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मऊ में बारिश और तेज आंधी से किसानों की कमर टूटी, धान की फसल बर्बाद; राकेश सिंह ने की सर्वे और मुआवजे की मांग मऊ जनपद में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल जमीन पर गिर गई है, तो वहीं खेतों में पानी भरने से रबी की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कई गांवों में कच्चे मकान भी गिर गए हैं। किसानों की इस बदहाल स्थिति को लेकर जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा किसान नेता राकेश सिंह ने जिला प्रशासन से किसानों की फसलों का निष्पक्ष सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा किसान नेता राकेश सिंह ने बताया कि लगातार बारिश और तेज हवाओं के चलते धान की तैयार फसल खेतों में गिर गई है। जिन किसानों ने धान की कटाई कर ली थी, उनकी फसल को भी नुकसान पहुंचा है। देर से पकने वाली नाटी मंसूरी यानी एमटीयू-7029 धान की बालियां जमीन पर गिर गई हैं, जिससे इसकी पैदावार पर करीब 50 प्रतिशत तक असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने बताया कि एक बीघा धान की फसल तैयार करने में जुताई, रोपाई, दवा, सोहनी, सिंचाई और मजदूरी सहित लगभग 15 हजार रुपये की लागत आती है। ऐसे में फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वहीं जिन किसानों ने सरसों, मटर, मसूर और आलू की बुवाई कर दी है, उनके खेतों में पानी भरने से इन फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई किसानों के कच्चे मकान भी बारिश और तेज हवा के कारण गिर गए हैं। पिछले साल के मुआवजे पर भी उठाए सवाल: राकेश सिंह ने पिछले वर्ष 29 अक्टूबर से 1 नवंबर 2025 तक मोनथा चक्रवात के कारण हुई तबाही का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी धान की फसलों को भारी नुकसान हुआ था। खेतों में महीनों तक पानी भरा रहने के कारण किसान रबी की फसलों की बुवाई तक नहीं कर पाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष फसल क्षति का सर्वे कागजों में हुआ, लेकिन पीड़ित किसानों को आज तक एक रुपये की भी सहायता नहीं मिली। तत्कालीन अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह ने किसान दिवस में बताया था कि रतनपुरा ब्लॉक के 297 किसानों की क्षति रिपोर्ट शासन को भेजी गई है और उन्हें सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन किसानों को अब तक राहत नहीं मिली। भाजपा किसान नेता राकेश सिंह ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस बार बारिश से हुई क्षति का प्लांट-टू-प्लांट यानी खेत-दर-खेत वास्तविक सर्वे कराया जाए। साथ ही फसल बर्बाद होने वाले किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और जिन गरीब किसानों के कच्चे मकान गिरे हैं, उन्हें भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। अंतिम लाइन: अब सवाल यह है कि क्या इस बार किसानों की बर्बादी का सही आकलन होगा और उन्हें समय रहते मुआवजा मिलेगा, या फिर पिछले साल की तरह इस बार भी किसान सरकारी सहायता के इंतजार में रह जाएंगे?

57 min ago
user_विनय कुमार श्रीवास्तव
विनय कुमार श्रीवास्तव
मऊ, मऊ, उत्तर प्रदेश•
57 min ago

मऊ में बारिश और तेज आंधी से किसानों की कमर टूटी, धान की फसल बर्बाद; राकेश सिंह ने की सर्वे और मुआवजे की मांग मऊ जनपद में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल जमीन पर गिर गई है, तो वहीं खेतों में पानी भरने से रबी की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कई गांवों में कच्चे मकान भी गिर गए हैं। किसानों की इस बदहाल स्थिति को लेकर जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा किसान नेता राकेश सिंह ने जिला प्रशासन से किसानों की फसलों का निष्पक्ष सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा किसान नेता राकेश सिंह ने बताया कि लगातार बारिश और तेज हवाओं के चलते धान की तैयार फसल खेतों में गिर गई है। जिन किसानों ने धान की कटाई कर ली थी, उनकी फसल को भी नुकसान पहुंचा है। देर से पकने वाली नाटी मंसूरी यानी एमटीयू-7029 धान की बालियां जमीन पर गिर गई हैं, जिससे इसकी पैदावार पर करीब 50 प्रतिशत तक असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने बताया कि एक बीघा धान की फसल तैयार करने में जुताई, रोपाई, दवा, सोहनी, सिंचाई और मजदूरी सहित लगभग 15 हजार रुपये की लागत आती है। ऐसे में फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वहीं जिन किसानों ने सरसों, मटर, मसूर और आलू की बुवाई कर दी है,

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उनके खेतों में पानी भरने से इन फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई किसानों के कच्चे मकान भी बारिश और तेज हवा के कारण गिर गए हैं। पिछले साल के मुआवजे पर भी उठाए सवाल: राकेश सिंह ने पिछले वर्ष 29 अक्टूबर से 1 नवंबर 2025 तक मोनथा चक्रवात के कारण हुई तबाही का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी धान की फसलों को भारी नुकसान हुआ था। खेतों में महीनों तक पानी भरा रहने के कारण किसान रबी की फसलों की बुवाई तक नहीं कर पाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष फसल क्षति का सर्वे कागजों में हुआ, लेकिन पीड़ित किसानों को आज तक एक रुपये की भी सहायता नहीं मिली। तत्कालीन अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह ने किसान दिवस में बताया था कि रतनपुरा ब्लॉक के 297 किसानों की क्षति रिपोर्ट शासन को भेजी गई है और उन्हें सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन किसानों को अब तक राहत नहीं मिली। भाजपा किसान नेता राकेश सिंह ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस बार बारिश से हुई क्षति का प्लांट-टू-प्लांट यानी खेत-दर-खेत वास्तविक सर्वे कराया जाए। साथ ही फसल बर्बाद होने वाले किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और जिन गरीब किसानों के कच्चे मकान गिरे हैं, उन्हें भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। अंतिम लाइन: अब सवाल यह है कि क्या इस बार किसानों की बर्बादी का सही आकलन होगा और उन्हें समय रहते मुआवजा मिलेगा, या फिर पिछले साल की तरह इस बार भी किसान सरकारी सहायता के इंतजार में रह जाएंगे?

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    मऊ में बारिश और तेज आंधी से किसानों की कमर टूटी, धान की फसल बर्बाद; राकेश सिंह ने की सर्वे और मुआवजे की मांग
मऊ जनपद में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल जमीन पर गिर गई है, तो वहीं खेतों में पानी भरने से रबी की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कई गांवों में कच्चे मकान भी गिर गए हैं। किसानों की इस बदहाल स्थिति को लेकर जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा किसान नेता राकेश सिंह ने जिला प्रशासन से किसानों की फसलों का निष्पक्ष सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा किसान नेता राकेश सिंह ने बताया कि लगातार बारिश और तेज हवाओं के चलते धान की तैयार फसल खेतों में गिर गई है। जिन किसानों ने धान की कटाई कर ली थी, उनकी फसल को भी नुकसान पहुंचा है। देर से पकने वाली नाटी मंसूरी यानी एमटीयू-7029 धान की बालियां जमीन पर गिर गई हैं, जिससे इसकी पैदावार पर करीब 50 प्रतिशत तक असर पड़ने की आशंका है।
उन्होंने बताया कि एक बीघा धान की फसल तैयार करने में जुताई, रोपाई, दवा, सोहनी, सिंचाई और मजदूरी सहित लगभग 15 हजार रुपये की लागत आती है। ऐसे में फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
वहीं जिन किसानों ने सरसों, मटर, मसूर और आलू की बुवाई कर दी है, उनके खेतों में पानी भरने से इन फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई किसानों के कच्चे मकान भी बारिश और तेज हवा के कारण गिर गए हैं।
पिछले साल के मुआवजे पर भी उठाए सवाल:
राकेश सिंह ने पिछले वर्ष 29 अक्टूबर से 1 नवंबर 2025 तक मोनथा चक्रवात के कारण हुई तबाही का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी धान की फसलों को भारी नुकसान हुआ था। खेतों में महीनों तक पानी भरा रहने के कारण किसान रबी की फसलों की बुवाई तक नहीं कर पाए थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष फसल क्षति का सर्वे कागजों में हुआ, लेकिन पीड़ित किसानों को आज तक एक रुपये की भी सहायता नहीं मिली। तत्कालीन अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह ने किसान दिवस में बताया था कि रतनपुरा ब्लॉक के 297 किसानों की क्षति रिपोर्ट शासन को भेजी गई है और उन्हें सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन किसानों को अब तक राहत नहीं मिली।
भाजपा किसान नेता राकेश सिंह ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस बार बारिश से हुई क्षति का प्लांट-टू-प्लांट यानी खेत-दर-खेत वास्तविक सर्वे कराया जाए। साथ ही फसल बर्बाद होने वाले किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और जिन गरीब किसानों के कच्चे मकान गिरे हैं, उन्हें भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
अंतिम लाइन:
अब सवाल यह है कि क्या इस बार किसानों की बर्बादी का सही आकलन होगा और उन्हें समय रहते मुआवजा मिलेगा, या फिर पिछले साल की तरह इस बार भी किसान सरकारी सहायता के इंतजार में रह जाएंगे?
    user_विनय कुमार श्रीवास्तव
    विनय कुमार श्रीवास्तव
    मऊ, मऊ, उत्तर प्रदेश•
    57 min ago
  • बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात का असर पूर्वांचल तक! क्या अगले 1–2 दिन बारिश और तेज हवाओं से मिलेगी राहत? 🌧️ पूर्वांचल में चक्रवात अर्नब का असर, बारिश और तेज हवाओं से बदला मौसम नवोदय वार्ता | मौसम विशेष रिपोर्ट नमस्कार! आप देख रहे हैं नवोदय वार्ता और मैं हूं आपके साथ। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब का असर अब उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों, यानी हमारे पूर्वांचल में भी देखने को मिल रहा है। मऊ, आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया, गोरखपुर और आसपास के जिलों में मौसम ने करवट ली है। आसमान में बादलों का डेरा है और बारिश के कारण लोगों को बदलते मौसम का एहसास हो रहा है। जिस चक्रवात का असर समुद्र तटीय राज्यों में देखा गया, उसी मौसम प्रणाली का प्रभाव अब उत्तर भारत तक पहुंचा है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा जैसे तटीय इलाकों में तूफान का गंभीर असर देखने को मिला, जबकि उत्तर प्रदेश में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है। लेकिन सवाल है कि पूर्वांचल में मौसम का यह मिजाज आखिर कब तक बना रहेगा? मौसम संबंधी पूर्वानुमानों के अनुसार, 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है। 31 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है, हालांकि हर जिले में मौसम की स्थिति एक जैसी नहीं रहेगी। इस बदलते मौसम का असर आम जनजीवन के साथ किसानों पर भी पड़ सकता है। खेतों में खड़ी फसल, कटाई के बाद खुले में रखा अनाज और ग्रामीण इलाकों में जलभराव जैसी समस्याएं चिंता बढ़ा सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें। तेज हवा और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचें। पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माणों से दूरी बनाए रखें। किसानों से भी अपील है कि वे अपनी फसल और कृषि उपज को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी इंतजाम करें। फिलहाल पूर्वांचल के लोगों के लिए सावधानी बेहद जरूरी है। मौसम कब और कितना करवट लेगा, यह स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। मौसम की हर जरूरी अपडेट के लिए जुड़े रहिए नवोदय वार्ता के साथ। नवोदय वार्ता — सच दिखाने का वादा।
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    बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात का असर पूर्वांचल तक! क्या अगले 1–2 दिन बारिश और तेज हवाओं से मिलेगी राहत?
🌧️ पूर्वांचल में चक्रवात अर्नब का असर, बारिश और तेज हवाओं से बदला मौसम
नवोदय वार्ता | मौसम विशेष रिपोर्ट
नमस्कार! आप देख रहे हैं नवोदय वार्ता और मैं हूं आपके साथ।
बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब का असर अब उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों, यानी हमारे पूर्वांचल में भी देखने को मिल रहा है। मऊ, आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया, गोरखपुर और आसपास के जिलों में मौसम ने करवट ली है। आसमान में बादलों का डेरा है और बारिश के कारण लोगों को बदलते मौसम का एहसास हो रहा है।
जिस चक्रवात का असर समुद्र तटीय राज्यों में देखा गया, उसी मौसम प्रणाली का प्रभाव अब उत्तर भारत तक पहुंचा है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा जैसे तटीय इलाकों में तूफान का गंभीर असर देखने को मिला, जबकि उत्तर प्रदेश में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है।
लेकिन सवाल है कि पूर्वांचल में मौसम का यह मिजाज आखिर कब तक बना रहेगा?
मौसम संबंधी पूर्वानुमानों के अनुसार, 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है। 31 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है, हालांकि हर जिले में मौसम की स्थिति एक जैसी नहीं रहेगी।
इस बदलते मौसम का असर आम जनजीवन के साथ किसानों पर भी पड़ सकता है। खेतों में खड़ी फसल, कटाई के बाद खुले में रखा अनाज और ग्रामीण इलाकों में जलभराव जैसी समस्याएं चिंता बढ़ा सकती हैं।
ऐसे में जरूरी है कि लोग मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें। तेज हवा और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचें। पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माणों से दूरी बनाए रखें। किसानों से भी अपील है कि वे अपनी फसल और कृषि उपज को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी इंतजाम करें।
फिलहाल पूर्वांचल के लोगों के लिए सावधानी बेहद जरूरी है। मौसम कब और कितना करवट लेगा, यह स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
मौसम की हर जरूरी अपडेट के लिए जुड़े रहिए नवोदय वार्ता के साथ।
नवोदय वार्ता — सच दिखाने का वादा।
    user_नवोदय वार्ता
    नवोदय वार्ता
    Newspaper publisher मऊ, मऊ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • *मुंबई को चाहिए - विकास भी और सांस भी!* एक तरफ हमारे मजदूर भाई पसीना बहाकर रोड बना रहे हैं - ताकि गाड़ियां चलें, ट्रैफिक कम हो। दूसरी तरफ यही हरे पेड़ हमें फ्री में ऑक्सीजन दे रहे हैं - ताकि हम जिंदा रहें! *एक के बिना दूसरा अधूरा है!* रोड नहीं होगी तो शहर नहीं चलेगा, पेड़ नहीं होंगे तो शहर में सांस नहीं चलेगी! *इसलिए मेरा नारा है -* *"जहाँ एक रोड बने, वहाँ एक पेड़ भी लगे!"* BMC को चाहिए - हर नई रोड के साथ 10 नए पेड़ लगाए! ठेकेदार को चाहिए - रोड बनाते वक्त पुराने पेड़ों को बचाए! *क्या आप मेरी इस बात से सहमत हैं?* *हाँ तो कमेंट में लिखें - "दोनों काम होने चाहिए"* 📸 रिपोर्ट: पत्रकार अब्दुल रहमान इदरीसी - मुंबई #DonoKaamHoneChahiye #RoadAndTree #GreenMumbai #MumbaiRoads #SaveTree #Oxygen #MumbaiNews #BMC #DevelopmentWithNature #MauKrantiNews #AbdulRahmanIdrisi #Viral #Mumbaikar #PlantTrees #MumbaiLife #Environment @mybmc @highlight --- *पत्रकार अब्दुल रहमान इदरीसी* *प्रचार मंत्री - उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत
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    *मुंबई को चाहिए - विकास भी और सांस भी!*

एक तरफ हमारे मजदूर भाई पसीना बहाकर रोड बना रहे हैं - ताकि गाड़ियां चलें, ट्रैफिक कम हो।

दूसरी तरफ यही हरे पेड़ हमें फ्री में ऑक्सीजन दे रहे हैं - ताकि हम जिंदा रहें!

*एक के बिना दूसरा अधूरा है!*

रोड नहीं होगी तो शहर नहीं चलेगा,
पेड़ नहीं होंगे तो शहर में सांस नहीं चलेगी!

*इसलिए मेरा नारा है -*

*"जहाँ एक रोड बने, वहाँ एक पेड़ भी लगे!"*

BMC को चाहिए - हर नई रोड के साथ 10 नए पेड़ लगाए!
ठेकेदार को चाहिए - रोड बनाते वक्त पुराने पेड़ों को बचाए!

*क्या आप मेरी इस बात से सहमत हैं?*
*हाँ तो कमेंट में लिखें - "दोनों काम होने चाहिए"*

📸 रिपोर्ट: पत्रकार अब्दुल रहमान इदरीसी - मुंबई

#DonoKaamHoneChahiye #RoadAndTree #GreenMumbai #MumbaiRoads #SaveTree #Oxygen #MumbaiNews #BMC #DevelopmentWithNature #MauKrantiNews #AbdulRahmanIdrisi #Viral #Mumbaikar #PlantTrees #MumbaiLife #Environment

@mybmc @highlight

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*पत्रकार अब्दुल रहमान इदरीसी*
*प्रचार मंत्री - उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत
    user_अब्दुल रहमान इदरीसी पत्रकार
    अब्दुल रहमान इदरीसी पत्रकार
    Media and information sciences faculty मऊ, मऊ, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • BREAKING GHAZIPUR UP. गाजीपुर में हो रही तूफानी बारिश को लेकर जनता जनार्दन ने क्या कहा जाने Reporting Moinuddin Nazar India CRIME Repoter up BREAKING GHAZIPUR UP. गाजीपुर में हो रही तूफानी बारिश को लेकर जनता जनार्दन ने क्या कहा जाने Reporting Moinuddin Nazar India CRIME Repoter up
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    BREAKING GHAZIPUR UP. गाजीपुर में हो रही तूफानी बारिश को लेकर जनता जनार्दन ने क्या कहा जाने Reporting Moinuddin Nazar India CRIME Repoter up 
BREAKING GHAZIPUR UP. गाजीपुर में हो रही तूफानी बारिश को लेकर जनता जनार्दन ने क्या कहा जाने Reporting Moinuddin Nazar India CRIME Repoter up
    user_Moinuddin
    Moinuddin
    Voice of people गाजीपुर, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश•
    18 min ago
  • गाजीपुर मे 28 अक्टूबर को सांसद चन्द्रशेखर आजाद ने जो कहा वही 29 अक्टूबर को गाजीपुर DM अनुपम शुक्ला ने की घोषणा। Neelam Express रिपोर्टर:- प्रहलाद बौद्ध बात सच की ....
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    गाजीपुर मे 28 अक्टूबर को सांसद चन्द्रशेखर आजाद ने जो कहा वही 29 अक्टूबर को गाजीपुर DM अनुपम शुक्ला ने की घोषणा।
Neelam Express
रिपोर्टर:- प्रहलाद बौद्ध
बात सच की ....
    user_Prahlad Baudh
    Prahlad Baudh
    News Anchor गाजीपुर, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • बारिश का फायदा उठाकर बाइक चोरी, बैंक ऑफ बड़ौदा गली के पास वारदात बेल्थरा रोड। नगर के वार्ड नंबर-03 में बैंक ऑफ बड़ौदा गली के पास बाइक चोरी की घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि बारिश के दौरान एक संदिग्ध करीब 20 मिनट तक गली में घूमता रहा और कई गाड़ियों को चोरी करने का प्रयास किया। अंत में वह एक बाइक लेकर फरार हो गया। चोरी हुई बाइक हीरो पैशन प्रो (नंबर DL 7S BN 4194) है, जो अनिकेश कुमार के नाम से बताई जा रही है। स्थानीय लोगों से अपील है कि यदि किसी को बाइक दिखाई दे या घटना से जुड़ी कोई जानकारी मिले, तो तत्काल संबंधित व्यक्ति अथवा पुलिस को सूचित करें।
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    बारिश का फायदा उठाकर बाइक चोरी, बैंक ऑफ बड़ौदा गली के पास वारदात

बेल्थरा रोड। नगर के वार्ड नंबर-03 में बैंक ऑफ बड़ौदा गली के पास बाइक चोरी की घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि बारिश के दौरान एक संदिग्ध करीब 20 मिनट तक गली में घूमता रहा और कई गाड़ियों को चोरी करने का प्रयास किया। अंत में वह एक बाइक लेकर फरार हो गया।
चोरी हुई बाइक हीरो पैशन प्रो (नंबर DL 7S BN 4194) है, जो अनिकेश कुमार के नाम से बताई जा रही है। स्थानीय लोगों से अपील है कि यदि किसी को बाइक दिखाई दे या घटना से जुड़ी कोई जानकारी मिले, तो तत्काल संबंधित व्यक्ति अथवा पुलिस को सूचित करें।
    user_धीरज कुमार गुप्ता / पत्रकार
    धीरज कुमार गुप्ता / पत्रकार
    Food Manufacturing Company Belthara Road, Ballia•
    21 hrs ago
  • आजमगढ़ : मुबारकपुर पुलिस की छापेमारी में छिपाकर रखे थे दो लाख के पटाखे, 323 किलो बरामद आजमगढ़। आगामी त्योहारों के मद्देनजर अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में मुबारकपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कस्बे के पुरारानी मोहल्ले में एक किराये के मकान पर छापेमारी कर करीब दो लाख रुपये कीमत के 323 किलोग्राम पटाखे बरामद किए हैं। मामले में गुलाब गुप्ता के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमें गठित की गई हैं। पुलिस के अनुसार, अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा और डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह के निर्देशन तथा एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के नेतृत्व में अवैध पटाखों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुबारकपुर पुलिस ने पुरारानी मोहल्ले में स्थित एक किराये के मकान में छापेमारी की। तलाशी के दौरान विभिन्न कंपनियों के 323 किलोग्राम पटाखे बरामद हुए। बरामद पटाखों में फूलझड़ी, मिर्ची बम, पाप-अप बम, रॉकेट, चकरी, अनार और मिनी बुलेट बम सहित कई प्रकार के पटाखे शामिल हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने मुबारकपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 381/2026 के तहत विस्फोटक अधिनियम की धारा 5/9बी में मुकदमा दर्ज किया है। सहायक पुलिस अधीक्षक एवं सीओ सदर ईश्वर लाल गुर्जर ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमें लगाई गई हैं। अवैध रूप से पटाखों का भंडारण और बिक्री करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
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    आजमगढ़ : मुबारकपुर पुलिस की छापेमारी में छिपाकर रखे थे दो लाख के पटाखे, 323 किलो बरामद
आजमगढ़। आगामी त्योहारों के मद्देनजर अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में मुबारकपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कस्बे के पुरारानी मोहल्ले में एक किराये के मकान पर छापेमारी कर करीब दो लाख रुपये कीमत के 323 किलोग्राम पटाखे बरामद किए हैं। मामले में गुलाब गुप्ता के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस के अनुसार, अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा और डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह के निर्देशन तथा एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के नेतृत्व में अवैध पटाखों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुबारकपुर पुलिस ने पुरारानी मोहल्ले में स्थित एक किराये के मकान में छापेमारी की। तलाशी के दौरान विभिन्न कंपनियों के 323 किलोग्राम पटाखे बरामद हुए।
बरामद पटाखों में फूलझड़ी, मिर्ची बम, पाप-अप बम, रॉकेट, चकरी, अनार और मिनी बुलेट बम सहित कई प्रकार के पटाखे शामिल हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने मुबारकपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 381/2026 के तहत विस्फोटक अधिनियम की धारा 5/9बी में मुकदमा दर्ज किया है।
सहायक पुलिस अधीक्षक एवं सीओ सदर ईश्वर लाल गुर्जर ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमें लगाई गई हैं। अवैध रूप से पटाखों का भंडारण और बिक्री करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
    user_Arun Pandey
    Arun Pandey
    आजमगढ़, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • मऊ में बिजली विभाग की लापरवाही! आबादी के ऊपर से गुजर रहा खुला बिजली का तार, हादसे का इंतजार कर रहा विभाग मऊ जनपद में बिजली विभाग की लापरवाही किसी बड़े हादसे को दावत दे रही है। शहर के हनुमान नगर शिक्षक कॉलोनी, भीटी में आबादी के ऊपर से गुजर रहा बिजली का खुला तार मोहल्लेवासियों के लिए खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में मोहल्लेवासियों के मन में हर वक्त किसी अनहोनी का डर बना रहता है। लोगों का सवाल है कि आखिर बिजली विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है?
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    मऊ में बिजली विभाग की लापरवाही! आबादी के ऊपर से गुजर रहा खुला बिजली का तार, हादसे का इंतजार कर रहा विभाग
मऊ जनपद में बिजली विभाग की लापरवाही किसी बड़े हादसे को दावत दे रही है। शहर के हनुमान नगर शिक्षक कॉलोनी, भीटी में आबादी के ऊपर से गुजर रहा बिजली का खुला तार मोहल्लेवासियों के लिए खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में मोहल्लेवासियों के मन में हर वक्त किसी अनहोनी का डर बना रहता है। लोगों का सवाल है कि आखिर बिजली विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है?
    user_विनय कुमार श्रीवास्तव
    विनय कुमार श्रीवास्तव
    मऊ, मऊ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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