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टीकमगढ़ जिले में 08 जुलाई 2026 को मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य बीज का उत्पादन शुरू कर दिया गया है। वर्षा ऋतु के आगमन के साथ ही तालाबों और जलाशयों में जल भराव शुरू होने से अगस्त माह से मत्स्य बीज के संचयन का कार्य आरंभ किया जाएगा, जिसके लिए यह उत्पादन महत्वपूर्ण है। इसी क्रम में, कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने मंगलवार को टीकमगढ़ स्थित शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र महेन्द्रबाग में उन्नत मत्स्य बीज उत्पादन की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। सहायक संचालक मत्स्य विभाग श्रीमती मेघा गुप्ता ने बताया कि जिले के लगभग 900 तालाबों में मत्स्य बीज संचयन का कार्य किया जाता है। इन तालाबों के लिए मत्स्य बीज की आपूर्ति जिले के तीन मत्स्य प्रक्षेत्रों, धजरई, बल्देवगढ़ और सिमरा से की जाएगी। गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेजर कार्प प्रजाति की कतला, रोहु और मृगल मछली के बीजों का उत्पादन शुरू किया गया है, जिसमें कतला का प्रतिशत सबसे अधिक है। निरीक्षण के दौरान, मत्स्य निरीक्षक पंकज मौर्य ने कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय के समक्ष मछली ब्रीडिंग प्रक्रिया का सूक्ष्मता से प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने मछली को इंजेक्ट करके उत्पादन की पूरी प्रक्रिया समझाई। कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने मत्स्य विभाग को निर्देश दिए कि तालाबों के लिए मत्स्य बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी मत्स्य कृषकों को उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने धजरई में स्थापित हो रहे क्लस्टर में विभाग की एक प्रदर्शन इकाई स्थापित करने का भी निर्देश दिया, ताकि आम जनता इससे प्रेरित हो सके।

2 hrs ago
user_MUHAMMAD KHWAJA JOURNALIST
MUHAMMAD KHWAJA JOURNALIST
Media company पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

टीकमगढ़ जिले में 08 जुलाई 2026 को मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य बीज का उत्पादन शुरू कर दिया गया है। वर्षा ऋतु के आगमन के साथ ही तालाबों और जलाशयों में जल भराव शुरू होने से अगस्त माह से मत्स्य बीज के संचयन का कार्य आरंभ किया जाएगा, जिसके लिए यह उत्पादन महत्वपूर्ण है। इसी क्रम में, कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने मंगलवार को टीकमगढ़ स्थित शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र महेन्द्रबाग में उन्नत मत्स्य बीज उत्पादन की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। सहायक संचालक मत्स्य विभाग श्रीमती मेघा गुप्ता ने बताया कि जिले के लगभग 900 तालाबों में मत्स्य बीज संचयन का कार्य किया जाता है। इन तालाबों के लिए मत्स्य बीज की आपूर्ति जिले के तीन मत्स्य प्रक्षेत्रों, धजरई, बल्देवगढ़ और सिमरा से की जाएगी। गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेजर कार्प प्रजाति की कतला, रोहु और मृगल मछली के बीजों का उत्पादन शुरू किया गया है, जिसमें कतला का प्रतिशत सबसे अधिक है। निरीक्षण के दौरान, मत्स्य निरीक्षक पंकज मौर्य ने कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय के समक्ष मछली ब्रीडिंग प्रक्रिया का सूक्ष्मता से प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने मछली को इंजेक्ट करके उत्पादन की पूरी प्रक्रिया समझाई। कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने मत्स्य विभाग को निर्देश दिए कि तालाबों के लिए मत्स्य बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी मत्स्य कृषकों को उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने धजरई में स्थापित हो रहे क्लस्टर में विभाग की एक प्रदर्शन इकाई स्थापित करने का भी निर्देश दिया, ताकि आम जनता इससे प्रेरित हो सके।

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  • टीकमगढ़ जिले में 08 जुलाई 2026 को मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य बीज का उत्पादन शुरू कर दिया गया है। वर्षा ऋतु के आगमन के साथ ही तालाबों और जलाशयों में जल भराव शुरू होने से अगस्त माह से मत्स्य बीज के संचयन का कार्य आरंभ किया जाएगा, जिसके लिए यह उत्पादन महत्वपूर्ण है। इसी क्रम में, कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने मंगलवार को टीकमगढ़ स्थित शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र महेन्द्रबाग में उन्नत मत्स्य बीज उत्पादन की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। सहायक संचालक मत्स्य विभाग श्रीमती मेघा गुप्ता ने बताया कि जिले के लगभग 900 तालाबों में मत्स्य बीज संचयन का कार्य किया जाता है। इन तालाबों के लिए मत्स्य बीज की आपूर्ति जिले के तीन मत्स्य प्रक्षेत्रों, धजरई, बल्देवगढ़ और सिमरा से की जाएगी। गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेजर कार्प प्रजाति की कतला, रोहु और मृगल मछली के बीजों का उत्पादन शुरू किया गया है, जिसमें कतला का प्रतिशत सबसे अधिक है। निरीक्षण के दौरान, मत्स्य निरीक्षक पंकज मौर्य ने कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय के समक्ष मछली ब्रीडिंग प्रक्रिया का सूक्ष्मता से प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने मछली को इंजेक्ट करके उत्पादन की पूरी प्रक्रिया समझाई। कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने मत्स्य विभाग को निर्देश दिए कि तालाबों के लिए मत्स्य बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी मत्स्य कृषकों को उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने धजरई में स्थापित हो रहे क्लस्टर में विभाग की एक प्रदर्शन इकाई स्थापित करने का भी निर्देश दिया, ताकि आम जनता इससे प्रेरित हो सके।
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    टीकमगढ़ जिले में 08 जुलाई 2026 को मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य बीज का उत्पादन शुरू कर दिया गया है। वर्षा ऋतु के आगमन के साथ ही तालाबों और जलाशयों में जल भराव शुरू होने से अगस्त माह से मत्स्य बीज के संचयन का कार्य आरंभ किया जाएगा, जिसके लिए यह उत्पादन महत्वपूर्ण है। इसी क्रम में, कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने मंगलवार को टीकमगढ़ स्थित शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र महेन्द्रबाग में उन्नत मत्स्य बीज उत्पादन की प्रक्रिया का निरीक्षण किया।

सहायक संचालक मत्स्य विभाग श्रीमती मेघा गुप्ता ने बताया कि जिले के लगभग 900 तालाबों में मत्स्य बीज संचयन का कार्य किया जाता है। इन तालाबों के लिए मत्स्य बीज की आपूर्ति जिले के तीन मत्स्य प्रक्षेत्रों, धजरई, बल्देवगढ़ और सिमरा से की जाएगी। गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेजर कार्प प्रजाति की कतला, रोहु और मृगल मछली के बीजों का उत्पादन शुरू किया गया है, जिसमें कतला का प्रतिशत सबसे अधिक है।

निरीक्षण के दौरान, मत्स्य निरीक्षक पंकज मौर्य ने कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय के समक्ष मछली ब्रीडिंग प्रक्रिया का सूक्ष्मता से प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने मछली को इंजेक्ट करके उत्पादन की पूरी प्रक्रिया समझाई।

कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने मत्स्य विभाग को निर्देश दिए कि तालाबों के लिए मत्स्य बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी मत्स्य कृषकों को उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने धजरई में स्थापित हो रहे क्लस्टर में विभाग की एक प्रदर्शन इकाई स्थापित करने का भी निर्देश दिया, ताकि आम जनता इससे प्रेरित हो सके।
    user_MUHAMMAD KHWAJA JOURNALIST
    MUHAMMAD KHWAJA JOURNALIST
    Media company पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में जतारा के बैरवार गांव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो एक आदिवासी बेटी के विदाई समारोह से जुड़ा है, जो ग्राम पंचायत स्तर पर किए जा रहे विकास के दावों की जमीनी हकीकत को सामने ला रहा है।
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    मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में जतारा के बैरवार गांव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो एक आदिवासी बेटी के विदाई समारोह से जुड़ा है, जो ग्राम पंचायत स्तर पर किए जा रहे विकास के दावों की जमीनी हकीकत को सामने ला रहा है।
    user_Sonu Vishwakarma Palera Journalist
    Sonu Vishwakarma Palera Journalist
    Bansal news channel Palera पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • टीकमगढ़ जिले के पलेरा थाना क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के दौरान, प्रशासन ने लगभग 175 बीघा जमीन को अतिक्रमण के रूप में चिन्हित किया है। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि प्रशासन इस मुद्दे पर सख्ती से निपट रहा है।
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    टीकमगढ़ जिले के पलेरा थाना क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के दौरान, प्रशासन ने लगभग 175 बीघा जमीन को अतिक्रमण के रूप में चिन्हित किया है। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि प्रशासन इस मुद्दे पर सख्ती से निपट रहा है।
    user_राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
    राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
    Spa पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • जतारा तहसील कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की घोर लापरवाही सामने आई है, जिसके कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को एसडीएम कोर्ट में पेशी पर आए फरियादी और पक्षकार सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक अधिकारियों और कर्मचारियों का इंतजार करते रहे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो सकी और उन्हें बिना किसी कार्रवाई के वापस लौटना पड़ा। मिली जानकारी के अनुसार, विभिन्न प्रकरणों की पेशी के लिए बड़ी संख्या में लोग समय पर एसडीएम कोर्ट पहुंच गए थे। आरोप है कि निर्धारित समय के बावजूद संबंधित अधिकारी और कर्मचारी कोई भी मौजूद नहीं था, जिसके कारण पूरे दिन न्यायिक कार्य बुरी तरह प्रभावित रहा। दूर-दराज से आए लोगों को अपनी सुनवाई करवाए बिना ही खाली हाथ लौटना पड़ा। फरियादियों का कहना है कि तहसील कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के समय पर उपस्थित न रहने की यह समस्या लगातार बनी हुई है, जिससे आम नागरिकों का समय और धन दोनों बर्बाद हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। उनकी मांग है कि कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो, ताकि जनता को समय पर न्याय और शासकीय सेवाओं का लाभ मिल सके।
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    जतारा तहसील कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की घोर लापरवाही सामने आई है, जिसके कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को एसडीएम कोर्ट में पेशी पर आए फरियादी और पक्षकार सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक अधिकारियों और कर्मचारियों का इंतजार करते रहे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो सकी और उन्हें बिना किसी कार्रवाई के वापस लौटना पड़ा।

मिली जानकारी के अनुसार, विभिन्न प्रकरणों की पेशी के लिए बड़ी संख्या में लोग समय पर एसडीएम कोर्ट पहुंच गए थे। आरोप है कि निर्धारित समय के बावजूद संबंधित अधिकारी और कर्मचारी कोई भी मौजूद नहीं था, जिसके कारण पूरे दिन न्यायिक कार्य बुरी तरह प्रभावित रहा। दूर-दराज से आए लोगों को अपनी सुनवाई करवाए बिना ही खाली हाथ लौटना पड़ा।

फरियादियों का कहना है कि तहसील कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के समय पर उपस्थित न रहने की यह समस्या लगातार बनी हुई है, जिससे आम नागरिकों का समय और धन दोनों बर्बाद हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। उनकी मांग है कि कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो, ताकि जनता को समय पर न्याय और शासकीय सेवाओं का लाभ मिल सके।
    user_Mahendra Kumar Dubey
    Mahendra Kumar Dubey
    Voice of people जतारा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जतारा नगर के मुख्य मार्केट क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण कार्य किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस स्थान पर यह निर्माण कार्य चल रहा है, वहाँ से हाईटेंशन विद्युत लाइन भी गुजर रही है, जिससे सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है। राहगीरों और व्यापारियों ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि हाईटेंशन लाइन के नीचे बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के चल रहे इस निर्माण कार्य से मजदूरों के साथ-साथ आम नागरिकों की जान भी जोखिम में है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और बिजली विभाग ने समय रहते इस मामले पर ध्यान नहीं दिया, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद, विद्युत विभाग और प्रशासन से तत्काल इस मामले की जांच कराने की मांग की है। उनकी मांग है कि यदि निर्माण कार्य बिना वैधानिक अनुमति के किया जा रहा है, तो उसे तुरंत रोका जाए और निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
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    जतारा नगर के मुख्य मार्केट क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण कार्य किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस स्थान पर यह निर्माण कार्य चल रहा है, वहाँ से हाईटेंशन विद्युत लाइन भी गुजर रही है, जिससे सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है।

राहगीरों और व्यापारियों ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि हाईटेंशन लाइन के नीचे बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के चल रहे इस निर्माण कार्य से मजदूरों के साथ-साथ आम नागरिकों की जान भी जोखिम में है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और बिजली विभाग ने समय रहते इस मामले पर ध्यान नहीं दिया, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद, विद्युत विभाग और प्रशासन से तत्काल इस मामले की जांच कराने की मांग की है। उनकी मांग है कि यदि निर्माण कार्य बिना वैधानिक अनुमति के किया जा रहा है, तो उसे तुरंत रोका जाए और निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
    user_GD PaNDey
    GD PaNDey
    जतारा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • छतरपुर जिले के सटई थाना क्षेत्र के ग्राम लखापुरवा में जमीन विवाद को लेकर एक महिला पर कुल्हाड़ी से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। इस हमले में घायल गेंदा राजपूत (40), जो अवध राजपूत की पत्नी हैं, को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों के अनुसार, आज 08 जुलाई दोपहर करीब 3:00 बजे गेंदा राजपूत अपने हिस्से की जमीन पर कथित तौर पर भतीजों द्वारा जबरन बोवनी किए जाने का विरोध करने पहुंची थीं। आरोप है कि इसी दौरान उनके भतीजे बबलू, राजू, देशराज और चाची सास बेनी ने उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर उनकी पिटाई कर दी, जिससे वह अचेत हो गईं। महिला के पति अवध राजपूत ने बताया कि जमीन का यह विवाद पिछले तीन दिनों से चल रहा था और इसकी शिकायत पहले ही सटई थाने में की जा चुकी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन तो दिया था, लेकिन मौके पर नहीं पहुंची। घटना के बाद घायल महिला को पहले सटई थाने ले जाया गया, जहाँ कथित तौर पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया। इसके बाद उन्हें नगर के अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल, महिला का उपचार जिला अस्पताल में जारी है।
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    छतरपुर जिले के सटई थाना क्षेत्र के ग्राम लखापुरवा में जमीन विवाद को लेकर एक महिला पर कुल्हाड़ी से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। इस हमले में घायल गेंदा राजपूत (40), जो अवध राजपूत की पत्नी हैं, को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

परिजनों के अनुसार, आज 08 जुलाई दोपहर करीब 3:00 बजे गेंदा राजपूत अपने हिस्से की जमीन पर कथित तौर पर भतीजों द्वारा जबरन बोवनी किए जाने का विरोध करने पहुंची थीं। आरोप है कि इसी दौरान उनके भतीजे बबलू, राजू, देशराज और चाची सास बेनी ने उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर उनकी पिटाई कर दी, जिससे वह अचेत हो गईं।

महिला के पति अवध राजपूत ने बताया कि जमीन का यह विवाद पिछले तीन दिनों से चल रहा था और इसकी शिकायत पहले ही सटई थाने में की जा चुकी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन तो दिया था, लेकिन मौके पर नहीं पहुंची। घटना के बाद घायल महिला को पहले सटई थाने ले जाया गया, जहाँ कथित तौर पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया। इसके बाद उन्हें नगर के अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल, महिला का उपचार जिला अस्पताल में जारी है।
    user_Ashutosh sharma
    Ashutosh sharma
    Local News Reporter Chhatarpur, Madhya Pradesh•
    59 min ago
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