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राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड जिला मुख्यालय झुंझुनू में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और युवाओं को प्रेरित करना था। इसका आयोजन जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग के मुख्य आतिथ्य में हुआ, जबकि स्काउट गाइड के जिला उपप्रधान विनोद सिंघानिया ने इसकी अध्यक्षता की। चिरंजी लाल शर्मा और विजेंद्र कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान, अभिरुचि शिविर के प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित कई प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें पोस्टर प्रतियोगिता, निबंध लेखन, भाषण, मुखौटा निर्माण, क्विज, नुक्कड़ नाटक और एकल नृत्य जैसी गतिविधियां शामिल थीं। उपस्थित दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों की खूब सराहना की। जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और सभी को मिलकर इसके लिए ठोस व समन्वित प्रयास करने होंगे। उन्होंने स्काउट एवं गाइड संगठन द्वारा चलाए जा रहे सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान की प्रशंसा की, साथ ही इको ब्रिक्स के निर्माण को पॉलिथीन उन्मूलन की दिशा में एक प्रभावी और रचनात्मक पहल बताया। इस अवसर पर, जिला कलेक्टर ने स्काउट कार्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया और जिलेवासियों से वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया, ताकि जिले का वन क्षेत्र बढ़े और पर्यावरण संतुलन मजबूत हो। जिला पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के सदस्य विजेंद्र कुमार ने बताया कि विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, ग्रीष्मकालीन अभिरुचि शिविर में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों, शिक्षिकाओं, रोवर्स और रेंजर्स को भी जिला कलेक्टर द्वारा सम्मानित किया गया। स्काउट गाइड संगठन के कार्यों में उत्कृष्ट सहयोग देने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी इस दौरान सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन रामसिंह कुलहरी ने किया।

2 hrs ago
user_Jjn good news ( Rakesh Agrawal
Jjn good news ( Rakesh Agrawal
Newsagent झुंझुनू, झुंझुनू, राजस्थान•
2 hrs ago

राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड जिला मुख्यालय झुंझुनू में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और युवाओं को प्रेरित करना था। इसका आयोजन जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग के मुख्य आतिथ्य में हुआ, जबकि स्काउट गाइड के जिला उपप्रधान विनोद सिंघानिया ने इसकी अध्यक्षता की। चिरंजी लाल शर्मा और विजेंद्र कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान, अभिरुचि शिविर के प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित कई प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें पोस्टर प्रतियोगिता, निबंध लेखन, भाषण, मुखौटा निर्माण, क्विज, नुक्कड़ नाटक और एकल नृत्य जैसी गतिविधियां शामिल थीं। उपस्थित दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों की खूब सराहना की। जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और सभी को मिलकर इसके लिए ठोस व समन्वित प्रयास करने होंगे। उन्होंने स्काउट एवं गाइड संगठन द्वारा चलाए जा रहे सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान की प्रशंसा की, साथ ही इको ब्रिक्स के निर्माण को पॉलिथीन उन्मूलन की दिशा में एक प्रभावी और रचनात्मक पहल बताया। इस अवसर पर, जिला कलेक्टर ने स्काउट कार्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया और जिलेवासियों से वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया, ताकि जिले का वन क्षेत्र बढ़े और पर्यावरण संतुलन मजबूत हो। जिला पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के सदस्य विजेंद्र कुमार ने बताया कि विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, ग्रीष्मकालीन अभिरुचि शिविर में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों, शिक्षिकाओं, रोवर्स और रेंजर्स को भी जिला कलेक्टर द्वारा सम्मानित किया गया। स्काउट गाइड संगठन के कार्यों में उत्कृष्ट सहयोग देने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी इस दौरान सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन रामसिंह कुलहरी ने किया।

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  • विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उदयपुर में णमोकार सेवा संस्थान द्वारा एक वृक्षारोपण एवं हरित अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व और मार्गदर्शन स्वच्छ भारत मिशन शहर के प्रदेश एम्बेसडर के.के. गुप्ता ने किया, जहाँ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया और अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संदेश दिया गया। के.के. गुप्ता ने जोर देते हुए कहा कि प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, क्योंकि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से पर्यावरणीय संतुलन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से वृक्षारोपण करने, जल संरक्षण अपनाने और स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। गुप्ता ने स्पष्ट किया कि एक वृक्ष केवल पर्यावरण को शुद्ध ही नहीं करता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन, स्वास्थ्य और समृद्धि का आधार भी बनता है। उन्होंने सभी नागरिकों से "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान से जुड़कर कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। उनके अनुसार, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं, और यदि स्वच्छ व हरित भारत का निर्माण करना है, तो पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक प्रयासों से जन-आंदोलन बनाना होगा। उन्होंने अपने संदेश का समापन "एक कदम प्रकृति की ओर और एक कदम स्वच्छता की ओर" बढ़ाकर आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित, स्वच्छ और हरित भविष्य देने की प्रेरणा के साथ किया। इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी डॉ. राजश्री गांधी सहित समाज के गणमान्य नागरिकों, महिलाओं एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए वृक्षारोपण किया। प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और प्रकृति संरक्षण के लिए जन-जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान "एक पेड़ माँ के नाम" महाअभियान के अंतर्गत सभी नागरिकों से अपने जीवनकाल में कम से कम एक वृक्ष लगाने की अपील की गई। वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का समापन प्रकृति संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। इस मौके पर मुकेश जैन, अशोक अग्रवाल, दिलीप नागदा, हेमंत जैन, हजारी जैन, राजेंद्र जैन और बसंत जैन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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    विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उदयपुर में णमोकार सेवा संस्थान द्वारा एक वृक्षारोपण एवं हरित अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व और मार्गदर्शन स्वच्छ भारत मिशन शहर के प्रदेश एम्बेसडर के.के. गुप्ता ने किया, जहाँ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया और अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संदेश दिया गया।

के.के. गुप्ता ने जोर देते हुए कहा कि प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, क्योंकि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से पर्यावरणीय संतुलन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से वृक्षारोपण करने, जल संरक्षण अपनाने और स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। गुप्ता ने स्पष्ट किया कि एक वृक्ष केवल पर्यावरण को शुद्ध ही नहीं करता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन, स्वास्थ्य और समृद्धि का आधार भी बनता है। उन्होंने सभी नागरिकों से "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान से जुड़कर कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। उनके अनुसार, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं, और यदि स्वच्छ व हरित भारत का निर्माण करना है, तो पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक प्रयासों से जन-आंदोलन बनाना होगा। उन्होंने अपने संदेश का समापन "एक कदम प्रकृति की ओर और एक कदम स्वच्छता की ओर" बढ़ाकर आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित, स्वच्छ और हरित भविष्य देने की प्रेरणा के साथ किया।

इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी डॉ. राजश्री गांधी सहित समाज के गणमान्य नागरिकों, महिलाओं एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए वृक्षारोपण किया। प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और प्रकृति संरक्षण के लिए जन-जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान "एक पेड़ माँ के नाम" महाअभियान के अंतर्गत सभी नागरिकों से अपने जीवनकाल में कम से कम एक वृक्ष लगाने की अपील की गई। वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम का समापन प्रकृति संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। इस मौके पर मुकेश जैन, अशोक अग्रवाल, दिलीप नागदा, हेमंत जैन, हजारी जैन, राजेंद्र जैन और बसंत जैन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
    user_Jjn good news ( Rakesh Agrawal
    Jjn good news ( Rakesh Agrawal
    Newsagent झुंझुनू, झुंझुनू, राजस्थान•
    40 min ago
  • सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 को लेकर कई प्रश्न उठ रहे हैं। प्रमुख रूप से यह जिज्ञासा बनी हुई है कि क्या मौसम विभाग द्वारा की गई भविष्यवाणी सत्य सिद्ध होगी। इसके साथ ही, देश और दुनिया में 2026 में क्या-कुछ घटित होगा, इस पर भी व्यापक चर्चा और अटकलें लगाई जा रही हैं।
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    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 को लेकर कई प्रश्न उठ रहे हैं। प्रमुख रूप से यह जिज्ञासा बनी हुई है कि क्या मौसम विभाग द्वारा की गई भविष्यवाणी सत्य सिद्ध होगी। इसके साथ ही, देश और दुनिया में 2026 में क्या-कुछ घटित होगा, इस पर भी व्यापक चर्चा और अटकलें लगाई जा रही हैं।
    user_Bhajan lal sharma
    Bhajan lal sharma
    Farmer चूरू, चूरू, राजस्थान•
    11 min ago
  • विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) चूरू ने पूरे जिले में पर्यावरण संरक्षण और विधिक साक्षरता को लेकर विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए। इस अभियान का उद्देश्य आमजन को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ समाज में फैली कुरीतियों और महत्वपूर्ण कानूनी अधिकारों के प्रति भी संवेदनशील बनाना था। इस वृहद अभियान के तहत, चूरू जिला मुख्यालय के रेलवे स्टेशन और पुराने बस स्टैंड जैसे स्थानों पर विशेष लीगल अवेयरनेस कैंप लगाए गए, जहाँ सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। इन शिविरों में पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLV) विक्रम प्रजापत और खुशी सैनी ने सीधे संवाद के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। इसके अतिरिक्त, शहर के अन्य विभिन्न स्थानों पर भी गहन जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए, जिसमें पीएलवी ममता कड़वासरा, पिंकी, अंकिता शर्मा और संजू कलेरा ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व तथा इससे जुड़े कानूनी अधिकारों व कर्तव्यों की जानकारी देकर जन-जागरूकता फैलाई। इन सभी शिविरों में बाल विवाह की रोकथाम, बाल शिक्षा का महत्व और नशा मुक्ति जैसे संवेदनशील स्थानीय मुद्दों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RSLSA) के निर्देशों के अनुसार, पीएलवी द्वारा कई महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी और विधिक योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुँचायी गई। इनमें वरिष्ठ जन अधिकार एवं सशक्तिकरण, गरिमा योजना, और महिलाओं व बालिकाओं के लिए संचालित 'जागृति स्कीम' प्रमुख रूप से शामिल थीं। साथ ही, जनोपयोगी सेवाओं के विवादों के निपटारे के लिए 'स्थाई लोक अदालत' और अपराध पीड़ितों को आर्थिक सहायता (मुआवजा) प्रदान करने वाली 'पीड़ित प्रतिकार योजना' के प्रावधानों के बारे में भी विस्तार से जागरूक किया गया। अभियान के दौरान, पीएलवी विक्रम प्रजापत ने एक स्वस्थ और विकसित समाज की नींव के लिए नशामुक्त परिवेश तथा वरिष्ठ जनों के सम्मान व अधिकारों पर जोर दिया, यह बताते हुए कि विधिक सेवा प्राधिकरण का लक्ष्य न्याय को समाज के अंतिम छोर तक पहुँचाना है। वहीं, पीएलवी खुशी सैनी ने बाल अधिकारों को रेखांकित करते हुए कहा कि बाल विवाह समाज के लिए एक गंभीर अभिशाप है, जिसे शिक्षा और जागरूकता से ही मिटाया जा सकता है, और 'गरिमा' तथा 'जागृति' जैसी योजनाएँ महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ही चलाई जा रही हैं। इस व्यापक जागरूकता अभियान में आमजन ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने कानूनी व सामाजिक अधिकारों से संबंधित जिज्ञासाओं को शांत किया।
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    विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) चूरू ने पूरे जिले में पर्यावरण संरक्षण और विधिक साक्षरता को लेकर विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए। इस अभियान का उद्देश्य आमजन को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ समाज में फैली कुरीतियों और महत्वपूर्ण कानूनी अधिकारों के प्रति भी संवेदनशील बनाना था।

इस वृहद अभियान के तहत, चूरू जिला मुख्यालय के रेलवे स्टेशन और पुराने बस स्टैंड जैसे स्थानों पर विशेष लीगल अवेयरनेस कैंप लगाए गए, जहाँ सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। इन शिविरों में पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLV) विक्रम प्रजापत और खुशी सैनी ने सीधे संवाद के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। इसके अतिरिक्त, शहर के अन्य विभिन्न स्थानों पर भी गहन जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए, जिसमें पीएलवी ममता कड़वासरा, पिंकी, अंकिता शर्मा और संजू कलेरा ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व तथा इससे जुड़े कानूनी अधिकारों व कर्तव्यों की जानकारी देकर जन-जागरूकता फैलाई। इन सभी शिविरों में बाल विवाह की रोकथाम, बाल शिक्षा का महत्व और नशा मुक्ति जैसे संवेदनशील स्थानीय मुद्दों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RSLSA) के निर्देशों के अनुसार, पीएलवी द्वारा कई महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी और विधिक योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुँचायी गई। इनमें वरिष्ठ जन अधिकार एवं सशक्तिकरण, गरिमा योजना, और महिलाओं व बालिकाओं के लिए संचालित 'जागृति स्कीम' प्रमुख रूप से शामिल थीं। साथ ही, जनोपयोगी सेवाओं के विवादों के निपटारे के लिए 'स्थाई लोक अदालत' और अपराध पीड़ितों को आर्थिक सहायता (मुआवजा) प्रदान करने वाली 'पीड़ित प्रतिकार योजना' के प्रावधानों के बारे में भी विस्तार से जागरूक किया गया।

अभियान के दौरान, पीएलवी विक्रम प्रजापत ने एक स्वस्थ और विकसित समाज की नींव के लिए नशामुक्त परिवेश तथा वरिष्ठ जनों के सम्मान व अधिकारों पर जोर दिया, यह बताते हुए कि विधिक सेवा प्राधिकरण का लक्ष्य न्याय को समाज के अंतिम छोर तक पहुँचाना है। वहीं, पीएलवी खुशी सैनी ने बाल अधिकारों को रेखांकित करते हुए कहा कि बाल विवाह समाज के लिए एक गंभीर अभिशाप है, जिसे शिक्षा और जागरूकता से ही मिटाया जा सकता है, और 'गरिमा' तथा 'जागृति' जैसी योजनाएँ महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ही चलाई जा रही हैं। इस व्यापक जागरूकता अभियान में आमजन ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने कानूनी व सामाजिक अधिकारों से संबंधित जिज्ञासाओं को शांत किया।
    user_कुमार राजेश चौधरी
    कुमार राजेश चौधरी
    Voice of people चूरू, चूरू, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • पीठमपुरी स्थित एक आम रास्ते पर काफी दिनों से अतिक्रमण किया गया है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस अतिक्रमण से वाहनों की आवाजाही में भी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं।
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    पीठमपुरी स्थित एक आम रास्ते पर काफी दिनों से अतिक्रमण किया गया है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस अतिक्रमण से वाहनों की आवाजाही में भी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं।
    user_Yogesh singh
    Yogesh singh
    नीम-का-थाना, सीकर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपायुक्त अनुपमा अंजली ने पौधारोपण कर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस पहल के अंतर्गत उन्होंने जिलेवासियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई और उनसे अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उपायुक्त अनुपमा अंजली ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण आज पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने हर नागरिक से प्रकृति के संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि पेड़-पौधे पृथ्वी के जीवनदायिनी आधार हैं। ये न केवल शुद्ध ऑक्सीजन, छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं, बल्कि वर्षा चक्र को संतुलित रखने, भूजल स्तर बढ़ाने तथा जैव विविधता को संरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बल दिया कि आज उठाए गए ठोस कदम आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और हरित भविष्य प्रदान कर सकते हैं। अनुपमा अंजली ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को समाज को प्रकृति से भावनात्मक रूप से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बताते हुए, हर व्यक्ति से अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया। इस अवसर पर, उपायुक्त ने उपस्थित लोगों को प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, जल संरक्षण करने और स्वच्छ व हरित वातावरण बनाए रखने का संकल्प भी दिलाया, यह कहते हुए कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर पर्यावरण संरक्षण की बड़ी मुहिम का रूप ले सकते हैं। विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया।
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    विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपायुक्त अनुपमा अंजली ने पौधारोपण कर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस पहल के अंतर्गत उन्होंने जिलेवासियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई और उनसे अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

उपायुक्त अनुपमा अंजली ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण आज पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने हर नागरिक से प्रकृति के संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि पेड़-पौधे पृथ्वी के जीवनदायिनी आधार हैं। ये न केवल शुद्ध ऑक्सीजन, छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं, बल्कि वर्षा चक्र को संतुलित रखने, भूजल स्तर बढ़ाने तथा जैव विविधता को संरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बल दिया कि आज उठाए गए ठोस कदम आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और हरित भविष्य प्रदान कर सकते हैं।

अनुपमा अंजली ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को समाज को प्रकृति से भावनात्मक रूप से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बताते हुए, हर व्यक्ति से अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया। इस अवसर पर, उपायुक्त ने उपस्थित लोगों को प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, जल संरक्षण करने और स्वच्छ व हरित वातावरण बनाए रखने का संकल्प भी दिलाया, यह कहते हुए कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर पर्यावरण संरक्षण की बड़ी मुहिम का रूप ले सकते हैं। विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया।
    user_Bhagwat Sharma
    Bhagwat Sharma
    Media company नारनौल, महेंद्रगढ़, हरियाणा•
    5 hrs ago
  • राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड जिला मुख्यालय झुंझुनू में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और युवाओं को प्रेरित करना था। इसका आयोजन जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग के मुख्य आतिथ्य में हुआ, जबकि स्काउट गाइड के जिला उपप्रधान विनोद सिंघानिया ने इसकी अध्यक्षता की। चिरंजी लाल शर्मा और विजेंद्र कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान, अभिरुचि शिविर के प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित कई प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें पोस्टर प्रतियोगिता, निबंध लेखन, भाषण, मुखौटा निर्माण, क्विज, नुक्कड़ नाटक और एकल नृत्य जैसी गतिविधियां शामिल थीं। उपस्थित दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों की खूब सराहना की। जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और सभी को मिलकर इसके लिए ठोस व समन्वित प्रयास करने होंगे। उन्होंने स्काउट एवं गाइड संगठन द्वारा चलाए जा रहे सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान की प्रशंसा की, साथ ही इको ब्रिक्स के निर्माण को पॉलिथीन उन्मूलन की दिशा में एक प्रभावी और रचनात्मक पहल बताया। इस अवसर पर, जिला कलेक्टर ने स्काउट कार्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया और जिलेवासियों से वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया, ताकि जिले का वन क्षेत्र बढ़े और पर्यावरण संतुलन मजबूत हो। जिला पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के सदस्य विजेंद्र कुमार ने बताया कि विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, ग्रीष्मकालीन अभिरुचि शिविर में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों, शिक्षिकाओं, रोवर्स और रेंजर्स को भी जिला कलेक्टर द्वारा सम्मानित किया गया। स्काउट गाइड संगठन के कार्यों में उत्कृष्ट सहयोग देने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी इस दौरान सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन रामसिंह कुलहरी ने किया।
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    राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड जिला मुख्यालय झुंझुनू में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और युवाओं को प्रेरित करना था। इसका आयोजन जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग के मुख्य आतिथ्य में हुआ, जबकि स्काउट गाइड के जिला उपप्रधान विनोद सिंघानिया ने इसकी अध्यक्षता की। चिरंजी लाल शर्मा और विजेंद्र कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान, अभिरुचि शिविर के प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित कई प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें पोस्टर प्रतियोगिता, निबंध लेखन, भाषण, मुखौटा निर्माण, क्विज, नुक्कड़ नाटक और एकल नृत्य जैसी गतिविधियां शामिल थीं। उपस्थित दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों की खूब सराहना की।

जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और सभी को मिलकर इसके लिए ठोस व समन्वित प्रयास करने होंगे। उन्होंने स्काउट एवं गाइड संगठन द्वारा चलाए जा रहे सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान की प्रशंसा की, साथ ही इको ब्रिक्स के निर्माण को पॉलिथीन उन्मूलन की दिशा में एक प्रभावी और रचनात्मक पहल बताया। इस अवसर पर, जिला कलेक्टर ने स्काउट कार्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया और जिलेवासियों से वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया, ताकि जिले का वन क्षेत्र बढ़े और पर्यावरण संतुलन मजबूत हो।

जिला पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के सदस्य विजेंद्र कुमार ने बताया कि विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, ग्रीष्मकालीन अभिरुचि शिविर में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों, शिक्षिकाओं, रोवर्स और रेंजर्स को भी जिला कलेक्टर द्वारा सम्मानित किया गया। स्काउट गाइड संगठन के कार्यों में उत्कृष्ट सहयोग देने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी इस दौरान सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन रामसिंह कुलहरी ने किया।
    user_Jjn good news ( Rakesh Agrawal
    Jjn good news ( Rakesh Agrawal
    Newsagent झुंझुनू, झुंझुनू, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • झुंझुनूं जिले के चिड़ावा शहर के वार्ड नंबर 18 में गुरुवार देर रात एक विद्युत तार टूटकर सड़क पर गिर गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। इस घटना के बाद आसपास के लोगों में भारी दहशत फैल गई और उन्होंने सावधानी बरतते हुए उस क्षेत्र से दूरी बनाए रखी। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, टूटे हुए तार में विद्युत प्रवाह जारी रहने के कारण गंभीर हादसे की आशंका बनी हुई थी। वार्डवासियों ने बताया कि इस टूटे हुए विद्युत तार के संपर्क में आने से कई छोटे जीवों की मौत हो गई, जबकि एक आवारा कुत्ता भी करंट की चपेट में आकर मौके पर ही दम तोड़ गया। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, तार गिरने के दौरान और उसके बाद क्षेत्र से गुजर रहे कुछ युवक भी हादसे का शिकार होते-होते बच गए। उनकी समय पर सतर्कता ने उन्हें करंट की चपेट में आने से बचा लिया। खबर मिलने तक मौके पर किसी भी विभागीय अधिकारी या प्रशासनिक टीम के पहुंचने की कोई सूचना नहीं थी, जिसके चलते लोगों में भारी नाराजगी भी देखने को मिली।
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    झुंझुनूं जिले के चिड़ावा शहर के वार्ड नंबर 18 में गुरुवार देर रात एक विद्युत तार टूटकर सड़क पर गिर गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। इस घटना के बाद आसपास के लोगों में भारी दहशत फैल गई और उन्होंने सावधानी बरतते हुए उस क्षेत्र से दूरी बनाए रखी। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, टूटे हुए तार में विद्युत प्रवाह जारी रहने के कारण गंभीर हादसे की आशंका बनी हुई थी। वार्डवासियों ने बताया कि इस टूटे हुए विद्युत तार के संपर्क में आने से कई छोटे जीवों की मौत हो गई, जबकि एक आवारा कुत्ता भी करंट की चपेट में आकर मौके पर ही दम तोड़ गया।

स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, तार गिरने के दौरान और उसके बाद क्षेत्र से गुजर रहे कुछ युवक भी हादसे का शिकार होते-होते बच गए। उनकी समय पर सतर्कता ने उन्हें करंट की चपेट में आने से बचा लिया। खबर मिलने तक मौके पर किसी भी विभागीय अधिकारी या प्रशासनिक टीम के पहुंचने की कोई सूचना नहीं थी, जिसके चलते लोगों में भारी नाराजगी भी देखने को मिली।
    user_Amit Sharma
    Amit Sharma
    पत्रकार झुंझुनू, झुंझुनू, राजस्थान•
    7 hrs ago
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