किरंदुल नगर में कार्यरत बाहरी कंपनियों के खिलाफ स्थानीय स्तर पर विरोध लगातार बढ़ रहा है। बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ के अध्यक्ष संदीप जी ने क्षेत्र के युवाओं, ठेकेदारों और व्यापारियों की उपेक्षा पर कड़ा विरोध दर्ज करते हुए चेतावनी दी है कि स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संदीप जी ने स्पष्ट किया कि बैलाडीला की खदानों और प्राकृतिक संसाधनों से करोड़ों का कारोबार करने वाली कंपनियों को सबसे पहले क्षेत्र के युवाओं को रोजगार, स्थानीय ठेकेदारों को कार्य और स्थानीय व्यापारियों को व्यापारिक अवसर प्रदान करने चाहिए। हालांकि, वर्तमान में कई कंपनियां बाहरी मजदूरों और बाहरी ठेकेदारों को प्राथमिकता देकर स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी कर रही हैं, जिससे क्षेत्र में भारी नाराजगी व्याप्त है। उन्होंने इसे क्षेत्र के विकास के साथ अन्याय बताया कि स्थानीय युवाओं को रोजगार से वंचित किया जा रहा है और स्थानीय व्यापारियों को व्यापारिक अवसर नहीं मिल रहे हैं। बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ ने मांग की है कि सभी कंपनियां रोजगार, ठेका कार्य और व्यापार में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की एक स्पष्ट व्यवस्था लागू करें। संघ ने यह भी जोर दिया कि कंपनियां केवल संसाधनों का दोहन करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन करें तथा क्षेत्र के विकास और पर्यावरण संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि स्थानीय युवाओं, ठेकेदारों और व्यापारियों को उनका उचित अधिकार नहीं मिला तो आने वाले दिनों में व्यापक जनआंदोलन, धरना-प्रदर्शन और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि रोजगार में पहली प्राथमिकता स्थानीय युवाओं को, कार्य में स्थानीय ठेकेदारों को और व्यापार में स्थानीय व्यापारियों को मिलनी चाहिए, अन्यथा स्थानीय हितों की अनदेखी हुई तो संघर्ष और तेज होगा।
किरंदुल नगर में कार्यरत बाहरी कंपनियों के खिलाफ स्थानीय स्तर पर विरोध लगातार बढ़ रहा है। बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ के अध्यक्ष संदीप जी ने क्षेत्र के युवाओं, ठेकेदारों और व्यापारियों की उपेक्षा पर कड़ा विरोध दर्ज करते हुए चेतावनी दी है कि स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संदीप जी ने स्पष्ट किया कि बैलाडीला की खदानों और प्राकृतिक संसाधनों से करोड़ों का कारोबार करने वाली कंपनियों को सबसे पहले क्षेत्र के युवाओं को रोजगार, स्थानीय ठेकेदारों को कार्य और स्थानीय व्यापारियों को व्यापारिक अवसर प्रदान करने चाहिए। हालांकि, वर्तमान में कई कंपनियां बाहरी मजदूरों और बाहरी ठेकेदारों को प्राथमिकता देकर स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी कर रही हैं, जिससे क्षेत्र में भारी नाराजगी व्याप्त है। उन्होंने इसे क्षेत्र के विकास के साथ अन्याय बताया कि स्थानीय युवाओं को रोजगार से वंचित किया जा
रहा है और स्थानीय व्यापारियों को व्यापारिक अवसर नहीं मिल रहे हैं। बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ ने मांग की है कि सभी कंपनियां रोजगार, ठेका कार्य और व्यापार में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की एक स्पष्ट व्यवस्था लागू करें। संघ ने यह भी जोर दिया कि कंपनियां केवल संसाधनों का दोहन करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन करें तथा क्षेत्र के विकास और पर्यावरण संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि स्थानीय युवाओं, ठेकेदारों और व्यापारियों को उनका उचित अधिकार नहीं मिला तो आने वाले दिनों में व्यापक जनआंदोलन, धरना-प्रदर्शन और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि रोजगार में पहली प्राथमिकता स्थानीय युवाओं को, कार्य में स्थानीय ठेकेदारों को और व्यापार में स्थानीय व्यापारियों को मिलनी चाहिए, अन्यथा स्थानीय हितों की अनदेखी हुई तो संघर्ष और तेज होगा।
- दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल में स्थानीय युवाओं, ठेकेदारों और व्यापारियों को रोजगार में प्राथमिकता दिए जाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। इसी कड़ी में, किरंदुल बीजेपी मंडल अध्यक्ष विजय कुमार सोढ़ी ने क्षेत्र में कार्यरत बाहरी कंपनियों के रवैये पर कड़ा विरोध दर्ज करते हुए उन पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि समानता कंपनी, देव माइनिंग, एल एंड टी सहित अन्य बाहरी कंपनियों को बैलाडीला क्षेत्र के संसाधनों पर सबसे पहला अधिकार यहाँ के लोगों का होने के नाते, स्थानीय युवाओं, ठेकेदारों, व्यापारियों और मजदूरों को सर्वप्रथम रोजगार एवं कार्य के अवसर प्रदान करने चाहिए। सोढ़ी ने बताया कि बैलाडीला क्षेत्र के अनेक युवा आईटीआई, डिप्लोमा और इंजीनियरिंग जैसी तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि वेल्डर, कटर, रिगर, ऑपरेटर, इंजीनियर, ऑफिस स्टाफ सहित विभिन्न पदों पर स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि कई कंपनियाँ बाहरी ठेकेदारों को काम देकर स्थानीय ठेकेदारों की अनदेखी कर रही हैं, जो क्षेत्र के लोगों के साथ अन्याय है। उनके अनुसार, स्थानीय ठेकेदार हर प्रकार के कार्य को करने में सक्षम हैं और उन्हें कार्य आवंटन में प्राथमिकता मिलनी चाहिए, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। बीजेपी मंडल अध्यक्ष ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे इस पूरे विषय पर पैनी नजर रख रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि यदि स्थानीय लोगों की लगातार उपेक्षा होती रही, तो वे पत्राचार, जनप्रतिनिधियों से चर्चा और अन्य लोकतांत्रिक माध्यमों से अपना विरोध दर्ज कराएंगे। सोढ़ी ने क्षेत्र में कार्यरत सभी कंपनियों से अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने और स्थानीय युवाओं, मजदूरों, व्यापारियों और ठेकेदारों को प्राथमिकता देकर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है।2
- सुकमा में जिला कांग्रेस कमेटी ने नीट परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की। कांग्रेस नेताओं ने परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की, साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आह्वान किया। कांग्रेस ने इस बात पर जोर दिया कि लाखों छात्रों ने वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद परीक्षा दी है, और इसे रद्द करने से उनके भविष्य, करियर तथा मानसिक स्थिति पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह छात्रों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए शिक्षा व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करे। इस प्रेस वार्ता में जिला उपाध्यक्ष शेख सज्जार, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजू साहू, जिला महामंत्री रमेश राठी, नगर कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद हुसैन, विधायक प्रतिनिधि मनोज चौरसिया और युवक कांग्रेस नगर अध्यक्ष रानू दास सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।2
- सुकमा स्थित कन्या हाई स्कूल में धूमधाम से शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्राओं द्वारा बहुत ही सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने भी शिरकत की। संकुल केंद्र के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सभी उपस्थित अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया।1
- 25 जून 2026 को आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ मनाई गई। इस अवसर पर 'तीसरी आंख' नामक स्रोत ने एक गहरा संदेश साझा करते हुए कहा है कि आपातकाल केवल इंदिरा गांधी द्वारा नहीं लाया गया था, बल्कि नागरिकों की चुप्पी ने भी इसे लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पोस्ट में यह गंभीर चिंता व्यक्त की गई है कि वही चुप्पी, जो आपातकाल का एक कारण बनी थी, आज भी समाज में जीवित है।1
- कोंडागांव जिले के केशकाल विधानसभा क्षेत्र के विधायक नीलकंठ टेकाम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केशकाल का दौरा कर वहां की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों और कक्षों का अवलोकन किया, जहाँ वे भर्ती मरीजों से व्यक्तिगत रूप से मिले और उनका हालचाल जाना। विधायक टेकाम ने मरीजों और उनके परिजनों से बात कर उन्हें मिल रहे उपचार, दवाइयों की उपलब्धता और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जनऔषधि केंद्र का भी निरीक्षण किया और वहाँ उपलब्ध दवाओं की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद, विधायक टेकाम ने दोहराया कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने बताया कि वे जनता को अच्छी सुविधाएं मिल सकें, यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार क्षेत्र में स्थित विभिन्न शासकीय संस्थाओं की व्यवस्थाओं का अवलोकन कर रहे हैं। विधायक को अपने बीच पाकर मरीजों और उनके परिजनों ने भी अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।4
- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के भरण्डा गाँव में धर्मांतरण विवाद के चलते आदिवासी समुदाय ने एक ग्राम सभा का आयोजन किया है। इस सभा में मतांतरित परिवारों को ईसाई धर्म का पालन छोड़ कर आदिवासी रीति-नीति अपनाने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। प्रस्ताव न मानने की स्थिति में उन्हें गाँव छोड़ने की चेतावनी दी गई है। आदिवासी समुदाय का कहना है कि ईसाई समुदाय का पालन करने वाले लोग उनकी आदिवासी रीति-नीति और उनके देवी-देवताओं का अपमान करते हैं। उनकी स्पष्ट मांग है कि या तो ये परिवार आदिवासी परंपराओं में शामिल हों या फिर गाँव छोड़कर चले जाएं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सुरक्षा बल के जवान अभी भी गाँव में बड़ी संख्या में तैनात हैं। इसी बीच, नारायणपुर के भरण्डा में कथित धर्मांतरण विवाद को लेकर सांसद भोजराज नाग ने भी एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।1
- केशकाल के विधायक नीलकंठ टेकाम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केशकाल का दौरा कर वहाँ की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान, विधायक टेकाम ने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उपचार की स्थिति और मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं और समग्र व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही, उन्होंने जनऔषधि केंद्र का भी अवलोकन किया और दवाइयों की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। विधायक नीलकंठ टेकाम ने इस अवसर पर कहा कि आमजन को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।1
- किरंदुल नगर में कार्यरत बाहरी कंपनियों के खिलाफ स्थानीय स्तर पर विरोध लगातार बढ़ रहा है। बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ के अध्यक्ष संदीप जी ने क्षेत्र के युवाओं, ठेकेदारों और व्यापारियों की उपेक्षा पर कड़ा विरोध दर्ज करते हुए चेतावनी दी है कि स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संदीप जी ने स्पष्ट किया कि बैलाडीला की खदानों और प्राकृतिक संसाधनों से करोड़ों का कारोबार करने वाली कंपनियों को सबसे पहले क्षेत्र के युवाओं को रोजगार, स्थानीय ठेकेदारों को कार्य और स्थानीय व्यापारियों को व्यापारिक अवसर प्रदान करने चाहिए। हालांकि, वर्तमान में कई कंपनियां बाहरी मजदूरों और बाहरी ठेकेदारों को प्राथमिकता देकर स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी कर रही हैं, जिससे क्षेत्र में भारी नाराजगी व्याप्त है। उन्होंने इसे क्षेत्र के विकास के साथ अन्याय बताया कि स्थानीय युवाओं को रोजगार से वंचित किया जा रहा है और स्थानीय व्यापारियों को व्यापारिक अवसर नहीं मिल रहे हैं। बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ ने मांग की है कि सभी कंपनियां रोजगार, ठेका कार्य और व्यापार में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की एक स्पष्ट व्यवस्था लागू करें। संघ ने यह भी जोर दिया कि कंपनियां केवल संसाधनों का दोहन करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन करें तथा क्षेत्र के विकास और पर्यावरण संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि स्थानीय युवाओं, ठेकेदारों और व्यापारियों को उनका उचित अधिकार नहीं मिला तो आने वाले दिनों में व्यापक जनआंदोलन, धरना-प्रदर्शन और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि रोजगार में पहली प्राथमिकता स्थानीय युवाओं को, कार्य में स्थानीय ठेकेदारों को और व्यापार में स्थानीय व्यापारियों को मिलनी चाहिए, अन्यथा स्थानीय हितों की अनदेखी हुई तो संघर्ष और तेज होगा।2