लोकल न्यूज बीना लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत गरीबी को मात देकर ढुरढुरु की नैना ने रचा इतिहास, हाईस्कूल में 94% अंक लाकर बनी प्रेरणा प्रतिभा कभी संसाधनों की मोहताज नहीं होती… बीना के ढुरढुरु गाँव की बेटी नैना ने इसे सच कर दिखाया है। सीमित संसाधनों और अभावों के बीच रहकर बिना किसी कोचिंग के हाईस्कूल परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक हासिल कर नैना ने न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। नैना की यह सफलता उन हजारों बच्चों के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में भी बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। मिट्टी के घर, सीमित संसाधन और संघर्षभरी जिंदगी… लेकिन इन सबके बीच नैना के हौसले कभी कमजोर नहीं पड़े। घर के कामकाज में माँ का हाथ बंटाते हुए, चूल्हे की आंच और जिम्मेदारियों के बीच नैना ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। बिना किसी महंगी कोचिंग और सुख-सुविधाओं के, सिर्फ मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर नैना ने हाईस्कूल परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि सफलता केवल मेहनत मांगती है, साधन नहीं। नैना की इस शानदार उपलब्धि की खबर पूरे क्षेत्र में गर्व का विषय बन गई। उसकी सफलता पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष नीतू राय विशेष रूप से उसके घर पहुँचीं और पुष्पगुच्छ व मिठाई देकर उसका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि नैना जैसी बेटियाँ समाज के लिए प्रेरणा हैं, जो यह संदेश देती हैं कि प्रतिभा कभी अभावों से नहीं रुकती। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष नीतू राय ने बताया “नैना जैसी बेटियाँ समाज का गौरव हैं। इन्होंने साबित किया है कि मेहनत और लगन के सामने संसाधनों की कमी भी छोटी पड़ जाती है।” नैना का सपना अब और बड़ा है। वह आईएएस अधिकारी बनकर देश सेवा करना चाहती है। ढुरढुरु गाँव की इस होनहार बेटी की सफलता ने पूरे गाँव में खुशी का माहौल बना दिया है। आज नैना सिर्फ अपने परिवार की शान नहीं, बल्कि हर उस बच्चे के लिए मिसाल बन गई है जो अभावों के बावजूद अपने सपनों को सच करना चाहता है। नैना की कहानी बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो गरीबी कभी सपनों की बेड़ियाँ नहीं बन सकती। बीना की इस बेटी ने यह साबित कर दिया कि मेहनत की रोशनी सबसे कठिन अंधेरों को भी मात दे सकती है। लोकल न्यूज बीना लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत गरीबी को मात देकर ढुरढुरु की नैना ने रचा इतिहास, हाईस्कूल में 94% अंक लाकर बनी प्रेरणा प्रतिभा कभी संसाधनों की मोहताज नहीं होती… बीना के ढुरढुरु गाँव की बेटी नैना ने इसे सच कर दिखाया है। सीमित संसाधनों और अभावों के बीच रहकर बिना किसी कोचिंग के हाईस्कूल परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक हासिल कर नैना ने न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। नैना की यह सफलता उन हजारों बच्चों के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में भी बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। मिट्टी के घर, सीमित संसाधन और संघर्षभरी जिंदगी… लेकिन इन सबके बीच नैना के हौसले कभी कमजोर नहीं पड़े। घर के कामकाज में माँ का हाथ बंटाते हुए, चूल्हे की आंच और जिम्मेदारियों के बीच नैना ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। बिना किसी महंगी कोचिंग और सुख-सुविधाओं के, सिर्फ मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर नैना ने हाईस्कूल परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि सफलता केवल मेहनत मांगती है, साधन नहीं। नैना की इस शानदार उपलब्धि की खबर पूरे क्षेत्र में गर्व का विषय बन गई। उसकी सफलता पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष नीतू राय विशेष रूप से उसके घर पहुँचीं और पुष्पगुच्छ व मिठाई देकर उसका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि नैना जैसी बेटियाँ समाज के लिए प्रेरणा हैं, जो यह संदेश देती हैं कि प्रतिभा कभी अभावों से नहीं रुकती। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष नीतू राय ने बताया “नैना जैसी बेटियाँ समाज का गौरव हैं। इन्होंने साबित किया है कि मेहनत और लगन के सामने संसाधनों की कमी भी छोटी पड़ जाती है।” नैना का सपना अब और बड़ा है। वह आईएएस अधिकारी बनकर देश सेवा करना चाहती है। ढुरढुरु गाँव की इस होनहार बेटी की सफलता ने पूरे गाँव में खुशी का माहौल बना दिया है। आज नैना सिर्फ अपने परिवार की शान नहीं, बल्कि हर उस बच्चे के लिए मिसाल बन गई है जो अभावों के बावजूद अपने सपनों को सच करना चाहता है। नैना की कहानी बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो गरीबी कभी सपनों की बेड़ियाँ नहीं बन सकती। बीना की इस बेटी ने यह साबित कर दिया कि मेहनत की रोशनी सबसे कठिन अंधेरों को भी मात दे सकती है।
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- Post by बिजय चोहन1
- लोकल न्यूज बीना लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत गरीबी को मात देकर ढुरढुरु की नैना ने रचा इतिहास, हाईस्कूल में 94% अंक लाकर बनी प्रेरणा प्रतिभा कभी संसाधनों की मोहताज नहीं होती… बीना के ढुरढुरु गाँव की बेटी नैना ने इसे सच कर दिखाया है। सीमित संसाधनों और अभावों के बीच रहकर बिना किसी कोचिंग के हाईस्कूल परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक हासिल कर नैना ने न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। नैना की यह सफलता उन हजारों बच्चों के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में भी बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। मिट्टी के घर, सीमित संसाधन और संघर्षभरी जिंदगी… लेकिन इन सबके बीच नैना के हौसले कभी कमजोर नहीं पड़े। घर के कामकाज में माँ का हाथ बंटाते हुए, चूल्हे की आंच और जिम्मेदारियों के बीच नैना ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। बिना किसी महंगी कोचिंग और सुख-सुविधाओं के, सिर्फ मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर नैना ने हाईस्कूल परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि सफलता केवल मेहनत मांगती है, साधन नहीं। नैना की इस शानदार उपलब्धि की खबर पूरे क्षेत्र में गर्व का विषय बन गई। उसकी सफलता पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष नीतू राय विशेष रूप से उसके घर पहुँचीं और पुष्पगुच्छ व मिठाई देकर उसका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि नैना जैसी बेटियाँ समाज के लिए प्रेरणा हैं, जो यह संदेश देती हैं कि प्रतिभा कभी अभावों से नहीं रुकती। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष नीतू राय ने बताया “नैना जैसी बेटियाँ समाज का गौरव हैं। इन्होंने साबित किया है कि मेहनत और लगन के सामने संसाधनों की कमी भी छोटी पड़ जाती है।” नैना का सपना अब और बड़ा है। वह आईएएस अधिकारी बनकर देश सेवा करना चाहती है। ढुरढुरु गाँव की इस होनहार बेटी की सफलता ने पूरे गाँव में खुशी का माहौल बना दिया है। आज नैना सिर्फ अपने परिवार की शान नहीं, बल्कि हर उस बच्चे के लिए मिसाल बन गई है जो अभावों के बावजूद अपने सपनों को सच करना चाहता है। नैना की कहानी बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो गरीबी कभी सपनों की बेड़ियाँ नहीं बन सकती। बीना की इस बेटी ने यह साबित कर दिया कि मेहनत की रोशनी सबसे कठिन अंधेरों को भी मात दे सकती है।1
- सागर। शहर के गुरुगोविंद सिंह वार्ड में नागरिक सुविधाओं का बुरा हाल है। सड़क पर बहता गंदा पानी, जर्जर रास्ते और बेतहाशा अतिक्रमण ने स्थानीय निवासियों सहित राहगीरों का जीना मुहाल कर दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मीकांत राज ने वार्ड की इन समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। सड़कें जर्जर, नालियों का अभाव वार्डवासियों के अनुसार, क्षेत्र में नालियों का उचित प्रबंध न होने के कारण घरों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिससे स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आए दिन राहगीर इन रास्तों पर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद लक्ष्मीकांत राज ने बताया कि गुरुगोविंद सिंह वार्ड से सदर बाजार को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर व्यापक स्तर पर अतिक्रमण कर लिया गया है। अवैध निर्माण और कब्जे के कारण रास्ता संकरा हो गया है, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। हैरानी की बात यह है कि इसी क्षेत्र से रसूखदार नेताओं और जन प्रतिनिधियों का जुड़ाव है, फिर भी अतिक्रमणकारी बेखौफ हैं। पानी की टंकी और स्कूल पर मंडराता खतरा वार्ड के बड़े नाले में कैंट क्षेत्र के निवासियों द्वारा बड़े पैमाने पर कचरा फेंका जा रहा है। गंदगी के इस अंबार से पास ही स्थित सरकारी स्कूल के बच्चों में संक्रामक बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है। दूषित जल का संकट: गंदगी के कारण विठ्ठल नगर पानी की टंकी का जलस्तर दूषित होने की प्रबल संभावना बनी हुई है, जो पूरे क्षेत्र के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है। दिग्गजों का क्षेत्र, फिर भी उपेक्षा उल्लेखनीय है कि इसी नाले के पास कांग्रेस शहरी जिलाध्यक्ष का निवास है और यहीं से नगर निगम अध्यक्ष के वार्ड का गंदा पानी भी निकलता है। इसके बावजूद सफाई और विकास कार्य ठप पड़े हैं।2
- *आज दिनांक 26.04.2026 को थाना बालाबेहट पर कस्बा बालाबेहट निवासी रामचरन द्वारा सूचना दी गयी कि उसके पुत्र अजय सहरिया उम्र करीब 18 वर्ष द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली गयी है । उक्त सूचना पर थाना बालाबेहट पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को नियमानुसार कब्जा पुलिस लेकर पंचायतनामा की कार्यवाही पूर्ण कर वास्ते पोस्टमार्टम मोर्चरी ललितपुर भेजा गया है । मृतक के शरीर पर कोई जाहिरा चोट के निशान नही है । अब तक की जांच व जानकारी करने पर प्रथम दृष्टया ज्ञात हुआ कि मृतक अजय उपरोक्त का गांव की ही एक युवती से प्रेम प्रसंग था ,जिसकी शादी किसी ओर व्यक्ति के साथ होने से क्षुब्द होकर अजय उपरोक्त द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली गयी है जिसके सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी पाली की बाइट*1
- Post by SUNEEL SINGH1
- कई दिनों से तेज धूप और गर्म हवाओं (लू) ने जनजीवन को प्रभावित कर रखा था। ऐसे में जैसे ही आसमान में बादल छाए और बूंदाबांदी शुरू हुई, तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया। बारिश के चलते बाजारों और सड़कों पर भी लोगों के चेहरे खिल उठे।1
- चंदेरी के पुराने पेट्रोल पंप के सामने 25 अप्रैल की रात करीबन 10:15 बजे पिकअप और मोटरसाइकिल में आमने-सामने की टक्कर हो गई जिसमें दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए और एक युवक सुरक्षित रहा घायलो को एंबुलेंस की मदद से चंदेरी सिविल अस्पताल उपचार के लिए लाया गया जहां से एक युवक को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार यह युवक चंदेरी के पटकुइया मोहल्ले के निवासी हैं और इस घटनाक्रम में अज्ञात पिकअप वाहन चालक टक्कर मारकर भाग गया।1
- Post by बिजय चोहन1