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गांव मिलकिया मे दो पक्षों में जमकर हुई मारपीट वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल निगोही थाना क्षेत्र के ग्राम मिलकिया में दो पक्षों में जमकर लाठीचार्ज हुआ, जिसमें दोनों पक्षों के आधा दर्जन लोग घायल हो गए। घायलों में बाबूराय, लक्ष्मी, जमुना, राजू, अमरपाल, सीताराम, कला बती आदि शामिल हैं। बताया जा रहा है कि पुरानी रंजिश के चलते पड़ोसी गांव बलरामपुर के लोगों ने हमला किया।
A K DIXIT
गांव मिलकिया मे दो पक्षों में जमकर हुई मारपीट वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल निगोही थाना क्षेत्र के ग्राम मिलकिया में दो पक्षों में जमकर लाठीचार्ज हुआ, जिसमें दोनों पक्षों के आधा दर्जन लोग घायल हो गए। घायलों में बाबूराय, लक्ष्मी, जमुना, राजू, अमरपाल, सीताराम, कला बती आदि शामिल हैं। बताया जा रहा है कि पुरानी रंजिश के चलते पड़ोसी गांव बलरामपुर के लोगों ने हमला किया।
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- बरेली में पुलिस की होली वायरल मस्ती के दौरान वायरल हो गए SSP अनुराग आर्य #uppolice1
- निगोही थाना क्षेत्र के ग्राम मिलकिया में दो पक्षों में जमकर लाठीचार्ज हुआ, जिसमें दोनों पक्षों के आधा दर्जन लोग घायल हो गए। घायलों में बाबूराय, लक्ष्मी, जमुना, राजू, अमरपाल, सीताराम, कला बती आदि शामिल हैं। बताया जा रहा है कि पुरानी रंजिश के चलते पड़ोसी गांव बलरामपुर के लोगों ने हमला किया।1
- शाहजहांपुर: लाठीचार्ज में आधा दर्जन घायल, दो पक्षों में तनाव शाहजहांपुर के निगोही थाना क्षेत्र के ग्राम मिलकिया में दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर जमकर लाठी-डंडे चले। अचानक हुए इस विवाद में दोनों पक्षों के करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए, जिससे गांव में तनाव का माहौल बन गया।1
- होली का रंग बना खूनी जंग: मऊ रसूलपुर में सांप्रदायिक भिड़ंत, 👉पत्थरबाजी में 10 से अधिक घायल शाहजहांपुर। जिले के थाना अल्लाहगंज क्षेत्र के मऊ रसूलपुर गांव में होली के रंग को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते सांप्रदायिक झगड़े में बदल गया। दोनों समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए और जमकर ईंट-पत्थर, लाठी-डंडे चले, जिससे करीब 10 से 11 लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि होली के दिन रंग खेलते समय एक युवक से दूसरे समुदाय के व्यक्ति पर रंग पड़ गया था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई। पुलिस ने उस समय मामला शांत करा दिया, लेकिन अंदर ही अंदर तनाव बना रहा। अगले दिन सुबह यह विवाद फिर भड़क गया। दोनों पक्षों के लोग बड़ी संख्या में आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते पत्थरबाजी व मारपीट शुरू हो गई। हमले में कई लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अगर चाहें तो मैं इसी खबर के लिए 3 और भी ज्यादा धमाकेदार अखबारी हेडिंग भी बना सकता हूँ, जो अखबार में और ज्यादा आकर्षक लगें।1
- रिपोर्टर रईस खान शाहजहाँपुर =========================== शाहजहाँपुर में गर्रा एवं खन्नौत नदियों की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान हेतु 'हाइड्रोडायनामिक प्रवाह मॉडलिंग' का सहारा लेगा प्रशासन =========================== राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की के वैज्ञानिकों ने जिलाधिकारी के साथ की बैठक; बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का शुरू हुआ 02 दिवसीय स्थलीय निरीक्षण। =========================== शाहजहाँपुर 06 मार्च। जनपद के शहरी क्षेत्र में गर्रा एवं खन्नौत नदियों से आने वाली बाढ़ की विभीषिका को नियंत्रित करने और भविष्य की योजनाओं के लिए सटीक वैज्ञानिक डेटा तैयार करने हेतु जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय में राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की के विषय विशेषज्ञ वैज्ञानिकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। =========================== बैठक में NIH रुड़की से आए वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एल. एन. ठकुराल एवं डॉ. पी. सी. नायक द्वारा एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (Presentation) दिया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि: शहरी क्षेत्र में हाइड्रोडायनामिक प्रवाह मॉडलिंग (Hydrodynamic Flow Modeling) के माध्यम से नदियों के जल स्तर, प्रवाह की गति और जल भराव वाले क्षेत्रों का सटीक मानचित्रण किया जाएगा। डॉ. ठकुराल ने हरिद्वार में की गई सफल केस स्टडी का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार वैज्ञानिक मॉडलिंग से वहाँ बाढ़ प्रबंधन में व्यापक सुधार हुआ है। इसी तर्ज पर शाहजहाँपुर की बाढ़ की समस्या का विश्लेषण कर समाधान निकाला जाएगा। जिलाधिकारी के निर्देश दिए कि वर्ष 2024 की बाढ़ के कारणों पर विशेष फोकस रहे। जिलाधिकारी ने बैठक में वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि: बदले हुए पैटर्न का अध्ययन: वर्ष 2024 से पहले स्थिति सामान्य थी, लेकिन 2024 के बाद बाढ़ की प्रवृत्ति में आए बदलावों का गहन अध्ययन किया जाए। =========================== क्षेत्र विस्तार: अध्ययन का दायरा केवल शहर तक सीमित न रहकर जनपद पीलीभीत के दियूनी डैम से लेकर शाहजहाँपुर के अंतिम छोर तक रखा जाए, ताकि पानी के डिस्चार्ज और रास्ते का सटीक आकलन हो सके। =========================== नदी का सुदृढ़ीकरण: वैज्ञानिक यह भी जांचें कि क्या नदियों में चैनल इक्विपमेंट लगाने या ड्रेजिंग (नदी की खुदाई/सफाई) की तत्काल आवश्यकता है। =========================== विभागीय समन्वय और तत्काल कार्रवाई सिंचाई विभाग: जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को निर्देशित किया कि हाइड्रोडायनामिक मॉडलिंग के लिए आवश्यक समस्त तकनीकी डेटा वैज्ञानिकों को तत्काल उपलब्ध कराया जाए। =========================== नगर निगम: काशीराम कॉलोनी और मनफूल कॉलोनी के नालों पर बाढ़ आने से पूर्व गेट (Sluice Gates) लगवाने के निर्देश दिए गए, ताकि नदियों का बढ़ा हुआ पानी बस्तियों में वापस (Backflow) न आ सके। =========================== विकास प्राधिकरण: शाहजहाँपुर विकास प्राधिकरण (SDA) के पुराने मास्टर प्लान का भी अध्ययन करने को कहा गया ताकि शहरी ड्रेनेज और निर्माण कार्यों का तालमेल बिठाया जा सके। =========================== 02 दिवसीय स्थलीय निरीक्षण NIH रुड़की के वैज्ञानिकों की यह टीम 06 से 07 मार्च तक जनपद के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेगी। इस दौरान वे नदियों के तटबंधों, शहरी ड्रेनेज आउटलेट्स और संवेदनशील इलाकों का जायजा लेंगे। =========================== बैठक में उपस्थिति: बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO), नगर आयुक्त, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), बरेली से आए सीनियर हाइड्रोलॉजिस्ट, NIH रुड़की के वैज्ञानिकगण एवं सिंचाई व राजस्व विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।4
- Post by MAHARAJ SINGH1
- Post by Asha Rani1
- शाहजहांपुर – जनपद में आमजन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से तहसील सदर में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया जाएगा।इस दौरान जिलाधिकारी स्वयं उपस्थित रहकर फरियादियों की समस्याएं सुनेंगे और संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश देंगे, ताकि शिकायतों का शीघ्र और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।1