उत्तराखंड के लालकुआं में मानसून की दस्तक के साथ ही प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में लालकुआं क्षेत्र में गोला नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने और बाढ़ जैसे हालात बनने की सूचना से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। हालांकि, यह कोई वास्तविक घटना नहीं थी, बल्कि मानसून सीजन के दौरान आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए आयोजित एक वृहद मॉक ड्रिल थी। इस मॉक ड्रिल के दौरान आपातकालीन सेवा 112 के माध्यम से कंट्रोल रूम को सूचना दी गई कि गोला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है और तटीय क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। सूचना मिलते ही एसडीएम रेखा कोहली के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम सक्रिय हो गई और लालकुआं में तत्काल गोला नदी में रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया। इस अभ्यास में जिला प्रशासन के साथ एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस, विद्युत विभाग, जल संस्थान और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। मॉक ड्रिल के दौरान बिजली आपूर्ति बंद करने, सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने, राहत सामग्री और भोजन के पैकेट पहुंचाने जैसी व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया गया। एसडीएम रेखा कोहली ने बताया कि मॉक ड्रिल के तहत यह परिकल्पना की गई थी कि कुछ लोग नदी के तेज बहाव में बह गए हैं और कई घरों में पानी घुस गया है। इसके बाद सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाकर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इस दौरान चार लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, जिनमें से एक की हालत गंभीर पाई गई जिसे उपचार के लिए हल्द्वानी भेजा गया, जबकि तीन लोगों को हल्दूचौड़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया है। साथ ही आपदा से हुए संभावित जान-माल के नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। प्रशासन के अनुसार, इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में कम से कम समय में राहत एवं बचाव कार्य शुरू करना, सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को मजबूत करना है। प्रशासन ने बिन्दुखत्ता स्थित संजयनगर के आदर्श प्राथमिक विद्यालय में एक कंट्रोल रूम भी बनाया है।
उत्तराखंड के लालकुआं में मानसून की दस्तक के साथ ही प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में लालकुआं क्षेत्र में गोला नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने और बाढ़ जैसे हालात बनने की सूचना से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। हालांकि, यह कोई वास्तविक घटना नहीं थी, बल्कि मानसून सीजन के दौरान आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए आयोजित एक वृहद मॉक ड्रिल थी। इस मॉक ड्रिल के दौरान आपातकालीन सेवा 112 के माध्यम से कंट्रोल रूम को सूचना दी गई कि गोला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है और तटीय क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। सूचना मिलते ही एसडीएम रेखा कोहली के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम सक्रिय हो गई और लालकुआं में तत्काल गोला नदी में रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया। इस अभ्यास में जिला प्रशासन के साथ एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस, विद्युत विभाग, जल संस्थान और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। मॉक ड्रिल के दौरान बिजली आपूर्ति बंद करने, सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने, राहत सामग्री और भोजन
के पैकेट पहुंचाने जैसी व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया गया। एसडीएम रेखा कोहली ने बताया कि मॉक ड्रिल के तहत यह परिकल्पना की गई थी कि कुछ लोग नदी के तेज बहाव में बह गए हैं और कई घरों में पानी घुस गया है। इसके बाद सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाकर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इस दौरान चार लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, जिनमें से एक की हालत गंभीर पाई गई जिसे उपचार के लिए हल्द्वानी भेजा गया, जबकि तीन लोगों को हल्दूचौड़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया है। साथ ही आपदा से हुए संभावित जान-माल के नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। प्रशासन के अनुसार, इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में कम से कम समय में राहत एवं बचाव कार्य शुरू करना, सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को मजबूत करना है। प्रशासन ने बिन्दुखत्ता स्थित संजयनगर के आदर्श प्राथमिक विद्यालय में एक कंट्रोल रूम भी बनाया है।
- उत्तराखंड के लालकुआं में मानसून की दस्तक के साथ ही प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में लालकुआं क्षेत्र में गोला नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने और बाढ़ जैसे हालात बनने की सूचना से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। हालांकि, यह कोई वास्तविक घटना नहीं थी, बल्कि मानसून सीजन के दौरान आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए आयोजित एक वृहद मॉक ड्रिल थी। इस मॉक ड्रिल के दौरान आपातकालीन सेवा 112 के माध्यम से कंट्रोल रूम को सूचना दी गई कि गोला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है और तटीय क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। सूचना मिलते ही एसडीएम रेखा कोहली के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम सक्रिय हो गई और लालकुआं में तत्काल गोला नदी में रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया। इस अभ्यास में जिला प्रशासन के साथ एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस, विद्युत विभाग, जल संस्थान और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। मॉक ड्रिल के दौरान बिजली आपूर्ति बंद करने, सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने, राहत सामग्री और भोजन के पैकेट पहुंचाने जैसी व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया गया। एसडीएम रेखा कोहली ने बताया कि मॉक ड्रिल के तहत यह परिकल्पना की गई थी कि कुछ लोग नदी के तेज बहाव में बह गए हैं और कई घरों में पानी घुस गया है। इसके बाद सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाकर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इस दौरान चार लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, जिनमें से एक की हालत गंभीर पाई गई जिसे उपचार के लिए हल्द्वानी भेजा गया, जबकि तीन लोगों को हल्दूचौड़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया है। साथ ही आपदा से हुए संभावित जान-माल के नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। प्रशासन के अनुसार, इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में कम से कम समय में राहत एवं बचाव कार्य शुरू करना, सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को मजबूत करना है। प्रशासन ने बिन्दुखत्ता स्थित संजयनगर के आदर्श प्राथमिक विद्यालय में एक कंट्रोल रूम भी बनाया है।2
- उचौलिया खीरी थाना क्षेत्र के बनकागांव में इन दिनों बंदरों के आतंक से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। इस खौफ के कारण बच्चे अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। बंदरों की वजह से घरों में खाना बनाने में भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है, और वे लोगों के कपड़े तक उठा ले जाते हैं। इन बंदरों ने कई बच्चों, युवकों और महिलाओं को काट भी लिया है, जिसके चलते पूरे गांव में उनका डर बैठा हुआ है और लोग सुबह से शाम तक दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन उत्पाती बंदरों को पकड़कर कहीं दूर छोड़ दिया जाना चाहिए ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके और बच्चे सुरक्षित महसूस कर सकें। हालांकि, इस गंभीर समस्या पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे ग्रामीणों में काफी रोष व्याप्त है। जनता अब यह देखने पर मजबूर है कि इस समस्या का समाधान कब और कैसे होगा, या फिर उन्हें बंदर ऐसे ही परेशान करते रहेंगे और जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि सिर्फ तमाशा देखते रहेंगे।2
- शाहजहांपुर में जनपदीय एस0ओ0जी0, सर्विलांस सेल और थाना रामचन्द्र मिशन पुलिस की एक संयुक्त टीम ने पुलिस मुठभेड़ के दौरान पांच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। ये अभियुक्त डकैती की एक योजना बना रहे थे। इस कार्रवाई और गिरफ्तारी की जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक नगर द्वारा एक बाइट के माध्यम से दी गई है।1
- जनपद शाहजहांपुर के जलालाबाद में गुरुवार को गौ-प्रतिष्ठा एवं धर्मयुद्ध यात्रा के अंतर्गत जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का उबरिया मंदिर में भव्य आगमन हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान, 132 जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी एवं वरिष्ठ सर्जन डॉ. के.पी. गुप्ता ने जगद्गुरु शंकराचार्य का पुष्पमालाओं एवं अंगवस्त्र भेंट कर भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। डॉ. गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में धार्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति को नई ऊर्जा मिलती है। अपने संबोधन में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी ने गौ संरक्षण, सनातन धर्म की रक्षा तथा समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से धर्म और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय रहने का आह्वान किया।1
- शाहजहांपुर में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 के जूनियर लेवल की परीक्षा देकर बाहर निकली जलालाबाद निवासी शिवांगी मिश्रा ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर मॉडरेट रहा। शिवांगी के अनुसार, अधिकांश प्रश्न उनकी तैयारी के अनुरूप ही पूछे गए थे। हालाँकि, शुरुआत में उन्हें पेपर के कठिन होने की आशंका थी, लेकिन परीक्षा उनकी अपेक्षा से अधिक आसान साबित हुई। अपने प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त करते हुए, शिवांगी ने पूरा विश्वास जताया है कि इस बार उनका चयन निश्चित तौर पर होगा।1
- एक वीडियो में बताया गया है कि यदि सांस ठीक से न आ रही हो या ऑक्सीजन की कमी महसूस हो, तो उसके लिए कुछ घरेलू उपाय अपनाए जा सकते हैं। दर्शकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस जानकारीपूर्ण वीडियो को लाइक करें, शेयर करें और फॉलो करें।1
- आज सुबह-सुबह शाहजहाँपुर का दौरा किया गया। इसी तरह की अन्य खबरें देखने के लिए, हमारे चैनल को सब्सक्राइब करने का आग्रह किया गया है।1
- शाहजहाँपुर जिले में पुलिस ने समय रहते एक बड़ी डकैती की साजिश को नाकाम कर दिया। रामचन्द्र मिशन पुलिस, एसओजी और सर्विलांस सेल की एक संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के दौरान डकैती की योजना बना रहे सात सदस्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच कुख्यात बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि हरदोई चौराहे से सीतापुर रोड स्थित शिव मंदिर के पीछे मजार के पास कुछ बदमाश किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही संयुक्त पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की। पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण करने की चेतावनी देते ही बदमाशों ने जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए पांच बदमाशों को दबोच लिया। इस दौरान गिरोह के दो सदस्य अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल, सुनील, गुड्डू, सैफुद्दीन और मदनलाल के रूप में हुई है, जबकि राजेश उर्फ कमती और प्रमोद फरार हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से दो तमंचे, जिंदा कारतूस, खोखा कारतूस, एक ओमनी कार, एक स्प्लेंडर बाइक, नकबजनी में इस्तेमाल होने वाले औजार, चार मोबाइल फोन, नकदी और भारी मात्रा में सोने-चांदी के करोड़ों के आभूषण बरामद किए हैं। बरामद आभूषणों में मंगलसूत्र, हार, झुमके, अंगूठियां, मांगटीका, पायल और बिछुए जैसे कई कीमती जेवर शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से गिरोह बनाकर चोरी, नकबजनी और डकैती की घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं। उन्होंने बाड़ीगांव, पंथी, रौरा, कुआडांडा और बमिहाना समेत कई गांवों में हाल ही में हुई चोरी की वारदातों में शामिल होने की बात कबूल की। बदमाशों ने बताया कि इस बार उनका निशाना ग्रीन सिटी कॉलोनी का एक बड़ा मकान था, जहां डकैती डालकर शहर छोड़कर भागने की योजना बनाई गई थी। सभी गिरफ्तार बदमाशों पर पहले से ही लूट, चोरी, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आयुध अधिनियम और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है, वहीं फरार दोनों बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।1