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गुना पुलिस ने 17 लाख रुपये की लूट के एक मामले का महज 18 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान सौरभ यादव (विदिशा), राघव शर्मा (आरोन, गुना), राहुल जाटव (भीकमपुर, आरोन) और विजय उर्फ संजीव यादव (अमरोद, अशोकनगर) के रूप में हुई है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से लूट की गई कुल राशि में से 16.77 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार बरामद की है। इस मामले में रूद्र गोस्वामी सहित कुछ अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। गुना पुलिस ने आश्वस्त किया है कि शेष सभी फरार आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
Ram Manohar Mishra
गुना पुलिस ने 17 लाख रुपये की लूट के एक मामले का महज 18 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान सौरभ यादव (विदिशा), राघव शर्मा (आरोन, गुना), राहुल जाटव (भीकमपुर, आरोन) और विजय उर्फ संजीव यादव (अमरोद, अशोकनगर) के रूप में हुई है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से लूट की गई कुल राशि में से 16.77 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार बरामद की है। इस मामले में रूद्र गोस्वामी सहित कुछ अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। गुना पुलिस ने आश्वस्त किया है कि शेष सभी फरार आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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- गुना पुलिस ने 17 लाख रुपये की लूट के एक मामले का महज 18 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान सौरभ यादव (विदिशा), राघव शर्मा (आरोन, गुना), राहुल जाटव (भीकमपुर, आरोन) और विजय उर्फ संजीव यादव (अमरोद, अशोकनगर) के रूप में हुई है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से लूट की गई कुल राशि में से 16.77 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार बरामद की है। इस मामले में रूद्र गोस्वामी सहित कुछ अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। गुना पुलिस ने आश्वस्त किया है कि शेष सभी फरार आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के ग्राम सिरसौद चौराहा में शराब पीकर उत्पात मचाने और अभद्रता करने के आरोप में एक युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। ग्राम निवासी वीरेंद्र सिंह परिहार ने गुरुवार सुबह 10 बजे अमोला थाने में गाँव के ही बहादुर आदिवासी के विरुद्ध एक आवेदन दिया है। वीरेंद्र सिंह परिहार ने अपने आवेदन में बताया है कि वे अपनी दुकान के पास खड़े थे, तभी बहादुर आदिवासी वहाँ आया और उनसे पैसे मांगने लगा। पैसे देने से इनकार करने पर बहादुर आदिवासी ने कथित तौर पर गाली-गलौज की और शराब के नशे में हंगामा करना शुरू कर दिया। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने इस व्यवहार का विरोध किया, तो आरोपी ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। पीड़ित वीरेंद्र सिंह परिहार ने अमोला थाना प्रभारी को सौंपे गए आवेदन में इस पूरे मामले की गहनता से जाँच करने और आरोपी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- शिवपुरी जिले के नरवर में 14 महादेव मंदिर के पीछे स्थित एक खेत में उस समय हड़कंप मच गया जब एक 8 फुट लंबे अजगर ने एक बकरी पर हमला कर दिया। बकरी की तेज़ आवाज़ सुनकर मौके पर पहुंचे उसके मालिक अजगर को देखकर हैरान रह गए। सूचना मिलते ही नरवर के सर्प मित्र सलमान पठान को मौके पर बुलाया गया। सलमान पठान ने तुरंत कार्रवाई करते हुए, अत्यंत सावधानी और कुशलता से उस 8 फुट लंबे अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। सांप को काबू में करने के बाद, उन्होंने मौके पर मौजूद सैकड़ों लोगों को सचेत करते हुए बताया कि इतने बड़े अजगर की पकड़ बेहद खतरनाक होती है और वह अपनी जकड़ से किसी भी जानवर या इंसान का दम घोंटकर उसकी जान ले सकता है। अजगर को रेस्क्यू करने के बाद, सलमान पठान ने उसे पास के सुरक्षित जंगल क्षेत्र में ले जाकर छोड़ दिया। उनकी इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। सलमान पठान ने यह भी बताया कि वे प्रतिदिन लगभग 10 से 15 सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू करते हैं और सांपों के अलावा कई अन्य जंगली जानवरों को भी जीवनदान देते हैं। उनकी इस निस्वार्थ सेवा और जीव प्रेम की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है।1
- दतिया की जनता ने क्षेत्र में कथित 'चहुमुखी विकास' के दावों की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, विकास के नाम पर जो भी कार्य किए गए हैं, वे सभी मात्र दिखावा हैं और असल में यह केवल लीपापोती का ही प्रयास है, जिसका अर्थ है कि जमीनी स्तर पर वास्तविक विकास नहीं हुआ है।1
- शिवपुरी जिले की नगर परिषद मगरौनी के वार्ड क्रमांक 7 में आवारा पशुओं और खूंखार सांडों का आतंक चरम पर है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों और राहगीरों का सड़क से गुजरना दूभर हो गया है और आए दिन हादसे होते हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि नगर परिषद क्षेत्र में सरकारी गौशाला मौजूद होने के बावजूद, प्रशासनिक उदासीनता के चलते ये पशु सड़कों पर ही डेरा जमाए हुए हैं। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर उन्होंने नगर परिषद मगरौनी के आला अधिकारियों, कर्मचारियों और क्षेत्र के स्थानीय वार्ड पार्षद को कई बार लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया है। इसके बावजूद, जिम्मेदार अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है और यह समस्या जस की तस बनी हुई है। वार्डवासियों ने रोष जताते हुए कहा कि सड़कों के बीचों-बीच लड़ने वाले आवारा सांडों के कारण कई लोग चोटिल हो चुके हैं और वाहनों को भी नुकसान पहुंच रहा है। नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) से तत्काल यह मांग की है कि सड़कों पर घूम रहे इन आवारा पशुओं को गौशाला भिजवाया जाए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।1
- शिवपुरी जिले के नरवर क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब लगभग 8 फीट लंबा एक अजगर बकरी का शिकार करने पहुंच गया। इस विशाल अजगर को देखकर ग्रामीणों में हड़कंप का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर, सर्प मित्र सलमान पठान मौके पर पहुंचे और उन्होंने एक सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के बाद, अजगर को उसके प्राकृतिक आवास, जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। इस घटना के दौरान लोगों से अपील की गई कि यदि कहीं भी सांप या अजगर दिखाई दे, तो उसे पकड़ने या मारने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग या किसी प्रशिक्षित सर्प मित्र को इसकी सूचना दें, ताकि वन्यजीवों और लोगों, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- मध्य प्रदेश के भितरवार में नगर परिषद की घोर लापरवाही के चलते वार्ड क्रमांक 10 स्थित शासकीय कॉलेज और सांदीपनि स्कूल का मार्ग 'अंतरराष्ट्रीय स्तर' के दलदल में बदल गया है, जहाँ छात्रों को रोज 'कीचड़ सफारी' का अनुभव करना पड़ रहा है। इस 'स्मार्ट मार्ग' पर संतुलन बिगड़ने से बुधवार को चार से पाँच छात्र कीचड़ में गिरकर लहूलुहान हो गए, जिन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। लगभग 1200 छात्र, जिनमें 600 सांदीपनि स्कूल और 600 कॉलेज के हैं, प्रतिदिन इस 'नरकीय मार्ग' पर गिरते-उठते, अपने कपड़े खराब करते और खुद को घायल करते हुए शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। हल्की सी फुहार पड़ने पर यहाँ बिछी खेतों की कच्ची मिट्टी मक्खन से भी ज़्यादा चिकनी हो जाती है, जिससे साइकिल और मोटरसाइकिल की तो एंट्री ही लगभग बंद है, और पैदल चलने वाले भी बड़ी मुश्किल से कत्थक नृत्य की मुद्रा में आगे बढ़ पाते हैं। प्रशासन इस पूरे मामले को आँखें मूँदकर ऐसे देख रहा है, मानो छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कोई 'कमांडो ट्रेनिंग' दी जा रही हो। सांदीपनि विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती जयमंती मिंज ने नगर परिषद को इस समस्या के समाधान के लिए अनगिनत बार लिखित ज्ञापन सौंपे हैं, लेकिन अधिकारियों की 'मोटी चमड़ी' पर बच्चों के सिर और घुटने फूटने की आवाज़ें भी उनके वातानुकूलित (AC) कमरों तक कोई असर नहीं कर पा रही हैं। इस पूरे मामले पर आक्रोश व्यक्त करते हुए प्राचार्य श्रीमती जयमंती मिंज ने प्रशासनिक रवैये की कड़ी निंदा करते हुए सीधे शब्दों में कहा, "हम पिछले लंबे समय से इस नरकीय मार्ग की सुध लेने के लिए नगर परिषद के चक्कर काट रहे हैं। अनगिनत बार लिखित ज्ञापन सौंपकर गुहार लगाई जा चुकी है कि बच्चों के भविष्य और सुरक्षा के खातिर इस सड़क का निर्माण कराया जाए। लेकिन प्रशासन केवल कागजी घोड़े दौड़ा रहा है। अधिकारी वातानुकूलित कमरों में बैठकर तमाशा देख रहे हैं और यहाँ हमारे मासूम बच्चे रोज़ गिरकर लहूलुहान हो रहे हैं। अगर नगर परिषद को लगता है कि हम ज्ञापन देना छोड़ देंगे, तो यह उनकी भूल है। हम छात्रों की सुरक्षा के लिए आखिरी दम तक लड़ेंगे।" जनता नगर परिषद से चुभते हुए सवाल पूछ रही है कि जब यह मार्ग उनके अधीन है और टैक्स पूरा वसूला जा रहा है, तो सुविधाएँ शून्य क्यों हैं। लोग आरोप लगा रहे हैं कि परिषद केवल कागजों पर विकास की खीर खा रही है, जबकि छात्र लहूलुहान होकर 'डिजिटल इंडिया' की राह नापते हुए भितरवार में 'कीचड़ सफारी' का मुफ्त आनंद लेने पर मजबूर हैं।1