बागपत के संतोषपुर गांव के निवासी किसान कर्मवीर ने तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों से अपनी भूमि पर भू-माफिया द्वारा दोबारा कब्जा किए जाने की शिकायत की है। सोमवार को हुई इस शिकायत के दौरान भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा भी पीड़ित किसान के साथ मौजूद रहे। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और धरना प्रदर्शन किया जाएगा। पीड़ित किसान कर्मवीर के अनुसार, उनकी भूमि पर गांव में पहले भी अवैध कब्जा किया गया था, जिसे अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद 14 जनवरी 2026 को टीम ने मौके पर पहुंचकर कब्जा मुक्त कराया था। हालांकि, अब भू-माफिया फिर से उनकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि विपक्षी लोग उन्हें अपनी ही बोई हुई फसल काटने नहीं दे रहे हैं और खुद जबरन फसल काट रहे हैं। भाकियू नेता प्रदीप धामा ने बताया कि किसान कर्मवीर इसी उत्पीड़न से परेशान होकर 20 वर्ष पहले भी गांव से पलायन कर चुके हैं और फिलहाल एक कमरे के मकान में रहने को मजबूर हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है और भू-माफिया लगातार उन्हें परेशान कर रहे हैं। संपूर्ण समाधान दिवस में मौजूद सीडीओ अनिल कुमार ने पीड़ित किसान को मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, किसान नेता प्रदीप धामा ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो किसान दिवस में इसी मुद्दे को उठाया जाएगा और जब तक पीड़ित किसान को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
बागपत के संतोषपुर गांव के निवासी किसान कर्मवीर ने तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों से अपनी भूमि पर भू-माफिया द्वारा दोबारा कब्जा किए जाने की शिकायत की है। सोमवार को हुई इस शिकायत के दौरान भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा भी पीड़ित किसान के साथ मौजूद रहे। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और धरना प्रदर्शन किया जाएगा। पीड़ित किसान कर्मवीर के अनुसार, उनकी भूमि पर गांव में पहले भी अवैध कब्जा किया गया था, जिसे अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद 14 जनवरी 2026 को टीम ने मौके पर पहुंचकर कब्जा मुक्त कराया था। हालांकि, अब भू-माफिया फिर से उनकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि विपक्षी लोग उन्हें अपनी ही बोई हुई फसल काटने नहीं दे रहे हैं और खुद जबरन फसल काट रहे हैं। भाकियू नेता प्रदीप धामा ने बताया कि किसान कर्मवीर इसी उत्पीड़न से परेशान होकर 20 वर्ष पहले भी गांव से पलायन कर चुके हैं और फिलहाल एक कमरे के मकान में रहने को मजबूर हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है और भू-माफिया लगातार उन्हें परेशान कर रहे हैं। संपूर्ण समाधान दिवस में मौजूद सीडीओ अनिल कुमार ने पीड़ित किसान को मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, किसान नेता प्रदीप धामा ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो किसान दिवस में इसी मुद्दे को उठाया जाएगा और जब तक पीड़ित किसान को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
- बागपत के संतोषपुर गांव के निवासी किसान कर्मवीर ने तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों से अपनी भूमि पर भू-माफिया द्वारा दोबारा कब्जा किए जाने की शिकायत की है। सोमवार को हुई इस शिकायत के दौरान भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा भी पीड़ित किसान के साथ मौजूद रहे। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और धरना प्रदर्शन किया जाएगा। पीड़ित किसान कर्मवीर के अनुसार, उनकी भूमि पर गांव में पहले भी अवैध कब्जा किया गया था, जिसे अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद 14 जनवरी 2026 को टीम ने मौके पर पहुंचकर कब्जा मुक्त कराया था। हालांकि, अब भू-माफिया फिर से उनकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि विपक्षी लोग उन्हें अपनी ही बोई हुई फसल काटने नहीं दे रहे हैं और खुद जबरन फसल काट रहे हैं। भाकियू नेता प्रदीप धामा ने बताया कि किसान कर्मवीर इसी उत्पीड़न से परेशान होकर 20 वर्ष पहले भी गांव से पलायन कर चुके हैं और फिलहाल एक कमरे के मकान में रहने को मजबूर हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है और भू-माफिया लगातार उन्हें परेशान कर रहे हैं। संपूर्ण समाधान दिवस में मौजूद सीडीओ अनिल कुमार ने पीड़ित किसान को मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, किसान नेता प्रदीप धामा ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो किसान दिवस में इसी मुद्दे को उठाया जाएगा और जब तक पीड़ित किसान को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।1
- वाइस प्रेसिडेंट सीपी राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के उपराष्ट्रपति भवन में "RSS@100: सेवा, एकता और बलिदान की एक सदी" किताब को आधिकारिक रूप से रिलीज़ किया है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आरएसएस का एक हमेशा रहने वाला योगदान कल्चरल कंटिन्यूटी और नेशनल चेतना पर ज़ोर देना रहा है। उन्होंने आगे कहा कि इस संगठन ने भारत की सभ्यता की विरासत, इसकी परंपराओं, भाषाओं, दर्शन और आध्यात्मिक सोच की समृद्ध विविधता पर गर्व को बढ़ावा दिया है। इसके साथ ही उन्होंने इस विचार की वकालत की कि जब नागरिक साझा मूल्यों, आपसी सम्मान और सबकी भलाई के लिए प्रतिबद्धता से जुड़े होते हैं तो राष्ट्रीय एकता मज़बूत होती है। उनके अनुसार, आरएसएस की सौवीं सालगिरह उन लाखों वॉलंटियर्स के समर्पण को मानने का भी एक मौका है जिन्होंने समाज और देश की सेवा में अपना समय, ऊर्जा और काबिलियत लगाई है।1
- उत्तर प्रदेश के बागपत जिला अंतर्गत बड़ौत के सिल्वर नगर धनोरा में भीषण गर्मी के बीच पानी की भारी किल्लत देखी जा रही है। सिल्वर नगर में मदरसे वसीम की तरफ तापमान 41 डिग्री तक पहुंच गया है, जिसके कारण वहाँ बहुत ही ज्यादा गर्मी हो रही है। इस तपती गर्मी में भी यहाँ पानी बिल्कुल भी उपलब्ध नहीं है और पानी की सप्लाई को बार-बार बंद कर दिया जाता है, जिससे स्थानीय लोगों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने लोगों से अपने घरों से बाहर निकलकर जंतर-मंतर पहुँचने की पुरज़ोर अपील की है। उन्होंने जनता का आह्वान किया है कि वे वहाँ पहुँचकर सोनम वांगचुक जी की आवाज़ से आवाज़ मिलाएँ। संजय सिंह ने तीखा रुख अपनाते हुए कहा कि एकजुट होकर इस गूंगी-बहरी सरकार को झुकने पर मजबूर कर दें।1
- जगत न्यूज़ 24 परिवार ने सभी लोगों को अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं भेजी हैं।1
- हरियाणा के जींद स्टेशन से भारत की पहली अनोखी हाइड्रोजन ट्रेन चलने जा रही है, जिसे चलाने के लिए न तो डीजल की जरूरत है और न ही बिजली की। 17 जुलाई को शुरू होने वाला यह सफर जींद से सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर का होगा। 2600 यात्रियों की क्षमता वाली यह ट्रेन चलने पर कोई धुआं या राख नहीं छोड़ेगी, बल्कि केवल पानी उत्सर्जित करेगी। इसे दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेनों में गिना जाएगा। 17 जुलाई 2026 को लॉन्च होने वाली भारत की यह ट्रेन जर्मनी की मूल हाइड्रोजन ट्रेन से करीब पांच गुना लंबी है। हाइड्रोजन के ईंधन बनने की यह कहानी करीब ढाई सौ साल पहले साल 1776 में लंदन की एक लैब से शुरू हुई थी, जहां वैज्ञानिक हेनरी कैवेंडिश ने जिंक धातु को तेजाब में डालकर पहली बार इस गैस को पहचाना था। बाद में फ्रांस के एक केमिस्ट ने इसे 'हाइड्रोजन' नाम दिया, जिसका ग्रीक अर्थ 'पानी से जन्मा' होता है। साल 1800 में दो अंग्रेज वैज्ञानिकों ने 'इलेक्ट्रोलिसिस' तकनीक के जरिए पानी से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को अलग किया, जबकि 1838 में विलियम ग्रोव ने पहला फ्यूल सेल (गैस बैटरी) बनाकर हाइड्रोजन की ऊर्जा को स्टोर करने का तरीका खोजा, जिसके लिए उन्हें 'फादर ऑफ द फ्यूल सेल' कहा जाता है। इस सफर में 1937 का हिंडनबर्ग एयरशिप हादसा भी शामिल है, जब अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण हाइड्रोजन से भरा एक विशालकाय एयरशिप लैंडिंग के समय जलकर राख हो गया था, जिसके बाद इसे खतरनाक मानकर प्रोजेक्ट बंद कर दिया गया था। असली बदलाव साल 1973 में आया जब मिडिल ईस्ट द्वारा तेल की सप्लाई रोकने पर दुनिया ने तेल के विकल्प के रूप में हाइड्रोजन को गंभीरता से लिया। इसके बाद, साल 1998 में आइसलैंड ने 2030 तक खुद को पूरी तरह हाइड्रोजन-आधारित इकोनॉमी बनाने का ऐलान किया। जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका के बाद अब भारत भी इस बेजोड़ तकनीक के साथ एक नई मंजिल की ओर बढ़ चुका है।1
- उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में खेकड़ा पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। डगरपुर निवासी अतुल की मोटरसाइकिल बीते 16 जुलाई को चोरी हो गई थी, जिसकी लिखित शिकायत पीड़ित ने खेकड़ा थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने आसपास के क्षेत्रों में गहन जांच-पड़ताल और संदिग्धों से पूछताछ करने के बाद आरोपी को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपी की पहचान रटौल निवासी आरिफ पुत्र शमीम के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी की तलाशी और पूछताछ के दौरान उसके कब्जे से चोरी की गई मोटरसाइकिल बरामद की। थाना प्रभारी आशीष कुमार ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले का खुलासा किया है।1