छतरपुर जिले के कुपी ग्राम के समीप चल रहे धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलने पर छतरपुर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन द्वारा मौके पर किए गए सर्वे और सत्यापन में यह स्पष्ट हुआ कि प्रदर्शन में शामिल सभी 176 प्रभावित लोग पन्ना जिले की मझगांव एवं रूंझ परियोजना क्षेत्र के निवासी हैं। इस प्रदर्शन और विस्थापन अथवा मुआवजा प्रक्रिया का छतरपुर जिले से कोई संबंध नहीं है। छतरपुर प्रशासन ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए प्रदर्शन स्थल पर ही पेयजल की व्यवस्था कराई और लोगों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाया कि उनकी मांगें और समस्याएं पन्ना जिले से संबंधित हैं, इसलिए उनके निराकरण के लिए पन्ना जिला प्रशासन से संपर्क करना ही उचित और प्रभावी माध्यम है। इसके साथ ही, सुरक्षा की दृष्टि से बिना अनुमति सार्वजनिक स्थान पर लंबे समय तक धरना न देने की समझाइश देते हुए महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के हित में उन्हें अपने घर लौटने का आग्रह किया गया। इस दौरान मौके पर मौजूद कई प्रभावित परिवारों ने सरकार द्वारा मुआवजा राशि को ₹5 लाख प्रति परिवार से बढ़ाकर ₹12.50 लाख प्रति परिवार करने के निर्णय का स्वागत किया और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। छतरपुर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कुपी में चल रहा यह प्रदर्शन पूरी तरह पन्ना जिले के प्रभावितों से संबंधित विषय है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी या अफवाह पर विश्वास न करें। साथ ही प्रशासन ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना राष्ट्रीय महत्व की विकास परियोजना है, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र की सिंचाई, पेयजल और समग्र विकास को नई गति मिलेगी, इसलिए इस संबंध में भ्रम की स्थिति उत्पन्न करना जनहित में नहीं है।
छतरपुर जिले के कुपी ग्राम के समीप चल रहे धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलने पर छतरपुर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन द्वारा मौके पर किए गए सर्वे और सत्यापन में यह स्पष्ट हुआ कि प्रदर्शन में शामिल सभी 176 प्रभावित लोग पन्ना जिले की मझगांव एवं रूंझ परियोजना क्षेत्र के निवासी हैं। इस प्रदर्शन और विस्थापन अथवा मुआवजा प्रक्रिया का छतरपुर जिले से कोई
संबंध नहीं है। छतरपुर प्रशासन ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए प्रदर्शन स्थल पर ही पेयजल की व्यवस्था कराई और लोगों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाया कि उनकी मांगें और समस्याएं पन्ना जिले से संबंधित हैं, इसलिए उनके निराकरण के लिए पन्ना जिला प्रशासन से संपर्क करना ही उचित और प्रभावी माध्यम है। इसके साथ ही, सुरक्षा की दृष्टि से बिना अनुमति सार्वजनिक स्थान पर लंबे समय तक धरना
न देने की समझाइश देते हुए महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के हित में उन्हें अपने घर लौटने का आग्रह किया गया। इस दौरान मौके पर मौजूद कई प्रभावित परिवारों ने सरकार द्वारा मुआवजा राशि को ₹5 लाख प्रति परिवार से बढ़ाकर ₹12.50 लाख प्रति परिवार करने के निर्णय का स्वागत किया और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। छतरपुर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कुपी में चल रहा यह
प्रदर्शन पूरी तरह पन्ना जिले के प्रभावितों से संबंधित विषय है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी या अफवाह पर विश्वास न करें। साथ ही प्रशासन ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना राष्ट्रीय महत्व की विकास परियोजना है, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र की सिंचाई, पेयजल और समग्र विकास को नई गति मिलेगी, इसलिए इस संबंध में भ्रम की स्थिति उत्पन्न करना जनहित में नहीं है।
- छतरपुर जिले के कुपी ग्राम के समीप चल रहे धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलने पर छतरपुर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन द्वारा मौके पर किए गए सर्वे और सत्यापन में यह स्पष्ट हुआ कि प्रदर्शन में शामिल सभी 176 प्रभावित लोग पन्ना जिले की मझगांव एवं रूंझ परियोजना क्षेत्र के निवासी हैं। इस प्रदर्शन और विस्थापन अथवा मुआवजा प्रक्रिया का छतरपुर जिले से कोई संबंध नहीं है। छतरपुर प्रशासन ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए प्रदर्शन स्थल पर ही पेयजल की व्यवस्था कराई और लोगों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाया कि उनकी मांगें और समस्याएं पन्ना जिले से संबंधित हैं, इसलिए उनके निराकरण के लिए पन्ना जिला प्रशासन से संपर्क करना ही उचित और प्रभावी माध्यम है। इसके साथ ही, सुरक्षा की दृष्टि से बिना अनुमति सार्वजनिक स्थान पर लंबे समय तक धरना न देने की समझाइश देते हुए महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के हित में उन्हें अपने घर लौटने का आग्रह किया गया। इस दौरान मौके पर मौजूद कई प्रभावित परिवारों ने सरकार द्वारा मुआवजा राशि को ₹5 लाख प्रति परिवार से बढ़ाकर ₹12.50 लाख प्रति परिवार करने के निर्णय का स्वागत किया और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। छतरपुर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कुपी में चल रहा यह प्रदर्शन पूरी तरह पन्ना जिले के प्रभावितों से संबंधित विषय है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी या अफवाह पर विश्वास न करें। साथ ही प्रशासन ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना राष्ट्रीय महत्व की विकास परियोजना है, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र की सिंचाई, पेयजल और समग्र विकास को नई गति मिलेगी, इसलिए इस संबंध में भ्रम की स्थिति उत्पन्न करना जनहित में नहीं है।4
- छतरपुर के नौगांव में स्थित केयर इंग्लिश स्कूल में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में पौधे रोपे गए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यालय के विद्यार्थी और स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। शालिग्राम गर्ग और अन्य आरोपियों को राजनगर थाना क्षेत्र में हुए एक विवाद और कथित फायरिंग के मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद इन सभी आरोपियों को राजनगर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा के तहत जिला जेल भेजने के आदेश जारी किए। इस गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को जेल ले जाने के दौरान उन्हें कथित तौर पर वीआईपी सुविधाएं दिए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। दरअसल, आरोपियों को जिला जेल ले जाने के लिए इनोवा वाहन का इस्तेमाल किया गया था, जिसकी तस्वीरें सामने आने के बाद लोगों में तीखी चर्चा शुरू हो गई है कि क्या आरोपियों को सामान्य कानूनी प्रक्रिया से हटकर कोई विशेष रियायत या सुविधा दी गई। फिलहाल, पुलिस विभाग की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या बयान जारी नहीं किया गया है कि आखिर किन परिस्थितियों में आरोपियों के लिए इनोवा गाड़ी का उपयोग किया गया। इसी वजह से लगाए जा रहे वीआईपी ट्रीटमेंट के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और आधिकारिक बयान आने के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी।1
- Post by Sohan varma1
- छतरपुर की सिटी कोतवाली पुलिस ने फर्जी रजिस्ट्री और इकरारनामा तैयार करने के मामले में पिछले 15 वर्षों से फरार चल रहे 5 हजार रुपये के इनामी वारंटी को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार जुटी हुई थी। अंततः पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर उसे लखनऊ से दबोचने में सफलता हासिल की। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई की जानकारी 15 जुलाई को दोपहर करीब 2:00 बजे छतरपुर के सीएसपी अरुण कुमार सोनी ने दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी के विरुद्ध फिलहाल पुलिस द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- छतरपुर जिले की नौगांव तहसील के ग्राम नयागांव में जमीन विवाद का एक मामला सामने आया है। यहां उत्तर प्रदेश पुलिस के सिपाही अखंड प्रताप यादव ने कलेक्टर को शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है। सिपाही ने किरण कुमार बुंदेला नामक व्यक्ति पर उनकी निजी और शासकीय भूमि पर कथित तौर पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने जमीन के सीमांकन कार्य में बाधा डाली, गाली-गलौज की और उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। सिपाही ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।1
- छतरपुर जिले के बाजना थाना क्षेत्र के ग्राम भुजपुरा निवासी पीड़ित परिवार ने मारपीट के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता पिंकी यादव का आरोप है कि 12 जुलाई को नामजद आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की थी। पीड़िता के अनुसार, अब आरोपी उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और दर्ज कराई गई रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। इस स्थिति में पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच करने, आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी करने और खुद के लिए सुरक्षा की मांग की है।1