तिंदनी में आग का तांडव, प्रशासन बेखबर : खस्ताहाल दमकल ने बढ़ाई मुश्किलें जिला पंचायत अध्यक्ष की सक्रियता से टला बड़ा हादसा, कलेक्टर की चुप्पी और नगर पालिका पर उठे तीखे सवाल। दमोह/पटेरा। तहसील पटेरा के ग्राम तिंदनी में भीषण आग ने ऐसा तांडव मचाया कि सैकड़ों एकड़ क्षेत्र इसके चपेट में आने की आशंका जताई जा रही है। आग की तेज लपटों ने ग्रामीणों के भूसे और लकड़ियों के ढेरों को जलाकर खाक कर दिया और धीरे-धीरे गांव की ओर बढ़ने लगीं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी घटना के दौरान प्रशासन पूरी तरह नदारद नजर आया। ग्रामीणों और स्थानीय मीडिया द्वारा कलेक्टर को लगातार फोन लगाए गए, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इससे लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि आपदा की घड़ी में भी प्रशासन की संवेदनशीलता पूरी तरह गायब रही। स्थिति तब काबू में आई जब स्थानीय मीडिया ने जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता पटेल को सूचना दी। सूचना मिलते ही उनके प्रतिनिधि गौरव पटेल ने बिना देरी किए दमोह से फायर ब्रिगेड रवाना कराई। वहीं हिंडोरिया थाना प्रभारी धर्मेन्द्र उपाध्याय भी मौके पर पहुंचे और सक्रियता दिखाते हुए हिंडोरिया से दमकल वाहन पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संयुक्त प्रयासों से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, जिससे बड़ा हादसा टल गया। राहत कार्य के दौरान एक और चौंकाने वाली हकीकत सामने आई—पटेरा से पहुंची फायर ब्रिगेड की क्लच प्लेट खराब निकली। इस तकनीकी खामी के चलते शुरुआती प्रयासों में बाधा आई और हालात और बिगड़ सकते थे। यह स्थिति स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मौके पर पटेरा सीएमओ प्रेम सिंह चौहान भी पहुंचे, लेकिन इसे महज औपचारिकता के तौर पर देखा जा रहा है। आपातकालीन सेवाओं के संसाधनों की ऐसी बदहाल स्थिति ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। ग्रामीणों ने जहां जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि की तत्परता की सराहना की, वहीं प्रशासन की निष्क्रियता और संसाधनों की खस्ताहाल स्थिति को लेकर तीखी नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि यदि समय पर मदद नहीं पहुंचती, तो पूरा गांव आग की चपेट में आ सकता था। यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि आपात सेवाओं की तैयारियों और जवाबदेही तय करने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।
तिंदनी में आग का तांडव, प्रशासन बेखबर : खस्ताहाल दमकल ने बढ़ाई मुश्किलें जिला पंचायत अध्यक्ष की सक्रियता से टला बड़ा हादसा, कलेक्टर की चुप्पी और नगर पालिका पर उठे तीखे सवाल। दमोह/पटेरा। तहसील पटेरा के ग्राम तिंदनी में भीषण आग ने ऐसा तांडव मचाया कि सैकड़ों एकड़ क्षेत्र इसके चपेट में आने की आशंका जताई जा रही है। आग की तेज लपटों ने ग्रामीणों के भूसे और लकड़ियों के ढेरों को जलाकर खाक कर दिया और धीरे-धीरे गांव की ओर बढ़ने लगीं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी घटना के दौरान प्रशासन पूरी तरह नदारद नजर आया। ग्रामीणों और स्थानीय मीडिया द्वारा कलेक्टर को लगातार फोन लगाए गए, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इससे लोगों में गहरा
आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि आपदा की घड़ी में भी प्रशासन की संवेदनशीलता पूरी तरह गायब रही। स्थिति तब काबू में आई जब स्थानीय मीडिया ने जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता पटेल को सूचना दी। सूचना मिलते ही उनके प्रतिनिधि गौरव पटेल ने बिना देरी किए दमोह से फायर ब्रिगेड रवाना कराई। वहीं हिंडोरिया थाना प्रभारी धर्मेन्द्र उपाध्याय भी मौके पर पहुंचे और सक्रियता दिखाते हुए हिंडोरिया से दमकल वाहन पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संयुक्त प्रयासों से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, जिससे बड़ा हादसा टल गया। राहत कार्य के दौरान एक और चौंकाने वाली हकीकत सामने आई—पटेरा से पहुंची फायर ब्रिगेड की क्लच प्लेट खराब निकली। इस तकनीकी खामी के चलते शुरुआती प्रयासों में बाधा आई और हालात और बिगड़
सकते थे। यह स्थिति स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मौके पर पटेरा सीएमओ प्रेम सिंह चौहान भी पहुंचे, लेकिन इसे महज औपचारिकता के तौर पर देखा जा रहा है। आपातकालीन सेवाओं के संसाधनों की ऐसी बदहाल स्थिति ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। ग्रामीणों ने जहां जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि की तत्परता की सराहना की, वहीं प्रशासन की निष्क्रियता और संसाधनों की खस्ताहाल स्थिति को लेकर तीखी नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि यदि समय पर मदद नहीं पहुंचती, तो पूरा गांव आग की चपेट में आ सकता था। यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि आपात सेवाओं की तैयारियों और जवाबदेही तय करने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।
- कटनी, मध्य प्रदेश में शादी समारोह के दौरान हुआ यह विवाद काफ़ी गंभीर मामला बन गया है, जिसमें पुलिस और बारातियों के बीच टकराव हुआ। पुलिस का पक्ष (जैसा बताया गया): बारात में तेज़ डीजे बज रहा था और कुछ लोग शराब के नशे में थे। पुलिस जब उन्हें शांत रहने और नियमों का पालन करने के लिए समझाने पहुंची, तो कथित रूप से बारातियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंके। इसके बाद पुलिस ने “आत्मरक्षा” में लाठीचार्ज किया। प्रशासनिक कार्रवाई: मामले की गंभीरता को देखते हुए SP ने दो ASI को लाइन अटैच कर दिया है। साथ ही निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है ताकि सच्चाई सामने आ सके। क्या समझना ज़रूरी है: ऐसे मामलों में अक्सर दोनों पक्षों की अलग-अलग बातें सामने आती हैं। अगर बारातियों ने सच में हमला किया, तो पुलिस का बल प्रयोग कानून के तहत सही हो सकता है। लेकिन अगर पुलिस ने ज़रूरत से ज़्यादा बल इस्तेमाल किया, तो कार्रवाई होना भी जरूरी है। 👉 इसलिए असली सच जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।1
- दमोह जिले के ग्राम बरबटा निवासी सूरज अहिरवार ने विवाह समारोह शांतिपूर्ण कराने के लिए पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा मांगी है। उनका विवाह 30 अप्रैल को होना है। आवेदन में आरोप लगाया गया कि कुछ लोग घोड़े पर रछवाई निकालने और मंदिर पूजन से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। विवाद की आशंका जताते हुए परिवार ने रछवाई के दौरान पुलिस बल तैनात करने की मांग की है।1
- Post by Shailesh Shrivastava1
- Post by भगवत सिंह लोधी पत्रकार1
- छोटी छोटी बाते बड़ा रूप ले लेती है कृपया समाज का सौहार्द ना खराब करे - चैनल को सब्सक्राइब करें लिंक पर क्लिक करें शोषण अत्याचार करने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए1
- Post by पुष्पेंद्र दुबे पत्रकार3
- फार्महाउस में गर्लफ्रेंड से मिलन करने पहुंचे प्रेमी प्रेमिका की हुई लाइव कुटाई बाल काटकर पहनाई गई जूते की माला,,, सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है जो बिहार के अलीगंज का बताया गया है वाइरल वीडियो में एक लड़का अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने उसके गांव के फार्म हाउस में पहुंचता है जहां लड़की के परिजनों के हत्थे चढ़ गया गांव वाले लड़के को पकड़ कर उसके साथ जमकर मारपीट करते हैं, और लड़की को भी पीटते हैं और घटना का वीडियो बनाते हैं आशिक लडके का बाल काट कर जूतों की माला पहनाकर पूरे गांव में घुमाया जाता है,, #followersreels #viratvasundhara #mauganj #रील #accident #rewa #followers #trading #viral #viralreels #viral #viralpost1
- बहोरीबंद जनपद में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दुकानों की नीलामी प्रक्रिया में कथित लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है, जिससे आवेदकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 22 अप्रैल को दुकानों की नीलामी हेतु आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। अधिकारियों द्वारा निविदा में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि शाम 6 बजे तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि अंतिम तिथि के दिन भी कार्यालय में कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। मौके पर मौजूद आवेदक ने बताया कि वे समय पर आवेदन जमा करने पहुंचे थे, लेकिन कार्यालय में ताला लगा मिला और कोई भी आवेदन लेने वाला नहीं था। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आवेदक अपनी समस्या बताते नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि 23 अप्रैल को दुकानों की नीलामी प्रस्तावित है। ऐसे में आवेदन ही स्वीकार नहीं किए जाने से पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। आवेदकों का आरोप है कि यह सब जानबूझकर किया जा रहा है, ताकि कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाया जा सके। इस मामले ने जनपद की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर क्या कार्रवाई करता है और क्या प्रभावित आवेदकों को न्याय मिल पाता है।1
- रहली ब्लॉक की ग्राम पंचायत समनापुर कल से एक वीडियो सामने आया जहां दो पक्षों में जमकर हुई मारपीट।1