अनूपपुर जिले के वन परिक्षेत्र में रविवार, 28 जून को कुल चार हाथी दो अलग-अलग समूहों में विचरण करते देखे गए। वन विभाग का गश्ती दल सुरक्षा श्रमिकों और ग्रामीणों के साथ इन हाथियों पर लगातार निगरानी रख रहा है और स्थानीय लोगों को सतर्क एवं सचेत रहने की सलाह दी गई है। तीन हाथियों का एक समूह अनूपपुर वन परिक्षेत्र, थाना और तहसील के ग्राम पंचायत सोनमौहरी के बांस प्लांटेशन जंगल में रविवार का दिन बिताने के बाद शाम 4:30 बजे सेंदुरी से सोनमौहरी जाने वाले मुख्य मार्ग को पार कर गया। इसके बाद शाम 6:30 बजे ये हाथी खिरना नदी के रेलवे लाइन किनारे पुल के समीप जंगल में विचरण करते हुए अनूपपुर-बिलासपुर और अनूपपुर-चिरमिरी रेलवे लाइनों को सोनमौहरी से पार कर पिंचिगटोला के पास से खिरना नदी पार कर ग्राम पंचायत सेंदुरी द्वारा निर्मित मुक्तिधाम के पास पहुंच कर विचरण कर रहे हैं। वहीं, एक अकेला बड़ा नर हाथी जो 27 जून से समूह से अलग होकर विचरण कर रहा है, उसने रविवार को दिन भर जैतहरी वन परिक्षेत्र, थाना और तहसील के ग्राम पंचायत गोबरी के ठेंगगहा टोला से गोबरी बीट के जंगल झूरहीतलैया में बिताया। इससे पहले यह हाथी रात भर अनूपपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत पंगना और दुधमनिया के बांका, केकरपानी जैसे ग्रामीण अंचलों में विचरण कर रहा था। देर शाम यह हाथी श्री अनिल गुप्ता और श्री जयप्रकाश अग्रवाल के स्टोन क्रेशर के पीछे से बडवार नाला पार कर ग्राम पंचायत पगना, थाना और वन परिक्षेत्र अनूपपुर की सीमा के शक्तिकुंडी नामक जंगल में प्रवेश कर गया है। इस हाथी के देर रात तक ग्राम पगना के जल्दाटोला और बेलिया रोड के टोला मोहल्ला में विचरण करने की संभावना है।
अनूपपुर जिले के वन परिक्षेत्र में रविवार, 28 जून को कुल चार हाथी दो अलग-अलग समूहों में विचरण करते देखे गए। वन विभाग का गश्ती दल सुरक्षा श्रमिकों और ग्रामीणों के साथ इन हाथियों पर लगातार निगरानी रख रहा है और स्थानीय लोगों को सतर्क एवं सचेत रहने की सलाह दी गई है। तीन हाथियों का एक समूह अनूपपुर वन परिक्षेत्र, थाना और तहसील के ग्राम पंचायत सोनमौहरी के बांस प्लांटेशन जंगल में रविवार का दिन बिताने के बाद शाम 4:30 बजे सेंदुरी से सोनमौहरी जाने वाले मुख्य मार्ग को पार कर गया। इसके बाद शाम 6:30 बजे ये हाथी खिरना नदी के रेलवे लाइन किनारे पुल के समीप जंगल में विचरण करते हुए अनूपपुर-बिलासपुर और अनूपपुर-चिरमिरी रेलवे लाइनों को सोनमौहरी से पार कर पिंचिगटोला के पास से खिरना नदी पार कर ग्राम पंचायत सेंदुरी द्वारा निर्मित मुक्तिधाम के पास पहुंच कर विचरण कर रहे हैं। वहीं, एक अकेला बड़ा नर हाथी जो 27 जून से समूह से अलग होकर विचरण कर रहा है, उसने रविवार को दिन भर जैतहरी वन परिक्षेत्र, थाना और तहसील के ग्राम पंचायत गोबरी के ठेंगगहा टोला से गोबरी बीट के जंगल झूरहीतलैया में बिताया। इससे पहले यह हाथी रात भर अनूपपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत पंगना और दुधमनिया के बांका, केकरपानी जैसे ग्रामीण अंचलों में विचरण कर रहा था। देर शाम यह हाथी श्री अनिल गुप्ता और श्री जयप्रकाश अग्रवाल के स्टोन क्रेशर के पीछे से बडवार नाला पार कर ग्राम पंचायत पगना, थाना और वन परिक्षेत्र अनूपपुर की सीमा के शक्तिकुंडी नामक जंगल में प्रवेश कर गया है। इस हाथी के देर रात तक ग्राम पगना के जल्दाटोला और बेलिया रोड के टोला मोहल्ला में विचरण करने की संभावना है।
- कुछ लोग घूमने के लिए जा रहे थे, और इसी यात्रा के दौरान उन्होंने एक अत्यंत सुंदर नज़ारा देखा। इस दृश्य की खूबसूरती ने उनका मन मोह लिया।1
- मुख्यमंत्री कन्या विवाह, निकाह सम्मेलन उमरिया जिले की मानपुर और करकेली जनपद पंचायतों में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इन आयोजनों में कुल 168 जोड़ों ने एक-दूसरे के साथ सात फेरे लिए और विवाह बंधन में बंधे। मानपुर जनपद पंचायत में 78 जोड़ों का विवाह हुआ, जबकि करकेली जनपद पंचायत में 90 जोड़ों ने अपने नए जीवन की शुरुआत की। मानपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक मानपुर, सुश्री मीना सिंह ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह, निकाह योजना को एक "मील का पत्थर" बताया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह योजना बेटियों के विवाह को घर जैसे वातावरण में संपन्न करा रही है, और प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें खुशहाल गृहस्थ जीवन के लिए 49 हजार रुपये का चेक भी प्रदान किया जा रहा है। इस अवसर पर नवविवाहित जोड़ों को चेक वितरित कर उनके सुखमय जीवन की कामना की गई। कार्यक्रम में जनपद पंचायत मानपुर अध्यक्ष ममता सिंह, नगर परिषद मानपुर की अध्यक्ष भारती सोनी, पार्षद सीईओ मानपुर सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। इसी प्रकार, करकेली में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक बांधवगढ़, शिवनारायण सिंह ने इस योजना को प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी और अनूठी योजनाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक और धूमधाम से करा रही है। योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह समारोहों के माध्यम से बेटियों का नया जीवन शुरू होता है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश सरकार गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान करती है। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को काफी राहत मिल रही है और माता-पिता बेटी के विवाह की चिंता से मुक्त हो रहे हैं। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष करकेली प्रियंका मून सिंह, श्री आशुतोष अग्रवाल, मिथिलेश मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य बेला अर्जुन सिंह सैययाम सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। दोनों स्थानों पर हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह, निकाह सम्मेलन में जिला प्रशासन द्वारा दूल्हों की बारात की आगवानी की गई, और दोनों विधायकों ने भी इन बारात में भाग लिया। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सशक्त करने और उनकी बेटियों के विवाह को गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।3
- मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सोमवार को मानपुर में एक भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 78 जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के साथ विवाह संपन्न कराया गया, जबकि एक जोड़े का निकाह हुआ। जनपद पंचायत मानपुर और नगर परिषद मानपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक समरसता और जनकल्याण की भावना को प्रदर्शित करता है। समारोह की मुख्य अतिथि मानपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक सुश्री मीना सिंह जी और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनुजा पटेल रहीं, जबकि जनपद पंचायत मानपुर की अध्यक्ष श्रीमती ममता सिंह तथा नगर परिषद मानपुर की अध्यक्ष श्रीमती भारती सतीश सोनी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस विशाल आयोजन का सफल संचालन जनपद पंचायत मानपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकित सिरोठिया और नगर परिषद मानपुर की मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती रुचिता अवस्थी के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी, भाजपा जिला महामंत्री हरीश विश्वकर्मा सहित अन्य प्रमुख लोग और आम नागरिक उपस्थित रहे। अपने संबोधन में विधायक सुश्री मीना सिंह जी ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को प्रदेश सरकार की जनहितैषी और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण योजना बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्यरत है और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नवविवाहित दंपतियों को सुखद एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएँ दीं। यह सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक सहयोग, पारिवारिक मूल्यों और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का एक सफल उदाहरण बनकर सामने आया।1
- बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर परिक्षेत्र की बिरुहली बीट में घायल मिले एक लगभग 3 वर्षीय नर बाघ को वन विभाग ने समय रहते उपचार कर सुरक्षित जंगल में दोबारा छोड़ दिया है। इस पूरे अभियान में वन अमले और विशेषज्ञ चिकित्सकों की तत्परता से एक बेशकीमती वन्यजीव की जान बचाई जा सकी। रविवार को गश्ती दल ने बाघ के एक पैर में चोट होने की सूचना दी थी, जिसके बाद हाथियों और वनकर्मियों की टीम ने लगातार उसकी निगरानी की। क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय के निर्देशन और उप संचालक के मार्गदर्शन में सोमवार सुबह वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर और उनकी टीम ने बाघ की सफल ट्रैकिंग की। बाघ को सुरक्षित तरीके से ट्रैंकुलाइज करके उसका उपचार किया गया, इस दौरान आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ब्लड सैंपल भी लिया गया। उपचार पूरा होने के बाद बाघ को उसी वन क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया। इस पूरे अभियान में उप संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, सहायक संचालक ताला, परिक्षेत्र अधिकारी पनपथा बफर, टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के श्रमिक और वन विभाग का अमला मौजूद रहा। उपचार के बाद भी श्याम और लक्ष्मण हाथियों तथा वन अमले की टीम लगातार बाघ की निगरानी कर रही है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने एक बार फिर साबित किया है कि वन्यजीवों के संरक्षण और आपातकालीन उपचार के लिए उसकी टीम हर समय पूरी मुस्तैदी और तकनीकी दक्षता के साथ तैयार रहती है।2
- उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर परिक्षेत्र की बिरुहली बीट में एक करीब 3 वर्षीय नर बाघ घायल अवस्था में मिला, जिसे वन विभाग ने समय रहते सफल उपचार देकर दोबारा सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। इस पूरे अभियान में वन अमले और विशेषज्ञ चिकित्सकों की तत्परता ने एक बेशकीमती वन्यजीव की जान बचा ली। रविवार को गश्ती दल ने बाघ के एक पैर में चोट होने की सूचना दी थी, जिसके बाद हाथियों और वनकर्मियों की टीम ने लगातार उसकी निगरानी की। क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय के निर्देशन और उप संचालक के मार्गदर्शन में सोमवार सुबह वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर और उनकी टीम ने बाघ की सफलतापूर्वक ट्रैकिंग की। बाघ को सुरक्षित तरीके से ट्रैंकुलाइज कर उसका उपचार किया गया। इस दौरान आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ब्लड सैंपल भी लिया गया। उपचार पूरा होने के बाद बाघ को उसी वन क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया। पूरे अभियान के दौरान उप संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, सहायक संचालक ताला, परिक्षेत्र अधिकारी पनपथा बफर, टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के श्रमिक एवं वन विभाग का अमला मौजूद रहा। उपचार के बाद भी श्याम और लक्ष्मण हाथियों तथा वन अमले की टीम बाघ की लगातार निगरानी कर रही है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने एक बार फिर साबित किया है कि वन्यजीवों के संरक्षण और आपातकालीन उपचार के लिए उसकी टीम हर समय पूरी मुस्तैदी और तकनीकी दक्षता के साथ तैयार रहती है।2
- अनूपपुर जिले के वन परिक्षेत्र में रविवार, 28 जून को कुल चार हाथी दो अलग-अलग समूहों में विचरण करते देखे गए। वन विभाग का गश्ती दल सुरक्षा श्रमिकों और ग्रामीणों के साथ इन हाथियों पर लगातार निगरानी रख रहा है और स्थानीय लोगों को सतर्क एवं सचेत रहने की सलाह दी गई है। तीन हाथियों का एक समूह अनूपपुर वन परिक्षेत्र, थाना और तहसील के ग्राम पंचायत सोनमौहरी के बांस प्लांटेशन जंगल में रविवार का दिन बिताने के बाद शाम 4:30 बजे सेंदुरी से सोनमौहरी जाने वाले मुख्य मार्ग को पार कर गया। इसके बाद शाम 6:30 बजे ये हाथी खिरना नदी के रेलवे लाइन किनारे पुल के समीप जंगल में विचरण करते हुए अनूपपुर-बिलासपुर और अनूपपुर-चिरमिरी रेलवे लाइनों को सोनमौहरी से पार कर पिंचिगटोला के पास से खिरना नदी पार कर ग्राम पंचायत सेंदुरी द्वारा निर्मित मुक्तिधाम के पास पहुंच कर विचरण कर रहे हैं। वहीं, एक अकेला बड़ा नर हाथी जो 27 जून से समूह से अलग होकर विचरण कर रहा है, उसने रविवार को दिन भर जैतहरी वन परिक्षेत्र, थाना और तहसील के ग्राम पंचायत गोबरी के ठेंगगहा टोला से गोबरी बीट के जंगल झूरहीतलैया में बिताया। इससे पहले यह हाथी रात भर अनूपपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत पंगना और दुधमनिया के बांका, केकरपानी जैसे ग्रामीण अंचलों में विचरण कर रहा था। देर शाम यह हाथी श्री अनिल गुप्ता और श्री जयप्रकाश अग्रवाल के स्टोन क्रेशर के पीछे से बडवार नाला पार कर ग्राम पंचायत पगना, थाना और वन परिक्षेत्र अनूपपुर की सीमा के शक्तिकुंडी नामक जंगल में प्रवेश कर गया है। इस हाथी के देर रात तक ग्राम पगना के जल्दाटोला और बेलिया रोड के टोला मोहल्ला में विचरण करने की संभावना है।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में एक गरीब के घर की जमीन पर बैठकर भोजन किया। इस कार्य ने स्पष्ट रूप से दर्शाया कि डॉ. यादव के लिए जनता केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उनके परिवार का अटूट हिस्सा है। यह घटना इस विचार को सुदृढ़ करती है कि पद की वास्तविक सुंदरता और गरिमा तब सबसे अधिक झलकती है, जब कोई व्यक्ति अपनी उच्च स्थिति में भी जमीन से जुड़ा रहे।1
- अंबिकापुर शहर के दयानिधि अस्पताल के संचालक डॉ. संदीप त्रिपाठी पर आयुष्मान भारत योजना के नाम पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। इन आरोपों के अनुसार, आयुष्मान कार्ड से इलाज के लिए पात्र होने के बावजूद मरीजों से नगद राशि वसूली जा रही है। यह भी दावा किया गया है कि अस्पताल के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से यह नगद राशि उनके निजी बैंक खातों में जमा कराई जा रही है। इस मामले में यह सवाल भी उठाया गया है कि लगभग 11 स्तरीय अस्पताल को पिछले तीन वर्षों में आयुष्मान योजना के तहत करीब 7 करोड़ रुपये का भुगतान कैसे हुआ। इसके अतिरिक्त, डॉ. संदीप त्रिपाठी पर यह भी आरोप है कि वे शासकीय अवकाश पर होने के बावजूद अपने निजी अस्पताल में मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जो नियमों का उल्लंघन हो सकता है। आरोप लगाने वाले पक्ष ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। बताया जा रहा है कि इस पूरे प्रकरण से जुड़ा एक स्टिंग वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर अस्पताल की कार्यप्रणाली और नगद लेन-देन से जुड़े कुछ दृश्य दिखाई दे रहे हैं, हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। दिव्येश पाण्डेय नामक एक स्वतंत्र नागरिक ने सवाल उठाया है कि क्या आयुष्मान योजना के नाम पर गरीब मरीजों से वसूली की जा रही है और क्या स्वास्थ्य विभाग तथा जिला प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा।1
- उमरिया जिले के नौरोजाबाद वार्ड नंबर 5 के पास एक वैन अनियंत्रित होकर पलट गई। इस सड़क हादसे में वैन में सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।1