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*क्राई चाइल्ड राइट्स एंड यू एवं चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी पटना के सहयोग से समस्तीपुर में ऑनलाइन सुरक्षा तथा उसके विभिन्न आयाम को लेकर अध्ययन किया गया* समस्तीपुर। क्राई-चाइल्ड राइट्स एंड यू एवं चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी, पटना के सहयोग से समस्तीपुर जिला के नगर निगम अंतर्गत शहरी क्षेत्र के तक़रीबन 200 परिवारों के 06-18 आयुवर्ग/साल के बच्चों, उनके माता-पिता, केयर गिभर, बाल संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले विभिन्न हितधारक यथा बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, जिला बाल संरक्षण इकाई, विशेष किशोर पुलिस इकाई, चाइल्ड केयर इन्सटीट्यूशन, साइबर जांचकर्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पुलिस, बाल कल्याण और संरक्षण समिति, पंचायतीराज संस्थान, आंगनवाडी केंद्र, विद्यालय प्रबंधन समिति, चिकित्सक, स्वयंसेवी संगठन, परामर्शी आदि के साथ ऑनलाइन सुरक्षा तथा उसके विभिन्न आयाम को लेकर एक अध्ययन, रिसर्च किया गया। सर्वेक्षण अध्ययन के दौरांन कई चुनौतियां और बाधाएं आई। खासकर किशोर-किशोरी समूह को ऑनलाइन सुरक्षा के लिए समुचित जानकारी का आभाव, उनके माता-पिता में जागरूकता की कमी एवं विभिन्न हितधारकों में भी संवेदनशीलता में कमी महसूस की गई। रिसर्च के दौरान यह भी पाया गया कि किशोर वय उम्र में तो ऑनलाइन सुरक्षा के खतरे तो है हीं, उनके अभिभावकों में भी इसके खतरे है। लोगों ने बताया कि इस ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में कई बच्चे, नौजवान, युवा-युवती, शादी-शुदा महिला-पुरुष भी फंस जा रहे है और धन, इज्जत सब गवां बैठते है। जब तक पता चलता है तब तक काफी देर हो चुका होता है और खासकर नौजवानों का कैरीयर चौपट हुआ जा रहा है। बच्चों के बीच बाल दुर्व्यापर, बाल यौन हिंसा, ऑनलाइन सेक्सुअल असाल्ट, डिजिटल अरेस्ट, बैंक अकाउंट खाली कर देने जैसी घटनाएं बढती जा रही है। कई – कई लोंगों ने बताया कि फर्जी फ़ोन काल के चलते किशोरिओं में घर से भागने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है‌। ऑनलाइन की मायाबी दुनिया में हमारे नौजवान फंसते जा रहे है‌। जब हमने स्थानीय चिकत्सकों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि उनके पास ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाओं के शिकार मानसिक रोगिओं की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। बाल कल्याण समिति की एक पदधारक ने बताया कि आजकल उनके पास टेलीफोनिक फ्रॉड के कारण बच्चियों के घर से भागने के मामले ज्यादा आने लगे है, जिन्हें बाल संरक्षण के लिए काम करने वाली स्थानीय समाजसेवी संस्थाओं, पुलिस, पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से बच्चों के सर्वोत्तम हित को देखते हुए पुन: उनके माता-पिता के यहाँ आवासित कराने, जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। उन बच्चों का जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के दक्ष प्रामर्शियों द्वारा मनो-सामाजिक परामर्श, कानूनी सहायता मुहैया कराया जाता है। चाणक्या लॉ यूनिवर्सिटी, पटना के फैकल्टी मेम्बर श्रीमती सुगंधा जी और विजय विमल नें बताया कि आने वाले समय में जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के साथ मिलकर संयुक्त रूप से पोक्सो पिड़िताओं के कानूनी सहायता, दोषसिद्धि दर और मुआवज़ा मिलने में होने वाले विलम्ब को लेकर एक अध्ययन किया जायगा और इससे सम्बंधित बाधाओं को चिन्हित करते हुए अग्रेतर कार्रवाई के लिए सम्बंधित विभाग को अनुमोदन भेजा जाएगा ताकि पीड़िता को किशोर न्याय अधिनियम अंतर्गत ससमय कानूनी सहायता, अपराधियों के उपर दोषसिद्धि और पीड़िता को मुआवज़ा मिलने में होने वाले विलम्ब को दूर किया जा सके। मौके पर जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के सचिव सुरेंद्र कुमार, रवि कुमार मिश्रा, परियोजना समन्वयक, रिसर्च स्कॉलर मयंक कुमार सिन्हा, शोभानंद सिंह, चंचला कुमारी, लेखा अधिकारी पप्पू यादव, प्रोग्राम मैनेजर डॉ. दिप्ती कुमारी आदि मौजूद थे। *क्राई चाइल्ड राइट्स एंड यू एवं चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी पटना के सहयोग से समस्तीपुर में ऑनलाइन सुरक्षा तथा उसके विभिन्न आयाम को लेकर अध्ययन किया गया* समस्तीपुर। क्राई-चाइल्ड राइट्स एंड यू एवं चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी, पटना के सहयोग से समस्तीपुर जिला के नगर निगम अंतर्गत शहरी क्षेत्र के तक़रीबन 200 परिवारों के 06-18 आयुवर्ग/साल के बच्चों, उनके माता-पिता, केयर गिभर, बाल संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले विभिन्न हितधारक यथा बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, जिला बाल संरक्षण इकाई, विशेष किशोर पुलिस इकाई, चाइल्ड केयर इन्सटीट्यूशन, साइबर जांचकर्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पुलिस, बाल कल्याण और संरक्षण समिति, पंचायतीराज संस्थान, आंगनवाडी केंद्र, विद्यालय प्रबंधन समिति, चिकित्सक, स्वयंसेवी संगठन, परामर्शी आदि के साथ ऑनलाइन सुरक्षा तथा उसके विभिन्न आयाम को लेकर एक अध्ययन, रिसर्च किया गया। सर्वेक्षण अध्ययन के दौरांन कई चुनौतियां और बाधाएं आई। खासकर किशोर-किशोरी समूह को ऑनलाइन सुरक्षा के लिए समुचित जानकारी का आभाव, उनके माता-पिता में जागरूकता की कमी एवं विभिन्न हितधारकों में भी संवेदनशीलता में कमी महसूस की गई। रिसर्च के दौरान यह भी पाया गया कि किशोर वय उम्र में तो ऑनलाइन सुरक्षा के खतरे तो है हीं, उनके अभिभावकों में भी इसके खतरे है। लोगों ने बताया कि इस ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में कई बच्चे, नौजवान, युवा-युवती, शादी-शुदा महिला-पुरुष भी फंस जा रहे है और धन, इज्जत सब गवां बैठते है। जब तक पता चलता है तब तक काफी देर हो चुका होता है और खासकर नौजवानों का कैरीयर चौपट हुआ जा रहा है। बच्चों के बीच बाल दुर्व्यापर, बाल यौन हिंसा, ऑनलाइन सेक्सुअल असाल्ट, डिजिटल अरेस्ट, बैंक अकाउंट खाली कर देने जैसी घटनाएं बढती जा रही है। कई – कई लोंगों ने बताया कि फर्जी फ़ोन काल के चलते किशोरिओं में घर से भागने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है‌। ऑनलाइन की मायाबी दुनिया में हमारे नौजवान फंसते जा रहे है‌। जब हमने स्थानीय चिकत्सकों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि उनके पास ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाओं के शिकार मानसिक रोगिओं की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। बाल कल्याण समिति की एक पदधारक ने बताया कि आजकल उनके पास टेलीफोनिक फ्रॉड के कारण बच्चियों के घर से भागने के मामले ज्यादा आने लगे है, जिन्हें बाल संरक्षण के लिए काम करने वाली स्थानीय समाजसेवी संस्थाओं, पुलिस, पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से बच्चों के सर्वोत्तम हित को देखते हुए पुन: उनके माता-पिता के यहाँ आवासित कराने, जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। उन बच्चों का जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के दक्ष प्रामर्शियों द्वारा मनो-सामाजिक परामर्श, कानूनी सहायता मुहैया कराया जाता है। चाणक्या लॉ यूनिवर्सिटी, पटना के फैकल्टी मेम्बर श्रीमती सुगंधा जी और विजय विमल नें बताया कि आने वाले समय में जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के साथ मिलकर संयुक्त रूप से पोक्सो पिड़िताओं के कानूनी सहायता, दोषसिद्धि दर और मुआवज़ा मिलने में होने वाले विलम्ब को लेकर एक अध्ययन किया जायगा और इससे सम्बंधित बाधाओं को चिन्हित करते हुए अग्रेतर कार्रवाई के लिए सम्बंधित विभाग को अनुमोदन भेजा जाएगा ताकि पीड़िता को किशोर न्याय अधिनियम अंतर्गत ससमय कानूनी सहायता, अपराधियों के उपर दोषसिद्धि और पीड़िता को मुआवज़ा मिलने में होने वाले विलम्ब को दूर किया जा सके। मौके पर जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के सचिव सुरेंद्र कुमार, रवि कुमार मिश्रा, परियोजना समन्वयक, रिसर्च स्कॉलर मयंक कुमार सिन्हा, शोभानंद सिंह, चंचला कुमारी, लेखा अधिकारी पप्पू यादव, प्रोग्राम मैनेजर डॉ. दिप्ती कुमारी आदि मौजूद थे।

11 hrs ago
user_Mritunjay Kumar Thakur
Mritunjay Kumar Thakur
समस्तीपुर पत्रकार समस्तीपुर, समस्तीपुर, बिहार•
11 hrs ago
b1bb82a1-d39c-4dcf-868e-0b183e52e862

*क्राई चाइल्ड राइट्स एंड यू एवं चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी पटना के सहयोग से समस्तीपुर में ऑनलाइन सुरक्षा तथा उसके विभिन्न आयाम को लेकर अध्ययन किया गया* समस्तीपुर। क्राई-चाइल्ड राइट्स एंड यू एवं चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी, पटना के सहयोग से समस्तीपुर जिला के नगर निगम अंतर्गत शहरी क्षेत्र के तक़रीबन 200 परिवारों के 06-18 आयुवर्ग/साल के बच्चों, उनके माता-पिता, केयर गिभर, बाल संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले विभिन्न हितधारक यथा बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, जिला बाल संरक्षण इकाई, विशेष किशोर पुलिस इकाई, चाइल्ड केयर इन्सटीट्यूशन, साइबर जांचकर्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पुलिस, बाल कल्याण और संरक्षण समिति, पंचायतीराज संस्थान, आंगनवाडी केंद्र, विद्यालय प्रबंधन समिति, चिकित्सक, स्वयंसेवी संगठन, परामर्शी आदि के साथ ऑनलाइन सुरक्षा तथा उसके विभिन्न आयाम को लेकर एक अध्ययन, रिसर्च किया गया। सर्वेक्षण अध्ययन के दौरांन कई चुनौतियां और बाधाएं आई। खासकर किशोर-किशोरी समूह को ऑनलाइन सुरक्षा के लिए समुचित जानकारी का आभाव, उनके माता-पिता में जागरूकता की कमी एवं विभिन्न हितधारकों में भी संवेदनशीलता में कमी महसूस की गई। रिसर्च के दौरान यह भी पाया गया कि किशोर वय उम्र में तो ऑनलाइन सुरक्षा के खतरे तो है हीं, उनके अभिभावकों में भी इसके खतरे है। लोगों ने बताया कि इस ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में कई बच्चे, नौजवान, युवा-युवती, शादी-शुदा महिला-पुरुष भी फंस जा रहे है और धन, इज्जत सब गवां बैठते है। जब तक पता चलता है तब तक काफी देर हो चुका होता है और खासकर नौजवानों का कैरीयर चौपट हुआ जा रहा है। बच्चों के बीच बाल दुर्व्यापर, बाल यौन हिंसा, ऑनलाइन सेक्सुअल असाल्ट, डिजिटल अरेस्ट, बैंक अकाउंट खाली कर देने जैसी घटनाएं बढती जा रही है। कई – कई लोंगों ने बताया कि फर्जी फ़ोन काल के चलते किशोरिओं में घर से भागने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है‌। ऑनलाइन की मायाबी दुनिया में हमारे नौजवान फंसते जा रहे है‌। जब हमने स्थानीय चिकत्सकों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि उनके पास ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाओं के शिकार मानसिक रोगिओं की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। बाल कल्याण समिति की एक पदधारक ने बताया कि आजकल उनके पास टेलीफोनिक फ्रॉड के कारण बच्चियों के घर से भागने के मामले ज्यादा आने लगे है, जिन्हें बाल संरक्षण के लिए काम करने वाली स्थानीय समाजसेवी संस्थाओं, पुलिस, पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से बच्चों के सर्वोत्तम हित को देखते हुए पुन: उनके माता-पिता के यहाँ आवासित कराने, जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। उन बच्चों का जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के दक्ष प्रामर्शियों द्वारा मनो-सामाजिक परामर्श, कानूनी सहायता मुहैया कराया जाता है। चाणक्या लॉ यूनिवर्सिटी, पटना के फैकल्टी मेम्बर श्रीमती सुगंधा जी और विजय विमल नें बताया कि आने वाले समय में जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के साथ मिलकर संयुक्त रूप से पोक्सो पिड़िताओं के कानूनी सहायता, दोषसिद्धि दर और मुआवज़ा मिलने में होने वाले विलम्ब को लेकर एक अध्ययन किया जायगा और इससे सम्बंधित बाधाओं को चिन्हित करते हुए अग्रेतर कार्रवाई के लिए सम्बंधित विभाग को अनुमोदन भेजा जाएगा ताकि पीड़िता को किशोर न्याय अधिनियम अंतर्गत ससमय कानूनी सहायता, अपराधियों के उपर दोषसिद्धि और पीड़िता को मुआवज़ा मिलने में होने वाले विलम्ब को दूर किया जा सके। मौके पर जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के सचिव सुरेंद्र कुमार, रवि कुमार मिश्रा, परियोजना समन्वयक, रिसर्च स्कॉलर मयंक कुमार सिन्हा, शोभानंद सिंह, चंचला कुमारी, लेखा अधिकारी पप्पू यादव, प्रोग्राम मैनेजर डॉ. दिप्ती कुमारी आदि मौजूद थे। *क्राई चाइल्ड राइट्स एंड यू एवं चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी पटना के सहयोग से समस्तीपुर में ऑनलाइन सुरक्षा तथा उसके विभिन्न आयाम को लेकर अध्ययन किया गया* समस्तीपुर। क्राई-चाइल्ड राइट्स एंड यू एवं चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी, पटना के सहयोग से समस्तीपुर जिला के नगर निगम अंतर्गत शहरी क्षेत्र के तक़रीबन 200 परिवारों के 06-18 आयुवर्ग/साल के बच्चों, उनके माता-पिता, केयर गिभर, बाल संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले विभिन्न हितधारक यथा बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, जिला बाल संरक्षण इकाई, विशेष किशोर पुलिस इकाई, चाइल्ड केयर इन्सटीट्यूशन, साइबर जांचकर्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पुलिस, बाल कल्याण और संरक्षण समिति, पंचायतीराज संस्थान, आंगनवाडी केंद्र, विद्यालय प्रबंधन समिति, चिकित्सक, स्वयंसेवी संगठन, परामर्शी आदि के साथ ऑनलाइन सुरक्षा तथा उसके विभिन्न आयाम को लेकर एक अध्ययन, रिसर्च किया गया। सर्वेक्षण अध्ययन के दौरांन कई चुनौतियां और बाधाएं आई। खासकर किशोर-किशोरी समूह को ऑनलाइन सुरक्षा के लिए समुचित जानकारी का आभाव, उनके माता-पिता में जागरूकता की कमी एवं विभिन्न हितधारकों में भी संवेदनशीलता में कमी महसूस की गई। रिसर्च के दौरान यह भी पाया गया कि किशोर वय उम्र में तो ऑनलाइन सुरक्षा के खतरे तो है हीं, उनके अभिभावकों में भी इसके खतरे है। लोगों ने बताया कि इस ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में कई बच्चे, नौजवान, युवा-युवती, शादी-शुदा महिला-पुरुष भी फंस जा रहे है और धन, इज्जत सब गवां बैठते है। जब तक पता चलता है तब तक काफी देर हो चुका होता है और खासकर नौजवानों का कैरीयर चौपट हुआ जा रहा है। बच्चों के बीच बाल दुर्व्यापर, बाल यौन हिंसा, ऑनलाइन सेक्सुअल असाल्ट, डिजिटल अरेस्ट, बैंक अकाउंट खाली कर देने जैसी घटनाएं बढती जा रही है। कई – कई लोंगों ने बताया कि फर्जी फ़ोन काल के चलते किशोरिओं में घर से भागने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है‌। ऑनलाइन की मायाबी दुनिया में हमारे नौजवान फंसते जा रहे है‌। जब हमने स्थानीय चिकत्सकों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि उनके पास ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाओं के शिकार मानसिक रोगिओं की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। बाल कल्याण समिति की एक पदधारक ने बताया कि आजकल उनके पास टेलीफोनिक फ्रॉड के कारण बच्चियों के घर से भागने के मामले ज्यादा आने लगे है, जिन्हें बाल संरक्षण के लिए काम करने वाली स्थानीय समाजसेवी संस्थाओं, पुलिस, पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से बच्चों के सर्वोत्तम हित को देखते हुए पुन: उनके माता-पिता के यहाँ आवासित कराने, जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। उन बच्चों का जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के दक्ष प्रामर्शियों द्वारा मनो-सामाजिक परामर्श, कानूनी सहायता मुहैया कराया जाता है। चाणक्या लॉ यूनिवर्सिटी, पटना के फैकल्टी मेम्बर श्रीमती सुगंधा जी और विजय विमल नें बताया कि आने वाले समय में जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के साथ मिलकर संयुक्त रूप से पोक्सो पिड़िताओं के कानूनी सहायता, दोषसिद्धि दर और मुआवज़ा मिलने में होने वाले विलम्ब को लेकर एक अध्ययन किया जायगा और इससे सम्बंधित बाधाओं को चिन्हित करते हुए अग्रेतर कार्रवाई के लिए सम्बंधित विभाग को अनुमोदन भेजा जाएगा ताकि पीड़िता को किशोर न्याय अधिनियम अंतर्गत ससमय कानूनी सहायता, अपराधियों के उपर दोषसिद्धि और पीड़िता को मुआवज़ा मिलने में होने वाले विलम्ब को दूर किया जा सके। मौके पर जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के सचिव सुरेंद्र कुमार, रवि कुमार मिश्रा, परियोजना समन्वयक, रिसर्च स्कॉलर मयंक कुमार सिन्हा, शोभानंद सिंह, चंचला कुमारी, लेखा अधिकारी पप्पू यादव, प्रोग्राम मैनेजर डॉ. दिप्ती कुमारी आदि मौजूद थे।

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  • गाजे-बाजे के साथ निकला भव्य जुलूस, अस्त्र-शस्त्र कला के प्रदर्शन से गूंजा समस्तीपुर गाजे-बाजे के साथ निकला भव्य जुलूस, अस्त्र-शस्त्र कला के प्रदर्शन से गूंजा समस्तीपुर
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    गाजे-बाजे के साथ निकला भव्य जुलूस, अस्त्र-शस्त्र कला के प्रदर्शन से गूंजा समस्तीपुर
गाजे-बाजे के साथ निकला भव्य जुलूस, अस्त्र-शस्त्र कला के प्रदर्शन से गूंजा समस्तीपुर
    user_Mritunjay Kumar Thakur
    Mritunjay Kumar Thakur
    समस्तीपुर पत्रकार समस्तीपुर, समस्तीपुर, बिहार•
    10 hrs ago
  • भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, चौथम अंचल परिषद की ओर से 22 सूत्री मांगों के समर्थन में प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में महाधरना किया गया आयोजित धरने की अध्यक्षता भाकपा जिला परिषद सदस्य कामरेड योगेंद्र शर्मा ने की। धरने को संबोधित करते हुए भाकपा बिहार राज्य कार्यकारिणी सदस्य एवं चौथम के पूर्व प्रमुख कामरेड प्रभाकर प्रसाद सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने किसानों को फसल का लाभकारी मूल्य दिलाने, मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करने और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। कामरेड प्रभाकर प्रसाद सिंह ने चौथम प्रखंड और अंचल कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन और जमीन नापी जैसे कार्यों में लोगों से कथित तौर पर अवैध राशि लिए जाने की शिकायतें हैं। धरने में भूमिहीन परिवारों को पांच डिसमिल जमीन, वर्षों से बसे लोगों को बासगीत का पर्चा और सरकारी योजनाओं का पारदर्शी तरीके से लाभ देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके अलावा जवाहर नगर, जयप्रभानगर, मेदनी नगर, बरमहा और हरदिया सहित विभिन्न गांवों के भूमि एवं पुनर्वास से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। बालकुंडा गांव के लोगों के पुनर्वास, नवादा घाट से धमारा स्टेशन तक जर्जर सड़क की मरम्मत तथा नवादा और मालपाघाट पर पुल निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग भी की गई। धरना स्थल से प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित अनियमितताओं की जांच, वृद्धावस्था पेंशन के नियमित भुगतान और पेंशन राशि बढ़ाकर तीन हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग भी उठी। वहीं, बहलाधार के निकट वाटरवेज बांध पर जल निकासी के लिए स्विच गेट बनाने की मांग को लेकर भी आवाज बुलंद की गई। भाकपा नेताओं ने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन को और तेज किया जाएगा। साथ ही, 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘बदलाव जरूरी है’ रैली में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की गई। धरने को भाकपा बिहार राज्य परिषद सदस्य सह बिहार राज्य किसान सभा के जिला मंत्री कामरेड रविंद्र यादव समेत पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया। महाधरना समाप्त होने के बाद भाकपा का एक प्रतिनिधिमंडल चौथम के प्रखंड विकास पदाधिकारी रंजीत कुमार से मिला और 22 सूत्री मांग-पत्र सौंपा। बीडीओ ने प्रतिनिधिमंडल को मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। चौथम से जनक्रांति हिंदी न्यूज़ बुलेटिन के लिए यह रिपोर्ट। ऐसी ही स्थानीय और महत्वपूर्ण खबरों के लिए जनक्रांति हिंदी न्यूज़ बुलेटिन को सब्सक्राइब करें, वीडियो को लाइक करें और अपने क्षेत्र की खबर हम तक जरूर पहुंचाएं। धन्यवाद।
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    भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, चौथम अंचल परिषद की ओर से 22 सूत्री मांगों के समर्थन में प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में महाधरना किया गया आयोजित 
धरने की अध्यक्षता भाकपा जिला परिषद सदस्य कामरेड योगेंद्र शर्मा ने की।
धरने को संबोधित करते हुए भाकपा बिहार राज्य कार्यकारिणी सदस्य एवं चौथम के पूर्व प्रमुख कामरेड प्रभाकर प्रसाद सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि देश महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने किसानों को फसल का लाभकारी मूल्य दिलाने, मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करने और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
कामरेड प्रभाकर प्रसाद सिंह ने चौथम प्रखंड और अंचल कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन और जमीन नापी जैसे कार्यों में लोगों से कथित तौर पर अवैध राशि लिए जाने की शिकायतें हैं।
धरने में भूमिहीन परिवारों को पांच डिसमिल जमीन, वर्षों से बसे लोगों को बासगीत का पर्चा और सरकारी योजनाओं का पारदर्शी तरीके से लाभ देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
इसके अलावा जवाहर नगर, जयप्रभानगर, मेदनी नगर, बरमहा और हरदिया सहित विभिन्न गांवों के भूमि एवं पुनर्वास से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए।
बालकुंडा गांव के लोगों के पुनर्वास, नवादा घाट से धमारा स्टेशन तक जर्जर सड़क की मरम्मत तथा नवादा और मालपाघाट पर पुल निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग भी की गई।
धरना स्थल से प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित अनियमितताओं की जांच, वृद्धावस्था पेंशन के नियमित भुगतान और पेंशन राशि बढ़ाकर तीन हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग भी उठी।
वहीं, बहलाधार के निकट वाटरवेज बांध पर जल निकासी के लिए स्विच गेट बनाने की मांग को लेकर भी आवाज बुलंद की गई।
भाकपा नेताओं ने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन को और तेज किया जाएगा। साथ ही, 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘बदलाव जरूरी है’ रैली में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की गई।
धरने को भाकपा बिहार राज्य परिषद सदस्य सह बिहार राज्य किसान सभा के जिला मंत्री कामरेड रविंद्र यादव समेत पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया।
महाधरना समाप्त होने के बाद भाकपा का एक प्रतिनिधिमंडल चौथम के प्रखंड विकास पदाधिकारी रंजीत कुमार से मिला और 22 सूत्री मांग-पत्र सौंपा।
बीडीओ ने प्रतिनिधिमंडल को मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
चौथम से जनक्रांति हिंदी न्यूज़ बुलेटिन के लिए यह रिपोर्ट।
ऐसी ही स्थानीय और महत्वपूर्ण खबरों के लिए जनक्रांति हिंदी न्यूज़ बुलेटिन को सब्सक्राइब करें, वीडियो को लाइक करें और अपने क्षेत्र की खबर हम तक जरूर पहुंचाएं।
धन्यवाद।
    user_Jan-Kranti hindi news bulletin
    Jan-Kranti hindi news bulletin
    Voice of people समस्तीपुर, समस्तीपुर, बिहार•
    12 hrs ago
  • कई घंटे मशक्कत के बाद समझा बुझा कर जाम को खुलवाया गया पुलिस शव को कब्ज में.. कई घंटे मशक्कत के बाद समझा बुझा कर जाम को खुलवाया गया पुलिस शव को कब्ज में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेजो
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    कई घंटे मशक्कत के बाद समझा बुझा कर जाम को खुलवाया गया पुलिस शव को कब्ज में..
कई घंटे मशक्कत के बाद समझा बुझा कर जाम को खुलवाया गया पुलिस शव को कब्ज में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेजो
    user_Raman kumar Darbhanga Tak
    Raman kumar Darbhanga Tak
    हयाघाट, दरभंगा, बिहार•
    1 hr ago
  • क्षेत्रक उप-स्वास्थ्य केंद्र आ मुख्य सड़कक वर्तमान हाल देखिकय मोन बहुत चिंतित रहैत अछि एकांत में बैसि कऽ सदिखन सोचैत रहैत छी आखिर केना हेतै एहि सभ समस्याक समाधान।? एकटा बात हर समय अपन गार्जियन सँ सीख जरूर भेटैत अछि जीवन में सार्थक संघर्ष कखनो व्यर्थ नहि जाइत अछि। जीवन अहाँक अछि आ एकरा केना नीक जकाँ चलायब ई निर्णय सेहो अहाँकेँ स्वयं लेबऽ पड़त। जय मिथिला।✊🙏🏻
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    क्षेत्रक उप-स्वास्थ्य केंद्र आ मुख्य सड़कक वर्तमान हाल देखिकय मोन बहुत चिंतित रहैत अछि एकांत में बैसि कऽ सदिखन सोचैत रहैत छी आखिर केना हेतै एहि सभ समस्याक समाधान।?

एकटा बात हर समय अपन गार्जियन सँ सीख जरूर भेटैत अछि जीवन में सार्थक संघर्ष कखनो व्यर्थ नहि जाइत अछि।
 
जीवन अहाँक अछि आ एकरा केना नीक जकाँ चलायब ई निर्णय सेहो अहाँकेँ स्वयं लेबऽ पड़त।

जय मिथिला।✊🙏🏻
    user_Deepak kumar Jha
    Deepak kumar Jha
    Student union हयाघाट, दरभंगा, बिहार•
    14 hrs ago
  • हाजीपुर में सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा पत्रकारों को अपमानित किये जाने की घटना कि निंदा करते हुए, सांसद पप्पू यादव ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया.
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    हाजीपुर में सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा पत्रकारों को अपमानित किये जाने की घटना कि निंदा करते हुए, सांसद पप्पू यादव ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया.
    user_Anil shriwastav
    Anil shriwastav
    दलसिंहसराय, समस्तीपुर, बिहार•
    1 hr ago
  • मुजफ्फरपुर SSP कांतेश मिश्रा ने खोली लोजपा विधायक अमित कुमार रानू की कुंडली, 25 मामलों में आठ नामजद जायेंगे जेल अहियापुर बुलडोजर कांड काफ़ी गरम है मामला
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    मुजफ्फरपुर SSP कांतेश मिश्रा ने खोली लोजपा विधायक अमित कुमार रानू की कुंडली, 25 मामलों में आठ नामजद जायेंगे जेल अहियापुर बुलडोजर कांड काफ़ी गरम है मामला
    user_PTB gramin
    PTB gramin
    News Anchor Darbhanga, Bihar•
    23 min ago
  • बहादुरपुर के कांग्रेस नेता धनंजय सिंह समाज सेवी अर्जुनपासवान ने कहा कि इस पर कोई भी राजनीति नहीं होनी चाहिए
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    बहादुरपुर के कांग्रेस नेता धनंजय सिंह समाज सेवी अर्जुनपासवान ने कहा कि इस पर कोई भी राजनीति नहीं होनी चाहिए
    user_Sonu jha (Susant Suriya )
    Sonu jha (Susant Suriya )
    Media company गोरा बौरम, दरभंगा, बिहार•
    1 hr ago
  • बैंक खाते से फर्जी निकासी का आरोप, जांच कर दोषियों पर कार्रवाई एवं रुपये वापसी की मांग बिहार ग्रामीण बैंक, ताजपुर शाखा के एक खाताधारक के खाते से बिना अनुमति राशि निकासी का मामला सामने आया है। पीड़ित प्रवीण कुमार महतो ने साइबर क्राइम थाना, समस्तीपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए बताया है कि उनके बैंक खाते से 19, 23, 24 और 25 जुलाई तथा 24 अगस्त 2026 को कुल 30,700 रुपये की निकासी कर ली गई, जबकि उन्होंने स्वयं यह लेन-देन नहीं किया। पीड़ित के अनुसार बैंक स्टेटमेंट से उन्हें उक्त निकासी की जानकारी मिली। उन्होंने आशंका जताई है कि उनके बैंक खाते का किसी प्रकार से अनधिकृत उपयोग किया गया है। इस संबंध में उन्होंने साइबर थाना के साथ-साथ बिहार ग्रामीण बैंक, ताजपुर शाखा में भी लिखित शिकायत दर्ज कराई है तथा मामले की जांच कर राशि वापस दिलाने की मांग की है।
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    बैंक खाते से फर्जी निकासी का आरोप, जांच कर दोषियों पर कार्रवाई एवं रुपये वापसी की मांग 
बिहार ग्रामीण बैंक, ताजपुर शाखा के एक खाताधारक के खाते से बिना अनुमति राशि निकासी का मामला सामने आया है। पीड़ित प्रवीण कुमार महतो ने साइबर क्राइम थाना, समस्तीपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए बताया है कि उनके बैंक खाते से 19, 23, 24 और 25 जुलाई तथा 24 अगस्त 2026 को कुल 30,700 रुपये की निकासी कर ली गई, जबकि उन्होंने स्वयं यह लेन-देन नहीं किया।
पीड़ित के अनुसार बैंक स्टेटमेंट से उन्हें उक्त निकासी की जानकारी मिली। उन्होंने आशंका जताई है कि उनके बैंक खाते का किसी प्रकार से अनधिकृत उपयोग किया गया है। इस संबंध में उन्होंने साइबर थाना के साथ-साथ बिहार ग्रामीण बैंक, ताजपुर शाखा में भी लिखित शिकायत दर्ज कराई है तथा मामले की जांच कर राशि वापस दिलाने की मांग की है।
    user_Jan-Kranti hindi news bulletin
    Jan-Kranti hindi news bulletin
    Voice of people समस्तीपुर, समस्तीपुर, बिहार•
    15 hrs ago
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