नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक उपलब्धि पर शहीदों को श्रद्धांजलि, दीपदान कर लिया राष्ट्र सेवा का संकल्प बलरामपुर@ छत्तीसगढ़ के नक्सल मुक्त होने की ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में मंगलवार, 31 मार्च 2026 को जिला मुख्यालय बलरामपुर के चांदो चौक स्थित शहीद स्मारक में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा श्रद्धांजलि एवं दीपदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहीद वीर जवानों की पावन स्मृति में दीप प्रज्वलित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शाम करीब 7:30 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता एवं नगरवासी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए राष्ट्र सेवा एवं देश की एकता-अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल, जिला महामंत्री भानु प्रकाश दीक्षित, नगरपालिका अध्यक्ष लोधी राम एक्का, एवं भाजयुमो जिलाध्यक्ष मंगलम पाण्डेय सहित अन्य पदाधिकारी एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद रहे। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने में योगदान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष प्रमथ मल्लिक, मंडल महामंत्री मनोज दास, कृष गुप्ता सहित युवा मोर्चा के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से शहीदों के बलिदान को स्मरण करते हुए राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया गया।
नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक उपलब्धि पर शहीदों को श्रद्धांजलि, दीपदान कर लिया राष्ट्र सेवा का संकल्प बलरामपुर@ छत्तीसगढ़ के नक्सल मुक्त होने की ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में मंगलवार, 31 मार्च 2026 को जिला मुख्यालय बलरामपुर के चांदो चौक स्थित शहीद स्मारक में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा श्रद्धांजलि एवं दीपदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहीद वीर जवानों की पावन स्मृति में दीप प्रज्वलित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शाम करीब 7:30 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता एवं नगरवासी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए राष्ट्र सेवा एवं देश की एकता-अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल, जिला महामंत्री भानु प्रकाश दीक्षित, नगरपालिका अध्यक्ष लोधी राम एक्का, एवं भाजयुमो जिलाध्यक्ष मंगलम पाण्डेय सहित अन्य पदाधिकारी एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद रहे। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने में योगदान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष प्रमथ मल्लिक, मंडल महामंत्री मनोज दास, कृष गुप्ता सहित युवा मोर्चा के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से शहीदों के बलिदान को स्मरण करते हुए राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया गया।
- बलरामपुर जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां जंगलों की सुरक्षा पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र के बेलकोना गांव में हजारों पेड़ों की कटाई कर वन भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। इतना ही नहीं, इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। बलरामपुर जिले में इन दिनों अवैध कब्जा और जमीन हथियाने का खेल तेजी से बढ़ता जा रहा है। कहीं फर्जी पट्टे जारी हो रहे हैं, तो कहीं जंगलों को काटकर वन भूमि पर कब्जा किया जा रहा है। इसी कड़ी में एक मामला शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र के बेलकोना गांव से सामने आया है, जहां कभी हजारों बेशकीमती पेड़ों से भरा हणहा जंगल आज उजड़ने की कगार पर पहुंच चुका है। आरोप है कि जंगल की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले ही इस पूरे खेल में शामिल हो गए। सैकड़ों से हजारों एकड़ वन भूमि की सौदेबाजी कर उसे बेच दिया गया और धीरे-धीरे उस पर कब्जा कर लिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह अवैध कटाई और कब्जा लंबे समय से चल रहा था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पूरा जंगल खत्म हो जाएगा। ग्रामीणों के मुताबिक यह जंगल ही उनके जीवन का आधार है, जहां से उन्हें पानी, लकड़ी और रोज़गार मिलता है। लेकिन अब हालात ऐसे बन गए हैं कि जंगल खुद मदद की गुहार लगा रहा है। इस पूरे मामले ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जब जंगल काटा जा रहा था तब जिम्मेदार अधिकारी कहां थे? क्या यह सब उनकी जानकारी में हो रहा था, या फिर जानबूझकर अनदेखी की गई? अब देखना यह होगा कि इस पूरे मामले में प्रशासन और वन विभाग क्या कार्रवाई करता है, और क्या उजड़ते जंगल को बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे।1
- #समुदायों के बीच पीने की पानी को लेकर बहुत बड़ी संकट खड़ी हो चुकी है। साथ ही कुछ दबंगों के द्वारा भी जनजाति को दबाया जा रहा है। जो बिल्कुल गलत है। आजाद भारत में रहने चलने और हक सबको है।1
- गढ़वा में मजार से चोरी करने वाले 4 चोर गिरफ्तार #garhwa #garhwanews #garhwanewstoday #garhwabreakingnews #todaygarhwanews1
- तेज रफ्तार कार ने ली युवक की जान : ग्रामीणों ने 12 घंटे तक NH-43 किया जाम, प्रशासन की समझाइश के बाद शांत हुआ मामला हादसे के बाद ग्रामीणों ने किया चक्काजाम सीतापुर के गुतुरमा में कार-बाइक टक्कर में युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने 12 घंटे तक नेशनल हाईवे-43 जाम किया। प्रशासन की समझाइश के बाद मामला शांत। सीतापुर में देर रात नेशनल हाइवे-43 में ग्राम गुतुरमा स्थित उड़िया होटल के पास कार ने बाइक सवार को ठोकर मार दी। इस घटना में ग्राम लीचिरमा निवासी बाइक सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। युवक की मौत से आक्रोशित परिजनों समेत ग्रामीणों ने देर तक नेशनल हाईवे जाम कर दिया। जिसके काफी देर बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम खत्म किया है। मिली जानकारी के अनुसार, सड़क दुर्घटना में मृत युवक के शव के साथ 12 घंटे तक नेशनल हाईवे जाम करने वाले ग्रामीणों ने आखिरकार समझाइश के बाद चक्काजाम समाप्त कर दिया। घटना के अगले दिन लगभग 12 बजे मौके पर पहुँचे पूर्व मंत्री अमरजीत भगत एडिशनल एसपी अमोलक सिंह ढिल्लो, तहसीलदार रुपाली मेश्राम समेत अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधियों द्वारा काफी मान मनौव्वल एवं समझाइश के बाद मृतक के परिजन-ग्रामीण माने और चक्काजाम समाप्त किया। विधायक ने भेजे अपने प्रतिनिधि इस घटना के बाद चुनावी दौरे पर पश्चिम बंगाल गए विधायक रामकुमार टोप्पो ने देर रात प्रशासन और पुलिस के उच्चाधिकारियों से संपर्क साधा और पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद देने की बात कही थी। इस दुःखद घटना के बाद विधायक ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मौके पर अपने प्रतिनिधि भी भेजे ताकि पीड़ित परिवार को जरूरत के अनुसार सहयोग किया जा सके। जैसे-तैसे शांत हुए मृतक के परिजन और ग्रामीण चक्काजाम के दौरान प्रशासन की ओर से मौके पर मौजूद तहसीलदार रुपाली मेश्राम ने पीड़ित परिजनों को शासन द्वारा दी जाने वाली तात्कालिक सहायता राशि के रूप में 25 हजार रुपये प्रदान किया। जिसके बाद पुलिस परिजन के साथ शव लेकर हॉस्पिटल पहुँची। जहाँ पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। चक्काजाम समाप्त होते ही पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली और नेशनल हाईवे पर आवागमन बहाल कराया। पीड़ित परिवार को दिया गया 25 हजार मुआवजा इस संबंध में तहसीलदार रुपाली मेश्राम ने बताया कि, तात्कालिक सहायता राशि के रूप में पीड़ित परिवार को 25 हजार मुआवजे के रूप में दी गई है। इसके अलावा शासन स्तर से जो सहायता राशि दी जाती है। वो भी औपचारिकता पूरी करने के बाद पीड़ित परिवार को दिया जाएगा। इस दौरान काफी संख्या में आसपास क्षेत्र के ग्रामीण जनप्रतिनिधि पंच सरपंच एवं पुलिस बल मौके पर मौजूद थी। कार सवारों को देर रात अपने साथ थाने ले गई पुलिस देर रात कार की ठोकर से युवक की मौत के बाद मौके पर पहुँची पुलिस कार में सवार एक पुरुष एक महिला समेत नाबालिग को अपने साथ थाने ले गई।प्रत्यक्षदर्शियों के बताए अनुसार कार में नाबालिग समेत दो पुरुष और एक महिला सवार थे।इसके अलावा कार में शराब की शीशी सिगरेट समेत आपत्तिजनक सामग्री पाई गई है। हादसे के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल जिसे देखने के बाद प्रत्यक्षदर्शियों के कहना है कि नाबालिग को छोड़ बाकी सभी नशे में धुत होकर और कार में ही मौज मस्ती कर रहे थे। इसी बीच कार सवार युवक को सामने देख कार चालक असंतुलित हो गया और बाइक को ठोकर मार दी। जिसकी वजह से युवक की मौत हो गई और माता पिता ने हमेशा के लिए अपना जवान बेटा खो दिया। इस हादसे के बाद माता पिता समेत घरवालों का रो रोकर बुरा हाल है1
- गढ़वा जिला के रमना हाइवे सड़क हादसे में एक युवक के घटना स्थल पर मौत1
- ब्रेकिंग न्यूज़ रिपोर्ट ग्राम पंचायत परसा, जनपद अंबिकापुर में अव्यवस्थाओं का अंबार देखने को मिल रहा है। सड़क किनारे बनाए गए यात्री प्रतीक्षालय की हालत बेहद खराब हो चुकी है। प्रतीक्षालय में लगी सभी सीटें उखाड़ ली गई हैं, जिससे राहगीरों और यात्रियों को बैठने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, सड़क किनारे सब्जी बेचने वाले दुकानदार भी गंदगी के बीच अपना सामान बेचने को मजबूर हैं। आसपास साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं होने से संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे समस्याएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द प्रतीक्षालय की मरम्मत कर सीटों की व्यवस्था की जाए और क्षेत्र में साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। रिपोर्ट: हिमांशु राज, एमडी न्यूज़, अंबिकापुर 📞 78058380762
- जिला बलरामपुर रामानुजगंज लोकेशन............बलरामपुर स्लग....निलंबित एसडीएम डहरिया को रिमांड पर लेकर पहुंची पुलिस, आक्रोशित ग्रामीणों ने घेरा काफिला एंकर...बलरामपुर। कुसमी के तत्कालीन एसडीएम करुण डहरिया द्वारा ग्रामीण के साथ कथित मारपीट और उसके बाद हुई मौत का मामला अब और गरमा गया है। बुधवार को जब पुलिस आरोपी डहरिया को रिमांड पर लेकर पूछताछ के लिए कुसमी पहुंची, तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। जैसे ही ग्रामीणों को खबर मिली कि आरोपी पूर्व एसडीएम को क्षेत्र में लाया गया है, बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस के वाहनों को रोक लिया और "एसडीएम को फांसी दो" के नारे लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। आरोप है कि करुण डहरिया ने एक ग्रामीण के साथ बेरहमी से मारपीट की थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद शासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था और पुलिस ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। एहतियात के तौर पर पूरे कुसमी इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मृतक के परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पूर्ण न्याय नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा। रिपोर्ट: अली खान, जिला ब्यूरो1
- भारत देश में आम जनता को बोलता है ,कि कानून के दयरे में रह कर काम करे। लेकिन कानून के रखवाले को क्या इस बात का ज्ञान नहीं दिया जाता है l की वर्दी की यही खासियत है , जो लोग पहन लेगा वह इसी प्रकार का बात करेगा l1
- नालंदा के नूरसराय में बीच सड़क पर एक महिला के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे बिहार को शर्मसार कर दिया है। यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था की पूरी तरह विफलता का प्रमाण है। आज हालात इतने भयावह हैं कि बिहार में महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल बन चुकी है। हैरानी की बात यह है कि जब नीतीश कुमार के अपने गृह जिले में ही ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो बाकी प्रदेश का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। बिहार ने ऐसी बदहाली शायद पहले कभी नहीं देखी। अपराधियों के हौसले इसलिए बुलंद हैं क्योंकि उन्हें सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है और प्रशासन पूरी तरह मूकदर्शक बना हुआ है। अब वक्त आ गया है कि सरकार जवाब दे आखिर कब तक बिहार की माँ-बहनों की अस्मिता यूँ सड़कों पर तार-तार होती रहेगी? कब जागेगा प्रशासन ?1