एक तरफ आतंक का जहर, दूसरी तरफ अपनों का कत्लेआम... दो कश्मीर और पाकिस्तान की दोगली नीति दो कश्मीर की कहानी: आतंक, दमन और पाकिस्तान की दोहरी नीति जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की परिस्थितियाँ भिन्न हैं, लेकिन दोनों क्षेत्रों में आम नागरिकों की पीड़ा में कई समानताएँ देखी जा सकती हैं। एक ओर भारत का जम्मू-कश्मीर लंबे समय से सीमा पार से होने वाले आतंकवाद का सामना करता रहा है, जबकि दूसरी ओर PoK में भी लोग महंगाई, बिजली संकट और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर समय-समय पर विरोध प्रदर्शन करते रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में वर्षों से आतंकवादी हमलों और घुसपैठ की घटनाओं के कारण निर्दोष नागरिकों, श्रमिकों और सुरक्षा बलों के जवानों की जानें गई हैं। भारत का आरोप है कि इन गतिविधियों को पाकिस्तान से समर्थन प्राप्त होता है, जबकि पाकिस्तान इन आरोपों का खंडन करता है। दूसरी ओर, पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर (PoK) में भी स्थानीय लोग महंगाई, बेरोजगारी, बिजली संकट और अन्य नागरिक समस्याओं को लेकर समय-समय पर प्रदर्शन करते रहे हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई हैं, जिनमें हताहतों और घायलों की घटनाएँ सामने आई हैं। हालांकि, अलग-अलग स्रोतों में मृतकों और घायलों के आंकड़े भिन्न-भिन्न बताए गए हैं, इसलिए किसी एक संख्या की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना कठिन है। विश्लेषकों का मानना है कि कश्मीर से जुड़ा मुद्दा केवल भौगोलिक या राजनीतिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वहाँ रहने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा, अधिकारों और जीवन स्तर से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। किसी भी प्रकार की हिंसा का सबसे अधिक प्रभाव सामान्य जनता पर ही पड़ता है। मानवाधिकारों के मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान लंबे समय से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि सभी पक्षों में नागरिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए, हिंसा में कमी लाई जाए और विवादों के समाधान के लिए शांतिपूर्ण एवं संवाद-आधारित मार्ग अपनाए जाएँ। अंततः, किसी भी संघर्ष की सबसे बड़ी कीमत आम नागरिकों को ही चुकानी पड़ती है। चाहे वह जम्मू-कश्मीर का निवासी हो या PoK का, शांति, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन प्रत्येक व्यक्ति का मूलभूत अधिकार है।
एक तरफ आतंक का जहर, दूसरी तरफ अपनों का कत्लेआम... दो कश्मीर और पाकिस्तान की दोगली नीति दो कश्मीर की कहानी: आतंक, दमन और पाकिस्तान की दोहरी नीति जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की परिस्थितियाँ भिन्न हैं, लेकिन दोनों क्षेत्रों में आम नागरिकों की पीड़ा में कई समानताएँ देखी जा सकती हैं। एक ओर भारत का जम्मू-कश्मीर लंबे समय से सीमा पार से होने वाले आतंकवाद का सामना करता रहा है, जबकि दूसरी ओर PoK में भी लोग महंगाई, बिजली संकट और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर समय-समय पर विरोध प्रदर्शन करते रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में वर्षों से आतंकवादी हमलों और घुसपैठ की घटनाओं के कारण निर्दोष नागरिकों, श्रमिकों और सुरक्षा बलों के जवानों की जानें गई हैं। भारत का आरोप है कि इन गतिविधियों को पाकिस्तान से समर्थन प्राप्त होता है, जबकि पाकिस्तान इन आरोपों का खंडन करता है। दूसरी ओर, पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर (PoK) में भी स्थानीय लोग महंगाई, बेरोजगारी, बिजली संकट और अन्य नागरिक समस्याओं को लेकर समय-समय पर प्रदर्शन करते रहे हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इन प्रदर्शनों के दौरान
सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई हैं, जिनमें हताहतों और घायलों की घटनाएँ सामने आई हैं। हालांकि, अलग-अलग स्रोतों में मृतकों और घायलों के आंकड़े भिन्न-भिन्न बताए गए हैं, इसलिए किसी एक संख्या की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना कठिन है। विश्लेषकों का मानना है कि कश्मीर से जुड़ा मुद्दा केवल भौगोलिक या राजनीतिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वहाँ रहने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा, अधिकारों और जीवन स्तर से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। किसी भी प्रकार की हिंसा का सबसे अधिक प्रभाव सामान्य जनता पर ही पड़ता है। मानवाधिकारों के मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान लंबे समय से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि सभी पक्षों में नागरिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए, हिंसा में कमी लाई जाए और विवादों के समाधान के लिए शांतिपूर्ण एवं संवाद-आधारित मार्ग अपनाए जाएँ। अंततः, किसी भी संघर्ष की सबसे बड़ी कीमत आम नागरिकों को ही चुकानी पड़ती है। चाहे वह जम्मू-कश्मीर का निवासी हो या PoK का, शांति, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन प्रत्येक व्यक्ति का मूलभूत अधिकार है।
- अम्बेडकरनगर! भीटी थाना क्षेत्र निवासी मनीष त्रिपाठी ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर जमीन विक्रेता पर गंभीर आरोप लगाए हैं! पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है!!1
- बल्दीराय थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक शव मिलने से क्षेत्र में मचा हड़कंप बल्दीराय थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया, वहीं स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी सूचना पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर ने घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी, इसी दौरान पुलिस टीम अपनी सक्रियता के साथ मृतक के शव को अपने कब्जे में लिया, और अग्रिम कार्यवाही शुरू कर दी है क्षेत्राधिकारी की बाइट1
- नहर सूखी डीजल इंजन के सहारे धान की रोपाई किसानों में बढी नाराजगी सुल्तानपुर। शारदा सहायक खंड के गोपालपुर रजबहा में सिंचाई के लिए नहर में पानी न आने से किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मजबूरी में किसान डीजल इंजन चलाकर धान की रोपाई कर रहे हैं, जिससे उनकी लागत बढ़ रही है। वहीं नहर के पानी के इंतजार में धान की नर्सरी भी प्रभावित हो रही है। धंमौर क्षेत्र के कामोलिया, सोमनाभार, उधरपुर, जैतापुर, बिकना, बसऊं, अमेठा और निगोलिया सहित कई गांवों के किसान सिंचाई संकट से जूझ रहे हैं। खेतों में पर्याप्त पानी न होने के कारण रोपाई का कार्य धीमा पड़ गया है, जबकि कीचड़युक्त खेतों में काम करना भी किसानों के लिए चुनौती बन गया है। किसानों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं। समय रहते नहर में पानी नहीं छोड़ा गया तो धान की फसल पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल नहर में पानी छोड़ने और सिंचाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।1
- अम्बेडकरनगर। आगामी कांवड़ यात्रा को सकुशल एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने शनिवार को थाना आलापुर क्षेत्र स्थित चौहड़ा घाट का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, बैरिकेडिंग, साफ-सफाई तथा श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए सभी व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करने तथा कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रिपोर्ट : बलराम सोनी आलापुर1
- गैस एजेंसी में महिला से मा**रपी**ट, अ**र्धन****ग्न करने का आरोप, पति को पुलिस ने उठाया दिनांक -1-8-2026 लोकेशन बस्ती रिपोर्टर सुनील दूबे गैस एजेंसी में महिला से मा**रपी**ट, अ**र्धन****ग्न करने का आरोप, पति को पुलिस ने उठाया उदय H.P. गैस एजेंसी बारीघाट का मामला, SP से FIR की मांग बस्ती-थाना लालगंज क्षेत्र के बारीघाट स्थित उदय H.P. गैस एजेंसी में सिलेंडर लेने गई एक महिला के साथ मारपीट और अ***र्धन****ग्न करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक बस्ती को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थनी *संगीता पत्नी उमेश निवासी बर्तनिया ने बताया कि 30 जुलाई 2026 को सुबह करीब 11 बजे वह अपने पति के साथ गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने गई थी। वहां महिला व पुरुष की अलग-अलग लाइन लगी थी। वह महिला लाइन में खड़ी होकर इंतजार करने लगी। दोपहर 3 बजे नम्बर आने पर एजेंसी के संरक्षक धीरेन्द्र पुत्र रामकिशोर* और उनके लड़के ने गाली देते हुए कहा कि "अभी 2 घंटे और रुको, पुरुष वाली लाइन में लगो"। विरोध करने पर दोनों ने प्रार्थनी का बाल पकड़कर गाली-गलौज करते हुए केबिन में ले जाकर मारपीट की और अर्धनग्न कर दिया। शोर सुनकर जब प्रार्थनी का पति बचाने पहुंचा तो वहां मौजूद कर्मचारी *रविन्द्र, शिवचरन, मुलायम, अभिषेक मौर्या* और 3-4 अज्ञात लोगों ने कैमरा बंद कर पति-पत्नी दोनों की लाठी-डंडों से बुरी तरह पिटाई कर अधमरा कर दिया। प्रार्थनी का आरोप है कि बीच-बचाव के बाद किसी तरह जान बची। इसके बाद उन्होंने डायल 112 पर पुलिस बुलाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुछ देर बाद विपक्षी के कहने पर लालगंज चौकी पुलिस आई और प्रार्थनी के पति को ही उठाकर थाने ले गई। पीड़िता ने पत्र में यह भी लिखा है कि इस एजेंसी के संरक्षक व कर्मचारी आए दिन उपभोक्ताओं के साथ मारपीट करते हैं, जिससे लोग एजेंसी जाने से डरते हैं। प्रार्थनी ने SP बस्ती से मांग की है कि मामले को देखते हुए उक्त लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।2
- अम्बेडकरनगर में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान, बच्चों ने नुक्कड़ नाटक से दिया संदेश, हेलमेट और नियम पालन की अपील #viral #followers #ambedkarnagarpolice #uppolice #ambedkar_nagar1
- जायरीन से भरी ऑटो पलटी, 12 घायल—2 की हालत गंभीर #viral #ambedkar_nagar #ambedkarnagarpolice #uppolice1