गैस एजेंसी में महिला से मा**रपी**ट, अ**र्धन****ग्न करने का आरोप, पति को पुलिस ने उठाया दिनांक -1-8-2026 लोकेशन बस्ती रिपोर्टर सुनील दूबे गैस एजेंसी में महिला से मा**रपी**ट, अ**र्धन****ग्न करने का आरोप, पति को पुलिस ने उठाया उदय H.P. गैस एजेंसी बारीघाट का मामला, SP से FIR की मांग बस्ती-थाना लालगंज क्षेत्र के बारीघाट स्थित उदय H.P. गैस एजेंसी में सिलेंडर लेने गई एक महिला के साथ मारपीट और अ***र्धन****ग्न करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक बस्ती को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थनी *संगीता पत्नी उमेश निवासी बर्तनिया ने बताया कि 30 जुलाई 2026 को सुबह करीब 11 बजे वह अपने पति के साथ गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने गई थी। वहां महिला व पुरुष की अलग-अलग लाइन लगी थी। वह महिला लाइन में खड़ी होकर इंतजार करने लगी। दोपहर 3 बजे नम्बर आने पर एजेंसी के संरक्षक धीरेन्द्र पुत्र रामकिशोर* और उनके लड़के ने गाली देते हुए कहा कि "अभी 2 घंटे और रुको, पुरुष वाली लाइन में लगो"। विरोध करने पर दोनों ने प्रार्थनी का बाल पकड़कर गाली-गलौज करते हुए केबिन में ले जाकर मारपीट की और अर्धनग्न कर दिया। शोर सुनकर जब प्रार्थनी का पति बचाने पहुंचा तो वहां मौजूद कर्मचारी *रविन्द्र, शिवचरन, मुलायम, अभिषेक मौर्या* और 3-4 अज्ञात लोगों ने कैमरा बंद कर पति-पत्नी दोनों की लाठी-डंडों से बुरी तरह पिटाई कर अधमरा कर दिया। प्रार्थनी का आरोप है कि बीच-बचाव के बाद किसी तरह जान बची। इसके बाद उन्होंने डायल 112 पर पुलिस बुलाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुछ देर बाद विपक्षी के कहने पर लालगंज चौकी पुलिस आई और प्रार्थनी के पति को ही उठाकर थाने ले गई। पीड़िता ने पत्र में यह भी लिखा है कि इस एजेंसी के संरक्षक व कर्मचारी आए दिन उपभोक्ताओं के साथ मारपीट करते हैं, जिससे लोग एजेंसी जाने से डरते हैं। प्रार्थनी ने SP बस्ती से मांग की है कि मामले को देखते हुए उक्त लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
गैस एजेंसी में महिला से मा**रपी**ट, अ**र्धन****ग्न करने का आरोप, पति को पुलिस ने उठाया दिनांक -1-8-2026 लोकेशन बस्ती रिपोर्टर सुनील दूबे गैस एजेंसी में महिला से मा**रपी**ट, अ**र्धन****ग्न करने का आरोप, पति को पुलिस ने उठाया उदय H.P. गैस एजेंसी बारीघाट का मामला, SP से FIR की मांग बस्ती-थाना लालगंज क्षेत्र के बारीघाट स्थित उदय H.P. गैस एजेंसी में सिलेंडर लेने गई एक महिला के साथ मारपीट और अ***र्धन****ग्न करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक बस्ती को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थनी *संगीता पत्नी उमेश निवासी बर्तनिया ने बताया कि 30 जुलाई 2026 को सुबह करीब 11 बजे वह अपने पति के साथ गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने गई थी। वहां महिला व पुरुष की अलग-अलग लाइन लगी थी। वह महिला लाइन में खड़ी होकर इंतजार करने लगी। दोपहर 3 बजे नम्बर आने पर एजेंसी के संरक्षक धीरेन्द्र पुत्र रामकिशोर* और उनके लड़के ने गाली देते हुए कहा कि "अभी 2 घंटे और रुको,
पुरुष वाली लाइन में लगो"। विरोध करने पर दोनों ने प्रार्थनी का बाल पकड़कर गाली-गलौज करते हुए केबिन में ले जाकर मारपीट की और अर्धनग्न कर दिया। शोर सुनकर जब प्रार्थनी का पति बचाने पहुंचा तो वहां मौजूद कर्मचारी *रविन्द्र, शिवचरन, मुलायम, अभिषेक मौर्या* और 3-4 अज्ञात लोगों ने कैमरा बंद कर पति-पत्नी दोनों की लाठी-डंडों से बुरी तरह पिटाई कर अधमरा कर दिया। प्रार्थनी का आरोप है कि बीच-बचाव के बाद किसी तरह जान बची। इसके बाद उन्होंने डायल 112 पर पुलिस बुलाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुछ देर बाद विपक्षी के कहने पर लालगंज चौकी पुलिस आई और प्रार्थनी के पति को ही उठाकर थाने ले गई। पीड़िता ने पत्र में यह भी लिखा है कि इस एजेंसी के संरक्षक व कर्मचारी आए दिन उपभोक्ताओं के साथ मारपीट करते हैं, जिससे लोग एजेंसी जाने से डरते हैं। प्रार्थनी ने SP बस्ती से मांग की है कि मामले को देखते हुए उक्त लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- गैस एजेंसी में महिला से मा**रपी**ट, अ**र्धन****ग्न करने का आरोप, पति को पुलिस ने उठाया दिनांक -1-8-2026 लोकेशन बस्ती रिपोर्टर सुनील दूबे गैस एजेंसी में महिला से मा**रपी**ट, अ**र्धन****ग्न करने का आरोप, पति को पुलिस ने उठाया उदय H.P. गैस एजेंसी बारीघाट का मामला, SP से FIR की मांग बस्ती-थाना लालगंज क्षेत्र के बारीघाट स्थित उदय H.P. गैस एजेंसी में सिलेंडर लेने गई एक महिला के साथ मारपीट और अ***र्धन****ग्न करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक बस्ती को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थनी *संगीता पत्नी उमेश निवासी बर्तनिया ने बताया कि 30 जुलाई 2026 को सुबह करीब 11 बजे वह अपने पति के साथ गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने गई थी। वहां महिला व पुरुष की अलग-अलग लाइन लगी थी। वह महिला लाइन में खड़ी होकर इंतजार करने लगी। दोपहर 3 बजे नम्बर आने पर एजेंसी के संरक्षक धीरेन्द्र पुत्र रामकिशोर* और उनके लड़के ने गाली देते हुए कहा कि "अभी 2 घंटे और रुको, पुरुष वाली लाइन में लगो"। विरोध करने पर दोनों ने प्रार्थनी का बाल पकड़कर गाली-गलौज करते हुए केबिन में ले जाकर मारपीट की और अर्धनग्न कर दिया। शोर सुनकर जब प्रार्थनी का पति बचाने पहुंचा तो वहां मौजूद कर्मचारी *रविन्द्र, शिवचरन, मुलायम, अभिषेक मौर्या* और 3-4 अज्ञात लोगों ने कैमरा बंद कर पति-पत्नी दोनों की लाठी-डंडों से बुरी तरह पिटाई कर अधमरा कर दिया। प्रार्थनी का आरोप है कि बीच-बचाव के बाद किसी तरह जान बची। इसके बाद उन्होंने डायल 112 पर पुलिस बुलाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुछ देर बाद विपक्षी के कहने पर लालगंज चौकी पुलिस आई और प्रार्थनी के पति को ही उठाकर थाने ले गई। पीड़िता ने पत्र में यह भी लिखा है कि इस एजेंसी के संरक्षक व कर्मचारी आए दिन उपभोक्ताओं के साथ मारपीट करते हैं, जिससे लोग एजेंसी जाने से डरते हैं। प्रार्थनी ने SP बस्ती से मांग की है कि मामले को देखते हुए उक्त लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।2
- 🤼♂️स्वस्थ रहो,मस्त रहो 🤼♀️👍1
- पुलिस चौकी में "दिमाग मत खराब करो" सुनकर फूट पड़ा भाजपा के वरिष्ठ नेता का दर्द संत कबीर नगर के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र की मगर पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम बरी में खलिहान की जमीन को लेकर हुए विवाद के बाद भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष दयाराम कनौजिया का दर्द सबके सामने आ गया दयाराम कनौजिया, जो वर्ष 1988 से भाजपा से जुड़े हैं और 38 वर्षों तक संगठन की सेवा कर चुके हैं, ने आरोप लगाया कि पुलिस चौकी में उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। उनका कहना है कि विपक्षी पक्ष को कुर्सी पर बैठाकर सम्मान दिया गया, जबकि उनसे कथित तौर पर कहा गया, "दिमाग मत खराब करो, नेतागिरी ज्यादा मत करो।" दयाराम कनौजिया ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने 38 वर्षों तक पार्टी की निष्ठापूर्वक सेवा की, लेकिन अपनी ही सरकार में उन्हें सम्मान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और न्याय की मांग की है।1
- "MOST IMPORTANT"! 👉🏾‼️अति आवश्यक ‼️ शीघ्र अतिशीघ्र शौचालय का निर्माण करवाया जाय! यह समस्या बखिरा उर्फ बाघनगर की है। ➡️ बखिरा उर्फ़ बाघ नगर, ब्लॉक बघौली, पुलिस स्टेशन बखिरा ,तहसील खलीलाबाद, जनपद संत कबीर नगर, परगना मगहर पूर्व,मत्तर प्रदेश के अंतर्गत आता है । 👉🏾 बखिरा उर्फ बाघनगर - मुख्य सड़क मेहदावल से खलीलाबाद जाने वाले मार्ग पर स्थित है । बखिरा उर्फ बाघनगर में भगवान शिव जी का प्राचीन कालीन मंदिर है। जिसे बागेश्वर नाथ ( भगेशरनाथ) जी के नाम से जाना जाता है । इस मंदिर के किनारे प्राचीन काल में स्नान करने के लिए पोखरा बनवाया गया था जिसका नवीनीकरण नगर निगम / नगर परिषद/ नगर पंचायत के अंतर्गत नवीनीकरण किया गया है जो अति सुंदर है । सप्ताह में दो बार बाजार लगता है, शनिवार और मंगलवार को बड़े पैमाने पर बाजार लगता है । दूर-दूर से व्यापारी यहां पर आते हैं । सड़क के दोनों तरफ सघन आबादी है । इसके अलावा बखिरा में श्रावण मास में प्रत्येक सोमवार को मंदिर में भगवान शिव जी को जलाभिषेक करने के लिए भारी भीड़ उमड़ती है । दूर- दूर से भक्त जन आते हैं । इसके अलावा मंदिर के पोखरा पर दुर्गा पूजा , गणपति, गणेश उत्सव तथा छठ पूजा जैसे विशाल कार्यक्रमों का आयोजन किया जता है । 👉🏾 इन आयोजनों को देखने के लिए दूर - दूर से निवासी आते हैं तथा स्थानिय नीवासियों का तो जमघट लगा ही रहता है। ऐसे में अगर किसी भी व्यक्ति को / स्त्री या पुरुष को शौचालय अथवा पेसाब करने की स्थित बनती है तो उन्हें खुले में काफी दुर जाकर शौच अथवा पेशाब करने की स्थिति उत्पनन हो जाति है ...... तो कहीं भी, जानवर जैसा खड़े होकर पुरुष मूतने लगता है। ➡️ क्या अगर पंचायत के अधिकारियों, कर्मचारियों को यह अच्छा लगता है ⁉️ ➡️ क्या पंचायत के अंदर काम करने वाले अधिकारी यह नहीं देखते ⁉️ ➡️ या उन्हें इसका भान नहीं है की यहां पर शौचालय होना चाहिए ❓ ऐसे हालात को देखते हुऎ, भीड़ को देखते हुऎ, बाजार / मार्केट ,गाड़ियों के आवागमन को देखते हुऎ , पोखरा पर कम से कम 20 व्यक्तियों का एक शौचालय और 15 से 20 लोगों का एक साथ पेशाब करने के लिए मूत्रालय का होना अति अवशयक है । 👉🏾 बखिरा की जनता की मांग है तथा छठ पूजा और गणेश उत्सव में आने वाले लोगों की यह शिकायतें हैं ⁉️ तो नगर पंचायत / नगर परिषद / नगर विकास प्राधिकारण बखिरा को शीघ्र अतिशीघ्र संज्ञान में लेना चाहिए ❗ 🔥 तटकाल शौचालय का निर्माण करवाना चाहिए❗ विशेष ;- केवल दीवारों पर स्लोगन लिखने से नगर स्वच्छ और साफ ,कचरा मुक्त नहीं हो सकता⁉️1
- महुडर गांव में खूनी संघर्ष: 29 जुलाई की शाम हुए विवाद में एक पक्ष की 8 महिलाओं के सिर पर आईं गंभीर चोटें, बुजुर्ग महिला का हाथ टूटा। अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती: पुरानी बस्ती पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, गंभीर चोटों को भी मामूली धाराओं में दबाने का आरोप महुडर गांव में खूनी संघर्ष: 29 जुलाई की शाम हुए विवाद में एक पक्ष की 8 महिलाओं के सिर पर आईं गंभीर चोटें, बुजुर्ग महिला का हाथ टूटा। तहरीर बदलवाने का गंभीर आरोप: पीड़िताओं का दावा, थाने पर पुलिस ने दबाव बनाकर बदलवाई तहरीर और संगीन मामले को किया हल्का। तहसील समाधान दिवस में पहुंचा पीड़िताओं का दर्द: न्याय की गुहार लगाते हुए मुकदमा अपराध संख्या 148/26 में BNS की धारा 109 बढ़ाने की उठी जोरदार मांग। बस्ती: जनपद के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली को लेकर खासे चर्चा और सवालों के घेरे में है। यहां न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचने वाले फरियादियों को शायद यह नहीं पता होगा कि खाकी के दरबार में न्याय की परिभाषा अब दर्द और सबूतों की गंभीरता से नहीं, बल्कि शायद किसी और पैमाने पर तय होती है। ताजा मामला थाना क्षेत्र के महुडर गांव का है, जहां जमीन विवाद के खूनी संघर्ष में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन पुलिस की मेहरबानी से संगीन मामले को महज मामूली धाराओं में दर्ज कर खानापूर्ति कर ली गई। क्या है पूरा मामला? बीती 29 जुलाई को शाम 4:00 बजे महुडर गांव में जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। यह मारपीट इतनी उग्र थी कि इसमें एक पक्ष की 8 महिलाओं के सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि एक बुजुर्ग महिला का हाथ तक टूट गया। खून से लथपथ और दर्द से कराहती ये महिलाएं जब न्याय की आस लेकर पुरानी बस्ती थाने पहुंचीं, तो पुलिस का रवैया देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़िताओं का सीधा आरोप है कि थाने पर उनसे जबरन तहरीर बदलवाई गई और इतनी भीषण मारपीट व गंभीर चोटों के बावजूद पुलिस ने मुकदमे को महज मामूली धाराओं में दर्ज कर आरोपियों को बचाने का खुला रास्ता तैयार कर दिया। तहसील समाधान दिवस में गूंजा दर्द, न्याय की गुहार थानों से नाउम्मीद होने के बाद पीड़ित महिलाएं अपनी टूटी हड्डियों और सिर पर लगे गंभीर जख्मों को लेकर तहसील समाधान दिवस पहुंचीं। वहां उन्होंने अधिकारियों के सामने अपनी आपबीती सुनाई और न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित पक्ष की साफ और दो टूक मांग है कि मुकदमा अपराध संख्या 148/26 में महज औपचारिकता निभाने वाली धाराओं के बजाय भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (प्रयास या ऐसी चोट जो मृत्यु का कारण बन सके) जैसी गंभीर धाराएं बढ़ाई जाएं, ताकि आरोपियों को उनके किए की सही सजा मिल सके। तीखा सवाल: क्या खाकी के लिए इंसानियत के दर्द के कोई मायने नहीं? यह घटना पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर एक बड़ा और गंभीर सवालिया निशान लगाती है— क्या पुरानी बस्ती थाने की पुलिस किसी बड़े दबाव में काम कर रही है? क्या एक बुजुर्ग महिला का हाथ टूटना और 8 महिलाओं के सिर फटना पुलिस की नजर में 'मामूली बात' है? अगर थाने की चौखट पर ही फरियादियों की तहरीर बदलवाकर उनके जख्मों का मजाक उड़ाया जाएगा, तो आम जनता कानून और न्याय व्यवस्था पर कैसे भरोसा करेगी? जिले के उच्चाधिकारियों को इस मामले का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। महुडर गांव के इस प्रकरण में लिप्त लापरवाह पुलिसकर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मुकदमे में तत्काल गंभीर धाराएं जोड़कर पीड़िताओं को वास्तविक न्याय दिलाया जाना चाहिए, ताकि खाकी की वर्दी पर लगे इस दाग को धोया जा सके।1