मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के गोहपारू क्षेत्र में ग्राम पंचायत बरकोड़ा में नकली डीएपी खाद के अवैध भंडारण का बड़ा मामला सामने आया है। सहायक संचालक कृषि विभाग की एक टीम ने दीनबंधु नापित के घर पर दोपहर लगभग 2 बजे छापामार कार्रवाई करते हुए करीब 100 बोरी डीएपी खाद जब्त की है। बताया गया है कि यह खाद गैरकानूनी तरीके से संग्रहित की गई थी और ईपको कंपनी के नाम व रैपर का इस्तेमाल कर किसानों को गुमराह किए जाने की आशंका जताई जा रही है। आरोप है कि यह नकली या डुप्लीकेट डीएपी खाद छत्तीसगढ़ से लाकर शहडोल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को बेची जा रही थी। इस कार्रवाई के बाद, कृषि विभाग ने मामले को लेकर मीडिया से दूरी बनाए रखी है, जिससे पूरे मामले को दबाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं, किसानों में इस घटना को लेकर गहरा रोष देखा जा रहा है। अब यह सवाल उठ रहा है कि किसानों की मेहनत और उनकी फसल के साथ खिलवाड़ करने वाले इस नेटवर्क पर प्रशासन कितनी सख्त कार्रवाई करेगा। फिलहाल, कृषि विभाग द्वारा मामले की जांच जारी है।
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के गोहपारू क्षेत्र में ग्राम पंचायत बरकोड़ा में नकली डीएपी खाद के अवैध भंडारण का बड़ा मामला सामने आया है। सहायक संचालक कृषि विभाग की एक टीम ने दीनबंधु नापित के घर पर दोपहर लगभग 2 बजे छापामार कार्रवाई करते हुए करीब 100 बोरी डीएपी खाद जब्त की है। बताया गया है कि यह खाद गैरकानूनी तरीके से संग्रहित की गई थी और ईपको कंपनी के नाम व रैपर का इस्तेमाल कर किसानों को गुमराह किए जाने की आशंका जताई जा रही है। आरोप है कि यह नकली या डुप्लीकेट डीएपी खाद छत्तीसगढ़ से लाकर शहडोल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को बेची जा रही थी। इस कार्रवाई के बाद, कृषि विभाग ने मामले को लेकर मीडिया से दूरी बनाए रखी है, जिससे पूरे मामले को दबाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं, किसानों में इस घटना को लेकर गहरा रोष देखा जा रहा है। अब यह सवाल उठ रहा है कि किसानों की मेहनत और उनकी फसल के साथ खिलवाड़ करने वाले इस नेटवर्क पर प्रशासन कितनी सख्त कार्रवाई करेगा। फिलहाल, कृषि विभाग द्वारा मामले की जांच जारी है।
- उमरिया में युवा कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा और पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष अनुराग सिंह अंबुज की अगुवाई में, जिला महासचिव अजय सिंह सोमवंशी के नेतृत्व में तथा युवा प्रदेश सचिव विक्रम प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यकर्ताओं ने नामांकन निरस्तीकरण की इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया और अपना विरोध दर्ज कराया। ज्ञापन के माध्यम से युवा कांग्रेस ने मांग की कि सत्ता के दबाव में विपक्षी दलों के प्रत्याशियों को चुनाव प्रक्रिया से बाहर करने की कथित तानाशाही एवं अलोकतांत्रिक प्रवृत्तियों पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि सभी प्रत्याशियों को समान अवसर मिल सके। इसके साथ ही, कार्यकर्ताओं ने भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराए जाने की मांग भी की। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि दुर्भावनापूर्ण मंशा या पक्षपातपूर्ण तरीके से नामांकन पत्र निरस्त करने के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसमें दोषी पाए जाने पर संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) के विरुद्ध निलंबन और विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। युवा कांग्रेस नेताओं ने ज़ोर देकर कहा कि लोकतंत्र में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया अत्यंत आवश्यक है, तथा किसी भी प्रत्याशी को अनुचित तरीके से चुनावी प्रक्रिया से बाहर करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करके अपना विरोध व्यक्त किया। इस विरोध प्रदर्शन में पुष्पराज सिंह, त्रिभुवन प्रताप सिंह, ओंकार सिंह बबलू, वीरेंद्र सिंह सेंगर, रोशनी सिंह, शिशुपाल सिंह, मनीष सिंह बड़करे, संतोष सिंह, सानू उपाध्याय, रजनीश तिवारी, अनुराग ठाकुर, अभय सिंह, सूर्य प्रताप सिंह, ऋतिक पयाशी, भास्कर सिंह, प्रथम सिंह, रिंकू द्विवेदी, प्रभात सिंह, अमरीश तिवारी, दीपक सिंह, अभिनय सिंह, रोशन सिंह, हिकमत खान, अमित बर्मन, जावेद खान, भारत नामदेव और सुनील साहू सहित बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।1
- उमरिया जिले का महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालय कलेक्टर परिसर इन दिनों गंदगी की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। परिसर में आने वाले कुछ लोग खुलेआम गुटखा और पान मसाला खाकर दीवारों, सीढ़ियों तथा कोनों में थूक रहे हैं, जिससे पूरे परिसर की स्वच्छता प्रभावित हो रही है। प्रशासन द्वारा नियमित साफ-सफाई कराए जाने के बावजूद, लोगों की इस आदत के कारण परिसर की सुंदरता और गरिमा पर बुरा असर पड़ रहा है, और स्वच्छता अभियान की भावना को पलीता लग रहा है। कलेक्टर कार्यालय, जो आम नागरिकों और अधिकारियों के लिए एक प्रमुख केंद्र है और जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अपने कार्यों के लिए आते हैं, उसे स्वच्छ बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। स्थानीय नागरिकों ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से परिसर में सख्ती बढ़ाने, चेतावनी बोर्ड लगाने और गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने की मांग की है। 'स्वच्छ भारत अभियान' की मूल भावना को साकार करने के लिए जनसहभागिता और जन जागरूकता को बेहद महत्वपूर्ण बताया गया है।1
- Post by पत्रकारिता1
- मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस कमेटी भोपाल के निर्देशानुसार, युवा कांग्रेस कमेटी विधानसभा ब्यौहारी और ब्लॉक युवा कांग्रेस कमेटी ब्यौहारी ने 15 जून 2026 को शाम 5:00 बजे ब्यौहारी के बनसुकली चौराहा पर 'बिके हुए चुनाव आयुक्त' का पुतला दहन किया। यह विरोध प्रदर्शन राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी, प्रखर वक्ता एवं पूर्व सांसद सुश्री मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र को अत्यंत दुर्भावनापूर्ण और राजनीति से प्रेरित होकर निरस्त किए जाने के खिलाफ था। इस कार्यक्रम में जिला संगठन महासचिव श्री विनोद ताम्रकार, श्री हरिशंकर कोरी, पार्षद श्रीमती गीता कोल, श्रीमती लैला खान, श्री प्रियदर्शी तिवारी, श्री रवेंद्र बैंस, श्री विक्रम सिंह, श्री मुकेश तिवारी, जिला पंचायत सदस्य पुष्पेन्द्र पटेल, श्री पप्पू साकेत, श्री पंकज चतुर्वेदी, ओमप्रकाश साकेत, विनय द्विवेदी, दशरथ सिंह, अरुस्तम पटेल, कमला कोरी, विकास बंसल, सनोज कोल, मनोज कोल, प्रीतम कोल, राम राज कोल, दशरथ कोल और सुजीत कुशवाहा सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।2
- मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में सोमवार को सोमवती अमावस्या पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा, जब सुहागिन महिलाओं ने पीपल के वृक्ष में जल अर्पित कर मौली लपेटी और अपने पति की लंबी आयु के लिए 108 बार परिक्रमा कर प्रार्थना की। हिंदू धर्म में इस तिथि को पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि, पितरों के तर्पण तथा पवित्र नदियों में स्नान-दान के लिए अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक विद्वानों के अनुसार, इस वर्ष की सोमवती अमावस्या अनेक शुभ संयोगों से युक्त रही। लगभग 30 वर्षों के पश्चात पुरुषोत्तम (अधिक) मास में सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग बना। इसके साथ ही, पुरुषोत्तम मास के समापन दिवस पर मिथुन संक्रांति का योग बनने से इस पर्व का महत्व और भी अधिक बढ़ गया। शास्त्रों में अमावस्या एवं संक्रांति के एक साथ होने को विषु संक्रांति कहा गया है, जिसे मेष और तुला संक्रांति के समान, साथ ही ग्रहणकाल के तुल्य पुण्यदायी माना जाता है। जिले में स्थित मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक में ब्रह्ममुहूर्त से ही हजारों श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया। उन्होंने मां नर्मदा के पवित्र तटों जैसे रामघाट, पुष्कर बांध, कोटि तीर्थ कुंड एवं आरंडी संगम पर पुण्य स्नान कर जप, तप, ध्यान, दान और पूजन-अर्चन किया। इसके उपरांत, मां नर्मदा उद्गम मंदिर में दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य, यश एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई। धर्माचार्यों का मत है कि इस विशेष अवसर पर किया गया स्नान, जप, तप, दान, हवन, पूजन एवं दीपदान अक्षय फल प्रदान करने वाला होता है। इसी मान्यता के चलते अमरकंटक में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और लोगों ने मां नर्मदा के पवित्र जल में स्नान कर धर्मलाभ अर्जित किया। इस पर्व के अवसर पर कई श्रद्धालुओं ने सूर्योदय से पूर्व स्नान कर सूर्य नारायण को अर्घ्य अर्पित किया, अपने इष्टदेव का पूजन एवं मंत्र जाप किया, और कई स्थानों पर हवन-पूजन के धार्मिक आयोजन भी संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने पीपल के समीप दीपदान कर भगवान विष्णु एवं मां नर्मदा का स्मरण किया, साथ ही अन्नदान, वस्त्रदान, गौसेवा और जरूरतमंद लोगों की सहायता कर पुण्य अर्जित किया। पूरे जिले भर में सौभाग्यवती महिलाओं ने अपने नजदीक के पीपल के वृक्षों की श्रद्धाभाव से 108 परिक्रमा लगाकर व्रत एवं पूजन संपन्न किया। अमरकंटक में नर्मदा मंदिर परिसर, रामघाट एवं आसपास स्थित पीपल तथा वट वृक्षों का भी विधिवत पूजन किया गया। महिलाओं ने कच्चे धागे से वृक्षों की परिक्रमा करते हुए अपने पति एवं परिवारजनों के दीर्घायु, स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना की। लगभग एक माह तक चले पुरुषोत्तम मास के दौरान अमरकंटक में धार्मिकता का विशेष वातावरण बना रहा। देश के विभिन्न राज्यों जैसे राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश से आए श्रद्धालुओं ने कल्याण सेवा आश्रम, मृत्युंजय आश्रम, शांतिकुंज आश्रम, बर्फानी आश्रम, मार्कण्डेय आश्रम, धारकुंडी आश्रम तथा गुरु नानक गुरुद्वारा सहित अनेक धार्मिक संस्थानों में आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया। इन संस्थानों में शिव महापुराण, श्रीमद्भागवत महापुराण एवं नर्मदा महापुराण कथा का भव्य आयोजन भी हुआ। इस प्रकार, विषु संक्रांति, मिथुन संक्रांति, पुरुषोत्तम मास और सोमवती अमावस्या के इस दुर्लभ महासंयोग ने अमरकंटक में श्रद्धा, आस्था और सनातन संस्कृति की दिव्यता का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। मां नर्मदा के चरणों में उमड़ी श्रद्धा की यह विशाल धारा जनमानस की अटूट आस्था और भारतीय धार्मिक परंपराओं की जीवंतता का प्रतीक बनी रही।3
- धार्मिक विद्वानों के अनुसार, 15 जून 2026 को पड़ने वाली सोमवती अमावस्या अनेक शुभ संयोगों से युक्त रही। लगभग 30 वर्षों के पश्चात पुरुषोत्तम (अधिक) मास में सोमवती अमावस्या का यह दुर्लभ संयोग प्राप्त हुआ। इसके साथ ही, पुरुषोत्तम मास के समापन दिवस पर मिथुन संक्रांति का योग बनने से इस पर्व का महत्व और भी बढ़ गया। शास्त्रों में अमावस्या और संक्रांति के एक साथ होने को विषु संक्रांति कहा गया है, जिसे मेष और तुला संक्रांति के समान तथा ग्रहणकाल के तुल्य पुण्यदायी माना जाता है। धर्माचार्यों का कहना है कि इस विशेष अवसर पर किया गया स्नान, जप, तप, दान, हवन, पूजन एवं दीपदान अक्षय फल प्रदान करने वाला होता है। ऐसी मान्यता है कि सोमवती अमावस्या के दिन श्रद्धा एवं भक्ति से किए गए धार्मिक अनुष्ठानों का पुण्य समस्त तीर्थों में किए गए पुण्य कर्मों के समान फलदायी होता है। इसी कारण अमरकंटक में प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और लोगों ने मां नर्मदा के पवित्र जल में स्नान कर धर्मलाभ अर्जित किया। इस पर्व के अवसर पर अनेक श्रद्धालुओं ने सूर्योदय से पूर्व स्नान कर सूर्य नारायण को अर्घ्य अर्पित किया, साथ ही अपने इष्टदेव का पूजन एवं मंत्र जाप किया। कई स्थानों पर हवन-पूजन के धार्मिक आयोजन भी संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने पीपल एवं वट वृक्ष के समीप दीपदान कर भगवान विष्णु एवं मां नर्मदा का स्मरण किया। इसके अतिरिक्त, अन्नदान, वस्त्रदान, गौसेवा तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता कर पुण्य अर्जित किया गया। वट वृक्ष की पूजा करने वाली महिलाओं ने अखंड सौभाग्य, परिवार की सुख-समृद्धि तथा पति की दीर्घायु की कामना की। पूरे दिन मंदिरों, घाटों और आश्रमों में धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम चलता रहा। इन सब के चलते 'नर्मदे हर' के जयघोष और भक्ति भाव से सराबोर अमरकंटक का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत दिखाई दिया। इस प्रकार, विषु संक्रांति, मिथुन संक्रांति, पुरुषोत्तम मास और सोमवती अमावस्या के इस दुर्लभ महासंयोग ने अमरकंटक में श्रद्धा, आस्था और सनातन संस्कृति की दिव्यता का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। मां नर्मदा के चरणों में उमड़ी श्रद्धा की यह विशाल धारा जनमानस की अटूट आस्था और भारतीय धार्मिक परंपराओं की जीवंतता का प्रतीक बनी रही।1
- बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों की बढ़ती मौजूदगी के चलते मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने के लिए वन विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसी कड़ी में, मध्य प्रदेश वन विभाग के 30 वनकर्मियों ने पश्चिम बंगाल में आयोजित एक 6 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। इस समूह में बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व के 5 वन रक्षक भी शामिल थे। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्य प्रदेश के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण का संचालन द नेचर कंज़र्वेंसी और एसएनएपी फाउंडेशन ने किया। बाँधवगढ़ से वनरक्षक लवकेश प्रसाद कुशवाहा, धीरेंद्र शुक्ल, कैलाश चौधरी, लवकेश गुप्ता और रवि कुमार वर्मा ने इस प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान वनकर्मियों को हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर वापस भेजने के ऑपरेशन, ट्रांसेक्ट सर्वे, गोबर विश्लेषण, हाथियों के व्यवहार अध्ययन, कैम्प, हाथियों के प्रबंधन तथा शारीरिक बनावट के आधार पर उनकी प्रोफाइलिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव कराया गया। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों ने गोरुमारा, कर्सिओंग, बैकुंठपुर और जलपाईगुड़ी वन मंडलों के अधिकारियों, क्विक रिस्पॉन्स टीमों तथा स्थानीय समुदायों से भी संवाद कर मानव-हाथी संघर्ष प्रबंधन की रणनीतियों को समझा। यह उल्लेखनीय है कि पिछले लगभग आठ वर्षों से बाँधवगढ़ क्षेत्र में जंगली हाथियों का नियमित विचरण बना हुआ है और अब यह क्षेत्र उनके स्थायी रहवास के रूप में उभर रहा है। ऐसे में, यह विशेष प्रशिक्षण भविष्य में प्रभावी हाथी प्रबंधन और क्षेत्र के ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में एक अहम भूमिका निभाएगा।3
- अनूपपुर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत बदरा सभागार में ग्रामीण विकास विभाग के बदरा कलस्टर की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी ने कलस्टर के सभी ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों को जल संरक्षण एवं संवर्धन से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने पर विशेष बल दिया। श्रीमती कुमारी ने 'एक बगिया मां के नाम' योजना के तहत हितग्राही मूलक पौधारोपण के गैप फिलिंग कार्य को पूरा करने तथा पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, उन्हें पर्याप्त खाद और नियमित पानी प्रदान करने पर भी जोर दिया। इस दौरान, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बदरा कलस्टर के विभिन्न विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी मनरेगा श्री रावेन्द्र पटेल, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रवि गोयल, एसडीओ सुरेंद्र पांडे, इंजीनियर लव श्रीवास्तव और सहायक कार्यक्रम अधिकारी श्री अरविंद सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।1
- उमरिया जिले के इंदवार थाना क्षेत्र अंतर्गत बरही-मानपुर सड़क मार्ग (एसएच-10) पर सोमवार तड़के एक मालवाहक ट्रक में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। कटनी से परचून का सामान लेकर ब्यौहारी क्षेत्र के टिहकी गांव की ओर जा रहा यह ट्रक सुबह करीब 3 बजे पनपथा गांव स्थित हाई स्कूल के समीप पहुंचा, तभी उसमें आग लग गई। शुरुआत में चालक को वाहन से धुआं निकलता दिखाई दिया, लेकिन देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और उसकी ऊंची लपटें रात के अंधेरे में दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं। चालक ने तत्काल वाहन रोककर अपनी जान बचाई और घटना की सूचना पुलिस एवं फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही दमकल टीम और इंदवार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, तब तक ट्रक का बड़ा हिस्सा और उसमें लदा अधिकांश परचून का सामान जलकर राख हो चुका था। प्रारंभिक तौर पर आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं, जिस पर पुलिस और संबंधित विभाग तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट जैसी संभावनाओं पर विचार कर जांच कर रहे हैं। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन आग से लाखों रुपये मूल्य का सामान नष्ट होने के कारण ट्रक मालिक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इस घटना ने मालवाहक वाहनों की नियमित जांच और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।2