शिव विवाह से पूर्व श्री मुक्तेश्वर महादेवालय मन्दिर अणुकिरण कॉलोनी रावतभाटा में मनाया बासन, मेहंदी,हल्दी रस्म उत्सव। मुक्तेश्वर महादेवालय महिला समिति द्वारा मंदिर परिसर में बासन,हल्दी एवं मेहंदी रस्म का कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंदिर पुजारी मुकेश पुरोहित ने बताया महिला समिति द्वारा सर्वप्रथम गणेश वंदना की गई। एवं मंदिर परिसर में शुभ कलश बासन लाए गए। भगवान भोलेनाथ एवं मां पार्वती को हल्दी एवं मेहंदी मंत्रोच्चार के साथ लगाई गई। सभी महिलाओं ने बाबा भोलेनाथ एवं मां पार्वती को हल्दी और मेहंदी लगाई तथा भव्य श्रंगार किया गया। कॉलोनी की महिलाओं द्वारा भगवान भोलेनाथ के भजनं और घोटो और घोटो थोड़ी सी भंगिया और घोटो, अमलीडो अमलीडो, आदि भजनों पर महिलाएं भाव विभोर होकर झूम-झूम कर नृत्य करती रही। महाशिवरात्रि महापर्व को लेकर महिलाओं में अति उत्साह का माहौल देखा गया। महिलाओं के भगवान के प्रति प्रेम को देखकर लग रहा था जेसे स्वयं के घर में विवाह हो। सुबह 11 बजे से चालू हुए कार्यक्रम की 4 बजे महाआरती कर प्रसाद वितरण किया गया। मंदिर समिति द्वारा महाशिवरात्रि से पूर्व व्यवस्थाओं को कड़ी मेहनत के साथ अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंदिर समिति द्वारा सभी शिव भक्तों से अनुरोध किया गया है महाशिवरात्रि महापर्व के दिन आयोजित सभी कार्यक्रमों में नगरवासी उत्साह के साथ कार्यक्रमों में भाग लेवे।
शिव विवाह से पूर्व श्री मुक्तेश्वर महादेवालय मन्दिर अणुकिरण कॉलोनी रावतभाटा में मनाया बासन, मेहंदी,हल्दी रस्म उत्सव। मुक्तेश्वर महादेवालय महिला समिति द्वारा मंदिर परिसर में बासन,हल्दी एवं मेहंदी रस्म का कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंदिर पुजारी मुकेश पुरोहित ने बताया महिला समिति द्वारा सर्वप्रथम गणेश वंदना की गई। एवं मंदिर परिसर में शुभ कलश बासन लाए गए। भगवान भोलेनाथ एवं मां पार्वती को हल्दी एवं मेहंदी मंत्रोच्चार के साथ लगाई गई। सभी महिलाओं ने बाबा भोलेनाथ एवं मां पार्वती को हल्दी और मेहंदी लगाई तथा भव्य श्रंगार किया गया। कॉलोनी की महिलाओं द्वारा भगवान भोलेनाथ के भजनं और घोटो और घोटो थोड़ी सी भंगिया और घोटो, अमलीडो अमलीडो, आदि भजनों पर महिलाएं भाव विभोर होकर झूम-झूम कर नृत्य करती रही। महाशिवरात्रि महापर्व को लेकर महिलाओं में अति उत्साह का माहौल देखा गया। महिलाओं के भगवान के प्रति प्रेम को देखकर लग रहा था जेसे स्वयं के घर में विवाह हो। सुबह 11 बजे से चालू हुए कार्यक्रम की 4 बजे महाआरती कर प्रसाद वितरण किया गया। मंदिर समिति द्वारा महाशिवरात्रि से पूर्व व्यवस्थाओं को कड़ी मेहनत के साथ अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंदिर समिति द्वारा सभी शिव भक्तों से अनुरोध किया गया है महाशिवरात्रि महापर्व के दिन आयोजित सभी कार्यक्रमों में नगरवासी उत्साह के साथ कार्यक्रमों में भाग लेवे।
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- कोटा कोटा विश्वविद्यालय की नई पहल , सीएसआईआर से किया जाएगा एमओयू , एंकर- कृषि क्षेत्र में डेवलपमेंट और कोटा क्षेत्र में उत्पादित होने वाले कृषि जिंसों को नई पहचान दिलाने के लिए कोटा विश्वविद्यालय भारत सरकार की वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद से एमओयू करने की तैयारी कर रहा है। एमओयू से पहले परिषद का 6 सदस्य दल फरवरी के अंतिम सप्ताह या मार्च में होली के बाद कोटा आएगा और यहां पर विजिट करके रिसर्च की नई संभावनाओं को तलाश करेगा। विजिट के दौरान वैज्ञानिकों से कोटा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर भी चर्चा करेंगे । विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर भगवती प्रसाद सारस्वत के अनुसार रिसर्च के क्षेत्र में काम करने वाली वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद से कोटा विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ अनुकृति शर्मा ने बातचीत की थी और यहां पर कृषि सहित अन्य विषयों पर विस्तार चर्चा हुई जिसके बाद टीम ने कोटा का दौरा करने की इच्छा जाहिर की है ताकि कृषि के क्षेत्र में डेवलपमेंट की अन्य संभावनाओं को तलाशा जा सके। कोटा में अश्वगंधा, संतरा लहसुन के साथ चावल की पैदावार अच्छी होती है जिसको देखते हुए आगामी दिनों में कोटा विश्वविद्यालय और सीएसआईआर के बीच एमओयू होने के रास्ते खुलेगे । इसके साथ ही कोटा डोरिया को लेकर भी प्रपोजल बनाया जा रहा है जिससे काफी लाभ मिलेगा। कुल गुरु बी. पी सारस्वत कोटा विश्वविद्यालय कोटा2
- कस्बा क्षेत्र में 10वीं बोर्ड परीक्षाएं शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हो गईं। पहले दिन अंग्रेजी विषय की परीक्षा आयोजित की गई। जिसमें छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। राजकीय विद्यालय सातलखेड़ी में परीक्षा सुबह 8:30 बजे शुरू हुई। यहां कुल 185 विद्यार्थियों में से 181 ने परीक्षा दी। परीक्षा केंद्र में शांति, अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से ही सुनिश्चित की गई थीं। शिक्षकों और कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई थी और परीक्षा कक्षों की लगातार निगरानी की गई। परीक्षा प्रभारी ने बताया कि सभी परीक्षार्थियों की परीक्षा से पहले गहनता से जांच की गई।अभिभावकों से बच्चों के लिए सकारात्मक और शांत वातावरण बनाए रखने का आग्रह किया। अध्यापकों ने कहा कि अनावश्यक दबाव से बच्चों का मनोबल टूट सकता है, इसलिए अभिभावकों को बच्चों की दिनचर्या पर नजर रखनी चाहिए और उन्हें पर्याप्त नींद व संतुलित आहार लेने के लिए प्रेरित करना चाहिए। वही अंग्रेजी का पेपर देखकर छात्र-छात्राओं में खुशी का माहौल देखने को मिला।छात्र-छात्राओं ने कहा कि अंग्रेजी का पेपर आज बहुत आसान आया और उनके चेहरे पर खुशी देखने को मिले6
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत फायदा नहीं तो डबल पैसा वापस 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- Post by User96111
- मजदूर विरोधी श्रम संहिताएं रद्द करने की मांग -राष्ट्रव्यापी हड़ताल के आह्वान पर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन कोटा। केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों और चार नई श्रम संहिताओं के विरोध में गुरुवार को कोटा जिले सहित देश भर में मजदूरों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल की। कोटा में सीटू, एचएमएस, इंटक और एटक सहित विभिन्न ट्रेड यूनियनों व किसान संगठनों ने संयुक्त रूप से जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन कारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तानाशाही रवैया नहीं छोड़ा, तो आने वाले समय में 'आर-पार' की लड़ाई लड़ी जाएगी। हड़ताल का नेतृत्व सीटू जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर, एचएमएस के मुकेश गालव, जेके मजदूर नेता हबीब खान और राजीविका यूनियन की संतोष मेघवाल ने किया। प्रदर्शन में बिजली, बैंक, बीमा, राजीविका और निर्माण क्षेत्र के सैकड़ों श्रमिकों सहित जेके सिंथेटिक्स की तीनों यूनियनों ने हिस्सा लिया। कलेक्ट्रेट गेट पर हुई सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सरकार लेबर कोड के जरिए मजदूरों को कॉरपोरेट घरानों का गुलाम बनाने की साजिश रच रही है। इन मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन संयुक्त प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर चारों नए श्रम कोड को पूर्णतः रद्द करने, किसान विरोधी बीज विधेयक 2025 और बिजली बिल विधेयक 2025 वापस लेने, ग्रामीण मजदूर विरोधी 'ग्राम जी विधेयक 2025' को निरस्त करने, अमेरिका के साथ किए गए 'शांति समझौता अधिनियम' को रद्द करने सहित अन्य मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। इटावा में मजदूरों ने निकाली रैली सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि हड़ताल का व्यापक असर इटावा नगर और पीपल्दा क्षेत्र में भी देखा गया। यहां निर्माण मजदूरों ने अपने काम बंद रखे और राजस्थान ग्रामीण बैंक के सामने एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। यूनियन अध्यक्ष गोपाल लाल महावर और कोषाध्यक्ष प्रेम पेंटर ने कहा कि सरकार मजदूरों के हक छीनकर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हजारों की संख्या में जुटे श्रमिक और महिलाएं जिले भर में आयोजित इस आंदोलन में लगभग 1000 से अधिक मजदूरों और किसानों ने शिरकत की। जिनमें अकेले सीटू के 600 कार्यकर्ता शामिल थे। विशेष रूप से राजीविका और निर्माण क्षेत्र की सैकड़ों महिला श्रमिकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रदर्शन करने वालों में ये रहे शामिल प्रदर्शन करने वालों में कामरेड नरेंद्र सिंह, महेंद्र नेह, बैंक यूनियन के वालिया, शब्बीर खान, कालीचरण सोनी, केदार जोशी, लक्ष्मी दाधीच, और शीला सैनी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित थे।4
- Post by VKH NEWS1
- नीमच। 12 फरवरी को सीटू सहित 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, योजना कर्मियों, राज्य-केंद्र कर्मचारियों के महासंघ, संयुक्त किसान मोर्चा एवं अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर नीमच में भी व्यापक हड़ताल रही। बैंक, बीमा, बीएसएनएल, आंगनवाड़ी, मध्यान्ह भोजन, आशा कार्यकर्ता सहित विभिन्न क्षेत्रों में कामकाज पूरी तरह बंद रहा। हड़ताल के समर्थन में गांधी वाटिका में लगभग 2000 से अधिक मजदूर और कर्मचारी एकत्रित हुए। सभा में वक्ताओं ने सरकार की कथित कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों का विरोध करते हुए मजदूर किसान हित में नीतियां बनाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि श्रमिकों और किसानों के हितों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। सभा में 21 सूत्रीय मांगपत्र प्रस्तुत किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से 21 नवंबर 2025 को जारी लेबर कोड को निरस्त करने, आउटसोर्स, आंगनवाड़ी, आशा, मध्यान्ह भोजन, ठेका, संविदा, नल चालक, भृत्य सहित अस्थायी श्रेणी के सभी कर्मियों को नियमित करने की मांग शामिल रही। नियमितीकरण तक न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रतिमाह देने, पेंशन, बीमा, ग्रेच्युटी, बोनस जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं प्रदान करने तथा 50 लाख रुपये का सरकारी बीमा लागू करने की मांग उठाई गई। सभा के बाद गांधी वाटिका से रैली निकाली गई, जो पुस्तक बाजार, जाजू भवन, बारादरी, फव्वारा चौक होते हुए 40 चौराहे पहुंची। यहां 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम तहसीलदार संजय मालवीय को सौंपा गया।1