सीतापुर जिला अस्पताल में डीएम राजा गणपति आर का एक्शन मोड, ढाई घंटे तक चला औचक निरीक्षण! सीतापुर जिला अस्पताल में डीएम राजा गणपति आर का एक्शन मोड, ढाई घंटे तक चला औचक निरीक्षण! अव्यवस्थाएं देख भड़के जिलाधिकारी, लापरवाह कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार; स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दिए निर्देश संवाददाता,, नरेश गुप्ता सीतापुर, उत्तर प्रदेश। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। शनिवार को उन्होंने जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। बिना पूर्व सूचना के पहुंचे जिलाधिकारी को देखकर अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। करीब ढाई घंटे तक चले निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कई खामियां सामने आने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। अचानक अस्पताल पहुंचे डीएम, व्यवस्थाओं की परखी हकीकत निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल के अलग-अलग वार्डों का जायजा लेते हुए मरीजों के उपचार और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की स्थिति देखी। उन्होंने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली को परखा और व्यवस्थाओं में कमियां मिलने पर संबंधित जिम्मेदारों से जवाब-तलब किया। डीएम के अचानक पहुंचने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल मच गई। लापरवाही पर जताई नाराजगी, सुधार के निर्देश जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान मिली खामियों पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर प्रशासन की नजर सीतापुर में जिलाधिकारी लगातार सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। इससे पहले भी जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर निरीक्षण के दौरान गंदगी, स्वास्थ्य सेवाओं में खामियों और कर्मचारियों की लापरवाही जैसे मामले सामने आ चुके हैं। प्रशासन की ओर से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जवाबदेह बनाने के लिए कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। जिला अस्पताल के इस औचक निरीक्षण के बाद अब मरीजों और उनके तीमारदारों को अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, शनिवार के निरीक्षण में मिली खामियों के संबंध में किसी विशिष्ट कर्मचारी पर कार्रवाई, वेतन रोकने या नोटिस जारी किए जाने की विस्तृत जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
सीतापुर जिला अस्पताल में डीएम राजा गणपति आर का एक्शन मोड, ढाई घंटे तक चला औचक निरीक्षण! सीतापुर जिला अस्पताल में डीएम राजा गणपति आर का एक्शन मोड, ढाई घंटे तक चला औचक निरीक्षण! अव्यवस्थाएं देख भड़के जिलाधिकारी, लापरवाह कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार; स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दिए निर्देश संवाददाता,, नरेश गुप्ता सीतापुर, उत्तर प्रदेश। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। शनिवार को उन्होंने जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। बिना पूर्व सूचना के पहुंचे जिलाधिकारी को देखकर अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। करीब ढाई घंटे तक चले निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कई खामियां सामने आने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। अचानक अस्पताल पहुंचे डीएम, व्यवस्थाओं की परखी हकीकत निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल के अलग-अलग वार्डों का जायजा लेते हुए मरीजों के उपचार और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की स्थिति देखी। उन्होंने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली को परखा और व्यवस्थाओं में कमियां मिलने पर संबंधित जिम्मेदारों से
जवाब-तलब किया। डीएम के अचानक पहुंचने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल मच गई। लापरवाही पर जताई नाराजगी, सुधार के निर्देश जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान मिली खामियों पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर प्रशासन की नजर सीतापुर में जिलाधिकारी लगातार सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। इससे पहले भी जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर निरीक्षण के दौरान गंदगी, स्वास्थ्य सेवाओं में खामियों और कर्मचारियों की लापरवाही जैसे मामले सामने आ चुके हैं। प्रशासन की ओर से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जवाबदेह बनाने के लिए कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। जिला अस्पताल के इस औचक निरीक्षण के बाद अब मरीजों और उनके तीमारदारों को अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, शनिवार के निरीक्षण में मिली खामियों के संबंध में किसी विशिष्ट कर्मचारी पर कार्रवाई, वेतन रोकने या नोटिस जारी किए जाने की विस्तृत जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
- सीतापुर जिला अस्पताल में डीएम राजा गणपति आर का एक्शन मोड, ढाई घंटे तक चला औचक निरीक्षण! सीतापुर जिला अस्पताल में डीएम राजा गणपति आर का एक्शन मोड, ढाई घंटे तक चला औचक निरीक्षण! अव्यवस्थाएं देख भड़के जिलाधिकारी, लापरवाह कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार; स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दिए निर्देश संवाददाता,, नरेश गुप्ता सीतापुर, उत्तर प्रदेश। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। शनिवार को उन्होंने जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। बिना पूर्व सूचना के पहुंचे जिलाधिकारी को देखकर अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। करीब ढाई घंटे तक चले निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कई खामियां सामने आने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। अचानक अस्पताल पहुंचे डीएम, व्यवस्थाओं की परखी हकीकत निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल के अलग-अलग वार्डों का जायजा लेते हुए मरीजों के उपचार और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की स्थिति देखी। उन्होंने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली को परखा और व्यवस्थाओं में कमियां मिलने पर संबंधित जिम्मेदारों से जवाब-तलब किया। डीएम के अचानक पहुंचने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल मच गई। लापरवाही पर जताई नाराजगी, सुधार के निर्देश जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान मिली खामियों पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर प्रशासन की नजर सीतापुर में जिलाधिकारी लगातार सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। इससे पहले भी जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर निरीक्षण के दौरान गंदगी, स्वास्थ्य सेवाओं में खामियों और कर्मचारियों की लापरवाही जैसे मामले सामने आ चुके हैं। प्रशासन की ओर से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जवाबदेह बनाने के लिए कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। जिला अस्पताल के इस औचक निरीक्षण के बाद अब मरीजों और उनके तीमारदारों को अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, शनिवार के निरीक्षण में मिली खामियों के संबंध में किसी विशिष्ट कर्मचारी पर कार्रवाई, वेतन रोकने या नोटिस जारी किए जाने की विस्तृत जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।2
- बीकेटी विधानसभा में बाढ़ पीड़ितों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, हजारों लोगों ने कराई जांच लखनऊ। बख्शी का तालाब (बीकेटी) विधानसभा क्षेत्र में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संभावित प्रत्याशी अभिषेक सिंह उर्फ बाबू सिंह की ओर से बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कराया गया। शिविर में हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई और निशुल्क दवाइयां प्राप्त कीं। इस दौरान अभिषेक सिंह उर्फ बाबू सिंह ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री भी वितरित की। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली तथा हरसंभव सहायता पहुंचाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि अभिषेक सिंह उर्फ बाबू सिंह लगातार बाढ़ प्रभावित लोगों के संपर्क में हैं और जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचा रहे हैं। स्वास्थ्य शिविर और राहत वितरण के माध्यम से बाढ़ पीड़ितों को स्वास्थ्य सुविधाएं एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की पहल की गई। बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए अभिषेक सिंह उर्फ बाबू सिंह की इस पहल को लेकर क्षेत्र में चर्चा है।1
- सीतापुर: जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं की परखी गई हकीकत जिला चिकित्सालय सीतापुर का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई एवं विभिन्न वार्डों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान मरीजों को मिल रही सुविधाओं और उपचार व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार, आवश्यक दवाएं और सभी जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही अस्पताल परिसर में साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। जिला चिकित्सालय सीतापुर का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई एवं विभिन्न वार्डों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान मरीजों को मिल रही सुविधाओं और उपचार व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार, आवश्यक दवाएं और सभी जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही अस्पताल परिसर में साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।1
- बाराबंकी: पुलिया न होने से पानी के बीच से गुजरने को मजबूर ग्रामीण, जान जोखिम में डालकर हो रहा आवागमन! 📍 स्थान: ग्राम पंचायत बजगहनी, गांव कृष्णानगर, बाराबंकी। बाराबंकी के ग्राम पंचायत बजगहनी के कृष्णानगर गांव में पुलिया न होने से ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर रास्ता पार करना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह रास्ता जोखिम भरा साबित हो सकता है। ❓ आखिर कब बनेगी पुलिया और कब मिलेगी ग्रामीणों को इस समस्या से राहत? ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर पुलिया निर्माण की दिशा में आवश्यक कदम उठाएं, ताकि लोगों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। 📢 जनहित में इस खबर को आगे शेयर करें, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों तक ग्रामीणों की आवाज पहुंचे।1
- थाना समाधान दिवस में डीएम ने सुनीं शिकायतें, भूमि विवादों के निस्तारण पर जोर थाना समाधान दिवस पर शनिवार को मिश्रिख कोतवाली पहुंचे जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। भूमि विवादों के मामलों में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर जाकर समाधान कराने को कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि आपसी विवादों से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई की जाए। संवेदनशील प्रकरणों में नियमानुसार निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। महिला संबंधी अपराधों, भूमि विवादों और अवैध कब्जों से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। थाना समाधान दिवस के रजिस्टर में प्रत्येक शिकायत और उस पर की गई कार्रवाई का पूरा विवरण दर्ज किया जाए। साथ ही सभी अभिलेखों को अद्यतन रखने पर भी जोर दिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक और तहसीलदार मिश्रिख समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।4
- सीतापुर में पशुओं के साथ क्रूरता! जहरीला पदार्थ देने से दो भैंसों की मौत, तीन की हालत गंभीर सीतापुर में पशुओं के साथ क्रूरता! जहरीला पदार्थ देने से दो भैंसों की मौत, तीन की हालत गंभीर अज्ञात व्यक्ति पर भैंसों को जहर देने का आरोप, पीड़ित पशुपालक ने शासन-प्रशासन से लगाई मदद की गुहार संवाददाता,, नरेश गुप्ता बिसवां/सीतापुर। मानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम तिरकोलिया मजरा रामपुर घेरवा में अज्ञात व्यक्ति द्वारा कथित रूप से जहरीला पदार्थ दिए जाने से दो भैंसों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य भैंसों की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद पशुपालक के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी सुनील कुमार यादव पुत्र जगदीश किशोर के पास अच्छी नस्ल की पांच भैंसें थीं। आरोप है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने भैंसों को जहरीला पदार्थ खिला दिया, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई। इस घटना में दो भैंसों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन अन्य भैंसों का उपचार चल रहा है। उनकी हालत भी गंभीर बताई जा रही है। इस घटना से पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित ने शासन-प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, गंभीर रूप से बीमार तीनों भैंसों के बेहतर इलाज की व्यवस्था कराने की गुहार लगाई है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित पशुपालक को राहत दिलाने के लिए कितनी जल्दी कार्रवाई की जाती है।1
- जनपद सीतापुर संपत्ति विवाद में रिश्तो का लाल मंडी में खूनी संघर्ष *कोतवाली नगर सीतापुर - राशिद खान चांद*ब्यूरो चीफ सीतापुर संपत्ति विवाद में रिश्तों का कत्ल, चचेरे भाइयों ने पीट-पीटकर मार डाला* एंकर -* सीतापुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां संपत्ति विवाद में रिश्तों का कत्ल कर दिया गया। राजा बाजार में विवादित दुकान को लेकर चचेरे भाइयों ने पिता-पुत्र पर जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें पिता की मौके पर मौत हो गई जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल है। *VO -* मामला दुर्गापुर निवासी 55 वर्षीय रामकृष्ण राठौर का है। उनका चचेरे भाई रवींद्र राठौर से राजा बाजार स्थित दुकान को लेकर विवाद चल रहा था। एक दिन पहले ही रवींद्र राठौर और दुकान के किराएदार बबुला सिंधी से कहासुनी हुई थी। अगले दिन रामकृष्ण अपने 25 वर्षीय पुत्र अभिषेक राठौर के साथ विवादित दुकान पर पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद कमलेश राठौर, उसके पुत्र रवींद्र राठौर, रेनू और किराएदार बबुला सिंधी सहित अन्य लोगों ने दोनों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में रामकृष्ण राठौर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अभिषेक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल से हालत गंभीर होने पर लखनऊ रेफर किया गया है। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। *सीतापुर से राशिद खान चांद की रिपोर्ट।*1
- *सीतापुर में दुकान पर कब्जे के विवाद में खूनी संघर्ष, धारदार हथियार से हमला कर बबलू राठौर की हत्या* *सीतापुर में दुकान पर कब्जे के विवाद में खूनी संघर्ष, धारदार हथियार से हमला कर बबलू राठौर की हत्या* *भाई छोटू की हालत गंभीर, लखनऊ रेफर; दो महिलाएं हिरासत में, मुख्य आरोपी कल्लू की तलाश में जुटी पुलिस* सीतापुर में दुकान पर कब्जे को लेकर चल रहा पुराना विवाद शनिवार दोपहर खूनी संघर्ष में बदल गया। शहर कोतवाली क्षेत्र के दालमंडी बाजार में दो परिवारों के बीच हुई मारपीट में 58 वर्षीय बबलू राठौर की हत्या कर दी गई, जबकि उसका भाई छोटू राठौर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ रेफर किया गया है। वारदात के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने दो महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि मुख्य आरोपी कल्लू की तलाश जारी है। सीतापुर के शहर कोतवाली क्षेत्र का दालमंडी बाजार शनिवार दोपहर उस वक्त रणक्षेत्र बन गया, जब दुकान पर कब्जे को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद अचानक हिंसक हो गया। जानकारी के मुताबिक, दुर्गापुरवा मोहल्ले के रहने वाले बबलू राठौर का अपने ताऊ रामचंद्र के परिवार से बाजार स्थित एक दुकान को लेकर विवाद चल रहा था शनिवार दोपहर इसी विवाद को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि इस दौरान लाठी और धारदार हथियार से बबलू राठौर और उसके भाई छोटू पर हमला किया गया हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए अस्पताल में इलाज के दौरान बबलू ने दम तोड़ दिया, जबकि छोटू की नाजुक हालत को देखते हुए उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी वारदात की गंभीरता को देखते हुए एएसपी आलोक सिंह और सीओ सिटी विनय कुमार यादव ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे मामले की जानकारी जुटाई पुलिस ने मुख्य आरोपी कल्लू की मां कमलेश और बहन रेनू को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। वहीं, मुख्य आरोपी कल्लू की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, बबलू के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। तहरीर और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी फिलहाल, दुकान पर कब्जे को लेकर शुरू हुआ पुराना विवाद एक व्यक्ति की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने तक पहुंच गया है। पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी है। अब जांच के बाद ही वारदात की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी4