आजमगढ़ : मुबारकपुर पुलिस की छापेमारी में छिपाकर रखे थे दो लाख के पटाखे, 323 किलो बरामद आजमगढ़। आगामी त्योहारों के मद्देनजर अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में मुबारकपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कस्बे के पुरारानी मोहल्ले में एक किराये के मकान पर छापेमारी कर करीब दो लाख रुपये कीमत के 323 किलोग्राम पटाखे बरामद किए हैं। मामले में गुलाब गुप्ता के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमें गठित की गई हैं। पुलिस के अनुसार, अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा और डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह के निर्देशन तथा एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के नेतृत्व में अवैध पटाखों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुबारकपुर पुलिस ने पुरारानी मोहल्ले में स्थित एक किराये के मकान में छापेमारी की। तलाशी के दौरान विभिन्न कंपनियों के 323 किलोग्राम पटाखे बरामद हुए। बरामद पटाखों में फूलझड़ी, मिर्ची बम, पाप-अप बम, रॉकेट, चकरी, अनार और मिनी बुलेट बम सहित कई प्रकार के पटाखे शामिल हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने मुबारकपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 381/2026 के तहत विस्फोटक अधिनियम की धारा 5/9बी में मुकदमा दर्ज किया है। सहायक पुलिस अधीक्षक एवं सीओ सदर ईश्वर लाल गुर्जर ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमें लगाई गई हैं। अवैध रूप से पटाखों का भंडारण और बिक्री करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
आजमगढ़ : मुबारकपुर पुलिस की छापेमारी में छिपाकर रखे थे दो लाख के पटाखे, 323 किलो बरामद आजमगढ़। आगामी त्योहारों के मद्देनजर अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में मुबारकपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कस्बे के पुरारानी मोहल्ले में एक किराये के मकान पर छापेमारी कर करीब दो लाख रुपये कीमत के 323 किलोग्राम पटाखे बरामद किए हैं। मामले में गुलाब गुप्ता के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमें गठित की गई हैं। पुलिस के अनुसार, अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा और डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह के निर्देशन तथा एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के नेतृत्व में अवैध पटाखों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुबारकपुर पुलिस ने पुरारानी मोहल्ले में स्थित एक किराये के मकान में छापेमारी की। तलाशी के दौरान विभिन्न कंपनियों के 323 किलोग्राम पटाखे बरामद हुए। बरामद पटाखों में फूलझड़ी, मिर्ची बम, पाप-अप बम, रॉकेट, चकरी, अनार और मिनी बुलेट बम सहित कई प्रकार के पटाखे शामिल हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने मुबारकपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 381/2026 के तहत विस्फोटक अधिनियम की धारा 5/9बी में मुकदमा दर्ज किया है। सहायक पुलिस अधीक्षक एवं सीओ सदर ईश्वर लाल गुर्जर ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमें लगाई गई हैं। अवैध रूप से पटाखों का भंडारण और बिक्री करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
- आजमगढ़ : मुबारकपुर पुलिस की छापेमारी में छिपाकर रखे थे दो लाख के पटाखे, 323 किलो बरामद आजमगढ़। आगामी त्योहारों के मद्देनजर अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में मुबारकपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कस्बे के पुरारानी मोहल्ले में एक किराये के मकान पर छापेमारी कर करीब दो लाख रुपये कीमत के 323 किलोग्राम पटाखे बरामद किए हैं। मामले में गुलाब गुप्ता के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमें गठित की गई हैं। पुलिस के अनुसार, अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा और डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह के निर्देशन तथा एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के नेतृत्व में अवैध पटाखों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुबारकपुर पुलिस ने पुरारानी मोहल्ले में स्थित एक किराये के मकान में छापेमारी की। तलाशी के दौरान विभिन्न कंपनियों के 323 किलोग्राम पटाखे बरामद हुए। बरामद पटाखों में फूलझड़ी, मिर्ची बम, पाप-अप बम, रॉकेट, चकरी, अनार और मिनी बुलेट बम सहित कई प्रकार के पटाखे शामिल हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने मुबारकपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 381/2026 के तहत विस्फोटक अधिनियम की धारा 5/9बी में मुकदमा दर्ज किया है। सहायक पुलिस अधीक्षक एवं सीओ सदर ईश्वर लाल गुर्जर ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमें लगाई गई हैं। अवैध रूप से पटाखों का भंडारण और बिक्री करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- कोयलसा ग्रामीण न्यायालय के आसपास गंदगी का अंबार, शौचालय बदहाल और गेट पर जलभराव टूटी नाली से लगातार हो रहा पानी का रिसाव, शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं; अधिवक्ताओं ने जताई नाराजगी कोयलसा ग्रामीण न्यायालय के आसपास गंदगी का अंबार, शौचालय बदहाल और गेट पर जलभराव टूटी नाली से लगातार हो रहा पानी का रिसाव, शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं; अधिवक्ताओं ने जताई नाराजगी बूढ़नपुर (आजमगढ़)। जिले के कोयलसा स्थित ग्रामीण न्यायालय के आसपास गंदगी और अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। न्यायालय परिसर के आसपास जगह-जगह कचरा जमा होने के साथ ही शौचालय की स्थिति भी बेहद खराब है। मुख्य गेट पर प्रवेश करते ही जलभराव का सामना करना पड़ता है। वहीं, सरकारी नाली टूटने के कारण लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। इससे न्यायालय आने वाले अधिवक्ताओं और अन्य लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण न्यायालय जैसे महत्वपूर्ण स्थान के आसपास साफ-सफाई और जलनिकासी की बदहाल व्यवस्था जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। न्यायालय में प्रतिदिन विभिन्न कार्यों के सिलसिले में आने वाले लोगों को गंदगी, जलभराव और बदहाल शौचालय के कारण असुविधा हो रही है। मुख्य गेट के पास पानी जमा होने और नाली से रिसाव के चलते आसपास का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधान स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं का कहना है कि समस्याओं के संबंध में शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। टूटी नाली की मरम्मत नहीं होने से पानी का रिसाव जारी है। वहीं, नियमित साफ-सफाई के अभाव में कचरा जमा है और जलभराव की समस्या बनी हुई है। ऐसे में न्यायालय परिसर में आने वाले लोगों को रोजाना परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। इस संबंध में राजेश प्रसाद मौर्य, पूरेन्द्र सिंह, अरविन्द यादव, अजीत सिंह, अब्दुल रहमान, शेखर यादव और जय प्रकाश सिंह सहित अन्य अधिवक्ताओं ने अपनी समस्याएं बताते हुए संबंधित अधिकारियों से व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की। अधिवक्ताओं और स्थानीय लोगों की मांग है कि न्यायालय के आसपास जमा कचरे की तत्काल सफाई कराई जाए, शौचालय की व्यवस्था दुरुस्त की जाए तथा टूटी सरकारी नाली की मरम्मत कराकर जलनिकासी सुनिश्चित की जाए। साथ ही, परिसर के आसपास नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था की जाए, ताकि न्यायालय आने वाले लोगों को राहत मिल सके। अब देखना यह है कि संबंधित अधिकारी इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कोयलसा ग्रामीण न्यायालय के आसपास व्याप्त गंदगी, जलभराव और अव्यवस्थाओं से लोगों को कब तक निजात मिल पाती है।1
- यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वारयल है, जब यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री व सपा मुखिया अखिलेश यादव की गाड़ी को रोककर दिव्यांग ने दिया अपना निमंत्रण पत्र! उसके चेहरे की खुशी देखते ही बनती दिख रही है!!1
- किराये के मकान में छिपाकर रखे गए दो लाख के पटाखे बरामद, 323 किलो विस्फोटक सामग्री जब्त आजमगढ़। आगामी त्योहारों के मद्देनजर अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुबारकपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पुरारानी मोहल्ले में एक किराये के मकान में छिपाकर रखे गए 323 किलोग्राम पटाखे बरामद किए हैं। बरामद पटाखों की अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार, 29 अक्तूबर को सूचना मिली कि कस्बे के पुरारानी मोहल्ले में एक किराये के मकान में अवैध रूप से पटाखों का भंडारण किया गया है। प्रभारी निरीक्षक शशीचंद चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी ली। इस दौरान सहर पत्नी समीर के मकान के एक कमरे से विभिन्न कंपनियों के पटाखे बरामद हुए। यह मकान गुलाब गुप्ता ने किराये पर लिया था। बरामद पटाखों में 1022 पैकेट फूलझड़ी, 445 पैकेट मिर्ची बम, 265 पैकेट मिनी बुलेट बम, 150 पैकेट चकरी, 150 पैकेट इलेक्ट्रिक क्रैकर, 150 पैकेट अनार समेत रॉकेट, पाप-अप बम और अन्य पटाखे शामिल हैं। इस मामले में पुलिस ने गुलाब गुप्ता पुत्र स्वर्गीय कन्हैया गुप्ता निवासी पुरारानी के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम की धारा 5/9बी के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमें गठित की गई हैं। यह कार्रवाई एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर मानुष पारीक और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर ईश्वर लाल गुर्जर के पर्यवेक्षण में की गई।2
- मऊ में बारिश और तेज आंधी से किसानों की कमर टूटी, धान की फसल बर्बाद; राकेश सिंह ने की सर्वे और मुआवजे की मांग मऊ जनपद में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल जमीन पर गिर गई है, तो वहीं खेतों में पानी भरने से रबी की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कई गांवों में कच्चे मकान भी गिर गए हैं। किसानों की इस बदहाल स्थिति को लेकर जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा किसान नेता राकेश सिंह ने जिला प्रशासन से किसानों की फसलों का निष्पक्ष सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा किसान नेता राकेश सिंह ने बताया कि लगातार बारिश और तेज हवाओं के चलते धान की तैयार फसल खेतों में गिर गई है। जिन किसानों ने धान की कटाई कर ली थी, उनकी फसल को भी नुकसान पहुंचा है। देर से पकने वाली नाटी मंसूरी यानी एमटीयू-7029 धान की बालियां जमीन पर गिर गई हैं, जिससे इसकी पैदावार पर करीब 50 प्रतिशत तक असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने बताया कि एक बीघा धान की फसल तैयार करने में जुताई, रोपाई, दवा, सोहनी, सिंचाई और मजदूरी सहित लगभग 15 हजार रुपये की लागत आती है। ऐसे में फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वहीं जिन किसानों ने सरसों, मटर, मसूर और आलू की बुवाई कर दी है, उनके खेतों में पानी भरने से इन फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई किसानों के कच्चे मकान भी बारिश और तेज हवा के कारण गिर गए हैं। पिछले साल के मुआवजे पर भी उठाए सवाल: राकेश सिंह ने पिछले वर्ष 29 अक्टूबर से 1 नवंबर 2025 तक मोनथा चक्रवात के कारण हुई तबाही का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी धान की फसलों को भारी नुकसान हुआ था। खेतों में महीनों तक पानी भरा रहने के कारण किसान रबी की फसलों की बुवाई तक नहीं कर पाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष फसल क्षति का सर्वे कागजों में हुआ, लेकिन पीड़ित किसानों को आज तक एक रुपये की भी सहायता नहीं मिली। तत्कालीन अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह ने किसान दिवस में बताया था कि रतनपुरा ब्लॉक के 297 किसानों की क्षति रिपोर्ट शासन को भेजी गई है और उन्हें सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन किसानों को अब तक राहत नहीं मिली। भाजपा किसान नेता राकेश सिंह ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस बार बारिश से हुई क्षति का प्लांट-टू-प्लांट यानी खेत-दर-खेत वास्तविक सर्वे कराया जाए। साथ ही फसल बर्बाद होने वाले किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और जिन गरीब किसानों के कच्चे मकान गिरे हैं, उन्हें भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। अंतिम लाइन: अब सवाल यह है कि क्या इस बार किसानों की बर्बादी का सही आकलन होगा और उन्हें समय रहते मुआवजा मिलेगा, या फिर पिछले साल की तरह इस बार भी किसान सरकारी सहायता के इंतजार में रह जाएंगे?2
- बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात का असर पूर्वांचल तक! क्या अगले 1–2 दिन बारिश और तेज हवाओं से मिलेगी राहत? 🌧️ पूर्वांचल में चक्रवात अर्नब का असर, बारिश और तेज हवाओं से बदला मौसम नवोदय वार्ता | मौसम विशेष रिपोर्ट नमस्कार! आप देख रहे हैं नवोदय वार्ता और मैं हूं आपके साथ। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब का असर अब उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों, यानी हमारे पूर्वांचल में भी देखने को मिल रहा है। मऊ, आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया, गोरखपुर और आसपास के जिलों में मौसम ने करवट ली है। आसमान में बादलों का डेरा है और बारिश के कारण लोगों को बदलते मौसम का एहसास हो रहा है। जिस चक्रवात का असर समुद्र तटीय राज्यों में देखा गया, उसी मौसम प्रणाली का प्रभाव अब उत्तर भारत तक पहुंचा है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा जैसे तटीय इलाकों में तूफान का गंभीर असर देखने को मिला, जबकि उत्तर प्रदेश में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है। लेकिन सवाल है कि पूर्वांचल में मौसम का यह मिजाज आखिर कब तक बना रहेगा? मौसम संबंधी पूर्वानुमानों के अनुसार, 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है। 31 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है, हालांकि हर जिले में मौसम की स्थिति एक जैसी नहीं रहेगी। इस बदलते मौसम का असर आम जनजीवन के साथ किसानों पर भी पड़ सकता है। खेतों में खड़ी फसल, कटाई के बाद खुले में रखा अनाज और ग्रामीण इलाकों में जलभराव जैसी समस्याएं चिंता बढ़ा सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें। तेज हवा और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचें। पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माणों से दूरी बनाए रखें। किसानों से भी अपील है कि वे अपनी फसल और कृषि उपज को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी इंतजाम करें। फिलहाल पूर्वांचल के लोगों के लिए सावधानी बेहद जरूरी है। मौसम कब और कितना करवट लेगा, यह स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। मौसम की हर जरूरी अपडेट के लिए जुड़े रहिए नवोदय वार्ता के साथ। नवोदय वार्ता — सच दिखाने का वादा।1
- *मुंबई को चाहिए - विकास भी और सांस भी!* एक तरफ हमारे मजदूर भाई पसीना बहाकर रोड बना रहे हैं - ताकि गाड़ियां चलें, ट्रैफिक कम हो। दूसरी तरफ यही हरे पेड़ हमें फ्री में ऑक्सीजन दे रहे हैं - ताकि हम जिंदा रहें! *एक के बिना दूसरा अधूरा है!* रोड नहीं होगी तो शहर नहीं चलेगा, पेड़ नहीं होंगे तो शहर में सांस नहीं चलेगी! *इसलिए मेरा नारा है -* *"जहाँ एक रोड बने, वहाँ एक पेड़ भी लगे!"* BMC को चाहिए - हर नई रोड के साथ 10 नए पेड़ लगाए! ठेकेदार को चाहिए - रोड बनाते वक्त पुराने पेड़ों को बचाए! *क्या आप मेरी इस बात से सहमत हैं?* *हाँ तो कमेंट में लिखें - "दोनों काम होने चाहिए"* 📸 रिपोर्ट: पत्रकार अब्दुल रहमान इदरीसी - मुंबई #DonoKaamHoneChahiye #RoadAndTree #GreenMumbai #MumbaiRoads #SaveTree #Oxygen #MumbaiNews #BMC #DevelopmentWithNature #MauKrantiNews #AbdulRahmanIdrisi #Viral #Mumbaikar #PlantTrees #MumbaiLife #Environment @mybmc @highlight --- *पत्रकार अब्दुल रहमान इदरीसी* *प्रचार मंत्री - उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत3
- मऊ में बिजली विभाग की लापरवाही! आबादी के ऊपर से गुजर रहा खुला बिजली का तार, हादसे का इंतजार कर रहा विभाग मऊ जनपद में बिजली विभाग की लापरवाही किसी बड़े हादसे को दावत दे रही है। शहर के हनुमान नगर शिक्षक कॉलोनी, भीटी में आबादी के ऊपर से गुजर रहा बिजली का खुला तार मोहल्लेवासियों के लिए खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में मोहल्लेवासियों के मन में हर वक्त किसी अनहोनी का डर बना रहता है। लोगों का सवाल है कि आखिर बिजली विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है?1