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विजय कुमार
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- राजस्थान में हाईवे बना आग का दरिया, तेल टैंकर पलटा — 1 जिंदा जला राजस्थान के जालोर जिले में नेशनल हाईवे-48 पर बुधवार दोपह1
- ब्रेकिंग देवरिया गैस सिलेंडर न मिलने से नाराज उपभोक्ताओं ने गौरी बाजार गोरखपुर मार्ग को किया जाम उपभोक्ताओं का आरोप गैस एजेंसी द्वारा 10 दिनों से दौड़ाया जा रहा है और गैस नहीं मिल रहा है गाड़ियों की लगी लंबी कतारे मौके पर पहुंची पुलिस गैस उपभोक्ताओं को समझाने में जुटी4
- मोहल्ला उमा नगर देवरिया खास वार्ड नंबर 14 सड़क और नाली सही न होने के कारण मकान के अंदर पानी की सतह चलती जा रही है फर्ष और दीवार दोनों खराब हो रहा है सड़क का काम चालू हो रहा है फिर बंद हो जा रहा है और जो सड़क बन रहा है वह सही तरीके से नहीं बनाया जा रहा है जिस तरह पहले था उसे तरह नहीं बनाया जा रहा है उसे सड़क पर न जाने किस तरह के राजनीतिक दिखाई जा रहा है जो सड़क पुराना था उसको मिटाने का प्रयास किया जा रहा है अतः जो भी महोदय के पास हमारा न्यूज़ जा रहा है इस सड़क का बनवाने का प्रयास करें जो पहले से है हमें और कोई सड़क नहीं चाहिए जो पहले से है इस सड़क को बनवा दीजिए ताकि आने वाले भविष्य में किसी को दिक्कत ना हो फायर ब्रिगेड वाले को दिक्कत ना हो एंबुलेंस लाने में दिक्कत ना हो अगर यह सड़क पहले जैसा नहीं बना इस समय काट पीट किया जाएगा एंबुलेंस के लिए फायर ब्रिगेड के लिए बहुत सारी समस्याएं होंगे कभी इस मोहल्ले में फोर व्हीलर गाड़ी तक नहीं जा सकती अब जिस मोहल्ले में अगर ऐसी स्थिति हो उस मोहल्ले का विकास कैसे होगा इस मोहल्ले का नाम उमा नगर देवरिया खास वार्ड नंबर 141
- 13 साल कोमा, कानूनी जंग और फिर अंतिम विदाई: एक्सीडेंट से इच्छा मृत्यु तक, हरीश राणा के संघर्ष की पूरी कहानी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बीते 13 साल से कोमा में गहरी नींद में सो रहे हरीश राणा को मंगलवार को एम्स के डॉक्टरों की देखरेख में गौरवपूर्ण मृत्यु मिल गई। इस मामले की देशभर में चर्चा हुई। यह मामला भारत में सम्मान से मरने के अधिकार के ऐतिहासिक आदेश की तर्ज पर भी देखा जा रहा है। इस युवा की जिंदगी में 20 अगस्त 2013 को हुए एक दुर्घटना ने सबकुछ बदल दिया। समय के साथ परिवार की हिम्मत भी टूट गई।1
- Post by विजय कुमार1
- देवरिया । रोडवेज बस चालक के साथ मारपीट की घटना के बाद परिवहन कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया। इस घटना के विरोध में रोडवेज कर्मियों ने अचानक हड़ताल का ऐलान कर दिया, जिससे बस डिपो का संचालन कई घंटों तक पूरी तरह ठप रहा। इस दौरान यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और बस स्टैंड पर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। मिली जानकारी के अनुसार यह घटना बैतालपुर-देवरिया पॉलिटेक्निक मार्ग पर हुई, जहां रोडवेज बस चालक समरजीत सिंह अपनी बस लेकर निर्धारित मार्ग पर जा रहे थे। इसी दौरान उनका विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर कई लोगों ने चालक को घेर लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों ने चालक को बेरहमी से पीटा, जिससे वह घायल हो गया। किसी तरह चालक ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना मिलते ही रोडवेज कर्मियों में रोष फैल गया। चालक के साथ हुई मारपीट को लेकर कर्मचारियों ने इसे सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। आक्रोशित कर्मचारियों ने बसों का संचालन बंद कर दिया और डिपो परिसर में बसों को खड़ा कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों का कहना था कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होगी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। हड़ताल के चलते देवरिया बस डिपो से संचालित होने वाली अधिकांश बसें खड़ी रहीं, जिससे गोरखपुर, कुशीनगर, सलेमपुर और आसपास के अन्य रूटों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। कई यात्री घंटों तक बसों का इंतजार करते रहे, जबकि कुछ को मजबूर होकर निजी साधनों का सहारा लेना पड़ा। खासकर दूर-दराज से आने वाले यात्रियों और महिलाओं को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने प्रशासन और रोडवेज विभाग से जल्द से जल्द समस्या का समाधान निकालने की मांग की। उनका कहना था कि इस तरह की घटनाओं का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है, इसलिए समय रहते सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। उधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने घायल चालक का बयान दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रोडवेज कर्मचारियों ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, जिससे चालक और परिचालक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि संवेदनशील मार्गों पर पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए और रोडवेज कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस पूरे मामले ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन कर्मियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते इस पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा।4
- देवरिया जनपद में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण को लेकर चलाए जा रहे ‘मिशन शक्ति फेज-5.0’ के द्वितीय चरण के अंतर्गत पुलिस द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक देवरिया श्री संजीव सुमन के निर्देशन में जिले के समस्त थानों की मिशन शक्ति एवं एंटी रोमियो टीमों ने ‘शक्ति दीदी’ अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर महिलाओं को जागरूक किया। इस अभियान के दौरान थाना बरहज की टीम ने बरहज बाजार में महिलाओं, छात्राओं और बच्चियों को सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। टीम में उपनिरीक्षक अभिमीत कुमार, आरक्षी बबलू गिरी तथा महिला आरक्षी रजनी सिंह और रीना यादव शामिल रहीं। उन्होंने महिलाओं को सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तार से बताया। इसी क्रम में थाना एकौना की टीम ने पचलड़ी बाजार में महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया। उपनिरीक्षक विजय कुमार सिंह, आरक्षी विकास यादव और महिला आरक्षी ममता तिवारी ने लोगों को हेल्पलाइन सेवाओं के उपयोग के बारे में जानकारी दी। अभियान के दौरान डायल-112, महिला हेल्पलाइन-181, वुमेन पावर लाइन-1090, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, सीएम हेल्पलाइन-1076, स्वास्थ्य सेवा-102, एंबुलेंस सेवा-108 और साइबर हेल्पलाइन-1930 जैसे महत्वपूर्ण नंबरों की जानकारी पंपलेट के माध्यम से वितरित की गई। पुलिस टीमों ने सार्वजनिक स्थलों, बाजारों और धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर महिलाओं को आत्मरक्षा, कानूनी अधिकारों और आपातकालीन सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक किया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना3
- बहराइच में 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास, शौचालय और आवास के लिए भूमि के पट्टों का वितरण कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन जाति के नाम पर बाँटने वाले लोगों ने देश की जितनी अपूर्णनीय क्षति आजादी के बाद से लगातार की है, उसका खामियाजा ये देश लगातार भुगता है.... अगर हमने जाति आधार पर न बाँट कर के इस देश को एकता के सूत्र में बाँध कर के मजबूती के साथ आज जैसे प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में एक भारत श्रेष्ठ भारत के लिए कार्य हो रहा है, ऐसे ही कार्य करने का प्रयास किया गया होता तो इन गरीबों के बीच में, इन वंचितों के बीच में भी वे सुविधाएँ पहुँची होतीं और इनका पुनर्वास बहुत पहले हो गया होता, बहुत पहले हो गया होता.. लेकिन जातीय चश्मे से बाँटने वाले लोगों ने कभी भी अपनी संवेदना इन गरीबों को नहीं दिखाई : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ1