सिरोही के आबूरोड में श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय बालिका के साथ हुए जघन्य दुष्कर्म के विरोध में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। वर्षा सिंह के नेतृत्व में आबूरोड के नागरिकों ने माननीय राष्ट्रपति महोदया को ज्ञापन भेजकर पीड़िता के लिए शीघ्र न्याय की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि श्रीगंगानगर की यह हृदयविदारक घटना पूरे देश को झकझोर देने वाली है, जो समाज में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। ज्ञापन के जरिए वर्षा सिंह ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष, त्वरित और प्रभावी जांच सुनिश्चित की जाए। न्यायालय द्वारा आरोपियों को दोषी पाए जाने पर उन्हें कानून के अनुसार कठोरतम दंड दिया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके अलावा, महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाने की मांग भी की गई। इस अवसर पर वर्षा कुमारी, दुर्गेश कुमार, करण कुमार, निखिल, हनी, रविन्द्र, किशन, इंद्र कुमार, उर्मिला, मनीषा और उषा आदि विद्यार्थी व नागरिक उपस्थित रहे।
सिरोही के आबूरोड में श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय बालिका के साथ हुए जघन्य दुष्कर्म के विरोध में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। वर्षा सिंह के नेतृत्व में आबूरोड के नागरिकों ने माननीय राष्ट्रपति महोदया को ज्ञापन भेजकर पीड़िता के लिए शीघ्र
न्याय की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि श्रीगंगानगर की यह हृदयविदारक घटना पूरे देश को झकझोर देने वाली है, जो समाज में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। ज्ञापन के जरिए वर्षा सिंह ने मांग
की है कि मामले की निष्पक्ष, त्वरित और प्रभावी जांच सुनिश्चित की जाए। न्यायालय द्वारा आरोपियों को दोषी पाए जाने पर उन्हें कानून के अनुसार कठोरतम दंड दिया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके अलावा, महिलाओं की
सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाने की मांग भी की गई। इस अवसर पर वर्षा कुमारी, दुर्गेश कुमार, करण कुमार, निखिल, हनी, रविन्द्र, किशन, इंद्र कुमार, उर्मिला, मनीषा और उषा आदि विद्यार्थी व नागरिक उपस्थित रहे।
- आबूरोड के सांतपुर स्थित एक स्कूल के सामने बने गैरेज में रविवार को अचानक शॉर्ट सर्किट होने के कारण वहाँ खड़ी एक बाइक में आग लग गई। आग लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद तुरंत इसकी सूचना नगर पालिका के दमकल विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही नगर पालिका की दमकल टीम मौके पर पहुंची और तत्परता से कार्रवाई करते हुए समय रहते आग पर काबू पा लिया। दमकल कर्मियों की सतर्कता से आग को अन्य वाहनों और आसपास के क्षेत्र में फैलने से रोक लिया गया, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। इस दमकल अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने में फायर कर्मी जितेन्द्र खराड़िया, नवीन कुमार, गौतम बंजारा एवं कमलेश मारू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।4
- सिरोही में स्कूलों में ताले लटकने का सिलसिला जारी है, जिससे शिक्षा के मंदिर में बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। पहले वासा और अब नागानी के स्कूलों में ताले लटके होने के कारण गंभीर स्थिति बनी हुई है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा जी के अनुसार, यह लापरवाही बेहद गंभीर है। अब प्रशासन पर तीखे सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि आखिर कब तक स्कूलों में इसी तरह ताले लटकते रहेंगे और प्रशासन कब जागेगा?1
- पाली के सुमेरपुर उपखंड के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल बलाना में '1 करोड़ 1 सीड बॉल क्रांति शंखनाद' और 'एक व्यक्ति-एक पौधा मिशन राजस्थान' के तहत सीड बॉल महाअभियान का आयोजन किया गया। इस महाअभियान के दौरान स्कूल परिवार द्वारा तैयार की गई 3,600 सीड बॉल की जमकर सराहना की गई और स्कूल को 'सीड बॉल वीर प्रशस्ति-पत्र' देकर सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य पूरण कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में ग्रीन आर्मी मैन और पर्यावरण प्रेमी ओमप्रकाश कुमावत, हार्टफुलनेस संस्था के जिला समन्वयक सीए चेतन अरोड़ा, सेवानिवृत्त वनपाल पन्नालाल वेराजेतपुरा और समाजसेवी रावाराम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान सीए चेतन अरोड़ा ने विद्यार्थियों को ध्यान और योग का अभ्यास कराया। ग्रीन आर्मी मैन ओमप्रकाश कुमावत ने 'घर का बीज, जंगल पहुंचाओ' महाअभियान के तहत राजस्थान और देशभर में कार्यशालाओं के जरिए लोगों को सीड बॉल बनाने के लिए प्रेरित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि आगामी पांच वर्षों में 1 करोड़ 1 सीड बॉल तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। सीए चेतन अरोड़ा ने पाली, सिरोही और जालोर जिलों के सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को इसका प्रशिक्षण देकर पर्यावरण संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने की बात कही। मिशन के तहत अब तक 8 हजार से अधिक बीज सीड बॉल के माध्यम से जंगलों तक पहुंचाए जा चुके हैं, और बलाना स्कूल परिवार ने भी 21 हजार सीड बॉल तैयार कर मिशन को समर्पित करने का संकल्प लिया है। इस कार्यक्रम में मुकेश कुमार, अरविंद कुमार, अनिल कुमार, पूरण सिंह, राजेंद्र सिंह, रेखा सुथार, जीवाराम, राकेश कुमार, रणधीर सिंह, मांगीलाल, ईश्वर सिंह, हरिराम, विरधाराम, हरिकमल, मोटाराम, सुरेंद्र सिंह, गणपत कुमार, सुरेश कुमार, अरुणा, पिंटू कुमार, गौरव सहित स्कूल परिवार के कार्मिक उपस्थित रहे।3
- उदयपुर के केलवाड़ा के एक गांव का हाल बेहद बेहाल है, जहां आज भी बिजली नहीं पहुंची है और लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। इस गांव में विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ है और नेताओं पर सीधा आरोप है कि वे यहां सिर्फ वोट लेने के लिए आते हैं।1
- जालोर में अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जिलेभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और सहयोगिनियों (साथिनों) ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारी महिलाओं ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के जरिए उन्होंने नियमितीकरण, सम्मानजनक मानदेय, न्यूनतम वेतन, समय पर वेतन का भुगतान, पेंशन, ग्रेच्युटी और सेवा सुरक्षा सहित अपनी विभिन्न मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की पुरजोर मांग उठाई है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने प्रशासन और राज्य सरकार को सीधे तौर पर चेतावनी दी है कि यदि उनकी वर्षों पुरानी मांगों का जल्द ही समाधान नहीं किया गया, तो वे इस आंदोलन को और भी तेज करेंगी। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि यदि भविष्य में आंदोलन उग्र होता है, तो उसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी।1
- उदयपुर के नीमच माता रोपवे पर सोमवार सुबह 9:00 बजे कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि तकनीकी खराबी के कारण सफर कर रहे यात्री बीच रास्ते में ही फंस गए हैं। यह गंभीर सूचना मिलते ही राजस्थान नागरिक सुरक्षा विभाग, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत मौके पर पहुंच गईं और रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया। हालांकि, राहत टीमों के मौके पर पहुंचने के बाद पता चला कि यह कोई वास्तविक हादसा नहीं था, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशन में आयोजित की गई एक मॉक ड्रिल थी। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य रोपवे जैसी आपातकालीन स्थितियों में विभिन्न आपदा राहत एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय को परखना, त्वरित प्रतिक्रिया देना और बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण करना था। इस अभ्यास के दौरान सभी संबंधित विभागों ने निर्धारित मानकों के अनुसार रेस्क्यू प्रक्रिया का सफल प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में होने वाली किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के नियमित अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण और मददगार साबित होते हैं।1
- सिरोही के रावण दशहरा मैदान के मुख्य मार्ग पर सड़क के बीचोंबीच एक मरा हुआ कुत्ता दिनभर पड़ा रहा, जिससे नगर परिषद की शिथिल और लचर कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सोमवार को आयोजित सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के कारण इस मार्ग से सैकड़ों परीक्षार्थी, उनके अभिभावक, अधिकारी और राहगीर दिनभर आते-जाते रहे। सड़क पर पड़े मृत कुत्ते से उठ रही तेज दुर्गंध के कारण इन सभी लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिसे लेकर स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद की गंभीर लापरवाही पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। समाजसेवी गोपाल सिंह राव पोसालिया ने आरोप लगाया कि पूरे शहर में सफाई व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। सड़कों पर बेसहारा गौवंश घूमता रहता है, सांडों की आपस में होने वाली लड़ाई से कई राहगीर घायल हो चुके हैं और आवारा कुत्तों के आतंक से नागरिक डरे हुए हैं। इसके बावजूद नगर परिषद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है। गोपाल सिंह राव ने बताया कि इस समस्या की जानकारी देने के लिए उन्होंने नगर परिषद आयुक्त को दो बार फोन किया, लेकिन दोनों ही बार फोन रिसीव नहीं किया गया, जिससे जनता की शिकायतों के प्रति प्रशासन की उदासीनता साफ उजागर होती है। समाजसेवी ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने मांग उठाई है कि शहर की सफाई व्यवस्था को जल्द दुरुस्त किया जाए, मृत पशुओं को तुरंत हटाने की कोई ठोस और प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए तथा आवारा पशुओं व कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान कर सिरोही के निवासियों को राहत दी जाए।1