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बिल्हा थाना क्षेत्र से एक 17 वर्ष 9 माह की नाबालिग लड़की कोचिंग के लिए घर से निकली और तब से लापता है। परिजनों ने बिल्हा पुलिस थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें एक अज्ञात व्यक्ति पर बहला-फुसलाकर अपहरण करने का संदेह जताया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, बिल्हा थाना क्षेत्र की एक ग्राम पंचायत में कोटवारी का काम करने वाले 26 वर्षीय भाई ने बुधवार शाम 7 बजकर 12 मिनट पर थाने में रिपोर्ट लिखवाई। उसने बताया कि उसकी सबसे छोटी बहन, जिसकी जन्मतिथि 17 अगस्त 2008 है और जो 12वीं कक्षा पास है, 24 मई 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे बिल्हा स्थित कंप्यूटर सेंटर में कोचिंग जाने की बात कहकर घर से निकली थी। रिपोर्ट दर्ज होने तक वह वापस नहीं लौटी है, और आसपास व रिश्तेदारों में उसकी तलाश करने पर भी कोई जानकारी नहीं मिली। प्रार्थी ने अपनी नाबालिग बहन को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का संदेह व्यक्त किया है। बिल्हा पुलिस ने इस रिपोर्ट पर अपराध धारा- 137(2) भान्यासं. के तहत मामला दर्ज कर लिया है और नाबालिग बालिका की तलाश जारी है। पुलिस द्वारा बुधवार रात 10:30 बजे दी गई जानकारी के अनुसार, इन दिनों नाबालिग लड़कियों और शादीशुदा महिलाओं के भागने के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अक्सर देखा जाता है कि जिन घरों में माहौल खराब होता है, आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होती, या जहां माता-पिता में से कोई एक नहीं होता, या माता-पिता के बीच लगातार लड़ाई-झगड़े होते हैं, या पिता शराबी और आवारा किस्म के होते हैं, उन घरों की महिलाएं और लड़कियां प्रेम जाल में फंसकर अपने भविष्य को सुरक्षित करने की उम्मीद से घर छोड़ देती हैं। इस विशेष मामले में, मोबाइल फोन को भी लड़की के भागने की एक मुख्य वजह माना जा रहा है, क्योंकि भाइयों ने अपनी बहन पर विश्वास करके उसे पढ़ाई के लिए नया मोबाइल खरीद कर दिया था। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है कि उनकी नाबालिग बहन ने उनके साथ विश्वासघात कर किसी लड़के के साथ घर छोड़ दिया है। हालांकि, यह भी बताया गया है कि नाबालिग बालिकाओं को लेकर भागने वाले युवा पुरुषों को पकड़े जाने के बाद अपहरण, बहला-फुसलाकर ले जाने, बलात्कार और पोस्को एक्ट के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर उन्हें 20 साल तक की जेल हो सकती है, जिससे उनका और उनके परिवार का भविष्य भी बर्बाद हो जाता है, क्योंकि परिजनों को उन्हें छुड़वाने में लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। बाद में उनके पास पछताने के अलावा कुछ नहीं बचता, और जब तक वे जेल से छूटते हैं, तब तक उनकी प्रेमिका की शादी किसी और से हो चुकी होती है और बच्चे भी हो चुके होते हैं। इसलिए, नाबालिग लड़कियों को भगाने से पहले युवाओं को अपने भविष्य के बारे में सौ बार सोचना चाहिए।

10 hrs ago
user_Patrkar Sarthi
Patrkar Sarthi
Reporter Bilha, Bilaspur•
10 hrs ago

बिल्हा थाना क्षेत्र से एक 17 वर्ष 9 माह की नाबालिग लड़की कोचिंग के लिए घर से निकली और तब से लापता है। परिजनों ने बिल्हा पुलिस थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें एक अज्ञात व्यक्ति पर बहला-फुसलाकर अपहरण करने का संदेह जताया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, बिल्हा थाना क्षेत्र की एक ग्राम पंचायत में कोटवारी का काम करने वाले 26 वर्षीय भाई ने बुधवार शाम 7 बजकर 12 मिनट पर थाने में रिपोर्ट लिखवाई। उसने बताया कि उसकी सबसे छोटी बहन, जिसकी जन्मतिथि 17 अगस्त 2008 है और जो 12वीं कक्षा पास है, 24 मई 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे बिल्हा स्थित कंप्यूटर सेंटर में कोचिंग जाने की बात कहकर घर से निकली थी। रिपोर्ट दर्ज होने तक वह वापस नहीं लौटी है, और आसपास व रिश्तेदारों में उसकी तलाश करने पर भी कोई जानकारी नहीं मिली। प्रार्थी ने अपनी नाबालिग बहन को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का संदेह व्यक्त किया है। बिल्हा पुलिस ने इस रिपोर्ट पर अपराध धारा- 137(2) भान्यासं. के तहत मामला दर्ज कर लिया है और नाबालिग बालिका की तलाश जारी है। पुलिस द्वारा बुधवार रात 10:30 बजे दी गई जानकारी के अनुसार, इन दिनों नाबालिग लड़कियों और शादीशुदा महिलाओं के भागने के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अक्सर देखा जाता है कि जिन घरों में माहौल खराब होता है, आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होती, या जहां माता-पिता में से कोई एक नहीं होता, या माता-पिता के बीच लगातार लड़ाई-झगड़े होते हैं, या पिता शराबी और आवारा किस्म के होते हैं, उन घरों की महिलाएं और लड़कियां प्रेम जाल में फंसकर अपने भविष्य को सुरक्षित करने की उम्मीद से घर छोड़ देती हैं। इस विशेष मामले में, मोबाइल फोन को भी लड़की के भागने की एक मुख्य वजह माना जा रहा है, क्योंकि भाइयों ने अपनी बहन पर विश्वास करके उसे पढ़ाई के लिए नया मोबाइल खरीद कर दिया था। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है कि उनकी नाबालिग बहन ने उनके साथ विश्वासघात कर किसी लड़के के साथ घर छोड़ दिया है। हालांकि, यह भी बताया गया है कि नाबालिग बालिकाओं को लेकर भागने वाले युवा पुरुषों को पकड़े जाने के बाद अपहरण, बहला-फुसलाकर ले जाने, बलात्कार और पोस्को एक्ट के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर उन्हें 20 साल तक की जेल हो सकती है, जिससे उनका और उनके परिवार का भविष्य भी बर्बाद हो जाता है, क्योंकि परिजनों को उन्हें छुड़वाने में लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। बाद में उनके पास पछताने के अलावा कुछ नहीं बचता, और जब तक वे जेल से छूटते हैं, तब तक उनकी प्रेमिका की शादी किसी और से हो चुकी होती है और बच्चे भी हो चुके होते हैं। इसलिए, नाबालिग लड़कियों को भगाने से पहले युवाओं को अपने भविष्य के बारे में सौ बार सोचना चाहिए।

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  • बिल्हा थाना क्षेत्र से एक 17 वर्ष 9 माह की नाबालिग लड़की कोचिंग के लिए घर से निकली और तब से लापता है। परिजनों ने बिल्हा पुलिस थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें एक अज्ञात व्यक्ति पर बहला-फुसलाकर अपहरण करने का संदेह जताया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, बिल्हा थाना क्षेत्र की एक ग्राम पंचायत में कोटवारी का काम करने वाले 26 वर्षीय भाई ने बुधवार शाम 7 बजकर 12 मिनट पर थाने में रिपोर्ट लिखवाई। उसने बताया कि उसकी सबसे छोटी बहन, जिसकी जन्मतिथि 17 अगस्त 2008 है और जो 12वीं कक्षा पास है, 24 मई 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे बिल्हा स्थित कंप्यूटर सेंटर में कोचिंग जाने की बात कहकर घर से निकली थी। रिपोर्ट दर्ज होने तक वह वापस नहीं लौटी है, और आसपास व रिश्तेदारों में उसकी तलाश करने पर भी कोई जानकारी नहीं मिली। प्रार्थी ने अपनी नाबालिग बहन को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का संदेह व्यक्त किया है। बिल्हा पुलिस ने इस रिपोर्ट पर अपराध धारा- 137(2) भान्यासं. के तहत मामला दर्ज कर लिया है और नाबालिग बालिका की तलाश जारी है। पुलिस द्वारा बुधवार रात 10:30 बजे दी गई जानकारी के अनुसार, इन दिनों नाबालिग लड़कियों और शादीशुदा महिलाओं के भागने के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अक्सर देखा जाता है कि जिन घरों में माहौल खराब होता है, आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होती, या जहां माता-पिता में से कोई एक नहीं होता, या माता-पिता के बीच लगातार लड़ाई-झगड़े होते हैं, या पिता शराबी और आवारा किस्म के होते हैं, उन घरों की महिलाएं और लड़कियां प्रेम जाल में फंसकर अपने भविष्य को सुरक्षित करने की उम्मीद से घर छोड़ देती हैं। इस विशेष मामले में, मोबाइल फोन को भी लड़की के भागने की एक मुख्य वजह माना जा रहा है, क्योंकि भाइयों ने अपनी बहन पर विश्वास करके उसे पढ़ाई के लिए नया मोबाइल खरीद कर दिया था। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है कि उनकी नाबालिग बहन ने उनके साथ विश्वासघात कर किसी लड़के के साथ घर छोड़ दिया है। हालांकि, यह भी बताया गया है कि नाबालिग बालिकाओं को लेकर भागने वाले युवा पुरुषों को पकड़े जाने के बाद अपहरण, बहला-फुसलाकर ले जाने, बलात्कार और पोस्को एक्ट के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर उन्हें 20 साल तक की जेल हो सकती है, जिससे उनका और उनके परिवार का भविष्य भी बर्बाद हो जाता है, क्योंकि परिजनों को उन्हें छुड़वाने में लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। बाद में उनके पास पछताने के अलावा कुछ नहीं बचता, और जब तक वे जेल से छूटते हैं, तब तक उनकी प्रेमिका की शादी किसी और से हो चुकी होती है और बच्चे भी हो चुके होते हैं। इसलिए, नाबालिग लड़कियों को भगाने से पहले युवाओं को अपने भविष्य के बारे में सौ बार सोचना चाहिए।
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    बिल्हा थाना क्षेत्र से एक 17 वर्ष 9 माह की नाबालिग लड़की कोचिंग के लिए घर से निकली और तब से लापता है। परिजनों ने बिल्हा पुलिस थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें एक अज्ञात व्यक्ति पर बहला-फुसलाकर अपहरण करने का संदेह जताया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, बिल्हा थाना क्षेत्र की एक ग्राम पंचायत में कोटवारी का काम करने वाले 26 वर्षीय भाई ने बुधवार शाम 7 बजकर 12 मिनट पर थाने में रिपोर्ट लिखवाई। उसने बताया कि उसकी सबसे छोटी बहन, जिसकी जन्मतिथि 17 अगस्त 2008 है और जो 12वीं कक्षा पास है, 24 मई 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे बिल्हा स्थित कंप्यूटर सेंटर में कोचिंग जाने की बात कहकर घर से निकली थी। रिपोर्ट दर्ज होने तक वह वापस नहीं लौटी है, और आसपास व रिश्तेदारों में उसकी तलाश करने पर भी कोई जानकारी नहीं मिली। प्रार्थी ने अपनी नाबालिग बहन को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का संदेह व्यक्त किया है। बिल्हा पुलिस ने इस रिपोर्ट पर अपराध धारा- 137(2) भान्यासं. के तहत मामला दर्ज कर लिया है और नाबालिग बालिका की तलाश जारी है।

पुलिस द्वारा बुधवार रात 10:30 बजे दी गई जानकारी के अनुसार, इन दिनों नाबालिग लड़कियों और शादीशुदा महिलाओं के भागने के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अक्सर देखा जाता है कि जिन घरों में माहौल खराब होता है, आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होती, या जहां माता-पिता में से कोई एक नहीं होता, या माता-पिता के बीच लगातार लड़ाई-झगड़े होते हैं, या पिता शराबी और आवारा किस्म के होते हैं, उन घरों की महिलाएं और लड़कियां प्रेम जाल में फंसकर अपने भविष्य को सुरक्षित करने की उम्मीद से घर छोड़ देती हैं।

इस विशेष मामले में, मोबाइल फोन को भी लड़की के भागने की एक मुख्य वजह माना जा रहा है, क्योंकि भाइयों ने अपनी बहन पर विश्वास करके उसे पढ़ाई के लिए नया मोबाइल खरीद कर दिया था। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है कि उनकी नाबालिग बहन ने उनके साथ विश्वासघात कर किसी लड़के के साथ घर छोड़ दिया है। हालांकि, यह भी बताया गया है कि नाबालिग बालिकाओं को लेकर भागने वाले युवा पुरुषों को पकड़े जाने के बाद अपहरण, बहला-फुसलाकर ले जाने, बलात्कार और पोस्को एक्ट के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर उन्हें 20 साल तक की जेल हो सकती है, जिससे उनका और उनके परिवार का भविष्य भी बर्बाद हो जाता है, क्योंकि परिजनों को उन्हें छुड़वाने में लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। बाद में उनके पास पछताने के अलावा कुछ नहीं बचता, और जब तक वे जेल से छूटते हैं, तब तक उनकी प्रेमिका की शादी किसी और से हो चुकी होती है और बच्चे भी हो चुके होते हैं। इसलिए, नाबालिग लड़कियों को भगाने से पहले युवाओं को अपने भविष्य के बारे में सौ बार सोचना चाहिए।
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    10 hrs ago
  • बिलासपुर में एक युवती और उसके साथियों ने जन्मदिन का जश्न मनाते हुए खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा दीं। एक वायरल वीडियो में युवती चलती गाड़ी पर चढ़कर बीच सड़क बियर उछालते हुए साफ नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि यह घटना नेशनल हाईवे पर हुई है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद कोनी पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
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    बिलासपुर में एक युवती और उसके साथियों ने जन्मदिन का जश्न मनाते हुए खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा दीं। एक वायरल वीडियो में युवती चलती गाड़ी पर चढ़कर बीच सड़क बियर उछालते हुए साफ नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि यह घटना नेशनल हाईवे पर हुई है।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद कोनी पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
    user_द संक्षेप
    द संक्षेप
    Media company बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    28 min ago
  • बिलासपुर में हाईवे पर केक काटने और पटाखे जलाने का मामला सामने आया है। इस घटना का बिलासपुर पुलिस ने संज्ञान लिया है।
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    बिलासपुर में हाईवे पर केक काटने और पटाखे जलाने का मामला सामने आया है। इस घटना का बिलासपुर पुलिस ने संज्ञान लिया है।
    user_POWER NEWS 24 BHARAT
    POWER NEWS 24 BHARAT
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • बिलासपुर में एक शैम्पेन सेलिब्रेशन के मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, इस घटना से जुड़ी युवती पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिस पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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    बिलासपुर में एक शैम्पेन सेलिब्रेशन के मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, इस घटना से जुड़ी युवती पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिस पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
    user_Ziya khan
    Ziya khan
    Local News Reporter Bilaspur, Chhattisgarh•
    6 hrs ago
  • बिलासपुर जिले में चलाए जा रहे 'प्रहार' अभियान के तहत कोनी पुलिस ने अवैध महुआ शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान, पुलिस ने भारी मात्रा में 45 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त की। कार्रवाई करते हुए, कोनी पुलिस ने इस मामले में विशाल वर्मा नामक एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है।
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    बिलासपुर जिले में चलाए जा रहे 'प्रहार' अभियान के तहत कोनी पुलिस ने अवैध महुआ शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान, पुलिस ने भारी मात्रा में 45 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त की। कार्रवाई करते हुए, कोनी पुलिस ने इस मामले में विशाल वर्मा नामक एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है।
    user_CG CRIME.NEWS
    CG CRIME.NEWS
    पत्रकार बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
  • Post by Dileshawar Rajak
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    Post by Dileshawar Rajak
    user_Dileshawar Rajak
    Dileshawar Rajak
    Photographer भाटापारा, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में ग्राम पंचायत दरिमा की महिलाएं शराब ठेकों को बंद या स्थानांतरित करने की मांग लेकर कलेक्टर के जनदर्शन में पहुंची थीं। इस दौरान कलेक्टर ने उनसे एक अटपटा सवाल पूछा कि क्या उन्हें महतारी वंदना योजना के तहत ₹1000 मिल रहे हैं। जब महिलाओं ने इसकी पुष्टि की, तो कलेक्टर ने कथित तौर पर यह कहकर अहसान जताने की कोशिश की कि शराब बेचना भी सरकार की योजना है, और अगर उन्हें महतारी वंदना के ₹1000 हर महीने चाहिए तो वे शराब बिक्री का विरोध क्यों करती हैं। कलेक्टर की इस बात से महिलाएं अत्यंत क्रोधित हो गईं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अगर महतारी वंदना की राशि इस शर्त पर मिल रही है कि उनके नौजवान परिवार शराब में डूब जाएं, तो उन्हें सरकार के ₹1000 नहीं चाहिए। यह घटना सरकार की उस सोच पर सवाल उठाती है, जहां पहले यह पूछा जाता था कि महिलाओं को इतना पैसा देने के लिए फंड कहां से आएगा, लेकिन अब सरकार खुलकर कह रही है कि महतारी वंदना के ₹1000 देने के लिए उन्हें मजबूरी में शराब दुकानों की संख्या बढ़ानी पड़ रही है। इसे 'गाय मार कर जूता दान' वाली कहावत जैसा बताया गया है। अंबिकापुर में प्रशासन के सबसे बड़े अधिकारी, यानी जिलाधीश द्वारा कही गई यह बात दर्शाती है कि सरकार ने अपनी 'मनमानी गारंटी' का भार सिस्टम चलाने वालों पर डाल रखा है, जिससे यह धारणा बन गई है कि महतारी वंदना योजना शराब के पैसे से ही संचालित हो रही है। कलेक्टर की बातों ने महिलाओं के दिमाग की बत्ती जला दी, और उन्हें यह समझने में देर नहीं लगी कि उनके घरों में कलह का कारण उन्हें मिलने वाली महतारी वंदना की राशि ही हो सकती है। इस पूरे मामले को छत्तीसगढ़ में इस बात के चरितार्थ होने के रूप में देखा जा रहा है कि चुनाव जीतने के लालच में पार्टियों के वादे अंततः जनता को ही भारी पड़ते हैं।
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    छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में ग्राम पंचायत दरिमा की महिलाएं शराब ठेकों को बंद या स्थानांतरित करने की मांग लेकर कलेक्टर के जनदर्शन में पहुंची थीं। इस दौरान कलेक्टर ने उनसे एक अटपटा सवाल पूछा कि क्या उन्हें महतारी वंदना योजना के तहत ₹1000 मिल रहे हैं। जब महिलाओं ने इसकी पुष्टि की, तो कलेक्टर ने कथित तौर पर यह कहकर अहसान जताने की कोशिश की कि शराब बेचना भी सरकार की योजना है, और अगर उन्हें महतारी वंदना के ₹1000 हर महीने चाहिए तो वे शराब बिक्री का विरोध क्यों करती हैं।

कलेक्टर की इस बात से महिलाएं अत्यंत क्रोधित हो गईं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अगर महतारी वंदना की राशि इस शर्त पर मिल रही है कि उनके नौजवान परिवार शराब में डूब जाएं, तो उन्हें सरकार के ₹1000 नहीं चाहिए। यह घटना सरकार की उस सोच पर सवाल उठाती है, जहां पहले यह पूछा जाता था कि महिलाओं को इतना पैसा देने के लिए फंड कहां से आएगा, लेकिन अब सरकार खुलकर कह रही है कि महतारी वंदना के ₹1000 देने के लिए उन्हें मजबूरी में शराब दुकानों की संख्या बढ़ानी पड़ रही है। इसे 'गाय मार कर जूता दान' वाली कहावत जैसा बताया गया है।

अंबिकापुर में प्रशासन के सबसे बड़े अधिकारी, यानी जिलाधीश द्वारा कही गई यह बात दर्शाती है कि सरकार ने अपनी 'मनमानी गारंटी' का भार सिस्टम चलाने वालों पर डाल रखा है, जिससे यह धारणा बन गई है कि महतारी वंदना योजना शराब के पैसे से ही संचालित हो रही है। कलेक्टर की बातों ने महिलाओं के दिमाग की बत्ती जला दी, और उन्हें यह समझने में देर नहीं लगी कि उनके घरों में कलह का कारण उन्हें मिलने वाली महतारी वंदना की राशि ही हो सकती है। इस पूरे मामले को छत्तीसगढ़ में इस बात के चरितार्थ होने के रूप में देखा जा रहा है कि चुनाव जीतने के लालच में पार्टियों के वादे अंततः जनता को ही भारी पड़ते हैं।
    user_Hariom .Vishwakarma . रीपोर्ट
    Hariom .Vishwakarma . रीपोर्ट
    बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र से एक 15 वर्ष 5 माह की नाबालिग बालिका के घर से लापता होने का मामला सामने आया है। बुधवार रात 10:00 बजे चकरभाठा पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के एक गाँव में रहने वाले 40 वर्षीय पिता ने बुधवार शाम 19:20 बजे थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी 15 साल 5 माह की बेटी 26/05/2026 को दोपहर करीब 01:30 बजे बिना बताए घर से कहीं चली गई है और अभी तक वापस नहीं आई है। परिवार ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। पिता ने आशंका जताई है कि उनकी नाबालिग बेटी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले गया है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर चकरभाठा पुलिस ने अपराध धारा 137(2) BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है और गुमशुदा बालिका की तलाश जारी है। उल्लेखनीय है कि इन दिनों नाबालिग लड़कियों और शादीशुदा महिलाओं के घर से भागने के मामले तेजी से बढ़े हैं। अक्सर ऐसे मामलों में यह देखा जाता है कि जिन घरों का माहौल या आर्थिक स्थिति खराब होती है, या जहाँ माता-पिता नहीं होते, या माता-पिता के बीच अक्सर लड़ाई-झगड़ा होता है, या पिता शराबी और आवारा किस्म के होते हैं, उन घरों की महिलाएं और लड़कियां प्रेम जाल में फंसकर अपने भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से घर छोड़कर भाग जाती हैं। हालांकि, नाबालिग बालिकाओं के मामले में, जो पुरुष उन्हें भगाकर ले जाते हैं, पकड़े जाने के बाद उन पर अपहरण, बहला-फुसलाकर भगाने, शारीरिक संबंध बनाने और पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर कार्रवाई की जाती है। इसके परिणामस्वरूप ऐसे युवाओं और पुरुषों को 20 साल तक जेल की सजा भुगतनी पड़ती है, जिससे उनका और उनके परिवार का भविष्य खराब हो जाता है। बाद में उनके पास पछताने के अलावा कुछ नहीं बचता, और जब तक वे जेल से छूटते हैं, तब तक उनकी प्रेमिका की शादी और बच्चे हो चुके होते हैं। इसलिए नाबालिग लड़कियों को भगाकर ले जाने से पहले अपने भविष्य के बारे में सौ बार सोच लेना चाहिए।
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    बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र से एक 15 वर्ष 5 माह की नाबालिग बालिका के घर से लापता होने का मामला सामने आया है। बुधवार रात 10:00 बजे चकरभाठा पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के एक गाँव में रहने वाले 40 वर्षीय पिता ने बुधवार शाम 19:20 बजे थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी 15 साल 5 माह की बेटी 26/05/2026 को दोपहर करीब 01:30 बजे बिना बताए घर से कहीं चली गई है और अभी तक वापस नहीं आई है। परिवार ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। पिता ने आशंका जताई है कि उनकी नाबालिग बेटी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले गया है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर चकरभाठा पुलिस ने अपराध धारा 137(2) BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है और गुमशुदा बालिका की तलाश जारी है।

उल्लेखनीय है कि इन दिनों नाबालिग लड़कियों और शादीशुदा महिलाओं के घर से भागने के मामले तेजी से बढ़े हैं। अक्सर ऐसे मामलों में यह देखा जाता है कि जिन घरों का माहौल या आर्थिक स्थिति खराब होती है, या जहाँ माता-पिता नहीं होते, या माता-पिता के बीच अक्सर लड़ाई-झगड़ा होता है, या पिता शराबी और आवारा किस्म के होते हैं, उन घरों की महिलाएं और लड़कियां प्रेम जाल में फंसकर अपने भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से घर छोड़कर भाग जाती हैं।

हालांकि, नाबालिग बालिकाओं के मामले में, जो पुरुष उन्हें भगाकर ले जाते हैं, पकड़े जाने के बाद उन पर अपहरण, बहला-फुसलाकर भगाने, शारीरिक संबंध बनाने और पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर कार्रवाई की जाती है। इसके परिणामस्वरूप ऐसे युवाओं और पुरुषों को 20 साल तक जेल की सजा भुगतनी पड़ती है, जिससे उनका और उनके परिवार का भविष्य खराब हो जाता है। बाद में उनके पास पछताने के अलावा कुछ नहीं बचता, और जब तक वे जेल से छूटते हैं, तब तक उनकी प्रेमिका की शादी और बच्चे हो चुके होते हैं। इसलिए नाबालिग लड़कियों को भगाकर ले जाने से पहले अपने भविष्य के बारे में सौ बार सोच लेना चाहिए।
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    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    11 hrs ago
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