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➡️ कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की संवेदनशीलता अत्यंत गर्मी को देखते हुए प्री प्राईमरी से कक्षा 5वीं तक की कक्षाओं के साथ कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 27 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश घोषित किया गया।
SUNEEL SINGH
➡️ कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की संवेदनशीलता अत्यंत गर्मी को देखते हुए प्री प्राईमरी से कक्षा 5वीं तक की कक्षाओं के साथ कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 27 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश घोषित किया गया।
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- सागर के चकराघाट पर आयोजित भाजपा के महिला जन आक्रोश सम्मेलन में अपेक्षित भीड़ नहीं जुट पाई। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली नजर आईं, जिससे आयोजन की तैयारियों और दावों पर सवाल खड़े हो गए। सम्मेलन के दौरान मंच पर मौजूद विधायक और सांसद अपने संबोधन देते रहे, लेकिन सामने बैठी श्रोताओं की संख्या काफी कम रही। कार्यक्रम को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा पहले व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया था, बावजूद इसके भीड़ का अभाव साफ दिखाई दिया।1
- सागर - शहर में देशी फ्रिज की धूम1
- *विधायक प्रदीप लारिया की तत्परता से टला बड़ा हादसा, विद्युत डीपी में लगी आग पर पाया काबू* (रजाखेड़ी): आज सुबह रजाखेड़ी बजरिया स्थित एक विद्युत डीपी में अचानक भीषण आग लग गई। सुखद संयोग रहा कि उसी समय क्षेत्रीय विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया अपनी नियमित मॉर्निंग वॉक पर वहाँ से गुजर रहे थे। खतरे को देखते हुए विधायक श्री लारिया ने तुरंत सक्रियता दिखाई और तत्काल दूरभाष पर फायर ब्रिगेड को सूचित किया। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुँची और आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। विधायक श्री लारिया की इस सजगता और त्वरित निर्णय से एक बड़ा हादसा होने से टल गया।1
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- सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण गर्मी और लू के प्रकोप के बीच रविवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। दिन भर तपा देने वाली धूप और 44 डिग्री सेल्सियस के रिकॉर्ड तापमान के बाद देर शाम हुई तेज बारिश ने जिले वासियों को बड़ी राहत दिलाई है। मई की शुरुआत से पहले ही सागर में पारा आसमान छू रहा था, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित था। दोपहर के समय सड़कें सूनी हो रही थीं, लेकिन शाम होते-होते आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस दौरान जहां सागर में आंधी और बूंदा बांदी हुई वही जिले के राहतगढ़ तथा जरुआखेड़ा सहित अन्य कस्बाई क्षेत्रों में तेज हवा के साथ बारिश हुई इस अचानक हुए बदलाव से वातावरण में ठंडक घुल गई है और लोगों ने उमस भरी गर्मी से राहत की सांस ली है।3
- Post by बिजय चोहन1
- सागर के चकराघाट पर आयोजित भाजपा के महिला जन आक्रोश सम्मेलन में अपेक्षित भीड़ नहीं जुट पाई। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली नजर आईं, जिससे आयोजन की तैयारियों और दावों पर सवाल खड़े हो गए। सम्मेलन के दौरान मंच पर मौजूद विधायक और सांसद अपने संबोधन देते रहे, लेकिन सामने बैठी श्रोताओं की संख्या काफी कम रही। कार्यक्रम को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा पहले व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया था, बावजूद इसके भीड़ का अभाव साफ दिखाई दिया। जानकारी के अनुसार, यह सम्मेलन महिलाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था, जिसमें पार्टी के जनप्रतिनिधियों ने सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को गिनाया। हालांकि, कम उपस्थिति के कारण कार्यक्रम का असर फीका पड़ता नजर आया। स्थानीय स्तर पर इस आयोजन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों ने इसे भाजपा की कमजोर पकड़ का संकेत बताते हुए निशाना साधा है, वहीं पार्टी के कुछ कार्यकर्ता इसे व्यवस्थागत कमी और समय चयन की वजह बता रहे हैं। फिलहाल, चकराघाट पर आयोजित इस सम्मेलन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें खाली कुर्सियां साफ देखी जा सकती हैं।1
- Post by बिजय चोहन1
- लोकल न्यूज बीना लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत गरीबी को मात देकर ढुरढुरु की नैना ने रचा इतिहास, हाईस्कूल में 94% अंक लाकर बनी प्रेरणा प्रतिभा कभी संसाधनों की मोहताज नहीं होती… बीना के ढुरढुरु गाँव की बेटी नैना ने इसे सच कर दिखाया है। सीमित संसाधनों और अभावों के बीच रहकर बिना किसी कोचिंग के हाईस्कूल परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक हासिल कर नैना ने न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। नैना की यह सफलता उन हजारों बच्चों के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में भी बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। मिट्टी के घर, सीमित संसाधन और संघर्षभरी जिंदगी… लेकिन इन सबके बीच नैना के हौसले कभी कमजोर नहीं पड़े। घर के कामकाज में माँ का हाथ बंटाते हुए, चूल्हे की आंच और जिम्मेदारियों के बीच नैना ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। बिना किसी महंगी कोचिंग और सुख-सुविधाओं के, सिर्फ मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर नैना ने हाईस्कूल परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि सफलता केवल मेहनत मांगती है, साधन नहीं। नैना की इस शानदार उपलब्धि की खबर पूरे क्षेत्र में गर्व का विषय बन गई। उसकी सफलता पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष नीतू राय विशेष रूप से उसके घर पहुँचीं और पुष्पगुच्छ व मिठाई देकर उसका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि नैना जैसी बेटियाँ समाज के लिए प्रेरणा हैं, जो यह संदेश देती हैं कि प्रतिभा कभी अभावों से नहीं रुकती। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष नीतू राय ने बताया “नैना जैसी बेटियाँ समाज का गौरव हैं। इन्होंने साबित किया है कि मेहनत और लगन के सामने संसाधनों की कमी भी छोटी पड़ जाती है।” नैना का सपना अब और बड़ा है। वह आईएएस अधिकारी बनकर देश सेवा करना चाहती है। ढुरढुरु गाँव की इस होनहार बेटी की सफलता ने पूरे गाँव में खुशी का माहौल बना दिया है। आज नैना सिर्फ अपने परिवार की शान नहीं, बल्कि हर उस बच्चे के लिए मिसाल बन गई है जो अभावों के बावजूद अपने सपनों को सच करना चाहता है। नैना की कहानी बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो गरीबी कभी सपनों की बेड़ियाँ नहीं बन सकती। बीना की इस बेटी ने यह साबित कर दिया कि मेहनत की रोशनी सबसे कठिन अंधेरों को भी मात दे सकती है।1