लौट आया वो पुराना साथी जो आजसे पच्चीस साल पहले हुआ करता था बीकानेर में गैस संकट चाय की थड़ियों पर फिर जले केरोसिन स्टोव, रोज़गार पर संकट पत्रकार इकबाल खान बीकानेर अंतरराष्ट्रीय हालातों के बीच बढ़े गैस संकट का असर अब बीकानेर की गलियों और बाजारों में साफ नजर आने लगा है। शहर में चाय की थड़ियों और छोटे होटलों पर गैस सिलेंडर की कमी ने लोगों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा कर दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि अब कई दुकानदारों को पुराने केरोसिन और कोयले के स्टोव का सहारा लेना पड़ रहा है।गजनेर रोड पर चाय का ठेला लगाने वाले कैलाश सिंह ने बताया कि पिछले करीब एक महीने से गैस सिलेंडर मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। जो एक सिलेंडर मिलता है, वह घर के काम में ही खर्च हो जाता है। ऐसे में दुकान चलाना मुश्किल हो गया, इसलिए उन्होंने फिर से अपना पुराना स्टोव निकाल लिया है।उन्होंने बताया कि बाजार में केरोसिन भी आसानी से उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते कई लोग मजबूरी में डीजल डालकर स्टोव चला रहे हैं। हालांकि यह तरीका महंगा और जोखिम भरा है, लेकिन रोज़गार बचाने के लिए लोग इसे अपनाने को मजबूर हैं।सिर्फ चाय की थड़ियां ही नहीं, बल्कि छोटे होटल और ढाबे भी इस संकट से जूझ रहे हैं। कई जगहों पर कोयले और केरोसिन हीटर की मदद से चाय और खाना बनाया जा रहा है। इससे लागत बढ़ रही है और कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।अगर जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो छोटे कारोबारियों के लिए स्थिति और गंभीर हो सकती है। रोज कमाकर खाने वाले इन लोगों के सामने अब परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है।
लौट आया वो पुराना साथी जो आजसे पच्चीस साल पहले हुआ करता था बीकानेर में गैस संकट चाय की थड़ियों पर फिर जले केरोसिन स्टोव, रोज़गार पर संकट पत्रकार इकबाल खान बीकानेर अंतरराष्ट्रीय हालातों के बीच बढ़े गैस संकट का असर अब बीकानेर की गलियों और बाजारों में साफ नजर आने लगा है। शहर में चाय की थड़ियों और छोटे होटलों पर गैस सिलेंडर की कमी ने लोगों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा कर दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि अब कई दुकानदारों को पुराने केरोसिन और कोयले के स्टोव का सहारा लेना पड़ रहा है।गजनेर रोड पर चाय का ठेला लगाने वाले कैलाश सिंह ने बताया कि पिछले करीब एक महीने से गैस सिलेंडर मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। जो एक सिलेंडर मिलता है, वह घर के काम में ही खर्च हो जाता है। ऐसे में दुकान चलाना मुश्किल हो गया, इसलिए उन्होंने फिर से अपना पुराना स्टोव निकाल लिया है।उन्होंने बताया कि बाजार में केरोसिन भी आसानी से उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते कई लोग मजबूरी में डीजल डालकर स्टोव चला रहे हैं। हालांकि यह तरीका महंगा और जोखिम भरा है, लेकिन रोज़गार बचाने के लिए लोग इसे अपनाने को मजबूर हैं।सिर्फ चाय की थड़ियां ही नहीं, बल्कि छोटे होटल और ढाबे भी इस संकट से जूझ रहे हैं। कई जगहों पर कोयले और केरोसिन हीटर की मदद से चाय और खाना बनाया जा रहा है। इससे लागत बढ़ रही है और कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।अगर जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो छोटे कारोबारियों के लिए स्थिति और गंभीर हो सकती है। रोज कमाकर खाने वाले इन लोगों के सामने अब परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है।
- पत्रकार इकबाल खान उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में घरेलू और कमर्शल एलपीजी गैस की भारी किल्लत ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि इसका असर अब औद्योगिक उत्पादन पर भी साफ दिखने लगा है। जानकारी के अनुसार, गैस संकट के चलते कई फैक्ट्रियों और इकाइयों में उत्पादन करीब 20 प्रतिशत तक गिर गया है। उद्योगों की रफ्तार धीमी पड़ने से कामगारों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। स्थिति यह है कि दो वक्त की रोटी के लिए जूझ रहे मजदूर अब मजबूरी में अपने गांवों की ओर पलायन करने लगे हैं। इस संकट की सबसे ज्यादा मार दिहाड़ी मजदूरों और कामगारों पर पड़ी है, जो बिल्डर साइटों, गारमेंट यूनिट्स और एक्सपोर्ट कंपनियों में काम करते हैं। इन कामगारों के पास स्थायी गैस कनेक्शन नहीं होता और वे छोटे 5 किलो वाले सिलेंडर या पेट्रोमेक्स के जरिए अपना गुजारा करते थे।अब बाजार में गैस की उपलब्धता लगभग खत्म हो चुकी है। जहां कहीं गैस मिल भी रही है, वहां ऊंचे दाम वसूले जा रहे हैं, जिससे गरीब मजदूरों के लिए खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है। इधर बीकानेर में भी हालात अलग नहीं हैं। यहां खुले बाजार में 1से 2 किलो गैस भरवाने पर 170 से 200 रुपये प्रति किलो तक वसूले जा रहे हैं। खासकर बाहर से आए प्रवासी मजदूरों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है, जिनके पास कोई गैस कनेक्शन नहीं है। ऐसे मजदूरों के लिए शहर में कोई वैकल्पिक व्यवस्था नजर नहीं आ रही है, जिससे वे अपना दो वक्त का खाना बना सकें। सरकार को इन प्रवासी मजदूरों के लिए अलग से व्यवस्था करनी चाहिए, जैसे अस्थायी रसोई या सस्ती गैस उपलब्ध कराना, ताकि उनकी बुनियादी जरूरतें पूरी हो सकें।यदि जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई और मजदूरों के लिए राहत कदम नहीं उठाए गए, तो इसका असर न केवल उद्योगों बल्कि सामाजिक ढांचे पर भी देखने को मिल सकता है।1
- "सादर निवेदन है कि कोटमदेसर (बीकानेर) के पास स्थित नहर से कुछ लोगों द्वारा खुलेआम पाइप डालकर अवैध रूप से पानी की चोरी की जा रही है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि एक लंबा पाइप नहर के अंदर डाला गया है, जो सीधे एक निजी प्लांट में पानी खींच रहा है। इस अवैध गतिविधि के कारण नहर के पानी का स्तर कम हो रहा है और टेल (छोर) पर स्थित किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। कृपया इस पर तुरंत संज्ञान लें, मौके की जांच करें और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें ताकि सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग रोका जा सके।"1
- भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर नायरा एनर्जी ने गुरुवार को पेट्रोल की कीमत 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी. सूत्रों ने बताया कि मिडिल ईस्ट में युद्ध के बाद दुनिया भर में तेल की कीमतों में हालिया उछाल का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डाला जा रहा है. भारत में फ्यूल मार्केटिंग कंपनियों पर दबाव है क्योंकि 28 फरवरी से अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बावजूद रिटेल पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर हैं. 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर मिलिट्री हमले किए थे, जिसके बाद तेहरान ने बड़ी जवाबी कार्रवाई की थी. नायरा एनर्जी, जो भारत के 102,075 पेट्रोल पंपों में से 6,967 चलाती है, ने इनपुट लागत में बढ़ोतरी का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने का फैसला किया है. हालांकि कंपनी के प्रवक्ता ने इस खबर पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की. रिलायंस इंडस्ट्रीज़ और बीपी पीएलयू का फ्यूल रिटेलिंग जॉइंट वेंचर, जियो-बीपी, जिसके 2,185 पेट्रोल पंप हैं, ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर भारी नुकसान होने के बावजूद अभी तक कीमतें नहीं बढ़ाई हैं. #bikaner #new #patrol1
- श्री राम मंदिर जवाहर पार्क के पास अंत्योदय नगर में आज राम नवमी बनाई गई l1
- श्रीडूंगरगढ़ के कालू रोड पर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ आज प्रशासन का पीला पंजा चला जिसमें बड़ी संख्या में अतिक्रमण हटाए गए।1
- नागौर ,,रोशन मीना पुलिस अधीक्षक नागौर के निर्देशन ऑपरेशन संकल्प - नशा मुक्त नागौर अभियान की कडी. में नागौर पुलिस द्वारा एक और बड़ी कार्यवाही। अपराधियों द्वारा अवैध मादक पदार्थाें की तस्करी से अर्जित सम्पति पर नागौर पुलिस द्वारा वज्र प्रहार। नशा बेचकर अर्जित सम्पत्ति (धारा 68 एफ एन.डी.पी.एस. एक्ट) पर जिला पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही। आरोपी अभियुक्त रामनिवास उर्फ रामा द्वारा अवैध मादक पदार्थाे की तस्करी से अर्जित आय से निर्मित निमार्णाधीन आलीशान मकान को किया सीज।थानाधिकारी कोतवाली नागौर के फ्रिजिंग आदेश को सक्षम प्राधिकारी दिल्ली द्वारा कन्फर्म किया गया। उक्त आरोपी के विरूद्ध थाना रतनगढ, चुरू पर एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण है, जिसमें आरोपी फरार चल रहा है एवं 20000/- रूपये का ईनामी आरोपी भी है।आरोपी ने अपनी पहचान छिपाकर नशा बेचकर प्राप्त आय से कस्बा नागौर में आलीशान मकान बना रहा था, जिस पर नागौर पुलिस ने किया कड़ा प्रहार। नशा बेचकर समाज को खोखला करने वालों के विरूद्ध नागौर पुलिस द्वारा आगे भी कार्यवाही जारी रहेगी। थाना कोतवाली नागौर पुलिस टीम की रही शानदार कार्यवाही।3
- Post by User23071
- सर्राफा बाजार में आज सोने और चांदी के दामों में जोरदार तेजी देखने को मिली है। 👉 सोने का भाव: 24 कैरेट: ₹1,40,000 – ₹1,41,000 प्रति 10 ग्राम 22 कैरेट: ₹1,28,000 – ₹1,30,000 प्रति 10 ग्राम 18 कैरेट: ₹1,05,000 – ₹1,07,000 प्रति 10 ग्राम 👉 चांदी का भाव: ₹2,25,000 – ₹2,30,000 प्रति किलो (₹225 – ₹230 प्रति ग्राम) आज सोना ₹1500–₹3300 तक महंगा हुआ, जबकि चांदी में ₹5000–₹8000 की तेजी रही। तेजी की वजह: वैश्विक तनाव, रुपये की कमजोरी और निवेशकों का सुरक्षित निवेश की ओर झुकाव। 👉 आगे भी बाजार में उतार चढ़ाव जारी रहने की संभावना।1