सनातन संस्कृति की ध्वजा थामे लालसोट के प्राचीन मंदिर; बिजासनी माता मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, मंडावरी पुलिस ने संभाली कमान लालसोट/मंडावरी। लालसोट विधानसभा क्षेत्र के प्राचीन एवं आस्था के प्रमुख केंद्र सनातन धर्म की गौरवशाली पताका को सदियों से अक्षुण्ण बनाए हुए हैं। क्षेत्र के विख्यात पपलाज माता मंदिर, श्यामपुरा कलां स्थित बगीची वाले बालाजी, बिनौरी बालाजी तथा किशोरपुरा ग्राम पंचायत के ख़ुर्रा गांव स्थित बिजासनी माता मंदिर में वर्षभर श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों का तांता लगा रहता है। धार्मिक आयोजनों के क्रम में पपलाज माता का लक्खी मेला विशेष स्थान रखता है, जो प्रतिवर्ष दो बार आयोजित होता है। इसमें राजस्थान सहित कई अन्य राज्यों से भी लाखों श्रद्धालु मन्नत मांगने और धोक लगाने पहुंचते हैं। बीते एक माह से समूचा क्षेत्र धर्म ध्वजा थामे पदयात्रियों के जत्थों से गुंजायमान है। हजारों की संख्या में निकली इन पदयात्राओं के अंतिम सोपान में अब श्रद्धालु कर्रा गांव स्थित बिजासनी माता के दरबार में शीश नवाने पहुंच रहे हैं। पपलाज माता धाम पर लालसोट पुलिस का सुरक्षा घेरा पपलाज माता के विशाल मेले में शांति, कानून व्यवस्था और सुगम यातायात का जिम्मा लालसोट थाना पुलिस के कंधों पर रहता है। व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के लिए थानाधिकारी हरलाल मीणा के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस जाब्ते के साथ-साथ पुलिस लाइन से अतिरिक्त बल की तैनाती की जाती है, जो भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा पर पूरी निगरानी रखता है। बिजासनी माता के दरबार में उमड़ा जनसैलाब, मंडावरी पुलिस रही मुस्तैद ख़ुर्रा स्थित बिजासनी माता मंदिर में यूं तो प्रत्येक माह की पूर्णिमा को मेला भरता है और भक्तों की भीड़ रहती है, लेकिन पदयात्राओं के अंतिम चरण के चलते गुरुवार को मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की कमान मंडावरी थानाधिकारी जगदीश चंद्र शर्मा और मुंशीलाल हेड कांस्टेबल हीरालाल ड्राइवर गुर्जर विनोद सैनी कांस्टेबल सहित थाने का पूरा स्टाफ दिनभर मेला स्थल और मुख्य मार्गों पर पूरी सतर्कता के साथ तैनात रहा। पुलिस प्रशासन की सजगता के चलते यातायात सुचारू बना रहा और श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर सुगमता से माता के दर्शन किए।
सनातन संस्कृति की ध्वजा थामे लालसोट के प्राचीन मंदिर; बिजासनी माता मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, मंडावरी पुलिस ने संभाली कमान लालसोट/मंडावरी। लालसोट विधानसभा क्षेत्र के प्राचीन एवं आस्था के प्रमुख केंद्र सनातन धर्म की गौरवशाली पताका को सदियों से अक्षुण्ण बनाए हुए हैं। क्षेत्र के विख्यात पपलाज माता मंदिर, श्यामपुरा कलां स्थित बगीची वाले बालाजी, बिनौरी बालाजी तथा किशोरपुरा ग्राम पंचायत के ख़ुर्रा गांव स्थित बिजासनी माता मंदिर में वर्षभर श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों का तांता लगा रहता है। धार्मिक आयोजनों के क्रम में पपलाज माता का लक्खी मेला विशेष स्थान रखता है, जो प्रतिवर्ष दो बार आयोजित होता है। इसमें राजस्थान सहित कई अन्य राज्यों से भी लाखों श्रद्धालु मन्नत मांगने और धोक लगाने पहुंचते
हैं। बीते एक माह से समूचा क्षेत्र धर्म ध्वजा थामे पदयात्रियों के जत्थों से गुंजायमान है। हजारों की संख्या में निकली इन पदयात्राओं के अंतिम सोपान में अब श्रद्धालु कर्रा गांव स्थित बिजासनी माता के दरबार में शीश नवाने पहुंच रहे हैं। पपलाज माता धाम पर लालसोट पुलिस का सुरक्षा घेरा पपलाज माता के विशाल मेले में शांति, कानून व्यवस्था और सुगम यातायात का जिम्मा लालसोट थाना पुलिस के कंधों पर रहता है। व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के लिए थानाधिकारी हरलाल मीणा के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस जाब्ते के साथ-साथ पुलिस लाइन से अतिरिक्त बल की तैनाती की जाती है, जो भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा पर पूरी निगरानी रखता है। बिजासनी माता के दरबार में उमड़ा जनसैलाब,
मंडावरी पुलिस रही मुस्तैद ख़ुर्रा स्थित बिजासनी माता मंदिर में यूं तो प्रत्येक माह की पूर्णिमा को मेला भरता है और भक्तों की भीड़ रहती है, लेकिन पदयात्राओं के अंतिम चरण के चलते गुरुवार को मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की कमान मंडावरी थानाधिकारी जगदीश चंद्र शर्मा और मुंशीलाल हेड कांस्टेबल हीरालाल ड्राइवर गुर्जर विनोद सैनी कांस्टेबल सहित थाने का पूरा स्टाफ दिनभर मेला स्थल और मुख्य मार्गों पर पूरी सतर्कता के साथ तैनात रहा। पुलिस प्रशासन की सजगता के चलते यातायात सुचारू बना रहा और श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर सुगमता से माता के दर्शन किए।
- सनातन संस्कृति की ध्वजा थामे लालसोट के प्राचीन मंदिर; बिजासनी माता मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, मंडावरी पुलिस ने संभाली कमान लालसोट/मंडावरी। लालसोट विधानसभा क्षेत्र के प्राचीन एवं आस्था के प्रमुख केंद्र सनातन धर्म की गौरवशाली पताका को सदियों से अक्षुण्ण बनाए हुए हैं। क्षेत्र के विख्यात पपलाज माता मंदिर, श्यामपुरा कलां स्थित बगीची वाले बालाजी, बिनौरी बालाजी तथा किशोरपुरा ग्राम पंचायत के ख़ुर्रा गांव स्थित बिजासनी माता मंदिर में वर्षभर श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों का तांता लगा रहता है। धार्मिक आयोजनों के क्रम में पपलाज माता का लक्खी मेला विशेष स्थान रखता है, जो प्रतिवर्ष दो बार आयोजित होता है। इसमें राजस्थान सहित कई अन्य राज्यों से भी लाखों श्रद्धालु मन्नत मांगने और धोक लगाने पहुंचते हैं। बीते एक माह से समूचा क्षेत्र धर्म ध्वजा थामे पदयात्रियों के जत्थों से गुंजायमान है। हजारों की संख्या में निकली इन पदयात्राओं के अंतिम सोपान में अब श्रद्धालु कर्रा गांव स्थित बिजासनी माता के दरबार में शीश नवाने पहुंच रहे हैं। पपलाज माता धाम पर लालसोट पुलिस का सुरक्षा घेरा पपलाज माता के विशाल मेले में शांति, कानून व्यवस्था और सुगम यातायात का जिम्मा लालसोट थाना पुलिस के कंधों पर रहता है। व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के लिए थानाधिकारी हरलाल मीणा के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस जाब्ते के साथ-साथ पुलिस लाइन से अतिरिक्त बल की तैनाती की जाती है, जो भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा पर पूरी निगरानी रखता है। बिजासनी माता के दरबार में उमड़ा जनसैलाब, मंडावरी पुलिस रही मुस्तैद ख़ुर्रा स्थित बिजासनी माता मंदिर में यूं तो प्रत्येक माह की पूर्णिमा को मेला भरता है और भक्तों की भीड़ रहती है, लेकिन पदयात्राओं के अंतिम चरण के चलते गुरुवार को मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की कमान मंडावरी थानाधिकारी जगदीश चंद्र शर्मा और मुंशीलाल हेड कांस्टेबल हीरालाल ड्राइवर गुर्जर विनोद सैनी कांस्टेबल सहित थाने का पूरा स्टाफ दिनभर मेला स्थल और मुख्य मार्गों पर पूरी सतर्कता के साथ तैनात रहा। पुलिस प्रशासन की सजगता के चलते यातायात सुचारू बना रहा और श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर सुगमता से माता के दर्शन किए।3
- सभापति-उपसभापति ने संभाली कुर्सी, जनता की सेवा को बताया पहली प्राथमिकता शुभ मुहूर्त में सभापति-उपसभापति ने संभाली कुर्सी लालसोट नगर परिषद के नवनिर्वाचित सभापति कपिल पुरोहित एवं उपसभापति बृजमोहन सैनी ने मंत्रोच्चारण, श्याम भजन व रामधुनी के बीच सुबह 11:55 बजे कार्यभार संभाला। दोनों ने जनता की सेवा, शहर के विकास और आमजन की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता बताया।1
- लालसोट नगरपरिषद सभापति कपिल पुरोहित का आज गुरुवार को नगरपरिषद सभागार लालसोट वैदिक मंत्रोच्चार के आचार्य राजेश खांडल, सत्यनारायण शर्मा कोण्डयाई वालों के मुखारविंद से निकले मंत्रों के साथ हुआ शपथग्रहण समारोह इस दौरान नगरपरिषद के सभी पार्षदों सहित लांबा पाड़ा, बावला पाड़ा, पुरोहित पाड़ा सहित क्षेत्र के सभी प्रबुद्धजन मौजूद रहे।1
- जिला परिषद सदस्य, प्रधान एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए वर्गवार एवं महिला आरक्षण की लॉटरी निकाली* दौसा, आगामी पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनावों के लिए जिले में जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य एवं प्रधान पद के लिए वर्गवार आरक्षण तथा महिला आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया बुधवार को आयोजित की गई। जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा की अध्यक्षता में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के निर्देशानुसार जिला कलक्ट्रेट के सभागार कक्ष में आरक्षण एवं लॉटरी प्रक्रिया सम्पन्न हुई। लॉटरी प्रक्रिया के दौरान निर्धारित नियमों के अनुसार प्रधान, जिला परिषद सदस्य एवं पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए वर्गवार आरक्षण तथा महिला आरक्षण का निर्धारण किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा, नगर सुधार न्यास सचिव गंगाधर मीणा, पंचायत समितियों के रिटर्निंग अधिकारी तथा विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- ईसरदा–बंध बारेठा फीडर पर किसानों का बड़ा आंदोलन, 27 सितंबर को सुंदरी में महासभा बामनवास। ईसरदा से बंध बारेठा, भरतपुर तक प्रस्तावित फीडर परियोजना को लेकर किसानों की मांग तेज हो गई है। खुली नहर के स्थान पर समान क्षमता वाली भूमिगत पाइपलाइन की मांग को लेकर अठ्ठाईस्या किसान संघर्ष समिति एवं ग्रामीण विकास एवं सामाजिक उत्थान संस्थान, चांदनहोली ने विशेषज्ञ समिति को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने 2 से 3 गुना वैकल्पिक कृषि भूमि, DLC दर के 20 गुना मुआवजे और उचित पुनर्वास की मांग रखी। वहीं राजस्थान किसान सभा के तत्वावधान में रविवार 27 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे सुंदरी-रामसिंहपुरा पुलिस चौकी पर विशाल किसान महासभा आयोजित होगी। यह जानकारी डॉ. रामखिलाड़ी मीणा ने दी।2
- मुरलीपुर में पोषाहार खाने के बाद चार की तबीयत बिगड़ी,,, सिकराय,,,,, बड़ी खबर मुरलीपुर में पोषाहार खाने के बाद चार की तबीयत बिगड़ी सिकराय के मुरलीपुर आंगनबाड़ी केंद्र 2 पर हुआ पोषाहार वितरण। पोषाहार लेकर घर पहुंचे बच्चों और परिजनों की बिगड़ी तबीयत। पोषाहार के मुरमुरे खाने के बाद चार लोगों की तबीयत बिगड़ी। दो बच्चे, एक बुजुर्ग महिला और एक व्यक्ति बताए जा रहे प्रभावित। परिजनों ने चारों को मानपुर अस्पताल में कराया भर्ती। अस्पताल में चिकित्सकों ने शुरू किया उपचार। सूचना मिलने पर सीडीपीओ भी पहुंचीं मानपुर अस्पताल। सीडीपीओ ने परिजनों से घटना की ली जानकारी। परिजनों ने पोषाहार खाने के बाद तबीयत बिगड़ने का लगाया आरोप। पोषाहार से ही तबीयत बिगड़ी या अन्य कारण, जांच के बाद होगा स्पष्ट। मामले को लेकर विभाग ने भी जानकारी जुटाना शुरू किया।2
- सवाई माधोपुर जिले के मलारना डूंगर तहसील के गांव जौलन्दा में खुला गड्ढा बना जानलेवा खतरा व्हीलचेयर समाजसेवी घायल, जलदाय विभाग की कथित लापरवाही से लापरवाही पर ग्रामीण में आक्रोश जिम्मेदारो से तत्काल कार्रवाई की मांग1
- दौसा की 14 पंचायत समितियों में आरक्षण लॉटरी, 7 जगह महिलाओं के लिए प्रधान पद आरक्षित दौसा। पंचायती राज चुनाव 2026 को लेकर बुधवार को दौसा कलेक्ट्रेट सभागार में जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर डॉ. सौम्या झा की मौजूदगी में सुबह 11 बजे शुरू हुई प्रक्रिया में 14 पंचायत समितियों के प्रधान पदों का आरक्षण तय किया गया। लॉटरी के बाद दौसा जिले की 14 पंचायत समितियों में 7 प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं। वहीं बांदीकुई, सिकराय और महवा में प्रधान पद सामान्य यानी अनारक्षित रखे गए हैं। किस पंचायत समिति में किस वर्ग का प्रधान पंचायत समिति प्रधान पद का आरक्षण मनोहरपुर-खेड़ला एससी महिला नांगल राजावतान एससी शिवसिंहपुरा एसटी बैजूपाड़ा एसटी महिला मंडावर एसटी महिला बसवा एसटी बांदीकुई सामान्य लवाण सामान्य महिला सिकंदरा ओबीसी रामगढ़ पचवारा सामान्य महिला सिकराय सामान्य लालसोट सामान्य महिला दौसा सामान्य महिला महवा सामान्य आरक्षण की तस्वीर साफ होने के साथ ही संभावित दावेदारों के चुनावी समीकरण बदल गए हैं। जिन पंचायत समितियों में महिला आरक्षण आया है, वहां अब राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों को नए सिरे से रणनीति बनानी होगी। वहीं सामान्य और अन्य आरक्षित श्रेणियों में आए प्रधान पदों को लेकर भी दावेदारों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। इसी प्रक्रिया में दौसा जिला परिषद के 37 वार्डों का आरक्षण भी तय किया गया। इनमें 15 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं। 24 सितंबर को पंचायत समिति क्षेत्रों में सरपंच पदों के आरक्षण की लॉटरी की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी, जिससे गांवों में चुनावी हलचल और तेज हो गई है।2