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सारण जिला अंतर्गत जलालपुर प्रखंड महेंद्र मिश्र जयंती समारोह में शामिल होंगे सांसद मनोज तिवारी और जनार्दन सिंह सिग्रीवाल “भोजपुरी के महान लोक कवि Mahendra Misir की 161वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर कई गणमान्य लोग और जनप्रतिनिधि शामिल होने वाले हैं। बताया जा रहा है कि सांसद Manoj Tiwari और Janardan Singh Sigriwal भी कार्यक्रम में पहुंचने वाले हैं। महेंद्र मिश्र भोजपुरी साहित्य और लोकगीतों के महान रचनाकार माने जाते हैं, जिनकी रचनाएं आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय हैं।”
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सारण जिला अंतर्गत जलालपुर प्रखंड महेंद्र मिश्र जयंती समारोह में शामिल होंगे सांसद मनोज तिवारी और जनार्दन सिंह सिग्रीवाल “भोजपुरी के महान लोक कवि Mahendra Misir की 161वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर कई गणमान्य लोग और जनप्रतिनिधि शामिल होने वाले हैं। बताया जा रहा है कि सांसद Manoj Tiwari और Janardan Singh Sigriwal भी कार्यक्रम में पहुंचने वाले हैं। महेंद्र मिश्र भोजपुरी साहित्य और लोकगीतों के महान रचनाकार माने जाते हैं, जिनकी रचनाएं आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय हैं।”
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- “भोजपुरी के महान लोक कवि Mahendra Misir की 161वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर कई गणमान्य लोग और जनप्रतिनिधि शामिल होने वाले हैं। बताया जा रहा है कि सांसद Manoj Tiwari और Janardan Singh Sigriwal भी कार्यक्रम में पहुंचने वाले हैं। महेंद्र मिश्र भोजपुरी साहित्य और लोकगीतों के महान रचनाकार माने जाते हैं, जिनकी रचनाएं आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय हैं।”1
- 10वीं की छात्रा से 5 दरिंदों ने किया गैंगरेप, फिर कुएं में जिंदा फेंका; मां के सामने ही तड़प-तड़पकर तोड़ा दम बिहार के सारण जिले के डेरनी थाना क्षेत्र में, उसी गांव के पांच दरिंदों ने 15 साल की एक नाबालिग छात्रा का गैंगरेप किया और उसके बाद उसे जिंदा कुएं में फेंक दिया। करीब आधे घंटे तक अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करने के बाद, उस मासूम बच्ची ने कुएं के अंदर ही, अपनी मां की आंखों के सामने दम तोड़ दिया। यह घटना बुधवार देर शाम की है। मृत छात्रा घर पर खाना बनाने के लिए लकड़ियां लेने पास में ही बनी अपनी पुरानी झोपड़ी में गई थी। लेकीन उसे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि गांव के पांच युवक पहले से ही वहां घात लगाकर बैठे हैं। जैसे ही वह वहां पहुंची, आरोपियों ने उसे दबोच लिया, एक सुनसान घर के बाथरूम में घसीटकर ले गए और उसके साथ गैंगरेप किया। इस दौरान लड़की जोर-जोर से चिल्लाने लगी।1
- वैशाली जाते समय लालगंज के नामीडीह आम बगीचे में रुके थाईलैंड के बौद्ध पर्यटक। वैशाली जाते समय लालगंज के नामीडीह आम बगीचे में रुके थाईलैंड के बौद्ध पर्यटक।1
- छपरा। जिले के डेरनी थाना क्षेत्र के शीतलपट्टी गांव में 11 मार्च को एक नाबालिग बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। दोपहर करीब 2:30 बजे बच्ची का शव गांव के एक कुएं से बरामद किया गया। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जुट गए। परिजनों ने गांव के ही पासवान जाति के पांच लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और बाद में हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया गया। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीणों में भी काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, करणी सेना और सवर्ण एकता मंच के पदाधिकारी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली। इस दौरान डेरनी थाना की थाना अध्यक्ष अंजली कुमारी से भी घटना को लेकर बातचीत की गई। पीड़िता के परिजनों ने प्रशासन पर मामले में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है, जबकि थाना अध्यक्ष ने कहा कि परिवार को सुरक्षा के मद्देनज़र मीडिया से बात करने में सावधानी बरतने को कहा गया है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को न्याय व सुरक्षा प्रदान की जाए।1
- महाराजगंज, सिवान, बिहार / ईरान और भारत JHVP BHARAT NEWS EDITED BY : परवेज़ आलम भारतीय भारत और ईरान की दोस्ती बहुत पुरानी और गहरी रही है। यह संबंध हजारों साल पुराने सांस्कृतिक, व्यापारिक और ऐतिहासिक रिश्तों पर आधारित है। नीचे इसका संक्षिप्त इतिहास दिया गया है: 1. प्राचीन काल से संबंध प्राचीन समय में भारत और ईरान के बीच व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान होता था। दोनों क्षेत्रों में आर्य सभ्यता का प्रभाव माना जाता है। भाषा और संस्कृति में भी कई समानताएँ मिलती हैं, जैसे संस्कृत और फारसी में कई शब्द मिलते-जुलते हैं। 2. मध्यकालीन संबंध मध्यकाल में फारसी संस्कृति का भारत पर गहरा प्रभाव पड़ा। मुगल सम्राट अकबर और अन्य मुगल शासकों के समय फारसी भाषा प्रशासन और साहित्य की मुख्य भाषा बन गई। कई ईरानी विद्वान, कलाकार और सूफी संत भारत आए। जैसे प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का प्रभाव भारतीय समाज में बहुत बड़ा रहा। 3. आधुनिक काल 1947 में भारत की आज़ादी के बाद दोनों देशों ने कूटनीतिक संबंध मजबूत किए। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ा। भारत ईरान से तेल आयात करता रहा है। 4. रणनीतिक और आर्थिक सहयोग आज भी दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट हैं: चाबहार पोर्ट परियोजना – इसमें भारत ईरान के बंदरगाह को विकसित करने में मदद कर रहा है। इससे भारत को मध्य एशिया और अफगानिस्तान तक व्यापार का नया रास्ता मिलता है। 5. सांस्कृतिक रिश्ता ईरानी फारसी भाषा, कविता और संगीत का भारतीय संस्कृति पर गहरा प्रभाव है। भारत में आज भी कई उर्दू और हिंदी शब्द फारसी से आए हैं। भारत और ईरान की दोस्ती केवल राजनीति या व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हजारों साल पुराने संस्कृति, भाषा, धर्म और व्यापार के रिश्तों पर आधारित है। @JHVP BHARAT NEWS1
- Post by एनामुल हक1
- दिल्ली छोड़ गांव लौटे युवक की कहानी – छोटा उद्योग शुरू कर बन गए सफल उद्यमी!”1
- जहरीली शराब कांड में फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि पुलिस मुठभेड़ के दौरान आरोपी को गोली लगी, जिसके बाद उसे पकड़ लिया गया। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है और मामले में आगे की जांच जारी है।1