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चंदौली जिले के ग्राम सभा भोजपुर/रतनपुर में ग्राम प्रधान की घोर लापरवाही ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। क्षेत्र में कई जगहों पर खुले नाले बड़ी दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं, जिससे ग्रामीण लगातार भय के माहौल में जी रहे हैं। इन खुले गड्ढों और नालों में गिरकर जानवरों की मौतें हो रही हैं, वहीं कई ग्रामवासी भी इनमें गिरने से घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों ने अपनी इस दयनीय स्थिति और चुनावी दावों की पोल खोलने के लिए खुद एक वीडियो बनाया है, जिसे सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर वायरल किया जा रहा है। यह वायरल वीडियो मुगलसराय विधान सभा क्षेत्र के भोजपुर का बताया जा रहा है, जो स्पष्ट रूप से चुनावी घोषणाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करता है।
राज कुमार सोनकर पत्रकार
चंदौली जिले के ग्राम सभा भोजपुर/रतनपुर में ग्राम प्रधान की घोर लापरवाही ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। क्षेत्र में कई जगहों पर खुले नाले बड़ी दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं, जिससे ग्रामीण लगातार भय के माहौल में जी रहे हैं। इन खुले गड्ढों और नालों में गिरकर जानवरों की मौतें हो रही हैं, वहीं कई ग्रामवासी भी इनमें गिरने से घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों ने अपनी इस दयनीय स्थिति और चुनावी दावों की पोल खोलने के लिए खुद एक वीडियो बनाया है, जिसे सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर वायरल किया जा रहा है। यह वायरल वीडियो मुगलसराय विधान सभा क्षेत्र के भोजपुर का बताया जा रहा है, जो स्पष्ट रूप से चुनावी घोषणाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करता है।
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- चंदौली जिले के ग्राम सभा भोजपुर/रतनपुर में ग्राम प्रधान की घोर लापरवाही ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। क्षेत्र में कई जगहों पर खुले नाले बड़ी दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं, जिससे ग्रामीण लगातार भय के माहौल में जी रहे हैं। इन खुले गड्ढों और नालों में गिरकर जानवरों की मौतें हो रही हैं, वहीं कई ग्रामवासी भी इनमें गिरने से घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों ने अपनी इस दयनीय स्थिति और चुनावी दावों की पोल खोलने के लिए खुद एक वीडियो बनाया है, जिसे सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर वायरल किया जा रहा है। यह वायरल वीडियो मुगलसराय विधान सभा क्षेत्र के भोजपुर का बताया जा रहा है, जो स्पष्ट रूप से चुनावी घोषणाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करता है।1
- कोलकाता के अलीपुर स्थित एक सरकारी भवन में भीषण आग लग गई है, जिसमें लगभग 4000 EVM और VVPAT मशीनें जलकर राख हो गईं। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है, जहाँ विपक्ष यह गंभीर सवाल उठा रहा है कि क्या यह सिर्फ एक हादसा था या किसी बड़े सच को छिपाने का प्रयास? विपक्ष ने इस पूरी घटना को लेकर सुरक्षा में बड़ी चूक की आशंका जताई है और यह भी पूछा है कि क्या जाँच के बाद कोई नया और महत्वपूर्ण खुलासा होगा। इसके साथ ही, यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इस घटना के परिणामस्वरूप बंगाल की राजनीति में कोई नया तूफान खड़ा होगा।1
- एक दुखद सड़क हादसे में थाना प्रभारी का निधन हो गया। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर जैसे ही लाया गया, उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान, पुलिस अधिकारियों ने भी उन्हें भावभीनी सलामी दी।1
- स्थानीय स्तर पर एक तालाब के सुंदरीकरण के लिए लगातार प्रयास किए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन पिछले 26 सालों से इस तालाब पर कोई भी कार्य नहीं हुआ है। बताया गया है कि प्रधानी की सारी राजनीति इसी तालाब से शुरू होती है और इसी पर आकर खत्म भी हो जाती है, जो इस बात का संकेत है कि तालाब के नाम पर सिर्फ चुनावी वादे किए जाते हैं, काम नहीं।1
- चंदौली जिले के धानापुर और गुरैनी क्षेत्रों में गंगा नदी के कटाव से उत्पन्न स्थिति के संबंध में सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है।1
- शनिवार को कैमूर जिले के मोहनियां थाना क्षेत्र के भोपतपुर गांव का माहौल उस समय बेहद गमगीन हो गया, जब बेगूसराय में हुए एक भीषण सड़क हादसे में दिवंगत हुए मधेपुरा के रतवारा थाना प्रभारी साजन पासवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा। जैसे ही तिरंगे में लिपटा उनका शव गांव में आया, पूरा इलाका 'साजन पासवान अमर रहें' के नारों से गूंज उठा और उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल स्तब्ध रह गया, क्योंकि एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी को अंतिम विदाई दी जा रही थी। गौरतलब है कि बीते गुरुवार को बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में थाना प्रभारी साजन पासवान का असामयिक निधन हो गया था। उनकी मृत्यु की खबर मिलते ही कैमूर जिले सहित पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई थी। अंतिम संस्कार से पहले हुई श्रद्धांजलि सभा में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दिवंगत अधिकारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पुलिस अधीक्षक कैमूर हरिमोहन शुक्ला ने दिवंगत थाना प्रभारी के पिता को ससम्मान राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) सौंपा और उन्हें ढांढस बंधाया। बिहार पुलिस की ओर से साजन पासवान को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई, जिसमें उपस्थित अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद पुलिस के जवानों ने 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर अपने साथी अधिकारी को अंतिम सलामी दी और सम्मान स्वरूप हवाई फायरिंग भी की। इस भावुक दृश्य को देखकर वहाँ मौजूद हर शख्स की आँखें नम हो गईं। ग्रामीणों और उनके सहयोगियों ने साजन पासवान को एक बेहद कर्तव्यनिष्ठ, ईमानदार और संवेदनशील पुलिस अधिकारी के रूप में याद किया, जिन्होंने अपने सेवाकाल में हमेशा जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दी और निष्ठापूर्वक देश-समाज की सेवा की। लोगों ने उनके निधन को पुलिस विभाग और कैमूर क्षेत्र के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति बताया, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। हजारों नम आँखों और भारी मन के साथ, कैमूर की माटी के इस जांबाज बेटे और कर्मठ पुलिस अधिकारी को पंचतत्व में विलीन कर अंतिम विदाई दी गई।4
- संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाई जा रही 'अन्नपूर्णा मुहिम' के तहत गरीब परिवारों को राशन सामग्री पहुँचाकर उन्हें बड़ी राहत प्रदान की जा रही है। इस मुहिम को एक वरदान के रूप में देखा जा रहा है, जो ज़रूरतमंदों की मदद कर रही है। इस पहल के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए, दर्शक Annapurna Muhim YouTube Channel देख सकते हैं।1
- चंदौली जिले की चकिया तहसील के धनावल गाँव में शनिवार (13 जून) दोपहर बाद अचानक मौसम बदलने से गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक भीषण हादसा हो गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में धनावल गाँव निवासी रूबी (35 वर्ष) पत्नी राजकुमार और पड़ोसी बालिका लक्ष्मी (12 वर्ष) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदयविदारक घटना शनिवार को प्रकृति के भयंकर कहर के रूप में सामने आई। घटना की सूचना मिलते ही चकिया थाना पुलिस और राजस्व विभाग की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। उप जिलाधिकारी चकिया ने इस घटना को 'बेहद दुखद' बताते हुए कहा कि प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है और शासन के निर्देशानुसार उन्हें जल्द से जल्द हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए, मौके पर पहुंचे उप जिलाधिकारी और संबंधित राजस्व अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि तात्कालिक दैवीय आपदा सहायता राशि 24 घंटे के भीतर प्रदान की जाएगी।1