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Rudraa Pratap Singh
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- Post by Rudraa Pratap Singh1
- Post by ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)1
- पलेरा में रेत से भरे ट्रैक्टर ने तीन लोगों को कुचला, एक की हुई मौत1
- बीती रात ग्राम पंचायत महाराजपुर टीकमगढ़ में बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा पर जातंकवादियो ने रात के अँधेरे में प्रतिमा पर पत्थरों से हमला किया समस्त ग्रामवासियों ने मिलकर थाना प्रभारी को अवगत करवाया आरोपियो पर तत्काल कार्यवाही की जाए.. Chandra Shekhar AazadCM Madhya PradeshCollector TikamgarhSP TikamgarhSatyendra Vidroh4
- जांच, नोटिस और जवाब के बाद अंतिम फैसला, सियासी हलचल तेज टीकमगढ़। बुंदेलखंड की राजनीति में बुधवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नगर पालिका परिषद टीकमगढ़ के अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार खान उर्फ पप्पू मलिक को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया। शासन ने जारी आदेश में उन्हें आगामी पांच वर्षों तक किसी भी निर्वाचन में भाग लेने के लिए अयोग्य भी घोषित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और नगर निकाय की राजनीति में नए समीकरण बनने लगे हैं। शासन का यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही शिकायतों, प्रारंभिक जांच, कारण बताओ नोटिस, न्यायालयीन प्रक्रिया और विभागीय परीक्षण के बाद सामने आया है। राजनीतिक हलकों में इसे नगर निकाय प्रशासन पर सख्त नियंत्रण और जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। शिकायतों से शुरू हुई कार्रवाई, जांच में बढ़ा मामला सूत्रों के अनुसार नगर पालिका परिषद के कार्यों को लेकर पिछले कुछ समय से विभिन्न स्तरों पर शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन शिकायतों में प्रशासनिक अनियमितता, वित्तीय प्रक्रियाओं में गड़बड़ी तथा कार्यों के निष्पादन को लेकर सवाल उठाए गए थे। प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया गंभीर पाए जाने के बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने 26 फरवरी 2026 को मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 41-क के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में संबंधित आरोपों पर जवाब मांगा गया था और स्पष्ट किया गया था कि संतोषजनक उत्तर न मिलने पर विधिक कार्रवाई की जा सकती है। हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला, जांच प्रतिवेदन हुआ प्रस्तुत मामले ने नया मोड़ तब लिया जब अब्दुल गफ्फार खान उर्फ पप्पू मलिक ने जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने की मांग की। न्यायालय के निर्देशों के पालन में विभाग ने 18 मार्च 2026 को जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराई और जवाब प्रस्तुत करने के लिए समय दिया। इसके बाद 1 अप्रैल 2026 को वे स्वयं विभाग के समक्ष उपस्थित हुए और अपना लिखित जवाब प्रस्तुत किया। विभागीय स्तर पर इस जवाब का परीक्षण किया गया, लेकिन सूत्रों के अनुसार शासन उनके स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हुआ। जवाब के बाद अंतिम फैसला, तत्काल प्रभाव से पद रिक्त विभागीय परीक्षण और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए शासन ने अंतिम आदेश जारी करते हुए उन्हें अध्यक्ष पद से हटा दिया। इसके साथ ही अगले पांच वर्षों तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई है। इसका सीधा अर्थ है कि वे आगामी एक पूर्ण चुनावी कार्यकाल तक सक्रिय चुनावी राजनीति से बाहर रहेंगे। नगर पालिका अध्यक्ष पद अब रिक्त हो गया है, जिससे स्थानीय राजनीति में तेजी से हलचल बढ़ गई है। शासन का सख्त संदेश: जवाबदेही से समझौता नहीं राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार शासन की यह कार्रवाई नगर निकायों में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के संकेत के रूप में देखी जा रही है। साफ संदेश यह है कि जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय की जाएगी और किसी भी स्तर की लापरवाही या अनियमितता पर सीधे हस्तक्षेप किया जा सकता है। नगर निकाय प्रशासन से जुड़े मामलों में यह निर्णय आने वाले समय में अन्य स्थानीय निकायों के लिए भी मिसाल बन सकता है।1
- बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज से बेहद दिल दहलाने वाली खबर आ रही है, अररिया के फारबिसगंज स्थित मार्केटिंग यार्ड के गेट नम्बर 2 के पास में साइड लेने के विवाद में सत्तू विक्रेता रवि चौहान ने पिकअप ड्राइवर की धारदार हथियार से सरेआम गर्दन काट दी, जिसके बाद मृतक के परिजन और आक्रोशित लोगों ने घर के पीछे छिपे आरोपी को पकड़ लिया। और उसे आरोपी को दो किलोमीटर दूर से खींचकर उस जगह ले आए, जहां उसने युवक का सिर काटा था, तथापि आक्रोशित लोगों ने उसी जगह पीट-पीटकर पुलिस के सामने आरोपी की हत्या कर दी। बताया जाता है कि भीड़ इस कदर बेकाबू थी कि पुलिस भी कुछ नहीं कर पाई आक्रोशित लोगों और पुलिस के बीच काफी देर तक धक्का मुक्की होती रही। फिलहाल माहौल तनावपूर्ण है। #हिन्दी_खबर #हिन्दी_न्यूज #latestnews #viralpost #अररिया @Jaybajnibabakhadowara subscribe/share करें1
- गोरखपुर में विधवा महिला से दोस्ती कर लिव-इन में रहा युवक, शादी का झांसा देकर शोषण का आरोप गोरखपुर। गोरखपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक विधवा महिला, जो बिस्कुट फैक्ट्री में काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही थी, उसकी दोस्ती फैक्ट्री में काम करने वाले कमलेश नामक युवक से हो गई। बताया जा रहा है कि धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह दोस्ती लिव-इन रिलेशनशिप में बदल गई। महिला का आरोप है कि कमलेश ने उसे शादी का भरोसा दिया और इसी भरोसे पर लंबे समय तक उसके साथ संबंध बनाए रखा। पीड़िता का कहना है कि जब उसने शादी की बात की तो युवक ने किनारा करना शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। महिला ने युवक पर शादी का झांसा देकर मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक शोषण करने का आरोप लगाया है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। वहीं पीड़िता न्याय की मांग कर रही है। अगर महिला की तहरीर पर पुलिस कार्रवाई करती है तो आरोपी युवक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हो सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई कर सकती है। हेडलाइन ऑप्शन: गोरखपुर: विधवा महिला से दोस्ती, लिव-इन में रहा युवक, शादी से मुकरा शादी का झांसा देकर लिव-इन में रखा, महिला ने लगाया शोषण का आरोप बिस्कुट फैक्ट्री में हुई दोस्ती बनी मुसीबत, विधवा महिला ने युवक पर लगाए गंभीर आरोप1
- Post by ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)1