पीएमएस कॉलेज में विवाद गरमाया: सचिव के खिलाफ शिक्षकों का विरोध, कॉलेज पर कब्जे की साजिश का आरोप” बिहारशरीफ के P.M.S. College में इन दिनों विवाद गहराता जा रहा है। कॉलेज प्रशासन की ओर से जारी प्रेस-कॅफरेश में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग कॉलेज के माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। बताया गया है कि गाली-गलौज और दबाव की वजह से कॉलेज के सचिव, उनके परिवार के सदस्य, प्राचार्य और शिक्षक प्रतिनिधि खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। प्रेस नोट में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग कॉलेज पर अवैध कब्जा करने की योजना बना रहे हैं और प्राचार्य के साथ मारपीट कर उन्हें हटाने की साजिश की बात कही गई है। कॉलेज प्रशासन ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है।
पीएमएस कॉलेज में विवाद गरमाया: सचिव के खिलाफ शिक्षकों का विरोध, कॉलेज पर कब्जे की साजिश का आरोप” बिहारशरीफ के P.M.S. College में इन दिनों विवाद गहराता जा रहा है। कॉलेज प्रशासन की ओर से जारी प्रेस-कॅफरेश में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग कॉलेज के माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। बताया गया है कि गाली-गलौज और दबाव की वजह से कॉलेज के सचिव, उनके परिवार के सदस्य, प्राचार्य और शिक्षक प्रतिनिधि खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। प्रेस नोट में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग कॉलेज पर अवैध कब्जा करने की योजना बना रहे हैं और प्राचार्य के साथ मारपीट कर उन्हें हटाने की साजिश की बात कही गई है। कॉलेज प्रशासन ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है।
- एंकर, नालंदा जिले के हरनौत बाजार से एक बार फिर दिल दहला देने वाली आगलगी की घटना सामने आई है, जहां मंगलवार देर रात भीषण आग ने देखते ही देखते चार दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि यह घटना गोनावा रोड स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के पास की है, जहां एक फर्नीचर दुकान समेत कुल चार दुकानों में अचानक आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि कुछ ही देर में पूरा इलाका धुएं और लपटों से भर गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग लगने के दौरान दुकान में रखे चार छोटे सिलेंडर भी ब्लास्ट हो गए, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। हालांकि इस मामले में हरनौत थाना अध्यक्ष मुकेश वर्मा ने सिलेंडर ब्लास्ट की पुष्टि से इनकार किया है। कहां है इसके बारे में जांच की जा रही है और पता लगाने की भी प्रयास की जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। लेकिन तब तक आग अपना तांडव दिखा चुकी थी। इस भीषण आग की चपेट में पास खड़ी एक कार और कई ठेले भी आ गए, जो पूरी तरह जलकर खाक हो गए। पीड़ित दुकानदारों का कहना है कि फर्नीचर समेत लाखों का सामान जलकर नष्ट हो गया है। प्राथमिक अनुमान के मुताबिक इस घटना में करीब 15 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। आग लगने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन स्थानीय लोग असामाजिक तत्वों की करतूत बता रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि चोरी के असफल प्रयास के बाद गुस्साए चोरों ने दुकान में आग लगा दी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। लगातार हो रही आग की घटनाओं से हरनौत बाजार के दुकानदारों में दहशत का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- जर्जर हालत में नहीं हैंड ओवर लेंगे पंचायत भवन नालंदा1
- नालंदा के बिहार शरीफ स्थित पी.एम.एस. कॉलेज, पहाड़पुर में इन दिनों विवाद गहराता जा रहा है। कॉलेज के सचिव डॉ. रघुनाथ प्रसाद कच्छप और प्रिंसिपल बलराम प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रबंधन का कहना है कि कुछ लोग कॉलेज की जमीन और फंड पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। आरोप है कि इन लोगों द्वारा न केवल जबरन कब्जे की कोशिश की जा रही है, बल्कि मारपीट, गाली-गलौज और कॉलेज पदाधिकारियों को धमकाने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं।1
- शिवसेना नेता निसार अहमद नालंदा1
- बिहार शरीफ स्थित पैरू महतो सोमरी महाविद्यालय पहाड़पुर में बीते दिन हुए आपत्तिजनक बातों को लेकर आज की गई प्रेस वार्ता जिसमें महाविद्यालय के सचिव प्रोफेसर डॉक्टर रघुनाथ प्रसाद कछवे ने कहा कि हमारे ऊपर लगाया गया सभी इल्जाम वेबुनियाद है...2
- Post by Garibnath Sahani1
- पी.एम.एस. कॉलेज में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर शिक्षकों और कर्मचारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। कॉलेज के सचिव डॉ. रघुनाथ प्रसाद कच्छवे और प्रभारी प्राचार्य डॉ. बलराम प्रसाद सिंह पर अनुदान वितरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और पक्षपात के आरोप लगाते हुए सोमवार को अस्पताल चौराहे पर प्रोफेसर डॉ संजय कुमार के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन कर सचिव और प्राचार्य का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दोनों की मिलीभगत से करीब ढाई करोड़ रुपये के अनुदान में अनियमितता हुई है। कॉलेज के शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकारी अनुदान और सुरक्षा कोष की राशि के वितरण में भारी गड़बड़ी की गई है, जिससे अधिकांश कर्मचारियों में नाराजगी है। कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार आश्वासन के बावजूद सचिव द्वारा आमसभा नहीं बुलाई जा रही है, जिससे मामले की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस संबंध में कुलपति, राज्यपाल (कुलाधिपति) समेत संबंधित अधिकारियों को जांच के लिए आवेदन भी भेजा गया है। प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों ने साफ कहा कि यह आंदोलन सिर्फ भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण वितरण के लिए है। शिक्षकों ने कहा कि हम लोग काफी समय से लड़ रहे हैं ताकि सबके साथ न्याय हो। लेकिन अनुदान का बंटवारा बंदरबांट की तरह किया गया है—जो पक्ष में हैं उन्हें ज्यादा, और बाकी 70% शिक्षकों को बहुत कम दिया गया। सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार सिंह ने भी आरोप लगाया कि वरिष्ठ शिक्षकों को नजरअंदाज कर जूनियर कर्मियों को ज्यादा राशि दी गई, जिससे असंतोष और बढ़ गया है। वहीं, केमिस्ट्री विभाग की डॉ. कुमारी प्रियंका सिन्हा ने इसे व्यापक भ्रष्टाचार करार देते हुए कहा कि भविष्य में अनुदान का वितरण सरकारी गाइडलाइन के अनुसार पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच नहीं हुई और समान रूप से अनुदान वितरण सुनिश्चित नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह प्रदर्शन सचिव और प्राचार्य के खिलाफ है। फिलहाल, कॉलेज प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले ने तूल पकड़ लिया है और अब सभी की नजर संभावित जांच और कार्रवाई पर टिकी है।इंग्लिश विभाग के सहायक प्रोफेसर सूर्यकांत वर्मा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई शिक्षकों को उनके हक का 50 से 70 प्रतिशत कम अनुदान मिला, जबकि कुछ अपात्र लोगों को भी राशि दी गई। उन्होंने कहा कि 2007 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को भी भुगतान किया गया, जो नियमों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जहां शिक्षकों को 30 से 50 हजार रुपये मिले, वहीं कुछ चपरासियों को डेढ़ लाख रुपये तक दिए गए और उनसे भी राशि वापस ली गई, जो घोर अनियमितता को दर्शाता है। इस आंदोलन में डॉ संजय कुमार, डॉ अनिल कुमार, डॉ प्रियंका कुमारी, समेत सैकड़ों शिक्षक एवं अन्य कर्मचारीगण मौजूद रहें।4
- #ख़बरें Tv: आज दिनांक 18 मार्च 2026 को दिन 2 बजे अस्पताल चौक , बिहार शरीफ में एलपीजी गैस की कीमत मे बढोतरी एवं किल्लत एवं आवश्यक वस्तुओं की कीमतों मे वृद्धि को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया, जिसमें नरेश प्रसाद अकेला, अध्यक्ष , नालंदा जिला कांग्रेस कमिटी, बिहार के साथ कई कार्यकर्ता मौजूद थे...2
- Post by Garibnath Sahani1