जनपद शाहजहांपुर के जलालाबाद में गुरुवार को गौ-प्रतिष्ठा एवं धर्मयुद्ध यात्रा के अंतर्गत जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का उबरिया मंदिर में भव्य आगमन हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान, 132 जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी एवं वरिष्ठ सर्जन डॉ. के.पी. गुप्ता ने जगद्गुरु शंकराचार्य का पुष्पमालाओं एवं अंगवस्त्र भेंट कर भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। डॉ. गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में धार्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति को नई ऊर्जा मिलती है। अपने संबोधन में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी ने गौ संरक्षण, सनातन धर्म की रक्षा तथा समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से धर्म और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय रहने का आह्वान किया।
जनपद शाहजहांपुर के जलालाबाद में गुरुवार को गौ-प्रतिष्ठा एवं धर्मयुद्ध यात्रा के अंतर्गत जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का उबरिया मंदिर में भव्य आगमन हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान, 132 जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी एवं वरिष्ठ सर्जन डॉ. के.पी. गुप्ता ने जगद्गुरु शंकराचार्य का पुष्पमालाओं एवं अंगवस्त्र भेंट कर भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। डॉ. गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में धार्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति को नई ऊर्जा मिलती है। अपने संबोधन में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी ने गौ संरक्षण, सनातन धर्म की रक्षा तथा समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से धर्म और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय रहने का आह्वान किया।
- संभल पुलिस ने कथित ₹101 करोड़ के सरकारी जमीन घोटाले के मामले में शाहजहांपुर नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त राजकुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी संभल में की गई है। राजकुमार गुप्ता पर आरोप है कि जब वे संभल नगर पालिका में अधिशासी अधिकारी (ईओ) के पद पर तैनात थे, तब उन्होंने भूमाफियाओं के साथ मिलकर सरकारी भूमि के फर्जी पट्टे आवंटित करवाए।1
- Post by Pramod kumar Singh1
- दरियापुर बलभद्र में आकाशीय बिजली का कहर देखने को मिला, जहाँ छह लोग झुलस गए। घटना उस वक्त हुई जब ये सभी खीरे की गुड़ाई का काम कर रहे थे और आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए।1
- उत्तराखंड के लालकुआं में मानसून की दस्तक के साथ ही प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में लालकुआं क्षेत्र में गोला नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने और बाढ़ जैसे हालात बनने की सूचना से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। हालांकि, यह कोई वास्तविक घटना नहीं थी, बल्कि मानसून सीजन के दौरान आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए आयोजित एक वृहद मॉक ड्रिल थी। इस मॉक ड्रिल के दौरान आपातकालीन सेवा 112 के माध्यम से कंट्रोल रूम को सूचना दी गई कि गोला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है और तटीय क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। सूचना मिलते ही एसडीएम रेखा कोहली के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम सक्रिय हो गई और लालकुआं में तत्काल गोला नदी में रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया। इस अभ्यास में जिला प्रशासन के साथ एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस, विद्युत विभाग, जल संस्थान और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। मॉक ड्रिल के दौरान बिजली आपूर्ति बंद करने, सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने, राहत सामग्री और भोजन के पैकेट पहुंचाने जैसी व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया गया। एसडीएम रेखा कोहली ने बताया कि मॉक ड्रिल के तहत यह परिकल्पना की गई थी कि कुछ लोग नदी के तेज बहाव में बह गए हैं और कई घरों में पानी घुस गया है। इसके बाद सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाकर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इस दौरान चार लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, जिनमें से एक की हालत गंभीर पाई गई जिसे उपचार के लिए हल्द्वानी भेजा गया, जबकि तीन लोगों को हल्दूचौड़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया है। साथ ही आपदा से हुए संभावित जान-माल के नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। प्रशासन के अनुसार, इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में कम से कम समय में राहत एवं बचाव कार्य शुरू करना, सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को मजबूत करना है। प्रशासन ने बिन्दुखत्ता स्थित संजयनगर के आदर्श प्राथमिक विद्यालय में एक कंट्रोल रूम भी बनाया है।2
- शहीदों की नगरी शाहजहाँपुर एक बार फिर अपनी गंगा-जमुनी तहज़ीब और सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए सामने आया है। यहाँ मुस्लिम समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने जगद्गुरु शंकराचार्य से मुलाकात की और गौमाता को "राष्ट्रमाता" का दर्जा दिए जाने की माँग का समर्थन करते हुए उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि गौ संरक्षण केवल किसी एक धर्म या समुदाय का विषय नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, कृषि, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता से जुड़ा एक राष्ट्रीय मुद्दा है। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने सरकार से गौ संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने और इस दिशा में सकारात्मक पहल करने का आग्रह किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब की सराहना की, जो आपसी सम्मान, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता की भावना पर आधारित है। उन्होंने कहा कि विभिन्न समुदायों का एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है। ऐसे प्रयास सामाजिक समरसता को और मजबूत करते हैं, साथ ही देश में एकता और सद्भाव का महत्वपूर्ण संदेश देते हैं, जिससे शाहजहाँपुर से भाईचारे का एक पैगाम पूरे देश में पहुँचा है।1
- शाहजहांपुर के थाना गढ़िया रंगीन क्षेत्र की ग्राम पंचायत नगला देहात स्थित एक विद्यालय में सफाई व्यवस्था बेहद खराब बताई जा रही है। आरोप है कि स्कूल परिसर में लंबे समय से झाड़ू नहीं लगाई गई है, जिसके कारण छात्र गंदगी और अस्वच्छ माहौल के बीच शिक्षा ग्रहण करने को विवश हैं। स्थानीय निवासियों ने ग्राम प्रधान अभय यादव से इस बदहाल सफाई व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त कराने की मांग की है। उन्होंने आम जनता से इस मामले से जुड़े वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की है, ताकि संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया जा सके।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 'ध्रुव' नामक व्यक्ति ने मौके पर पहुंचकर एक संदिग्ध को छुड़ा लिया। ग्रामीणों का कहना है कि वे इस पूरी घटना से संबंधित एक वीडियो की जांच की मांग कर रहे हैं।1
- हरदोई जिले के पाली थाना क्षेत्र के दरियापुर बलभद्र गांव में गुरुवार दोपहर आकाशीय बिजली गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया। दोपहर करीब एक बजे अचानक बदले मौसम और तेज गर्जना के बीच खेत में खीरे की गुड़ाई कर रहे छह मजदूर बिजली की चपेट में आकर झुलस गए। हादसे के बाद खेत में चीख-पुकार मच गई और आसपास काम कर रहे ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़ पड़े। इस घटना में उमेश, सचिन, हंसू, शेरू, नीरज और कोमल नामक मजदूर झुलस गए। ग्रामीणों ने बिना देर किए सभी घायलों को खेत से बाहर निकाला और निजी वाहनों की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार दिए जाने के बाद, दो घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य चार का उपचार स्थानीय अस्पताल में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और अस्पताल में ग्रामीणों व रिश्तेदारों की भीड़ जुट गई। पूरे गांव में इस हादसे के बाद दहशत का माहौल है, जहां लोगों का कहना है कि मौसम इतनी तेजी से खराब हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, और ऐसे समय में खेतों, खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या ऊंचे स्थानों पर रुकना जानलेवा हो सकता है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक और बारिश के दौरान खेतों या खुले स्थानों पर काम न करें, और यदि मौसम अचानक खराब हो जाए तो तुरंत किसी पक्के भवन या सुरक्षित स्थान पर शरण लें, तथा बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें। फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी है और चिकित्सकों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, वहीं गांव में लोग घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।3