जानिए वीडियो में विस्तार से भारत-ईरान दोस्ती का पूरा इतिहास... काफ़ी रोचक जानकारी महाराजगंज, सिवान, बिहार / ईरान और भारत JHVP BHARAT NEWS EDITED BY : परवेज़ आलम भारतीय भारत और ईरान की दोस्ती बहुत पुरानी और गहरी रही है। यह संबंध हजारों साल पुराने सांस्कृतिक, व्यापारिक और ऐतिहासिक रिश्तों पर आधारित है। नीचे इसका संक्षिप्त इतिहास दिया गया है: 1. प्राचीन काल से संबंध प्राचीन समय में भारत और ईरान के बीच व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान होता था। दोनों क्षेत्रों में आर्य सभ्यता का प्रभाव माना जाता है। भाषा और संस्कृति में भी कई समानताएँ मिलती हैं, जैसे संस्कृत और फारसी में कई शब्द मिलते-जुलते हैं। 2. मध्यकालीन संबंध मध्यकाल में फारसी संस्कृति का भारत पर गहरा प्रभाव पड़ा। मुगल सम्राट अकबर और अन्य मुगल शासकों के समय फारसी भाषा प्रशासन और साहित्य की मुख्य भाषा बन गई। कई ईरानी विद्वान, कलाकार और सूफी संत भारत आए। जैसे प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का प्रभाव भारतीय समाज में बहुत बड़ा रहा। 3. आधुनिक काल 1947 में भारत की आज़ादी के बाद दोनों देशों ने कूटनीतिक संबंध मजबूत किए। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ा। भारत ईरान से तेल आयात करता रहा है। 4. रणनीतिक और आर्थिक सहयोग आज भी दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट हैं: चाबहार पोर्ट परियोजना – इसमें भारत ईरान के बंदरगाह को विकसित करने में मदद कर रहा है। इससे भारत को मध्य एशिया और अफगानिस्तान तक व्यापार का नया रास्ता मिलता है। 5. सांस्कृतिक रिश्ता ईरानी फारसी भाषा, कविता और संगीत का भारतीय संस्कृति पर गहरा प्रभाव है। भारत में आज भी कई उर्दू और हिंदी शब्द फारसी से आए हैं। भारत और ईरान की दोस्ती केवल राजनीति या व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हजारों साल पुराने संस्कृति, भाषा, धर्म और व्यापार के रिश्तों पर आधारित है। @JHVP BHARAT NEWS
जानिए वीडियो में विस्तार से भारत-ईरान दोस्ती का पूरा इतिहास... काफ़ी रोचक जानकारी महाराजगंज, सिवान, बिहार / ईरान और भारत JHVP BHARAT NEWS EDITED BY : परवेज़ आलम भारतीय भारत और ईरान की दोस्ती बहुत पुरानी और गहरी रही है। यह संबंध हजारों साल पुराने सांस्कृतिक, व्यापारिक और ऐतिहासिक रिश्तों पर आधारित है। नीचे इसका संक्षिप्त इतिहास दिया गया है: 1. प्राचीन काल से संबंध प्राचीन समय में भारत और ईरान के बीच व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान होता था। दोनों क्षेत्रों में आर्य सभ्यता का प्रभाव माना जाता है। भाषा और संस्कृति में भी कई समानताएँ मिलती हैं, जैसे संस्कृत और फारसी में कई शब्द मिलते-जुलते हैं। 2. मध्यकालीन संबंध मध्यकाल में फारसी संस्कृति का भारत पर गहरा प्रभाव पड़ा। मुगल सम्राट अकबर और अन्य मुगल शासकों के समय फारसी भाषा प्रशासन और साहित्य की मुख्य भाषा बन गई। कई ईरानी विद्वान, कलाकार और सूफी संत भारत आए। जैसे प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का प्रभाव भारतीय समाज में बहुत बड़ा रहा। 3. आधुनिक काल 1947 में भारत की आज़ादी के बाद दोनों देशों ने कूटनीतिक संबंध मजबूत किए। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ा। भारत ईरान से तेल आयात करता रहा है। 4. रणनीतिक और आर्थिक सहयोग आज भी दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट हैं: चाबहार पोर्ट परियोजना – इसमें भारत ईरान के बंदरगाह को विकसित करने में मदद कर रहा है। इससे भारत को मध्य एशिया और अफगानिस्तान तक व्यापार का नया रास्ता मिलता है। 5. सांस्कृतिक रिश्ता ईरानी फारसी भाषा, कविता और संगीत का भारतीय संस्कृति पर गहरा प्रभाव है। भारत में आज भी कई उर्दू और हिंदी शब्द फारसी से आए हैं। भारत और ईरान की दोस्ती केवल राजनीति या व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हजारों साल पुराने संस्कृति, भाषा, धर्म और व्यापार के रिश्तों पर आधारित है। @JHVP BHARAT NEWS
- महाराजगंज, सिवान, बिहार / ईरान और भारत JHVP BHARAT NEWS EDITED BY : परवेज़ आलम भारतीय भारत और ईरान की दोस्ती बहुत पुरानी और गहरी रही है। यह संबंध हजारों साल पुराने सांस्कृतिक, व्यापारिक और ऐतिहासिक रिश्तों पर आधारित है। नीचे इसका संक्षिप्त इतिहास दिया गया है: 1. प्राचीन काल से संबंध प्राचीन समय में भारत और ईरान के बीच व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान होता था। दोनों क्षेत्रों में आर्य सभ्यता का प्रभाव माना जाता है। भाषा और संस्कृति में भी कई समानताएँ मिलती हैं, जैसे संस्कृत और फारसी में कई शब्द मिलते-जुलते हैं। 2. मध्यकालीन संबंध मध्यकाल में फारसी संस्कृति का भारत पर गहरा प्रभाव पड़ा। मुगल सम्राट अकबर और अन्य मुगल शासकों के समय फारसी भाषा प्रशासन और साहित्य की मुख्य भाषा बन गई। कई ईरानी विद्वान, कलाकार और सूफी संत भारत आए। जैसे प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का प्रभाव भारतीय समाज में बहुत बड़ा रहा। 3. आधुनिक काल 1947 में भारत की आज़ादी के बाद दोनों देशों ने कूटनीतिक संबंध मजबूत किए। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ा। भारत ईरान से तेल आयात करता रहा है। 4. रणनीतिक और आर्थिक सहयोग आज भी दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट हैं: चाबहार पोर्ट परियोजना – इसमें भारत ईरान के बंदरगाह को विकसित करने में मदद कर रहा है। इससे भारत को मध्य एशिया और अफगानिस्तान तक व्यापार का नया रास्ता मिलता है। 5. सांस्कृतिक रिश्ता ईरानी फारसी भाषा, कविता और संगीत का भारतीय संस्कृति पर गहरा प्रभाव है। भारत में आज भी कई उर्दू और हिंदी शब्द फारसी से आए हैं। भारत और ईरान की दोस्ती केवल राजनीति या व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हजारों साल पुराने संस्कृति, भाषा, धर्म और व्यापार के रिश्तों पर आधारित है। @JHVP BHARAT NEWS1
- Post by जनसत्ता NEWS@1
- “भोजपुरी के महान लोक कवि Mahendra Misir की 161वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर कई गणमान्य लोग और जनप्रतिनिधि शामिल होने वाले हैं। बताया जा रहा है कि सांसद Manoj Tiwari और Janardan Singh Sigriwal भी कार्यक्रम में पहुंचने वाले हैं। महेंद्र मिश्र भोजपुरी साहित्य और लोकगीतों के महान रचनाकार माने जाते हैं, जिनकी रचनाएं आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय हैं।”1
- सीवान सहित बिहार की 10 बड़ी खबरें | राजनीति, अपराध, प्रशासन और जनजागरूकता की बड़ी अपडेट 👇👇👇👇 बिहार की आज की 10 बड़ी खबरों में राजनीति से लेकर अपराध, प्रशासनिक कार्रवाई, जनजागरूकता अभियान और कई अहम घटनाएं शामिल रहीं। राज्यसभा चुनाव की हलचल के बीच सियासी सरगर्मी तेज रही, वहीं दूसरी तरफ कानून-व्यवस्था, परीक्षा, राहत-बचाव, सप्लाई व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी खबरें भी चर्चा में रहीं। इस बुलेटिन में हमने उन खबरों को जगह दी है जो लोगों पर सीधा असर डालती हैं और पूरे बिहार का माहौल समझने में मदद करती हैं। कहीं चुनावी हलचल है, कहीं प्रशासनिक सतर्कता, कहीं पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तो कहीं जनहित से जुड़ी व्यवस्थाओं पर फोकस। यही वजह है कि आज का यह न्यूज़ पैकेज सिर्फ सुर्खियां नहीं, बल्कि बिहार की बदलती तस्वीर भी दिखाता है। अगर आप बिहार की बड़ी और असरदार खबरें सबसे पहले, साफ और प्रोफेशनल अंदाज में देखना चाहते हैं, तो यह बुलेटिन आपके लिए है। वीडियो को पूरा देखें और बताइए कि इनमें से सबसे बड़ी खबर आपको कौन सी लगी। आज के इस वीडियो में बिहार की 10 बड़ी खबरों को तेज, साफ और असरदार अंदाज में पेश किया गया है। इस न्यूज़ राउंडअप में राजनीति, चुनाव, पुलिस कार्रवाई, प्रशासनिक गतिविधियां, जनजागरूकता कार्यक्रम, हादसे और आम लोगों से जुड़ी खबरों को शामिल किया गया है। वीडियो का मकसद सिर्फ खबर देना नहीं, बल्कि कम समय में बिहार की बड़ी तस्वीर दिखाना है। अगर आप हर दिन बिहार की बड़ी खबरें देखना चाहते हैं, तो हमारे साथ जुड़े रहिए। #BiharNews #BiharKiBadiKhabrein #BreakingNews #HindiNews #BiharUpdate #PatnaNews #ChapraNews #SiwanNews #BiharPolitics #HindustanTV1
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- छपरा। जिले के डेरनी थाना क्षेत्र के शीतलपट्टी गांव में 11 मार्च को एक नाबालिग बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। दोपहर करीब 2:30 बजे बच्ची का शव गांव के एक कुएं से बरामद किया गया। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जुट गए। परिजनों ने गांव के ही पासवान जाति के पांच लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और बाद में हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया गया। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीणों में भी काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, करणी सेना और सवर्ण एकता मंच के पदाधिकारी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली। इस दौरान डेरनी थाना की थाना अध्यक्ष अंजली कुमारी से भी घटना को लेकर बातचीत की गई। पीड़िता के परिजनों ने प्रशासन पर मामले में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है, जबकि थाना अध्यक्ष ने कहा कि परिवार को सुरक्षा के मद्देनज़र मीडिया से बात करने में सावधानी बरतने को कहा गया है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को न्याय व सुरक्षा प्रदान की जाए।1
- Post by जनसत्ता NEWS@1