शनिवार सुबह गंगापुरसिटी शहर के चौपड़ बाजार में नाले की सफाई करते समय एक 35 वर्षीय सफाई कर्मचारी शिवकुमार को एक विषैले सांप ने काट लिया। यह घटना सुबह करीब 7 बजे हुई, जब वे सफाई कार्य में लगे थे और अचानक सांप निकलकर उन पर हमला कर दिया। मौके पर मौजूद जमादार रामावतार ने तत्परता दिखाते हुए शिवकुमार को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि शिवकुमार को समय पर अस्पताल लाने से उनकी जान बचाई जा सकी। फिलहाल उन्हें एंटी-वेनम दिया जा रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर व स्थिर बनी हुई है। घटना की जानकारी मिलने पर डॉ. बी.आर. अंबेडकर महासभा गंगापुरसिटी के अध्यक्ष सतीश धामोनिया भी अस्पताल पहुंचे और शिवकुमार का कुशलक्षेम जाना, साथ ही उनकी हालत को डॉक्टरों की निगरानी में स्थिर बताया। इस घटना के बाद सभी सफाई कर्मचारियों को काम के दौरान जूते और दस्ताने पहनने की सलाह दी गई है।
शनिवार सुबह गंगापुरसिटी शहर के चौपड़ बाजार में नाले की सफाई करते समय एक 35 वर्षीय सफाई कर्मचारी शिवकुमार को एक विषैले सांप ने काट लिया। यह घटना सुबह करीब 7 बजे हुई, जब वे सफाई कार्य में लगे थे और अचानक सांप निकलकर उन पर हमला कर दिया। मौके पर मौजूद जमादार रामावतार ने तत्परता दिखाते हुए शिवकुमार को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि शिवकुमार को समय पर अस्पताल लाने से उनकी जान बचाई जा सकी। फिलहाल उन्हें एंटी-वेनम दिया जा रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर व स्थिर बनी हुई है। घटना की जानकारी मिलने पर डॉ. बी.आर. अंबेडकर महासभा गंगापुरसिटी के अध्यक्ष सतीश धामोनिया भी अस्पताल पहुंचे और शिवकुमार का कुशलक्षेम जाना, साथ ही उनकी हालत को डॉक्टरों की निगरानी में स्थिर बताया। इस घटना के बाद सभी सफाई कर्मचारियों को काम के दौरान जूते और दस्ताने पहनने की सलाह दी गई है।
- गंगापुर सिटी स्थित माई इंदरगढ़ दरबार में एक भव्य जागरण और चुनरी महोत्सव का आयोजन किया गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर देवी-देवताओं के जयकारों से गूंज उठा। इस भक्तिपूर्ण वातावरण में आयोजित भगवती जागरण में उपस्थित सभी श्रोतागण झूमते हुए नजर आए। महोत्सव के समापन पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ सभी श्रद्धालुओं को श्रद्धापूर्वक प्रसादी का वितरण किया गया।1
- गंगापुर शहर में भारी अतिक्रमण की स्थिति देखने को मिलेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर में बहुत अधिक अतिक्रमण होगा।1
- करौली में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत एक साइकिल रैली का आयोजन किया गया। इस रैली को राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार नायक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कलेक्ट्रेट सर्किल से शुरू होकर, यह साइकिल रैली शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन को जल की प्रत्येक बूंद के महत्व और जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। रविवार दोपहर 2:00 बजे, रैली के प्रतिभागियों ने लोगों से स्वच्छता बनाए रखने, जल की बर्बादी रोकने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर विधायक दर्शन सिंह गुर्जर सहित कई अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।1
- सपोटरा में रविवार को डूंगरी बांध परियोजना को रद्द करने की मांग को लेकर कुशालसिंह बाबा देवस्थान पर किशोर सिंह अडूदा की अध्यक्षता में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। करौली और सवाईमाधोपुर जिले के प्रभावित 76 गांवों से आए हजारों किसानों, युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर बांध का विरोध किया और इस आंदोलन को अंतिम निर्णय तक जारी रखने का संकल्प लिया। महापंचायत में वक्ताओं ने साफ किया कि प्रस्तावित परियोजना से हजारों परिवारों के विस्थापन का संकट खड़ा हो जाएगा, जो किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है; यह 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान है। पूर्व अधीक्षण अभियंता आशाराम मीणा ने आरोप लगाया कि डूंगरी बांध परियोजना से जुड़े सभी तकनीकी, सामाजिक और पर्यावरणीय तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया गया है, और 32 बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी का भी जवाब नहीं मिला है। उन्होंने अजनोटी स्थित मीणा हाईकोर्ट मैदान में 21 जनवरी 2026 को हुए ट्रैक्टर मार्च को प्रशासन की सहमति से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न बताया, लेकिन इसके बावजूद थाना सूरवाल में एफआईआर संख्या 0017/2026 और 0018/2026 दर्ज कर आंदोलनकारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई। हेमराज दीवाकर ने केंद्र सरकार पर किसानों और ग्रामीणों की आवाज को अनसुना करने का आरोप लगाया और बनास नदी पर बांध बनाने के बजाय वैकल्पिक जल प्रबंधन योजनाओं पर विचार करने को कहा। विशाल खूबपुरा ने डूंगरी बांध और टाइगर रिजर्व जैसी योजनाओं के नाम पर लोगों को उनके गांवों और जमीनों से बेदखल करने की कोशिश का विरोध करते हुए आंदोलन को गैर-राजनीतिक रखते हुए जन-एकता बनाए रखने का आह्वान किया। मुकेश भू-प्रेमी ने आंदोलन को पूरी तरह गांधीवादी बताया, जबकि प्रहलाद दीवानपुरा ने इसे केवल जमीन का नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन को बचाने का संघर्ष बताया। लोकेंद्र सिंह भरतपुर ने विकास के नाम पर ग्रामीणों के प्राकृतिक संसाधनों को छीनने का विरोध करते हुए कहा कि विकास जनता की इच्छा और आवश्यकता के अनुरूप होना चाहिए। पूर्व आईएएस पी.आर. मीणा ने डूंगरी बांध संघर्ष समिति के पुनर्गठन का सुझाव देते हुए आंदोलन को और मजबूत बनाने की बात कही, और सभी गांवों से अंतिम निर्णय तक संगठित रहने का आग्रह किया। मौलाना अफसाद खान ने कहा कि मुस्लिम समुदाय भी इस संघर्ष में प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़ा है, क्योंकि यह किसी धर्म या जाति का नहीं, बल्कि क्षेत्र के अस्तित्व और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है। महापंचायत के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी पंकज बडगूजर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में डूंगरी बांध परियोजना को निरस्त करने तथा अजनोटी प्रकरण में दर्ज मुकदमों को वापस लेने की प्रमुख मांगें शामिल थीं। इस दौरान तहसीलदार दिलीप कुमार अग्रवाल, पुलिस उपाधीक्षक सुनील कुमार, थाना प्रभारी अबजीत कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।2
- अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष और राज्य मंत्री राजेंद्र कुमार नायक के हिण्डौन पहुँचने पर स्थानीय भाजपाईयों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उन्हें माला और साफा पहनाकर सम्मानित किया गया। उनके साथ आशा नायक और PA राजकुमार का भी इसी प्रकार स्वागत किया गया। 'बंदे गंगा जल संरक्षण जन जन व साइकिल रैली एवं परिंडें अभियान' के तहत भाजपा पदाधिकारी और जन प्रतिनिधियों ने नायक से मुलाकात की। इस बैठक में पूर्व विधायका राजकुमारी जाटव, महिला मोर्चा करौली जिलाध्यक्ष लज्जा रानी अग्रवाल, SC मोर्चा जिला अध्यक्ष संपत कोली, जिला उपाध्यक्ष गोपाल गुर्जर और सत्येंद्र चौधरी, सूरौठ मंडल अध्यक्ष पिंटू सोलंकी, पूर्व मंडल अध्यक्ष चरण सिंह सोलंकी, सौंन्टू गोयल, मोहन सिनेमा, चंदू कोली, विष्णु प्रजापत, लाडम सिंह, लुकमान सैफी, अतीक खान, रामेश्वर धाकड़, प्रेम सिंह नैनिया और सुरेश करसोलिया सहित कई प्रमुख नेताओं ने बारी-बारी से राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की।4
- यह माँग उठाई गई है कि गाय को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए।1
- राजस्थान के रेलवे नेटवर्क में जल्द ही बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे, जहां केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्य में चल रहे और आगामी रेलवे प्रोजेक्ट्स को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पटरियों की क्षमता बढ़ने से संबंधित उन सभी बाधाओं को जल्द ही दूर किया जाएगा जिनके कारण नई ट्रेनें शुरू नहीं हो पा रही थीं। रेल मंत्री ने दावा किया है कि आगामी 10 वर्षों में राजस्थान को देश के विभिन्न हिस्सों और आपसी क्षेत्रों से जोड़ने वाली 200 से अधिक नई ट्रेनें शुरू की जाएंगी। एक जनसभा को संबोधित करते हुए रेल मंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार राजस्थान के रेलवे नेटवर्क को सुधारने और आधुनिक बनाने के लिए आजादी के बाद से हुए कुल कार्य से भी अधिक काम कर रही है। उन्होंने आस्था के केंद्रों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने पर विशेष जोर दिया, जिसमें हिंदू संस्कृति में विशेष स्थान रखने वाले तीर्थ स्थल पुष्कर जी को मेड़ता से सीधे जोड़ने के लिए नई रेल लाइन पर काम चल रहा है। इसके साथ ही, अंबाजी माता मंदिर को पूरे भारतीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए तरंगा हिल से अंबाजी माता तक रेलवे लाइन बिछाने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, इस ऐलान के बाद जनसभा में "जय अंबाजी" के नारे भी गूंजे। यातायात को सुगम बनाने और ट्रेनों की लेटलतीफी को खत्म करने के लिए कई मुख्य रूटों पर दोहरीकरण और तीसरी लाइन का काम जारी है। इसमें मथुरा से धौलपुर और झांसी होते हुए तीसरी लाइन का निर्माण शामिल है, साथ ही रेवाड़ी से काठूवास, रींगस से सीकर और सवाई माधोपुर से जयपुर के बीच लाइनों का दोहरीकरण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, नीमच से बड़ी सादड़ी, रामगंज मंडी से भोपाल और शिवपुर कलां से कोटा के बीच नई रेल लाइनें बिछाई जा रही हैं। धौलपुर से सरमथुरा और गंगापुर सिटी के बीच नैरो गेज को ब्रॉड गेज (बड़ी लाइन) में बदलने का काम भी प्रगति पर है। रेल मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि जैसे-जैसे एक-एक प्रोजेक्ट पूरा होता जाएगा, वैसे-वैसे नई गाड़ियाँ पटरी पर उतरनी शुरू हो जाएंगी और राजस्थान के यात्रियों को अब सीटों और ट्रेनों की कमी से नहीं जूझना पड़ेगा।1
- सवाई माधोपुर जिले के बौंली थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें तेज रफ्तार यात्री बस आगे चल रहे ट्रोले से जा टकराई। इस भीषण टक्कर में बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस में सवार 18 से अधिक यात्री घायल हो गए। यह हादसा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के चैनल नंबर 257 पर हुआ, जहां टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही बौंली थाना पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। बौंली थाना अधिकारी जितेंद्र सिंह सोलंकी और एएसआई रोहिताश सिंह पुलिस जाब्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बस से बाहर निकालकर एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बौंली पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटवाकर यातायात व्यवस्था बहाल कराई। मृतक चालक के शव को बौंली अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है और उसके परिजनों को भी सूचना दे दी गई है। पुलिस अब इस हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है।4