Shuru
Apke Nagar Ki App…
जौनपुर के मुंगरा बादशाहपुर स्थित अहमदपुर कैथोलिक में एक खास मकान नंबर 420 चर्चा का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय लोग इस पते से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें साझा कर रहे हैं।
Mk Yadav
जौनपुर के मुंगरा बादशाहपुर स्थित अहमदपुर कैथोलिक में एक खास मकान नंबर 420 चर्चा का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय लोग इस पते से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें साझा कर रहे हैं।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- जौनपुर के मुंगरा बादशाहपुर स्थित अहमदपुर कैथोलिक में एक खास मकान नंबर 420 चर्चा का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय लोग इस पते से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें साझा कर रहे हैं।2
- जौनपुर से राष्ट्रगान का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें इसे अनोखे अंदाज़ में प्रस्तुत किया जा रहा है। इसे देखकर लोग हैरान हैं और इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।1
- जौनपुर जिले के बाबड़खा गांव में डमरू ईंटों की सड़क का निर्माण तेज़ी से चल रहा है। इस सड़क के बनने से पूरे गांव में खुशी का माहौल है।1
- जौनपुर पुलिस और साइबर सेल टीम ने CEIR पोर्टल के जरिए 125 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को सौंपे। इन फोनों की अनुमानित कीमत 20 लाख रुपये है, और अब तक जौनपुर पुलिस ने कुल 1640 मोबाइल फोन, जिनकी कीमत करीब 3 करोड़ 28 लाख रुपये है, बरामद किए हैं। इस सफल अभियान में यूपी सहित दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे कई राज्यों से भी मोबाइल बरामद किए गए।1
- जौनपुर जिले के विंद्रावन गाँव में नाले का पानी जाम होने से भारी गंदगी फैल गई है। यहाँ साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द सफाई कराने की गुहार लगाई है।1
- पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का लखनऊ के सिविल अस्पताल में निधन हो गया है। महज 38 साल की उम्र में उनकी अचानक हुई मौत ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है। फिलहाल उनकी मौत के कारणों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- जौनपुर के पुरेव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जंगल झाड़ी उग आई है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। इलाज की जगह यह केंद्र खुद बीमारी को न्योता दे रहा है और स्वास्थ्यकर्मी इस पर बेपरवाह बने हुए हैं।1
- जौनपुर के पुरेव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चारों ओर गंदगी का अंबार लगा है। यह स्थिति योगी सरकार के स्वच्छता और बेहतर साफ-सफाई के दावों के बिल्कुल उलट है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़े सवाल खड़े होते हैं।1