उदाकिशुनगंज में शनिवार को उर्दू के मशहूर शायर बशीर बद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। चिकित्सा, शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने उन्हें याद करते हुए दो मिनट का मौन रखा और उनके निधन को साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। यह श्रद्धांजलि सभा उदाकिशुनगंज के एक निजी अस्पताल परिसर में आयोजित की गई थी। लोगों ने बताया कि मशहूर शायर बशीर बद्र का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया है, और वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन से साहित्य और शायरी की दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई है। वक्ताओं ने श्रद्धांजलि सभा में कहा कि बशीर बद्र ने उर्दू शायरी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और उनकी रचनाएं आज भी लोगों की जुबान पर रहती हैं। उनका प्रसिद्ध शेर "हम हैं दरिया हमें अपना हुनर मालूम है" आज भी बेहद लोकप्रिय है। इस अवसर पर प्राचर्य रविन्द्र कुमार रमन, डा. संतोष कुमार संत, डा. अशोक कुमार मिश्रा, इंटक जिला अध्यक्ष संजय कुमार सिंह, प्रवीन सिंह, जय कुमार यादव, शशि कुमार, प्रमोद कुमार, धिरज, मंतोश कुमार, अमलेश कुमार, मेहन, रुपेश कुमार, सुनिल कुमार सिंह, चितरंजन कुमार सिंह, आदर्श कुमार, और रंजन कुमार सहित कई लोग मौजूद थे।
उदाकिशुनगंज में शनिवार को उर्दू के मशहूर शायर बशीर बद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। चिकित्सा, शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने उन्हें याद करते हुए दो मिनट का मौन रखा और उनके निधन को साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। यह श्रद्धांजलि सभा उदाकिशुनगंज के एक निजी अस्पताल परिसर में आयोजित की गई थी। लोगों ने बताया कि मशहूर शायर बशीर बद्र का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया है, और वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन से साहित्य और शायरी की दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई है। वक्ताओं ने श्रद्धांजलि सभा में कहा कि बशीर बद्र ने उर्दू शायरी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और उनकी रचनाएं आज भी लोगों की जुबान पर रहती हैं। उनका प्रसिद्ध शेर "हम हैं दरिया हमें अपना हुनर मालूम है" आज भी बेहद लोकप्रिय है। इस अवसर पर प्राचर्य रविन्द्र कुमार रमन, डा. संतोष कुमार संत, डा. अशोक कुमार मिश्रा, इंटक जिला अध्यक्ष संजय कुमार सिंह, प्रवीन सिंह, जय कुमार यादव, शशि कुमार, प्रमोद कुमार, धिरज, मंतोश कुमार, अमलेश कुमार, मेहन, रुपेश कुमार, सुनिल कुमार सिंह, चितरंजन कुमार सिंह, आदर्श कुमार, और रंजन कुमार सहित कई लोग मौजूद थे।
- उत्तराखंड के नैनीताल से ताल्लुक रखने वाली चर्चित मंचीय कवयित्री गौरी मिश्रा को हास्य, श्रृंगार और सामाजिक विषयों पर आधारित कविताओं के लिए देशभर में जाना जाता है। उनकी मधुर आवाज, सहज प्रस्तुति शैली और मंच संचालन का तरीका युवाओं के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय है। गौरी मिश्रा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कई राष्ट्रीय कवि सम्मेलनों और टीवी कार्यक्रमों में भी कर चुकी हैं। हाल ही में मधेपुरा में दैनिक जागरण द्वारा आयोजित एक कवि सम्मेलन में गौरी मिश्रा ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से श्रोताओं का दिल जीत लिया। इस कार्यक्रम में उपस्थित श्रोताओं ने उनकी कविताओं की खूब सराहना की।1
- मधेपुरा जिले के बिहारीगंज थाना क्षेत्र स्थित रामपुर डेहरू गांव में हुए 55 वर्षीय कामेश्वर मेहता हत्याकांड का पुलिस ने कुछ ही दिनों में सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि मृतक की पत्नी गीता देवी ही इस हत्याकांड की मुख्य साजिशकर्ता थी। इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है। उदाकिशुनगंज के एसडीपीओ अविनाश कुमार ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि गीता देवी और उसके पति कामेश्वर मेहता के बीच अक्सर घरेलू विवाद होता था। इन्हीं विवादों से परेशान होकर गीता देवी ने अपने पति की हत्या की योजना बनाई और रामदेव राम नामक व्यक्ति को ₹75 हजार की सुपारी देकर हत्या करवा दी। कामेश्वर मेहता की हत्या 24 मई की रात को की गई थी। वारदात के बाद, गीता देवी ने पुलिस को गुमराह करने के मकसद से खुद बिहारीगंज थाने में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के विश्लेषण से कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे। संदेह गीता देवी पर गहराया, और जब उससे पूछताछ की गई तो उसने हत्या की साजिश रचने तथा सुपारी देने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार, सुपारी मिलने के बाद रामदेव राम ने अपने तीन साथियों प्रशांत कुमार, कौशल कुमार और रौशन कुमार के साथ मिलकर 24 मई की रात को कामेश्वर मेहता की हत्या को अंजाम दिया था।1
- आज दिनाँक 29/5/26 को बिहार ग्रामीण बैंक की रहटा शाखा ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के अंतर्गत दो मृत्यु दावों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया। पहला दावा रजनी जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्या स्वर्गीय अनिता देवी, पति नंदलाल पंडित, से संबंधित था। वहीं, दूसरा दावा कोसी जीविका स्वयं सहायता की सदस्या स्वर्गीय उमेश चौधरी, जिनकी पत्नी भारती देवी हैं, से जुड़ा था। PMJJBY योजना के तहत मृतक के आश्रित को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाती है। इस कार्यक्रम में बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक अजित कुमार झा ने उपस्थित जीविका दीदियों को बीमा के महत्व के बारे में जानकारी दी। जीविका के BPM मनोज कुमार ने बताया कि जीविका अपने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी शतप्रतिशत दीदियों को बीमा करवाने हेतु प्रेरित करती है। उन्होंने बीमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समझाया कि जीविका से जुड़कर महिलाएं विभिन्न प्रकार की जीविकोपार्जन गतिविधियों से अपनी आमदनी बढ़ाती हैं, और यदि किसी कारणवश उनकी अकाल मृत्यु हो जाती है, तो बीमा मृतक के परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर उन्हें पुनः गरीबी के दुष्चक्र में जाने से बचाता है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में BGB RO सहरसा के FI हेड अच्युत आनंद, शाखा प्रबंधक आनंद कुमार, कैशियर अभिजीत कुमार और ऑफिसर निखिल कुमार उपस्थित रहे। जीविका की ओर से किरण CLF की अध्यक्ष रंजू देवी और कोषाध्यक्ष रीता देवी के साथ-साथ बैंक मित्र सहाना खातून भी मौजूद थीं। लाभार्थियों के समूहों से संबंधित जीविका कैडर संदीप कुमार, अखिलेश कुमार, परबेज आलम और हदीस आलम ने भी उपस्थित होकर कार्यक्रम के संचालन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- बिहार के सौर बाजार नगर पंचायत में विकास कार्यों को केवल खानापूर्ति के तौर पर अंजाम दिया जा रहा है। यह स्थिति दर्शाती है कि क्षेत्र में वास्तविक विकास की कमी है और जो भी कार्य हो रहे हैं, वे मात्र दिखावे के लिए हैं।1
- कटिहार जिले के देवपुर में नाला जाम होने की समस्या सामने आई है।2
- कनाडिया थाना और गवैया के बीच एक सड़क की खराब स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ सुबह से लेकर लगभग 10 बजे तक बड़ी संख्या में बाइकें गुजरती हैं। हालांकि सड़क की स्थिति पूरी तरह से जर्जर नहीं बताई गई है, लेकिन जिस खास जगह पर यह खराब है, वहां यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। इस खराब सड़क के कारण बाइक सवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, खासकर उन लोगों को जिनकी बाइक की हेडलाइट अच्छी नहीं होती, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। बेलवारा पंचायत के निवासी अखिलेश कुमार ने इस सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है। उन्होंने जोर दिया कि सड़क को तुरंत ठीक किया जाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में जवाबदेह इंजीनियरों पर कार्रवाई करने और उन पर दबाव डालने की भी मांग की है, जो सड़क की मरम्मत की निगरानी के लिए जिम्मेदार हैं।1
- लोगों ने सरकार से अत्यंत भावुक निवेदन किया है कि उन्हें 'जाने आने की रस्म' प्रदान की जाए। यह मार्मिक अपील इसलिए की गई है क्योंकि उन्हें 'जाने आने' के लिए अनुमति नहीं दी जा रही है।2
- सोशल मीडिया पर एक कट्टा लहराने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई महिला का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस द्वारा की गई है, जिसे एक बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है।1