उचौलिया खीरी थाना क्षेत्र के बनकागांव में इन दिनों बंदरों के आतंक से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। इस खौफ के कारण बच्चे अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। बंदरों की वजह से घरों में खाना बनाने में भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है, और वे लोगों के कपड़े तक उठा ले जाते हैं। इन बंदरों ने कई बच्चों, युवकों और महिलाओं को काट भी लिया है, जिसके चलते पूरे गांव में उनका डर बैठा हुआ है और लोग सुबह से शाम तक दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन उत्पाती बंदरों को पकड़कर कहीं दूर छोड़ दिया जाना चाहिए ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके और बच्चे सुरक्षित महसूस कर सकें। हालांकि, इस गंभीर समस्या पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे ग्रामीणों में काफी रोष व्याप्त है। जनता अब यह देखने पर मजबूर है कि इस समस्या का समाधान कब और कैसे होगा, या फिर उन्हें बंदर ऐसे ही परेशान करते रहेंगे और जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि सिर्फ तमाशा देखते रहेंगे।
उचौलिया खीरी थाना क्षेत्र के बनकागांव में इन दिनों बंदरों के आतंक से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। इस खौफ के कारण बच्चे अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। बंदरों की वजह से घरों में खाना बनाने में भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है, और वे लोगों के कपड़े तक उठा ले जाते हैं। इन बंदरों ने कई बच्चों, युवकों और महिलाओं को काट भी लिया है, जिसके चलते पूरे गांव में उनका डर बैठा हुआ है और लोग सुबह से शाम तक दहशत के साए में
जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन उत्पाती बंदरों को पकड़कर कहीं दूर छोड़ दिया जाना चाहिए ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके और बच्चे सुरक्षित महसूस कर सकें। हालांकि, इस गंभीर समस्या पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे ग्रामीणों में काफी रोष व्याप्त है। जनता अब यह देखने पर मजबूर है कि इस समस्या का समाधान कब और कैसे होगा, या फिर उन्हें बंदर ऐसे ही परेशान करते रहेंगे और जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि सिर्फ तमाशा देखते रहेंगे।
- उचौलिया खीरी थाना क्षेत्र के बनकागांव में इन दिनों बंदरों के आतंक से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। इस खौफ के कारण बच्चे अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। बंदरों की वजह से घरों में खाना बनाने में भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है, और वे लोगों के कपड़े तक उठा ले जाते हैं। इन बंदरों ने कई बच्चों, युवकों और महिलाओं को काट भी लिया है, जिसके चलते पूरे गांव में उनका डर बैठा हुआ है और लोग सुबह से शाम तक दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन उत्पाती बंदरों को पकड़कर कहीं दूर छोड़ दिया जाना चाहिए ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके और बच्चे सुरक्षित महसूस कर सकें। हालांकि, इस गंभीर समस्या पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे ग्रामीणों में काफी रोष व्याप्त है। जनता अब यह देखने पर मजबूर है कि इस समस्या का समाधान कब और कैसे होगा, या फिर उन्हें बंदर ऐसे ही परेशान करते रहेंगे और जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि सिर्फ तमाशा देखते रहेंगे।2
- उत्तराखंड के लालकुआं में मानसून की दस्तक के साथ ही प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में लालकुआं क्षेत्र में गोला नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने और बाढ़ जैसे हालात बनने की सूचना से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। हालांकि, यह कोई वास्तविक घटना नहीं थी, बल्कि मानसून सीजन के दौरान आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए आयोजित एक वृहद मॉक ड्रिल थी। इस मॉक ड्रिल के दौरान आपातकालीन सेवा 112 के माध्यम से कंट्रोल रूम को सूचना दी गई कि गोला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है और तटीय क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। सूचना मिलते ही एसडीएम रेखा कोहली के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम सक्रिय हो गई और लालकुआं में तत्काल गोला नदी में रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया। इस अभ्यास में जिला प्रशासन के साथ एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस, विद्युत विभाग, जल संस्थान और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। मॉक ड्रिल के दौरान बिजली आपूर्ति बंद करने, सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने, राहत सामग्री और भोजन के पैकेट पहुंचाने जैसी व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया गया। एसडीएम रेखा कोहली ने बताया कि मॉक ड्रिल के तहत यह परिकल्पना की गई थी कि कुछ लोग नदी के तेज बहाव में बह गए हैं और कई घरों में पानी घुस गया है। इसके बाद सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाकर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इस दौरान चार लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, जिनमें से एक की हालत गंभीर पाई गई जिसे उपचार के लिए हल्द्वानी भेजा गया, जबकि तीन लोगों को हल्दूचौड़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया है। साथ ही आपदा से हुए संभावित जान-माल के नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। प्रशासन के अनुसार, इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में कम से कम समय में राहत एवं बचाव कार्य शुरू करना, सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को मजबूत करना है। प्रशासन ने बिन्दुखत्ता स्थित संजयनगर के आदर्श प्राथमिक विद्यालय में एक कंट्रोल रूम भी बनाया है।2
- लखीमपुर खीरी जिले में स्वॉट टीम और थाना हैदराबाद पुलिस ने मिलकर चोरी की एक बड़ी घटना का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से लगभग 24 लाख रुपये मूल्य के आभूषण, नकदी और अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।1
- लखीमपुर खीरी के पलिया कलां स्थित गुदरिया बाबा के निकट प्रसिद्ध कटहरे बाबा मेले में इस वर्ष भी आस्था और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। सोमवार को श्री मोतीलाल गुप्ता नमकीन वाले की ओर से एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। कटहरे बाबा के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भंडारे में भोजन और प्रसाद वितरण की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई थी, जिसे लेकर सभी ने सराहना की। स्वयंसेवकों ने पूरे दिन व्यवस्थित ढंग से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया, जिससे यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आयोजक श्री मोतीलाल गुप्ता ने बताया कि यह भंडारा हर वर्ष बाबा के आशीर्वाद और जनसेवा की भावना से आयोजित किया जाता है, क्योंकि उनके अनुसार समाज सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। इस आयोजन को सफल बनाने में गौतम गुप्ता, सोनू साहनी, सचिन गुप्ता, देवेश गुप्ता, तुषार मौर्य और विजेंद्र गुप्ता सहित अनेक सहयोगियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। धार्मिक आस्था, सेवा भावना और सामाजिक समरसता से परिपूर्ण इस आयोजन ने श्रद्धालुओं के बीच भाईचारे और जनसेवा का सशक्त संदेश दिया।1
- लखीमपुर खीरी जिले के जमुनहा गांव निवासी मुकेश गौतम पुत्र गार्गीदीन गौतम की सड़क दुर्घटना में दुखद मृत्यु के बाद, विधायक रोमी साहनी ने उनके घर पहुँचकर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। इस दौरान विधायक का मानवीय संवेदनाओं से भरा व्यवहार देखकर मौजूद ग्रामीणों की आँखें भी नम हो गईं। ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि मुकेश गौतम की शादी को अभी मात्र एक वर्ष ही हुआ था और इस दर्दनाक हादसे ने उनकी नवविवाहित पत्नी चांदनी गौतम को पूरी तरह अकेला छोड़ दिया है। परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत करते हुए विधायक रोमी साहनी भावुक हो उठे और उन्होंने चांदनी गौतम के बारे में कहा, "इसका ख्याल रखना, अब तुम ही इसके मां-बाप हो। इसे कभी अकेला मत छोड़ना। जो भी मदद होगी, मैं हमेशा करता रहूंगा।" विधायक के इन मार्मिक शब्दों से वहाँ मौजूद सभी लोग भावुक हो गए और पूरा माहौल गमगीन हो गया। विधायक ने अपनी ओर से चांदनी गौतम को ₹15,000 की आर्थिक सहायता भी प्रदान की। विधायक रोमी साहनी ने पीड़ित परिवार को यह आश्वासन दिया कि वे सरकार की ओर से मिलने वाली सभी पात्र सहायता योजनाओं का लाभ जल्द से जल्द दिलाने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने चांदनी गौतम से यह भी कहा कि जीवन में जब भी किसी प्रकार की आवश्यकता हो, वे बिना संकोच उन्हें याद करें, क्योंकि वे हर संभव सहयोग के लिए हमेशा परिवार के साथ खड़े रहेंगे। ग्रामीणों ने विधायक के इस संवेदनशील और मानवीय कदम की सराहना करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में उनका परिवार के बीच पहुँचना और हर संभव सहायता का भरोसा देना पीड़ित परिवार के लिए एक बड़ी सांत्वना है।1
- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के मछली शहर में पासी समाज ने अपनी 'पासी स्वाभिमान यात्रा' का आयोजन किया। इस यात्रा के दौरान, पासी समाज की जनता ने अपनी बातों और मांगों को स्पष्ट रूप से सामने रखा। समाज के सदस्यों द्वारा व्यक्त की गई इन आकांक्षाओं को सुनकर लोग हैरान हो सकते हैं, जैसा कि यात्रा में पासी समाज की जनता ने अपनी भावनाओं को साझा किया।1
- लखीमपुर खीरी की नगर पंचायत सिंगाही के वार्ड संख्या 9 में गुरुवार सुबह करीब 4 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, घर के बाहर लोहे के तार पर सूख रहे कपड़ों में अचानक करंट उतर आया। इन कपड़ों को उतारने गईं कमालुद्दीन की पत्नी नसरीन इसकी चपेट में आ गईं। नसरीन को बचाने के प्रयास में उनके पुत्र सीबू उर्फ सलाउद्दीन, कलामुद्दीन के पुत्र शराफत अली और जमालुद्दीन भी करंट की चपेट में आ गए। इसी दौरान हकीमुद्दीन के पुत्र अल्ताफ सभी की जान बचाने के लिए बांस लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। दुर्भाग्यवश, बचाव के दौरान वह बांस टूटकर अल्ताफ के ऊपर गिर गया, जिससे वे भी करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निघासन पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद नसरीन, सीबू उर्फ सलाउद्दीन, शराफत अली और जमालुद्दीन की हालत सामान्य होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। यह घटना करंट की चपेट में आए चार लोगों को बचाने के प्रयास में एक युवक की जान जाने का दुखद उदाहरण बन गई।1
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएँ सामने आई हैं। थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत नौरंगाबाद के निंबुआ फार्म निवासी रामस्वरूप के घर बनी रसोईघर पर तेज आकाशीय बिजली गिरी। बिजली का प्रभाव इतना अधिक था कि रसोईघर पर पड़ा टीन का शेड फट गया और रसोई में आग लग गई। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई भी हताहत नहीं हुआ। इस घटना से घर वालों में डर का माहौल बन गया, वहीं मौके पर देखने वालों की भीड़ भी लग गई। इसी तरह, लखीमपुर के सिगाही गांव में भी एक रसोई घर पर आकाशीय बिजली गिरी।1