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कुछ लोग घूमने के लिए जा रहे थे, और इसी यात्रा के दौरान उन्होंने एक अत्यंत सुंदर नज़ारा देखा। इस दृश्य की खूबसूरती ने उनका मन मोह लिया।
Anil kumar saiyam awpl
कुछ लोग घूमने के लिए जा रहे थे, और इसी यात्रा के दौरान उन्होंने एक अत्यंत सुंदर नज़ारा देखा। इस दृश्य की खूबसूरती ने उनका मन मोह लिया।
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- शाहपुर पुलिस ने NH जबलपुर–अमरकंटक मार्ग को बाधित करने के आरोप में 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई राघोपुर मरवाही बांध के विरोध में किसानों और ग्रामीणों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग पर किए गए चक्काजाम के बाद की गई। रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित हुआ, जिस पर पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की।1
- कुछ लोग घूमने के लिए जा रहे थे, और इसी यात्रा के दौरान उन्होंने एक अत्यंत सुंदर नज़ारा देखा। इस दृश्य की खूबसूरती ने उनका मन मोह लिया।1
- मंडला जिले के मोहगांव गाँव के ग्रामीण आज भी गंदा और दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, जिसके कारण उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने माननीय कलेक्टर महोदय, मंडला से इस समस्या का तत्काल संज्ञान लेने और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।1
- बिरसिंहपुर पाली के एनएच 43 पर जोहिला पुल के पास आदित्य इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा अवैध रूप से मुरूम मिट्टी का उत्खनन किया जा रहा है। यह कंपनी नौरोजाबाद से डिंडोरी तक सड़क निर्माण कर रही है, जो एमपीआरडीसी के अंतर्गत आता है। कंपनी सड़क की फीलिंग भरने के लिए जोहिला पुल के समीप से अवैध तरीके से मुरूम निकालकर उपयोग कर रही है। जब इस अवैध उत्खनन की सूचना खनिज विभाग को दी गई, तो विभाग के अमले के पहुंचने से पहले ही कंपनी ने उत्खनन कर मुरूम ले जा रहे ट्रकों को आवागमन के लिए रोक दिया। खनिज विभाग की टीम के चले जाने के बाद, विभाग को दोबारा सूचित किया गया कि सड़क बनाने वाली कंपनी शाम ढलते ही फिर से उत्खनन का काम कर रही है। इसके बाद, कंपनी ने रात करीब 11 बजे उत्खनन कर रही मशीनों को मौके से हटाकर अपने कैंप में खड़ी कर लिया। अब यह देखना बाकी है कि कंपनी फिर से कब इस तरह का अवैध उत्खनन शुरू करेगी और इस मामले में खनिज विभाग क्या कार्रवाई करता है। बिरसिंहपुर पाली से ओम प्रकाश अग्रवाल इस पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।1
- शहडोल के सिगुड़ी गांव के ग्रामीण सोमवार को लगभग 3:00 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायत पत्र और ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया है कि गांव के ही रहने वाले उदयभान सिंह द्वारा आए दिन गांव में लोगों से विवाद और मारपीट की जाती है। ग्रामीणों ने उदयभान सिंह के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग करते हुए कार्रवाई की बात कही।1
- एक नागरिक ने अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है, क्योंकि उन्हें अपने आरटीआई आवेदन का जवाब एक माह से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी नहीं मिला है। शिकायतकर्ता के अनुसार, प्रथम अपील दायर करने के बाद भी इस मामले में कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि क्या उच्च अधिकारियों को यह स्पष्ट लापरवाही दिखाई नहीं दे रही है। इसके साथ ही, उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इस मुद्दे को समर्थन देने के लिए वीडियो साझा करें और अपने-अपने शहरों में अधिकारियों की ऐसी ही लापरवाहियों को उजागर करें।1
- प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक तीर्थस्थल अमरकंटक में ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा, मूल नक्षत्र के पावन अवसर पर, सोमवार 29 जून 2026 को, लगभग 10 हजार श्रद्धालुओं ने पवित्र नगरी में पहुंचकर पुण्यसलिला मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाई और पुण्य लाभ अर्जित किया। इन श्रद्धालुओं ने रामघाट, कोटितीर्थ कुंड और आरंडी संगम तट पर पवित्र स्नान करने के बाद मां नर्मदा उद्गम मंदिर में दर्शन-पूजन, जलाभिषेक एवं आरती में सहभागिता की। सुबह से ही नर्मदा उद्गम मंदिर, रामघाट, कोटितीर्थ कुंड और अन्य प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। भक्तों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य, शांति और मंगलमय जीवन की कामना की। दिनभर मंदिर परिसर और घाटों पर एक गहरा धार्मिक वातावरण बना रहा, और स्नान एवं दर्शन का यह क्रम देर शाम तक अनवरत जारी रहा। स्नान-दान व्रत पूर्णिमा और वट पूर्णिमा के इस विशेष महत्व वाले अवसर पर, कोटितीर्थ कुंड में कई पूजा-पाठी पुरोहित और साधक मां नर्मदा के पवित्र जल में खड़े होकर जप, तप और साधना में लीन रहे। श्रद्धालुओं ने भी माला जाप, ध्यान और ईश्वर उपासना करके आध्यात्मिक साधना का पुण्य लाभ प्राप्त किया। अनेक भक्तों ने दान-पुण्य करके धर्मलाभ अर्जित किया और पूर्णिमा के व्रत का पालन किया। शाम को हुई रिमझिम वर्षा ने अमरकंटक के मौसम को अत्यंत सुहावना बना दिया, जिससे श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत मिली और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण और भी मनोहारी हो गया। मां नर्मदा की पावन धारा, हरियाली से आच्छादित पर्वतीय परिवेश और श्रद्धालुओं की भक्ति ने अमरकंटक की आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक आलोकित कर दिया।1
- शहडोल में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एक हादसा हो गया। इस घटना में मलबा गिरने से एक व्यक्ति घायल हो गया।1