सारण के तरैया प्रखंड में मंगलवार को जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक श्री विनीत कुमार ने निर्माणाधीन हसनपुर-बनिया-सगुनी तटबंध परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। यह तटबंध जल संसाधन विभाग द्वारा लगभग 8.33 किलोमीटर लंबा बनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को संभावित बाढ़ से अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करना और जान-माल की रक्षा सुनिश्चित करना है। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और समय-सीमा के अनुरूप निष्पादन का जायजा लिया। इस परियोजना के तहत लगभग 7 किलोमीटर तटबंध निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य तीन अलग-अलग हिस्सों में जारी है। जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल को कड़े निर्देश दिए कि शेष सभी कार्यों को 30 जून 2026 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संभावित बाढ़ को देखते हुए किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि तटबंध निर्माण कार्य जिले के बाढ़ सुरक्षा तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे एक बड़ी आबादी को राहत और सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पूर्ण अनुपालन और आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी, मढ़ौरा को प्रतिदिन कार्य की प्रगति की समीक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी बाधा या विलंब की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि संभावित बाढ़ से पहले सभी सुरक्षात्मक एवं संरचनात्मक कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर लिया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को अधिकतम सुरक्षा मिल सके। इस निरीक्षण के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक सारण, कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, अनुमंडल पदाधिकारी मढ़ौरा, प्रखंड विकास पदाधिकारी तरैया, अंचलाधिकारी तरैया सहित कई अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
सारण के तरैया प्रखंड में मंगलवार को जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक श्री विनीत कुमार ने निर्माणाधीन हसनपुर-बनिया-सगुनी तटबंध परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। यह तटबंध जल संसाधन विभाग द्वारा लगभग 8.33 किलोमीटर लंबा बनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को संभावित बाढ़ से अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करना और जान-माल की रक्षा सुनिश्चित करना है। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और समय-सीमा के अनुरूप निष्पादन का जायजा लिया। इस परियोजना के तहत लगभग 7 किलोमीटर तटबंध निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य तीन अलग-अलग हिस्सों में जारी है। जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल को कड़े निर्देश दिए कि शेष सभी कार्यों को 30 जून 2026 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संभावित बाढ़ को देखते हुए किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि तटबंध निर्माण कार्य जिले के बाढ़ सुरक्षा तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे एक बड़ी आबादी को राहत और सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पूर्ण अनुपालन और आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी, मढ़ौरा को प्रतिदिन कार्य की प्रगति की समीक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी बाधा या विलंब की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि संभावित बाढ़ से पहले सभी सुरक्षात्मक एवं संरचनात्मक कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर लिया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को अधिकतम सुरक्षा मिल सके। इस निरीक्षण के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक सारण, कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, अनुमंडल पदाधिकारी मढ़ौरा, प्रखंड विकास पदाधिकारी तरैया, अंचलाधिकारी तरैया सहित कई अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
- सारण के तरैया प्रखंड में मंगलवार को जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक श्री विनीत कुमार ने निर्माणाधीन हसनपुर-बनिया-सगुनी तटबंध परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। यह तटबंध जल संसाधन विभाग द्वारा लगभग 8.33 किलोमीटर लंबा बनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को संभावित बाढ़ से अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करना और जान-माल की रक्षा सुनिश्चित करना है। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और समय-सीमा के अनुरूप निष्पादन का जायजा लिया। इस परियोजना के तहत लगभग 7 किलोमीटर तटबंध निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य तीन अलग-अलग हिस्सों में जारी है। जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल को कड़े निर्देश दिए कि शेष सभी कार्यों को 30 जून 2026 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संभावित बाढ़ को देखते हुए किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि तटबंध निर्माण कार्य जिले के बाढ़ सुरक्षा तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे एक बड़ी आबादी को राहत और सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पूर्ण अनुपालन और आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी, मढ़ौरा को प्रतिदिन कार्य की प्रगति की समीक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी बाधा या विलंब की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि संभावित बाढ़ से पहले सभी सुरक्षात्मक एवं संरचनात्मक कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर लिया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को अधिकतम सुरक्षा मिल सके। इस निरीक्षण के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक सारण, कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, अनुमंडल पदाधिकारी मढ़ौरा, प्रखंड विकास पदाधिकारी तरैया, अंचलाधिकारी तरैया सहित कई अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।1
- आज दिनांक 16.06.2026 को पुलिस अधीक्षक, भोजपुर द्वारा जनता दरबार का आयोजन किया गया, जिसमें आमजन की शिकायतें सुनी गईं। इस जन सुनवाई के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने परिवादियों की समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।1
- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने भोजपुर दौरे के दौरान ₹31.20 करोड़ की लागत से बनने वाली एक्वा पार्क परियोजना का शिलान्यास किया। इस शिलान्यास कार्यक्रम के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने, रोजगार के अवसर पैदा करने और पर्यटन को प्रोत्साहित करने की बात कही।1
- बिहार में एक विशाल कलश यात्रा का आयोजन किया गया, जिसे राज्य की सबसे बड़ी कलश यात्रा बताया जा रहा है। चंदासी में आयोजित इस यात्रा में लाखों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं की कतार 15 किलोमीटर से भी अधिक लंबी हो गई।1
- सिसवन के नयागांव पंचायत के बावनडीह और रामगढ़ के मेंहदार में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान बीडीओ राजेश कुमार और सीओ पंकज कुमार ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। अधिकारियों को आवास, पेंशन, राशन और जमीन विवाद से संबंधित दर्जनों आवेदन प्राप्त हुए, जिनके त्वरित निपटारे के निर्देश दिए गए।1
- सारण के जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक श्री विनीत कुमार ने मंगलवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में आयोजित प्रखंड सहयोग-सह-जनकल्याण शिविरों तथा सहयोग शिविरों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिविरों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, आम लोगों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं और शिकायतों की जानकारी ली, साथ ही संबंधित अधिकारियों को इन मामलों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। सर्वप्रथम, अधिकारियों ने नगरा प्रखंड कार्यालय परिसर में लगे प्रखंड सहयोग-सह-जनकल्याण शिविर का निरीक्षण किया। यहाँ उपस्थित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का आदेश दिया। निरीक्षण के क्रम में प्रखंड स्थित आधार सेवा केंद्र का भी अवलोकन किया गया, जहाँ जिलाधिकारी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया कि आधार सेवा केंद्र में उपलब्ध सेवाओं और निर्धारित शुल्क का स्पष्ट एवं प्रमुखता से प्रदर्शन किया जाए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके बाद, ग्राम कचहरी भवन, खैरा में आयोजित सहयोग शिविर का जायजा लिया गया। यहाँ आवेदनों की संख्या कम होने पर जिलाधिकारी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी और मुखिया को शिविर के व्यापक प्रचार-प्रसार का निर्देश दिया। उन्होंने प्राप्त शिकायतों की प्रकृति को भी समझा और शिविर प्रभारी को आवेदनों के निष्पादन की गुणवत्ता पर नियमित निगरानी रखने के लिए कहा। इस दौरान उन्होंने कई आवेदकों से सीधे बात की और हेल्प डेस्क की व्यवस्था का भी अवलोकन किया। मढ़ौरा प्रखंड अंतर्गत पंचायत सरकार भवन, गौरा में हुए सहयोग शिविर के निरीक्षण के समय जिलाधिकारी ने आवेदन पंजी की गहन जांच की। उन्हें सूचित किया गया कि पूर्व में मिले 31 आवेदनों का निष्पादन हो चुका है, जबकि वर्तमान शिविर में लगभग 20 नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिलाधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से कई आवेदकों से बातचीत की और कुछ के आवेदन पत्र भी स्वयं स्वीकार किए, साथ ही शिविर प्रभारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी, मढ़ौरा को प्राप्त आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निष्पादन की सतत निगरानी का आदेश दिया। मनरेगा भवन, हथिसार (मढ़ौरा) में आयोजित सहयोग शिविर में बताया गया कि पूर्व के 25 आवेदनों में से 21 का निष्पादन हो चुका है और शेष 4 पर कार्यवाही जारी है। जिलाधिकारी ने इस दौरान भी आवेदन पंजी का अवलोकन किया और कई आवेदकों से संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना, जिसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी, मढ़ौरा को प्रत्येक आवेदन के निष्पादन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया। इसके बाद, मढ़ौरा प्रखंड कार्यालय में आयोजित प्रखंड सहयोग-सह-जनकल्याण शिविर का भी निरीक्षण कर लोगों की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली गई तथा अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। तरैया प्रखंड अंतर्गत पंचायत भवन, डेवढ़ी में लगे सहयोग शिविर के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को जानकारी दी गई कि पहले से प्राप्त 15 आवेदनों का निष्पादन हो चुका है, और आज के शिविर में 14 नए आवेदन मिले हैं। जिलाधिकारी ने यहाँ भी आवेदकों से बातचीत की और नल-जल योजना के अनुरक्षकों के बकाया भुगतान से संबंधित मामलों में प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवश्यक प्रक्रियात्मक कार्रवाई करने का आदेश दिया। तरैया प्रखंड कार्यालय में आयोजित प्रखंड सहयोग-सह-जनकल्याण शिविर में माननीय विधायक, तरैया भी उपस्थित थे। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने घोषणा की कि 16, 17 एवं 18 जून को जिले के सभी प्रखंडों में प्रखंड सहयोग-सह-जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पहुँचाना है। उन्होंने इच्छुक व्यक्तियों को अपनी आवश्यकताओं और पात्रता के अनुसार शिविर में आवेदन करने का आवाहन किया और प्रखंड स्तरीय शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। इन सभी निरीक्षणों के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी, मढ़ौरा, संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।4
- Post by अजय कुमार1
- बिहार के चंदासी में राज्य की सबसे बड़ी कलश यात्रा का आयोजन किया गया है। इस भव्य यात्रा में कुल पचास हज़ार कलश शामिल हुए, जिसे बिहार की अब तक की सबसे विशाल कलश यात्रा बताया जा रहा है।1
- मुरैना में खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल फटने और आग लगने की अफवाह फैलने के बाद ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में चार यात्रियों की जान चली गई। घबराकर ट्रेन से नीचे उतरे यात्री दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए, जिसके कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।1