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मौदहा नगर सहित आसपास क्षेत्र में गैस सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं की उमड़ी भीड़ ➡️ मौदहा में गैस सिलेंडर की किल्लत ➡️ मीरा तालाब स्थित कंश चबूतरे के पास लगी लंबी कतारें ➡️ महिलाएं, पुरुष व बुजुर्ग घंटों धूप में करते रहे इंतजार ➡️ गैस की कमी से लोगों में बढ़ी परेशानी ➡️ कालाबाजारी कर महंगे दामों में सिलेंडर बेचने की शिकायत
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मौदहा नगर सहित आसपास क्षेत्र में गैस सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं की उमड़ी भीड़ ➡️ मौदहा में गैस सिलेंडर की किल्लत ➡️ मीरा तालाब स्थित कंश चबूतरे के पास लगी लंबी कतारें ➡️ महिलाएं, पुरुष व बुजुर्ग घंटों धूप में करते रहे इंतजार ➡️ गैस की कमी से लोगों में बढ़ी परेशानी ➡️ कालाबाजारी कर महंगे दामों में सिलेंडर बेचने की शिकायत
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- #Apkiawajdigital लखनऊ | मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 लखनऊ: संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय उबाल आ गया, जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सत्ताधारी दल पर सीधा हमला बोला। लखनऊ में आयोजित श्रद्धाजंलि सभा के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के शासनकाल में न केवल संविधान को कमजोर किया गया, बल्कि बाबा साहब की प्रतिमाओं के साथ भी सबसे अधिक अनादर हुआ है। "10 साल अपमान किया, अब दिखावे का बजट" अखिलेश यादव ने सरकार द्वारा मूर्तियों के सौंदर्यीकरण के लिए घोषित किए गए बजट पर तंज कसते हुए कहा, "पिछले 10 सालों में प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों में बाबा साहब की सबसे ज्यादा प्रतिमाएं तोड़ी या खंडित की गईं। अब जब चुनाव सामने हैं, तो सरकार बजट का लालच देकर दलित समाज के जख्मों पर मरहम लगाने का दिखावा कर रही है।" उन्होंने आगे कहा कि जनता यह भूली नहीं है कि कैसे अराजक तत्वों ने समय-समय पर दलितों के आराध्य का अपमान किया और प्रशासन मौन बना रहा। खबर के मुख्य बिंदु: संविधान बनाम तानाशाही: अखिलेश ने कहा कि बाबा साहब ने हमें जो 'वोट की ताकत' दी है, वही इस तानाशाही का अंत करेगी। PDA की एकजुटता: उन्होंने दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों से अपील की कि वे अपने महापुरुषों के सम्मान के लिए एकजुट हों। सामाजिक न्याय का संकल्प: उन्होंने जातीय जनगणना की मांग दोहराते हुए कहा कि असली सम्मान बजट से नहीं, बल्कि हक और अधिकार देने से मिलता है। [विशेष जागरूकता] अराजक तत्वों की साजिश से सावधान! अम्बेडकर जयंती जैसे संवेदनशील अवसरों पर समाज में वैमनस्य फैलाने के लिए कुछ अराजक तत्व सक्रिय हो जाते हैं। पाठकों व दर्शकों को जागरूक करने के लिए निम्नलिखित तथ्यों पर ध्यान देना आवश्यक है: पुरानी खबरों का मायाजाल: सोशल मीडिया पर अक्सर 3-4 साल पुरानी 'मूर्ति खंडित' होने की घटनाओं के वीडियो को आज की ताजा घटना बताकर वायरल किया जाता है। इसका उद्देश्य शांति भंग करना होता है। सत्यता की जांच: अखिलेश यादव का बयान एक राजनीतिक आरोप है जो पिछले वर्षों की घटनाओं पर आधारित है। किसी भी वायरल वीडियो को देखकर उत्तेजित होने से पहले उसकी तारीख (Date) और स्थान (Location) की पुष्टि विश्वसनीय न्यूज चैनल्स से जरूर करें। भ्रामक दावों से बचें: सरकार द्वारा जारी बजट और विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच के तथ्यों को समझें। बिना पुष्टि के किसी भी 'फॉरवर्डेड' मैसेज को साझा न करें। "बाबा साहब की प्रतिमाओं का सम्मान हम सबके दिल में है। किसी भी पुरानी या भ्रामक खबर के आधार पर कानून-व्यवस्था को हाथ में न लें। जागरूक बनें और केवल प्रमाणित खबरों पर ही विश्वास करें।"1
- हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे के वार्ड नंबर पांच में बिना परमीशन के प्रतिबंधित नीम का पेड़ काटते समय विद्युत केबिल में गिर गया। जिससे विद्युत पोल टूट कर दूसरे के मकान में जा गिरा। साथ ही आधा दर्जन लोगों के कनेक्शन की केबिल टूट गई। वार्ड नंबर पांच बसंत नगर निवासी तिजिया पत्नी स्व. राजाराम प्रजापति ने बताया कि उसने अपने दरवाजे पर खड़े नीम के पेड़ को ठेकेदार रईस खान को बेंच दिया था। मंगलवार को दोपहर में ठेकेदार रईस खान बिना वन विभाग के अनुमति लिए इस प्रतिबंध नीम के पेड़ को काटने लगा। जिससे यह पेड़ विद्युत केबिल के ऊपर गिर गया। इससे यह पोल टूट कर सामने रहने वाले सिद्धगोपाल प्रजापति के मकान में जाकर रख गया। इससे इसकी छत में लगी सोलर प्लेट क्षतिग्रस्त हो गई। इस घटना से आसपास के पोलों से जुड़े घरेलू कनेक्शन की केबिल टूट गई। घटना की जानकारी होने पर मौके पर पहुंचे विद्युत कर्मियों ने आरोपियों की जानकारी अवर अभियंता को दी है। उन्होंने नोटिस जारी कर कार्यवाही करने की बात कही। वन विभाग के रेंजर अजय कुमार वर्मा ने बताया कि इस प्रकरण की जानकारी उन्हें नहीं है। वह अभी अवकाश पर है। वहीं वन विभाग के वरिष्ठ लिपिक रामगोपाल ने बताया कि जानकारी हुई है। आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।2
- *अंतर्जनपदीय चोर गिरोह का सदस्य गिरफ्तार* रिपोर्ट-अल्तमश हुसैन-7054881233 जनपद बांदा की पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है पुलिस के द्वारा चोरी व टप्पे बाज़ी जैसी घटनाओं को अंजाम देने वाले अंतर्जनपदीय गिरोह के सदस्य को चोरी के समान व अवैध तमंचा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया है बीते कुछ दिनों पहले अतर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत चोरी की घटनाएं सामने आई थी इसके बाद पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के द्वारा टीमों का गठन किया गया था। ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरा ,वैज्ञानिक एवं तकनीकी माध्यमों से अभियुक्तों की पहचान करते हुए आज अतर्रा से गिरफ्तार किया गया है। तलाशी के दौरान अभियुक्त के पास से पुलिस को अवैध तमंचा ,कारतूस,154 ग्राम चांदी, 41700 रु, बरामद हुए हैं। गिरफ्तार अभियुक्त शंभू चित्रकूट जनपद का निवासी है यह चोरी टप्पे बाज़ी,अवैध मादक पदार्थों की तस्करी जैसे मामलों में पहले भी लिप्त रहा है जनपद बांदा में छह मामले दर्ज हैं।1
- शादी के तीन माह पहले युक्ति का सुनसान इलाके में मिला शव1
- घाटमपुर-थाना क्षेत्र के अंतर्गत चिली मोड़ के पास स्थित एक भट्ठे में जेसीबी ने लगभग 13 वर्षीय मासूम को टक्कर मार दिया।जिसके चलते मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों को जानकारी होने पर परिजन उसे घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए। छानी बीवांर गांव निवासी रामफल ने बताया कि उनका 13 वर्षीय पुत्र इंदल जहां जेसीबी चल रही थी।वहीं वह खेल रहा था।तभी अचानक मौके पर मौजूद जेसीबी ने टक्कर मार दिया जिसके चलते उसके जबड़े में गंभीर चोटें आ गई। डॉक्टरों ने मासूम की हालत गंभीर देखते हुए उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया है।जहां उसका उपचार जारी है। खबर लिखे जाने तक परिजनों ने कोई पुलिसिया कार्रवाई नहीं की है।1
- रनिया थाना क्षेत्र के रायपुर गजनेर रोड पर एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलट गई।जिससे कार में सवार एक व्यक्ति की मौके पर मौत हो गई और दूसरा व्यक्ति घायल हो गया।वहीं सूचना पर पुलिस ने घायल व्यक्ति को उपचार हेतु अस्पताल भिजवाया।थाना प्रभारी दिनेश गौतम ने बताया कि मृतक का नाम लक्ष्मण उर्फ अभिषेक पुत्र रामू सिंह उम्र 22 वर्ष निवासी पहाड़पुर थाना रनिया व घायल का नाम धीरज सिंह पुत्र रिपुसूदन सिंह उम्र 26 हमीरपुर का निवासी है।1
- पैलानी तहसील क्षेत्र के गुरगवां से है,जहां बालू खदान में नियमों को दरकिनार कर अवैध खनन का लगा आरोप।1
- #Apkiawajdigital विशेष रिपोर्ट | मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 नई दिल्ली: इन दिनों सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक बयान तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह उद्योगपति गौतम अडानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला कर रहे हैं। इस खबर को लेकर जनता के बीच भ्रम की स्थिति न बने, इसलिए इसके कानूनी और राजनीतिक पहलुओं को गहराई से समझना आवश्यक है। क्या है वायरल खबर का आधार ? वायरल हो रहे बयान में राहुल गांधी कह रहे हैं कि, "अडानी के पास पैसा तो बहुत है, लेकिन वह भारत से बाहर नहीं जा सकते क्योंकि बाहर जाते ही अमेरिका उन्हें पकड़ लेगा।" तथ्यों की जांच: यह बयान राहुल गांधी द्वारा अमेरिका की एक कोर्ट में अडानी समूह पर लगे आरोपों के संदर्भ में दिया गया है। नवंबर 2024 में अमेरिका में 'रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी' के आरोपों के बाद राहुल गांधी लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं। लेकिन, इसे 'अंतिम सच' मानने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जागरूक पाठक इन 3 बिंदुओं पर ध्यान दें: राजनीतिक आरोप बनाम कानूनी आदेश: राहुल गांधी का यह कहना कि 'अडानी बाहर नहीं जा सकते', एक राजनीतिक दृष्टिकोण और आरोप है। वर्तमान में भारत सरकार या किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने उनके विदेश जाने पर कोई आधिकारिक कानूनी रोक (LOC) नहीं लगाई है। पुरानी खबरों का पुन: वायरल होना: अक्सर कुछ अराजक तत्व 2024 के अंत में दिए गए बयानों को काट-छाँट कर आज की 'ताजा खबर' बनाकर पेश कर रहे हैं। बिना तारीख और पूरे संदर्भ के ऐसी वीडियो क्लिप्स समाज में भ्रम पैदा करती हैं। प्रमाणिकता की कमी: राहुल गांधी द्वारा "मोदी के नाम का गुब्बारा फट जाएगा" जैसे जुमले पूरी तरह राजनीतिक भाषणबाजी का हिस्सा हैं। इन्हें किसी जांच एजेंसी की रिपोर्ट की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। अराजक तत्वों के 'भ्रमजाल' से कैसे बचें? आजकल सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे गिरोह सक्रिय हैं जो पुरानी हेडलाइन्स को नए फॉन्ट और आज की तारीख के साथ एडिट कर वायरल कर देते हैं। इससे बचने के लिए: तारीख की पुष्टि करें: वायरल हो रही खबर किस साल और किस महीने की है, इसकी जांच गूगल पर जरूर करें। आधिकारिक स्रोत देखें: क्या यह खबर किसी प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी (जैसे ANI, PTI) या प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई है? सनसनीखेज भाषा से बचें: यदि शीर्षक में बहुत अधिक 'भड़काऊ' या 'अतिश्योक्तिपूर्ण' शब्दों का प्रयोग है, तो सावधान हो जाएं। विशेषज्ञों की राय: "लोकतंत्र में नेताओं के बयान विमर्श का हिस्सा होते हैं, लेकिन जनता को उन बयानों के पीछे के कानूनी तथ्यों और राजनीतिक मंशा के बीच के अंतर को पहचानना चाहिए। किसी भी वीडियो को सच मानकर प्रतिक्रिया देने से पहले उसकी 'टाइमलाइन' चेक करना सबसे जरूरी है।" निष्कर्ष: सजग नागरिक वही है जो सूचनाओं को साझा करने से पहले उनकी सत्यता की कसौटी पर परखता है। भ्रामक खबरों को रोकना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है।1
- हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे के बांकी रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी में जनसेवा केंद्र संचालक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। तीन दिन पहले ही केंद्र संचालक की पत्नी ने बेटी को जन्म दिया था। घटना स्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें अपनी मर्जी से आत्महत्या करने और नया मकान बड़ी बेटी के नाम करने का जिक्र है। घटना से मृतक के घर कोहराम मचा है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है। कांशीराम कॉलोनी निवासी अंकित कुमार ओमर 35 वर्ष कस्बे में बालाजी कंप्यूटर्स के नाम से जनसेवा केंद्र का संचालन करता था। अभी हाल ही में उसने अपना निजी मकान बनाया है। जिसमें परिवार के सदस्य रहने लगे थे। कॉलोनी में कुछ सामान रखा था, जिसे मकान में लाकर रखा जा रहा था। सोमवार की देर रात अंकित कॉलोनी से कुछ सामान निकालने गया था। लेकिन वापस लौटकर नहीं आया। परिजन जब उसे खोजते हुए कॉलोनी पहुंचे तो कमरे में अंकित का शव लटका हुआ था। आनन-फानन में शव को फंदे से उतारकर पीएचसी लाया गया, जहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद मौत की पुष्टि कर दी। घटना स्थल से पुलिस ने एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जिसमें अंकित ने अपनी मर्जी से आत्महत्या करने की बात लिखी है। उसने आगे लिखा है कि उसका मकान बड़ी बेटी के नाम कर दिया जाए। पुलिस ने सुसाइड नोट भी जब्त कर लिया है। मूलरूप से पुखरायां निवासी अंकित के छोटे भाई अमर ने इसी कमरे में दस माह पूर्व फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मां की बीमारी से मौत हो चुकी है। अंकित का परिवार मूलरूप से कानपुर देहात के पुखरायां निवासी था। बचपन में ही मां सभी बच्चों को लेकर कस्बे अपने मायके में आकर रहने लगी थी। दोनों भाइयों ने मेहनत करके अपने परिवार का भरण-पोषण किया। तीन दिन पूर्व अंकित की पत्नी खुश्बू ने एक बेटी को जन्म दिया है। अचानक हुई इस घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकारी अस्पताल से प्रसव के बाद पत्नी खुश्बू को घर छोड़ने के बाद कॉलोनी में जाकर आत्महत्या कर ली। पति की मौत की खबर सुनकर चलने फिरने में असमर्थ पत्नी निजी गाड़ी से अस्पताल आई और पति के शव को देख कर बेसुध हो गई। जिसे परिजन ढांढस बंधाते हुए दिखे।4