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दिल्ली छोड़ गांव लौटे युवक की कहानी – छोटा उद्योग शुरू कर बन गए सफल उद्यमी!” दिल्ली छोड़ गांव लौटे युवक की कहानी – छोटा उद्योग शुरू कर बन गए सफल उद्यमी!”
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दिल्ली छोड़ गांव लौटे युवक की कहानी – छोटा उद्योग शुरू कर बन गए सफल उद्यमी!” दिल्ली छोड़ गांव लौटे युवक की कहानी – छोटा उद्योग शुरू कर बन गए सफल उद्यमी!”
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- ब्रेकिंग न्यूज : गोपालगंज के उचकागांव और थावे थाना क्षेत्र के बीच इटवा पुल के पास एक बालू लदा ट्रेलर अनियंत्रित होकर दाहा नदी में गिर गया। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड जमा हो गर्ड। ट्रेलर ने पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नदी में छलांग लगा दी बताया जा रहा है कि ट्रेलर चालक गंभीर रूप से घायल हो गया था, लेकिन वह मौके से फरार होने में सफल रहा। मृतक की पहचान मीरगंज थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 8 निवासी अशोक प्रसाद के 32 वर्षीय पूत्र नीरज क्मार के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर उचकागाव थानाध्यक्ष धमेंद्र कुमार के नेतत्व में एसआई कन्हैया लाल सिंह और थावे थाने के एसआई कृष्णा कुमार घटनास्थल पर पहंचे। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद जेसीबी की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए मॉडल अस्पताल भेजा गया। शुरुआती जांच के अनसार, आशंका जताई जा रही है कि ट्रेलर चालक की आंख झपकने के कारण यह हादसा हुआ। थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है...1
- महाराजगंज, सिवान, बिहार / ईरान और भारत JHVP BHARAT NEWS EDITED BY : परवेज़ आलम भारतीय भारत और ईरान की दोस्ती बहुत पुरानी और गहरी रही है। यह संबंध हजारों साल पुराने सांस्कृतिक, व्यापारिक और ऐतिहासिक रिश्तों पर आधारित है। नीचे इसका संक्षिप्त इतिहास दिया गया है: 1. प्राचीन काल से संबंध प्राचीन समय में भारत और ईरान के बीच व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान होता था। दोनों क्षेत्रों में आर्य सभ्यता का प्रभाव माना जाता है। भाषा और संस्कृति में भी कई समानताएँ मिलती हैं, जैसे संस्कृत और फारसी में कई शब्द मिलते-जुलते हैं। 2. मध्यकालीन संबंध मध्यकाल में फारसी संस्कृति का भारत पर गहरा प्रभाव पड़ा। मुगल सम्राट अकबर और अन्य मुगल शासकों के समय फारसी भाषा प्रशासन और साहित्य की मुख्य भाषा बन गई। कई ईरानी विद्वान, कलाकार और सूफी संत भारत आए। जैसे प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का प्रभाव भारतीय समाज में बहुत बड़ा रहा। 3. आधुनिक काल 1947 में भारत की आज़ादी के बाद दोनों देशों ने कूटनीतिक संबंध मजबूत किए। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ा। भारत ईरान से तेल आयात करता रहा है। 4. रणनीतिक और आर्थिक सहयोग आज भी दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट हैं: चाबहार पोर्ट परियोजना – इसमें भारत ईरान के बंदरगाह को विकसित करने में मदद कर रहा है। इससे भारत को मध्य एशिया और अफगानिस्तान तक व्यापार का नया रास्ता मिलता है। 5. सांस्कृतिक रिश्ता ईरानी फारसी भाषा, कविता और संगीत का भारतीय संस्कृति पर गहरा प्रभाव है। भारत में आज भी कई उर्दू और हिंदी शब्द फारसी से आए हैं। भारत और ईरान की दोस्ती केवल राजनीति या व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हजारों साल पुराने संस्कृति, भाषा, धर्म और व्यापार के रिश्तों पर आधारित है। @JHVP BHARAT NEWS1
- नौतन। पश्चिम चंपारण जिले के नौतन प्रखंड अंतर्गत झखरा पंचायत स्थित एपीएचसी में परिवार नियोजन पखवाड़ा के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन पिरामल फाउंडेशन के सुप्रभात सिंह ने किया। इस मौके पर एपीएचसी के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अरुण कुमार, एएनएम तथा पंचायत की सभी आशा कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहयोग दिया। कार्यक्रम के दौरान ग्राम चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों को परिवार नियोजन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि छोटा और स्वस्थ परिवार न केवल मां और बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, बल्कि इससे परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति भी मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन अपनाने से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। इस अवसर पर योग्य दंपत्तियों (एलिजिबल कपल) को परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों जैसे अस्थायी और स्थायी उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही संबंधित दवाओं व आवश्यक सामग्री का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों से परिवार नियोजन के साधनों को अपनाने की अपील की। इस पहल से पंचायत में लोगों के बीच जागरूकता बढ़ी और ग्रामीणों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।1
- भारत में मौसम तेजी से बदल रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अब बसंत का मौसम लगभग गायब होता जा रहा है और गर्मी जल्दी शुरू हो रही है। मार्च में ही कई शहरों में तापमान असामान्य रूप से बढ़ गया है। इसका असर खेती, पानी और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। इस वीडियो में हम समझेंगे कि भारत का मौसम क्यों बदल रहा है और इसके पीछे क्या कारण हैं। #ClimateChange #IndiaWeather #Heatwave #WeatherChange #GlobalWarming #Environment #IndiaNews #BreakingNews #BiharNews #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार #Ankesh_Thakur1
- Post by जनसत्ता NEWS@1
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