 खेल विधाएं, हर साल होगा सरगुजा ओलंपिक अंबिकापुर। सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में खेलों का महाकुंभ कहे जाने वाले सरगुजा ओलंपिक का भव्य आयोजन किया जा रहा है। ब्लॉक और जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं के बाद 21 से 23 मार्च तक संभागीय स्तर की प्रतियोगिताएं पीजी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित हो रही हैं, जिसमें सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, सूरजपुर और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिलों से कुल 2190 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मशाल प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन अवसर पर खिलाड़ियों ने आकर्षक मार्च पास्ट कर मुख्यमंत्री को सलामी दी। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि सरगुजा ओलंपिक का आयोजन अब हर वर्ष नियमित रूप से किया जाएगा और इसके लिए बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरगुजा ओलंपिक 2026 के लिए पहले ही वर्ष 3 लाख 49 हजार खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि Khelo India Tribal Games की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिली है, जिसके कुछ खेल अंबिकापुर में भी आयोजित होंगे। खेल महाकुंभ में कुल 12 खेल विधाओं—कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, रस्साकशी सहित अन्य प्रतियोगिताओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। यह प्रतियोगिता दो आयु वर्गों (17 वर्ष से कम और 17 वर्ष से अधिक) में हो रही है। कुल प्रतिभागियों में 1044 महिला और 1146 पुरुष खिलाड़ी शामिल हैं। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान एवं “दंगल गर्ल” गीता फोगाट ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने सरगुजा जैसे क्षेत्र में इतने बड़े आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि कड़ी मेहनत और लगन से खिलाड़ी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं और भविष्य में ओलंपिक में देश के लिए पदक जीत सकते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर भी सख्त संदेश देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अवैध धर्मांतरण के खिलाफ कड़ा कानून लागू किया गया है, जिसमें दोषियों पर 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना और सजा का प्रावधान है। साथ ही परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, राज्य युवा आयोग अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, नगर निगम महापौर मंजूषा भगत, सरगुजा संभाग आयुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी सरगुजा दीपक झा, कलेक्टर अजीत बसंत तथा एसपी राजेश अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं खेल प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। तीन दिवसीय इस आयोजन में खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिला है, जिससे सरगुजा संभाग की खेल प्रतिभाएं नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही हैं।4
- रामविचर नेताम कृषि मंत्री छत्तीसगढ़1
- main road manoharpura ka head pump 2 sal se kharab pada hai Pani ka ghor samasya hai kripya ise jald se jald banaen1
- Post by Guru Reality Show1
- शक्ति का संचार (भाव आना): धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान जब भक्ति और मंत्रोच्चार अपने चरम पर होते हैं, तो भक्त के शरीर में देवी की दिव्य ऊर्जा या 'शक्ति' का प्रवेश होता है। इस अवस्था को 'भाव आना' कहा जाता है, जिसमें व्यक्ति अनियंत्रित रूप से झूमने या डोलने लगता है। आध्यात्मिक तल्लीनता: भजन और कीर्तन की लय पर पंडा पूरी तरह से देवी की भक्ति में लीन हो जाते हैं। यह शारीरिक हलचल उनके गहरे ध्यान और समर्पण की अभिव्यक्ति होती है, जहाँ वे बाहरी दुनिया को भूलकर ईश्वर से जुड़ जाते हैं। सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव: नवरात्रि में वातावरण मंत्रों और धूप-दीप से अत्यंत ऊर्जावान होता है। पंडा, जो नौ दिनों तक कड़ा उपवास और साधना करते हैं, इस ऊर्जा के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, जिससे उनके शरीर में कंपन या झूपना शुरू हो जाता है।1
- जिले के शंकरगढ़ तहसील ग्राम पंचायत जामापानि से 3 किलो मीटर पर स्थित लंगडापाठ देवी मन्दिर है जहाँ भक्तों की ताता लगी रहती है वही मुख्य पुजारी रविंद्र यादव का मीडिया से बात करते हुए बताये कि यह जो देवी माँ मूर्ति वह प्राचीन है वर्षों पहले गाय चरने वाला वसुदेव पांडो को देवी ने दर्शन दिया था तब से यहा भक्त पूजा अर्चना करते आ रहे हैं आपको बता दे कि यह मन्दिर पहुँच विहीन जगह पर है जिससे भक्त काफी मसक्त के बाद पहुँच पाते हैं यहाँ रोड पानी की विशेष कमी है वही भोला प्रसाद यादव ने बताया कि क्षेत्रीय विधायक उद्देशवरी पैकरा ने पानी को लेकर पहल किये है। बाइट- रविंद्र यादव मुख्य पुजारी बाइट- भोला प्रसाद यादव भाजपा obc मोर्चा अध्यक्ष शंकरगढ़1
- अम्बिकापुर: संजय पार्क में आवारा कुत्तों का खूनी तांडव, 15 हिरणों की मौत, लापरवाही पर 5 वनकर्मी निलंबित सरगुजा वनमण्डल के अंतर्गत आने वाले संजय वन वाटिका (शंकरघाट) से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ सुरक्षा में हुई भारी चूक के कारण आवारा कुत्तों ने बाड़े में घुसकर 15 मासूम हिरणों को अपना शिकार बना लिया। इस घटना ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक उप वनक्षेत्रपाल सहित पाँच कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। घटना की शुरुआत 21 मार्च 2026 की तड़के सुबह हुई। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, रात्रि लगभग 3:00 से 3:30 बजे के बीच आवारा कुत्तों का एक झुंड शाकाहारी पशु बाड़े (Herbivore Enclosures) की फेंसिंग के नीचे से रास्ता बनाकर भीतर घुस गया। इन शिकारी कुत्तों ने बाड़े में मौजूद हिरणों को बुरी तरह दौड़ाया और उन पर जानलेवा हमला कर दिया। सुबह जब वन वाटिका के कर्मचारी ड्यूटी पर पहुँचे, तो नजारा भयावह था। मौके पर ही 14 हिरण मृत पाए गए, जिनमें 6 कोटरा, 6 चीतल और 2 चौसिंगा शामिल थे। वहीं, एक अन्य घायल चीतल ने अगले दिन 22 मार्च की सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही उप वनमण्डलाधिकारी अम्बिकापुर और संयुक्त वनमण्डलाधिकारी सरगुजा ने पूरी टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। जीपीएस लोकेशन N-23.149407, E-83.211295 पर स्थित बाड़े में सभी वन्यप्राणियों के शव ताजी अवस्था में मिले। वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अजीत पांडेय और स्थानीय चिकित्सक डॉ. शौरी द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में यह स्पष्ट हुआ कि हिरणों की मौत कुत्तों के काटने और नोचने से हुई है। हिरणों की गर्दन, शरीर और पिछले हिस्सों पर गहरे घाव पाए गए। पोस्टमार्टम के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में नियमानुसार सभी मृत हिरणों का ससम्मान दाह संस्कार कर दिया गया। इस पूरी घटना ने वन विभाग की मॉनिटरिंग और रात्रि गश्त की पोल खोल दी है। जाँच रिपोर्ट में यह पाया गया कि रात्रि ड्यूटी पर तैनात चौकीदार वीरेंद्र और लोधे राम ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया था। साथ ही, पार्क में पदस्थ अन्य कर्मचारी भी अपनी जिम्मेदारी के प्रति लापरवाह रहे। अनुशासनहीनता के इस मामले में मुख्य वन संरक्षक सरगुजा ने कड़ा रुख अपनाते हुए उप वनक्षेत्रपाल अशोक सिन्हा, वनपाल ममता परते, वनपाल प्रतीमा लकड़ा, वनपाल बिन्दू सिंह और वनरक्षक श्रीमती फुलमनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है..1